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May 5, 2017

हँस तू हरदम-लूटमार १९८०

फिल्म:लूटमार
वर्ष: १९८०
गीतकार:अमित खन्ना
गायक: किशोर, लता
संगीत: राजेश रोशन




गीत के बोल:


हे हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
किसी से डरना नहीं
 डर डर के जीना नहीं
हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म

हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
किसी से डरना नहीं
डर डर के जीना नहीं
हग तू हरदम
खुशियां या ग़म

जो डरपोक हैं  खुद वो ही
आँख दिखाया करते हैं
जो कमजोर हैं खुद वो ही
हाथ उठाया करते हैं
दुश्मन की किसी बात से
तुम डर जाया ना करो
हे हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
किसी से डरना नहीं
 डर डर के जीना नहीं
हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म

तेरी हिम्मत की किस्मत
जो बिगड़ी बात बनायेगी
शान से तू ये कदन उठा
 मंज़िल खुद मिल जायेगी
खुद को लड़ाई में तुम
उलझाया ना करो
हे हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
किस्सी से डरना नहीं
डर डर के जीना नहीं
हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म

लूटमार में क्या रखा
खून खराबा होता है
जैसी करनी वैसी भरनी
यही फ़ैसला होता है
हे हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
किसी से डरना नहीं
डर डर के जीना नहीं
हँस तू हरदम
खुशियां या ग़म
...........................................................................
Hans too hardam-Loot maar 1980

Artists: Dev Anand, Tina Munim

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May 10, 2015

जब छाये मेरा जादू-लूट मार १९८०

देव आनंद की फिल्म देस परदेस का संगीत पॉपुलर हुआ.
उसके बाद आई उनकी अगली फिल्म-लूट मार. बहुसितारा
फिल्म देस परदेस जैसी तो नहीं चली मगर इक्का दुक्का
गीत लोकप्रिय हुए. फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत आज
पेश है. ये आज भी बजता है रेडियो के चैनलों पर.

गीत के धुन कैची है और छोटी छोटी पंक्तियों वाला ये गीत
संगीत से कूट कूट के भरा है. ८० का दशक और डिस्को का
बुखार. संगीत के सभी केंद्र लगभग डिस्को के बुखार से तप्त
थे उन दिनों सिवाए क्लासिकल संगीत के मुकामों के.

गीत अमित खन्ना ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है
राजेश रोशन ने.




गीत के बोल:

जब छाये मेरा जादू
कोई बच न पाये, हाय

फूलों की नरमी हूँ मैं
शोलों की गर्मी हूँ मैं
तूफ़ानों की हलचल हूँ
हवाओं का आँचल हूँ मैं
जो ढूँढे वो पाये
फिर भी हाथ न आये, हा!
जब छाये मेरा जादू
कोई बच न पाये

कभी मैं दर्द जगाती हूँ
कभी मैं ज़ख़्म मिटाती हूँ
कभी मैं राज़ छुपाती हूँ
कभी ख़ुद राज़ बन जाती हूँ
दुल टूटे, हाँ साथ छूटे
फिर भी तू पीछे आये, हा!
जब छाए मेरा जादू
कोई बच न पाये, हाय

मुझसे तुम टकराना ना
आके यहाँ पछताना ना
मेरा बदन पिघला सोना
जान भी जाये खबर हो न
ये मस्ती, नहीं सस्ती
दिलवाला ही बोली लगाये, हाय!

जब छाये मेरा जादू
कोई बच न पाये
..................................................................
Jab chhaye mera jadoo-Loot maar 1980

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