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Aug 27, 2016

दो रोज़ में वो प्यार-प्यार प्यार की राहें १९५९

कहते हैं सादगी सबसे खूबसूरत होती है. ये एक कड़वा सच है.
सादगी और सरलता से वो बड़े बड़े काम हो जाते हैं जिनके
बारे में हम केवल कल्पना करते रह जाते हैं.

आज मुकेश की पुण्यतिथि है. सरलता के मामले में मुकेश का
कोई सानी नहीं जहाँ तक हिंदी फिल्म संगीत खेत्र का सवाल है.

सही मायने में अगर कोई आम आदमी की आवाज़ कोई बनी तो
वो है गायक मुकेश की आवाज़. आम आदमी मुकेश के गीत
गुनगुनाने में अपने आपको ज्यादा सहज महसूस करता है और
उस गीत से जुड़ाव हो जाता है उसका.

मुकेश से गीत गवा गवा कर ना जाने कितने संगीतकार तर गए.
संगीतकार कनु घोष को भी लोकप्रियता मिली मुकेश के एक गीत
गाने के बाद. आज वही सुनेंगे. गीत प्रेम धवन का लिखा हुआ
है. एक कम जानी पहचानी फिल्म प्यार की राहें में ये गीत है
जिसमें जाने पहचाने कलाकार हैं-प्रदीप कुमार और माला सिन्हा.



गीत के बोल:

दो रोज़ में वो प्यार का आलम उजड़ गया
दो रोज़ में वो प्यार का आलम उजड़ गया
बरबाद करने आया था बरबाद कर गया
दो रोज़ में

बस इतनी सी है दास्तां बचपन के प्यार की
बस इतनी सी है दास्तां बचपन के प्यार की
दो फूल खिलते खिलते ही गुलशन उजड़ गया
गुलशन उजड़ गया

दो रोज़ में वो प्यार का आलम उजड़ गया
बरबाद करने आया था बरबाद कर गया
दो रोज़ में

ले के सहारा याद का कब तक कोई जिये
ले के सहारा याद का कब तक कोई जिये
ऐ मौत आ के ज़िन्दगी से दिल ही भर गया
दिल ही भर गया

दो रोज़ में वो प्यार का आलम उजड़ गया
बरबाद करने आया था बरबाद कर गया
दो रोज़ में
..............................................................................
Do roz mein wo pyar ka aalam-Pyar ki raahen 1959

Artists: Pradeep Kumar, Mala Sinha

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Apr 30, 2010

तुमसे दूर चले-प्यार की राहें १९५९

समय समय पर हिंदी फिल्म संगीत के दरवाजे पर गुमनाम से लोगों ने
भी दस्तक दी है। ऐसा ही एक नाम है कनु घोष जिन्होंने १९५९ की फिल्म
प्यार की राहें का संगीत तैयार किया था। गीत लिखा है थोडा पहचाने से
नाम-प्रेम धवन ने। गायक ज़रूर नामचीन हैं इस गीत के-हेमंत कुमार और
लता मंगेशकर। प्रदीप कुमार और अनीता गुहा अभिनीत और लेखराज भाकरी
निर्देशित फिल्म कब आई कब गई शायद फिल्म के नायक नायिका को भी
याद नहीं रहा होगा।

मैंने आपसे ३ पोस्ट पहले वादा किया था इसलिए आपको काले-पीले(श्वेत-श्याम)
युग की ओर लेकर आया हूँ।



गीत के बोल:

तुम से दूर चले
हम मजबूर चले
प्यार भरे दिल मिल ना सके
नील गगन के तले
नील गगन के तले
तुम से दूर चले
हम मजबूर चले
प्यार भरे दिल मिल ना सके
नील गगन के तले
नील गगन के तले

ना तेरी खता ना मेरी खता
ये है किस्मत के खेल
तुम भी चाहो हम भी चाहें
हो ना सके पर मेल
मैं मजबूर हुयी
तुमसे दूर हुयी
रूठी हुयी तकदीर के आगे
किसका जोर चले
किसका जोर चले

सुख चैन गया अरमान लूटे
इस प्यार की राहों में
ओ प्रीत मेरी ओ गीत मेरे
ढल गए आहों में
तुम बिन राह ना सकूं
पर कुछ कह ना सकूं
लोक लाज के घूंघट में
रो रो कोई जले
रो रो कोई जले

तुम से दूर चले
हम मजबूर चले
प्यार भरे दिल मिल ना सके
नील गगन के तले
नील गगन के तले

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