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Jul 27, 2020

लैला मैं लैला-क़ुर्बानी १९८०

बॉलीवुड में आज काफी सारे कलाकारों का जन्मदिन है उनमें से
कृति सेनन प्रमुख हैं. उसके अलावा सुपरस्टार राजेश खन्ना की
सुपुत्री रिंकी खन्ना, नायक विनय पाठक, नायक राहुल बोस और
प्रसिद्ध गायिका के एस चित्रा का भी आज जन्मदिवस है.

आज  बॉलीवुड के उत्तम कलाकारों में से एक और शोले फिल्म में
महाखलनायक की भूमिका निभाने वाले कलाकार अमजद खान
की पुण्यतिथि है.

फिल्म क़ुर्बानी से एक गाना सुनते हैं जिसमें अमजद खान ड्रम
बजाते नज़र आ रहे हैं.

गीत इन्दीवर का है जिसे कंचन और अमित कुमार ने गाया है.
संगीत कल्याणजी आनंदजी का है. गीत अपने ज़माने का बड़ा
हिट गाना है.





गीत  के बोल:

लैला मैं लैला
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Laila main laila-Qurbani 1980

Artists: Amjad Khan,

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Jul 18, 2020

संग मेरे निकले थे साजन-फिर वही रात १९८०

आज हम आपको ८० के दशक की एक सस्पेंस फिल्म से
मधुर युगल गीत सुनवाते हैं. इसे लता और किशोर ने
गाया है. मजरूह सुल्तानपुरी के बोल हैं और आर डी बर्मन
का संगीत. ये काफी लोकप्रिय गीत है और पंचमभक्तों का
पसंदीदा गीत है.

आज १८ जुलाई सुपरस्टार राजेश खन्ना की पुण्यतिथि है.
उनका मूल नाम जतिन खन्ना है, मगर फ़िल्मी दुनिया में
जो नाम एक बार जुड़ जाता है, सितारे उसी से पहचाने
जाते हैं.

आज एक और जतिन-टी वी के प्रसिद्ध कॉमेडियन और
गुजराती मूल के जतिन कनकिया की भी पुण्यतिथि है.
९० के दशक में चर्चित चेहरा रहे कनकिया कम उम्र में
दुनिया को अलविदा कह गए. श्रीमान श्रीमती उनका बेहद
लोकप्रिय धारावाहिक रहा जो डी डी मेट्रो पर आया करता
था.

सुनते हैं राजेश खन्ना और किम पर फिल्माया गया ये
गीत.




.गीत के बोल:

संग मेरे निकले थे साजन
हार बैठे थोड़ी ही दूर चल के.
.
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……………………………………………………
Sang mere nikle the sajan-Phir wahi raat 1980

Artists: Rajesh Khanna, Kim

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Jul 8, 2020

जीना क्या अजी प्यार बिना-धन दौलत १९८०

आज ८ जुलाई अभिनेत्री नीतू सिंह का जन्मदिन है. इस
अवसर पर सुनते हैं फिल्म धन दौलत से एक गीत. इस
फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर ने काम किया था.

जीवन विडंबनाओं का नाम है जिसमें अजीब मोड और
पेचीदा स्तिथियाँ सामने आती रहती है. इस साल हमें
बॉलीवुड से काफी दुखद ख़बरें मिलीं. जीवन मरण का ये
चक्र दुनिया में सभी जगह निरंतर जारी है मगर जिस
हिस्से को कवरेज ज़्यादा मिलता है वहाँ से हमें ज़्यादा
ख़बरें सुनाई और दिखलाई देती हैं.

आज फिल्म की अभिनेत्री का जन्मदिन है और फिल्म
धन दौलत के निर्देशक हरीश शाह ७ जुलाई को अलविदा
कह गए थे. निर्माता हरीश शाह की बतौर निर्देशक पहली
फिल्म थी-धन दौलत. नामचीन लोगों के जन्मदिन हमें
याद रह जाते हैं मगर कम सुने नामों की सुध लेने वाले
मीडिया में गिने चुने लोग ही हैं.

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी तर्ज़
बनाई है आर डी बर्मन ने. इसे गाया है किशोर कुमार और
आशा भोंसले ने.




गीत के बोल:

जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना
जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना
धन दौलत बिना चले मगर
ज़िन्दगी ना चले यार बिना
मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके तो बजे पायल भी
मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके और बजे पायल भी

जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना
धन दौलत बिना चले मगर
ज़िन्दगी ना चले यार बिना
मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके तो बजे पायल भी
जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना

सपने पूरे हुए आज दिन फिरते नहीं देरी
सुन ओ मेरे हसीं आज एक तू ही नहीं
साडी दुनिया है मेरी
सपने पूरे हुए आज दिन फिरते नहीं देरी
सुन ओ मेरे हसीं आज एक तू ही नहीं
सारी दुनिया है मेरी
हाँ मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके तो बजे पायल भी
मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके तो बजे पायल भी

जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना
धन दौलत बिना चले मगर
ज़िन्दगी ना चले यार बिना

सोने चांदी का वो दिल क्या
जो न दिल के काम आये
यहाँ तो तेरी कसम प्यार वालों में सनम
अपना पहला नाम आये
सोने चांदी का वो दिल क्या
जो न दिल के काम आये
यहाँ तो तेरी कसम प्यार वालों में सनम
अपना पहला नाम आये
मिली दुनिया तो मजा है के मिले दिल भी
बिंदिया भी चमके तो बजे पायल भी

जीना क्या अजी प्यार बिना
जीवन के यही चार दिना
धन दौलत बिना चले मगर
ज़िन्दगी ना चले यार बिना
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
………………………………………….
Jeena kay aji pyar bina-Dhan daulat 1980

Artists: Rishi Kapoor, Neetu Singh

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Jun 19, 2020

अच्छी भी लगती हूँ-गरम खून १९८०

कल हमने आपको एक सन १९८० की फिल्म गरम खून
से एक गाना सुनवाया था. आज उसी फिल्म से सुनेंगे
एक और गीत.

विनोद खन्ना और बिंदु की जोड़ी को एक और फिल्म में
हमने देखा है-परछाईयाँ. उस फिल्म में बिंदु नायिका थीं
और फिल्म गरम खून में सहायक नायिका.

ए सलाम द्वारा निर्देशित ये फिल्म अच्छी स्टारकास्ट होने
के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखला
पाई. फिल्म में विनोद खन्ना की दोहरी भूमिका है. उस
समय विनोद खन्ना का काफी क्रेज हुआ करता था दर्शकों
के बीच, सुलक्षणा भी प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल थीं.

सुनते हैं विट्ठलभाई पटेल का लिखा और लता का गाया
गीत जिसकी धुन तैयार की है शंकर जयकिशन ने.



गीत के बोल:

अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
फिर भी है क्यों दूर हम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम
अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
फिर भी है क्यों दूर हम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम

मेरी नज़र में प्यार है तेरी नज़र में है गिला
मेरी नज़र में प्यार है तेरी नज़र में है गिला
मुस्कुरा कर तोड़ दे बेरुखी का सिलसिला

अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
फिर भी है क्यों दूर हम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम

कैसी सुहानी रात है प्यार का जादू है जवां
कैसी सुहानी रात है प्यार का जादू है जवां
प्यार में जी ले दो घडी है समां भी है मेहरबां

अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
फिर भी है क्यों दूर हम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम

कांप रहा है नाजुक बदन झूम रही है प्यासी नज़र
कांप रहा है नाजुक बदन झूम रही है प्यासी नज़र
होश कुछ ऐसे उड़े हैं अपनी मुझको नहीं खबर

अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
अच्छी भी लगती हूँ
सुन्दर भी लगती हूँ
फिर भी है क्यों दूर हम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम
आ जा रे आ जा सनम हो ओ ओ
आ जा रे आ जा सनम
…………………………………………………….
Achchhi bhi lagti hoon-Garam Khoon 1980

Artists: Vinod Khanna, Bindu

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Jun 18, 2020

परदेसिया तेरे देश में-गरम खून १९८०

विवरण तो हम रोज ही दिया करते हैं. आज बिना विवरण के
इस गाने को सुन लेते हैं. विवरण वगैरह बाद में दे देंगे.
बस इतना बताये देते हैं ये अपने ज़माने का खूब बजा हुआ
गाना है.



गीत के बोल:

हमें मालूम है आपको जल्दी नहीं है
और फिर आपको ये अपनी लिरिक्स वाली
वेबसाईट के लिए तो चाहिए नहीं होंगी, है न?
……………………………………………………..
Pardesiya tere desh mein-garam khoon

Artists: Vinod Khanna, Sulakshana Pandit


Lyrics:Singhar

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Mar 21, 2020

कमरे में बंद सोनिये-ओ बेवफा १९८०

८० के दशक में कुछ गीत खूब गूंजा करते थे. उन्हीं
में से एक आज सुनते हैं. सुरेश वाडकर ने काफी सारे
गीत गा लिए हैं अपने फ़िल्मी कैरियर में. उनके फेमस
गीतों की लिस्ट तैयार करें तो इस गीत को भी उसमें
जगह मिल जायेगी.

ओह बेवफा फिल्म के गीत सावन कुमार टाक ने लिखे
हैं. संगीत है वेदपाल वर्मा का जो पंजाबी और हरयाणवी
फ़िल्मी गैर फ़िल्मी गीत-लोकगीत क्षेत्र में जाना पहचाना
नाम है.



गीत के बोल:

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये

आँखें हैं या फूल कमल के
होंठ है या दो शेर गज़ल के
हो हो हो हो हो
आँखें हैं या फूल कमल के
होंठ है या दो शेर गज़ल के
शेर गज़ल के
मेहमान बन के मेरा
देखो यार मेरे घर आया

ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये

तुमको कही अब जाने न दूंगा
गैर को हाथ लगाने न दूंगा
होए होए होए ओए ओए
तुमको कही अब जाने न दूंगा
गैर को हाथ लगाने न दूंगा
लगाने न दूंगा
देखा है जबसे तुम्हें मैंने
सपना यही है सजाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया

हो कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये
……………………………………..
Kamre mein band soniye-Oh bewafa 1980

Artists: Anil Dhawan, Yogita Bali

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Jan 19, 2020

यार दगा दे गया-चोरों की बारात १९८०

गानों की वैराइटी की बात करें तो ८० के दशक में हमें
सबसे ज्यादा तरह तरह का सामान देखने को मिला.
इसी दशक में हमने सलमा आगा, गुलाम अली और
डिस्को संगीत को देख लिया. इस दशक की फ़िल्मी
कव्वालियां भी अलग अलग रंग वाली मिल गयीं.

किसी फिल्म का शीर्षक गीत कव्वाली हो ऐसा कम
देखा हमने. सन १९७७ की फिल्म हम किसी से कम
नहीं में भी शीर्षक गीत कव्वाली है. फिल्म ज़माने को
दिखाना है में भी शीर्षक गीत कव्वाली है.

सुनते हैं सन १९८० की फिल्म की भूली बिसरी कव्वाली
जो जीवन पर फिल्माई गयी है. धार्मिक फिल्मों में
नारद मुनि की भूमिकाएं निभाने वाले जीवन ने सामान्य
फिल्मों में अधिकतर विलन की भूमिकाएं निभाई हैं.

आनंद बक्षी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
इसे मन्ना डे, अनवर और जसपाल सिंह ने गाया है.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
यार दगा दे गया
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
छोड़ा गया साथ
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
छोड़ा गया साथ
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
ओ आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात

हर गली में ढूंढते हर कली से पूछते
मिल गया कोई निशाँ हम चले आये यहाँ
हर गली में ढूंढते हर कली से पूछते
मिल गया कोई निशाँ हम चले आये यहाँ
तो दूर थी मंजिल बड़ी राह थी मुश्किल बड़ी
गिरते सँभलते रहे हम मगर चलते रहे
ये भरोसा था हमें
था हमें
इतना पता था हमें
था हमें
हम रहे जिंदा गर आज हो या कल मगर
अरे होगी मुलाक़ात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया

वाडे सभी तोड़े के अपना शहर छोड़ के
वो बसा परदेस में एक नये भेस में
हमने भी छोड़ा वतन बाँध के सर पे कफ़न
वो नहीं या हम नहीं हम किसी से कम नहीं
हम किसी से कम नहीं
देखिये सुनिये जनाब क्या तबियत है खराब
किसलिए ये बेरुखी बात नहीं आप की
रे लोगों की है बात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया

बेवफा वो बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
हम पुरानी दोस्ती
हम पुरानी दोस्ती तोड़ के कैसे अजी
हम पुरानी दोस्ती तोड़ के कैसे अजी
जान देंगे साथ हम हमने खाई थी कसम
बेवफा वो बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
हाँ ये सितम हो किसलिए किसलिए
वो अकेला क्यूँ जिए क्यूँ जिए
किस तरह होगी भला फूल से खुशबू जुदा
किस तरह होगी भला फूल से खुशबू जुदा
आज का दिन खास है दूर थी अब पास है
हो मिलन की रात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
ओ आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात

ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
ओ यार दगा दे गया
…………………………………………….
Yaar daga de gaya-Choron ki baraat 1980

Artists: Jeevan, Ajit, Sudhir, Shatrughan Sinha

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Dec 24, 2019

हसीनों की दुनिया-बेरहम १९८०

लता मंगेशकर के गीत के बिना हिंदी फिल्म संगीत
की गाथा हमेशा अधूरी रहती है अतः एक गीत और
सुन लेते हैं आज.

८० के दशक में माला सिन्हा पर कोई गीत फिल्माया
गया हो आश्चर्य सा लगता है.

वर्मा मलिक का लिखा हुआ गीत है जिसे लक्ष्मी प्यारे
ने धुन से संवारा है. लक्ष्मी प्यारे ने लता मंगेशकर से
तकरीबन ६०० से ऊपर गाने गवाए जो उल्लेखनीय है
और आंकड़ों के मामले में सबसे ज्यादा है किसी भी
संगीतकार के लिए.



गीत के बोल:

कहने को हम जवानियों के ख्वाब है
नाज़-ओ-अदा में खेलते शबाब हैं
रंग है बहार हैं गुलाब हैं
जवाब नहीं है कोई लाजवाब हैं
लेकिन

हसीनों की दुनिया खुदगर्ज़ है
हसीनों की दुनिया खुदगर्ज़ है
इतना कहना मेरा फर्ज है
आदाब अर्ज़ है आदाब अर्ज़ है
आदाब अर्ज़ है
हसीनों की दुनिया खुदगर्ज़ है
इतना कहना मेरा फर्ज है
इतना कहना मेरा फर्ज है
आदाब अर्ज़ है आदाब अर्ज़ है
आदाब अर्ज़ है

जो इक बार दिल इनसे टकरायेगा
वो इनको बरसों भुला पायेगा
इन्हें प्यार करना बड़ा है गुनाह

इन्हें प्यार करना बड़ा है गुनाह
खुदा ही बचाये खुदा की पनाह
खुदा ही बचाये खुदा की पनाह
बड़ा बोझ है ये बड़ा क़र्ज़ है
इतना कहना मेरा फर्ज है
आदाब अर्ज़ है आदाब अर्ज़ है
आदाब अर्ज़ है

ये नज़रें हैं खंजर ये क़ातिल अदा
लुट जाओगे इनसे बचना ज़रा
बचना ज़रा बचना ज़रा
है फितरत मेरी ये के लिखा सितम
रहमदिल के परदे में है बेरहम
किसी से ना इनको कोई गर्ज़ है
इतना कहना मेरा फर्ज है
आदाब अर्ज़ है आदाब अर्ज़ है
आदाब अर्ज़ है
………………………………………………….
Haseeno ki duniya-Beraham 1980

Artists: Mala Sinha, Sanjeev Kumar

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Dec 23, 2019

या हुस्न रहे या-बेरहम १९८०

फ़िल्मी कव्वाली सुने बहुत दिन हो गए. अधिकांश
में हुस्न और इश्क मसला होता है. एक और सुन
लेते हैं आज.

परदे पर इसे कादर खान और मौसमी चटर्जी गा रहे
हैं. शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय और कष्टों मुखर्जी भी
नज़र आयेंगे.

बोल वर्मा मलिक के हैं और संगीत लक्ष्मी-प्यारे का.
आशा भोंसले और महेंद्र कपूर ने इसे गाया है.

टी वी चैनलों पर चर्चा के साथ गाजे बाजे वाले भी
होना चाहिए तो मनोरंजन भरपूर होगा. वाद कब पाद
में तब्दील हो जाता है पता ही नहीं चलता.





गीत के बोल:

हो हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ ओ
हो हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ हो हो हो हो हो

हुस्न एक उलटी राह है
हुस्न एक झूठी चाह है
हुस्न तो एक गुनाह है
हुस्न करता कबाब है

इस हुस्न के नखरे नाज़-ओ-नज़ाकत
हुस्न के नखरे नाज़-ओ-नज़ाकत
इस हुस्न के नखरे ओ नखरे
हुस्न के नख़रे नाजो नजाकत
रोज रोज अब कौन सहे
हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा खत्म करें
या हुस्न रहे या इश्क़ रहे
हम आज ये किस्सा ख़तम करें

खुद धोखा दग़ा फ़रेब करें
खुद धोखा दग़ा फ़रेब करें
खुद धोखा दग़ा फ़रेब करें
इलज़ाम ये हुस्न पे देता रहे
हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा खत्म करें
या हुस्न रहे या इश्क़ रहे
हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा ख़तम करें

एक दिन देखा
हो एक दिन देखा दर्द का मारा
इक आशिक मस्ताना
जंगल जंगल मारा मारा
फिरता था दीवाना
फिरता था दीवाना

मुझको देख के कहने लगा
हो मुझको देख के कहने लगा
अरे सुन ले मेरा अफ़साना
हर आशिक़ के घर घर में
पैगाम मेरा पहुंचाना
के हुस्न को इतना लूटो मारो
के हुस्न को इतना लूटो मारो
सारी उम्र ही रोता रहे

हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा खत्म करें

हमारी भी सुनो
हमारी भी सुनो
लैला की जब कब्र पे चल कर
इक हसीना आई
रो के लिपट के कहने लगी
आहे रो के लिपट के कहने लगी
आहे रो के लिपट के कहने लगी
ए लैला तेरी दुहाई
कैसे बदला लूं इनसे
आहे कैसे बदला लूं इनसे
हर आशिक़ है हरजाई
तो कब्र से लैला की रूह ने
यही आवाज़ लगाईं
निकल पड़ो अब तान के सीना
दोनों में से एक रहे

हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा खत्म करें
या हुस्न रहे या इश्क़ रहे
हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा ख़तम करें

इनका हर दौर देखा इनका हर तौर देखा
आहे इनका हर दौर देखा इनका हर तौर देखा
हो सलमा या सुलेखा है सब धोखा ही धोखा
इनका हर दौर देखा इनका हर तौर देखा
यहाँ से और वहां से पूछ लो तुम जहां से
वफ़ा के देते झांसे ख़ासे पलट देते है पासे
तरन्नुम इनके झूठे तबस्सुम इनके झूठे
तकल्लुम इनके झूठे मरासिम इनके झूठे
आहे छलावा है छलवा भुलावा है भुलवा
इनकी उल्फ़त का दावा दिखावा है दिखावा

तुम बन ठन के न निकलो
तो ये दिल न फिसले
एक बार मरम्मत होगी
तो फिर दिल न मचले

इश्क़ हुस्न का दुश्मन है
इश्क़ हुस्न का दुश्मन है
कोई इसके भरोसे न रहे

हम आज ये किस्सा खत्म करें
अरे क्या बात है
हम आज ये किस्सा खत्म करें
या हुस्न रहे या इश्क़ रहे
हम आज ये किस्सा खत्म करें
हम आज ये किस्सा खत्म करें
…………………………………………….
Ya husn rahe ya-Beraham 1980

Artists: Kadar Khan, Mausmi Chatterji

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Dec 22, 2019

तकदीर के कलम से-बेरहम १९८०

फिलोसॉफी पर कुछ ज्यादा बातें हो रही हैं कुछ दिन
से. सिलसिले को आगे बढाते हुए एक गाना सुनते हैं
फिल्म बेरहम से. वर्मा मलिक की रचना है और इस
गीत का संगीत तैयार किया है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
ने.

मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ वाला ये गीत लोकप्रिय तो
नहीं मगर प्रेरणादायी है और मधुर है, इसे एक बार
अवश्य सुनना चाहिए. टी वी के न्यूज़ चैनलों पर ढेर
सारी खिड़कियों से आती आवाजें जो थोड़ी देर के बाद
भौं-भौं में तब्दील हो जाती हैं उनसे जो सर दर्द होता
है उसे दूर करने में प्रेरणादायी गीत बहुत सहायक होते
हैं.




गीत के बोल:

तक़दीर के कलम से कोई बच न पायेगा
तक़दीर के कलम से कोई बच न पायेगा
पेशानी पे जो लिखा है वो पेश आयेगा
मालिक ने जो लिख दिया है वो मिट न पायेगा
पेशानी पे जो लिखा है वो पेश आयेगा
वो पेश आयेगा

चाहने से कभी आरज़ू के फूल न खिले
ख़ुशी के चार दिन भी ज़िंदगी में न मिले
देखिये ये प्यार कितना मजबूर है
मज़िल से पास आ के भी मज़िल से दूर है
एक नज़र भर के भी ना तू देख पायेगा
पेशानी पे जो लिखा है वो पेश आयेगा
वो पेश आयेगा

किस्मत बिना कोई किसी को पा नहीं सके
और प्यार को सीने से भी लगा नहीं सके
मिलाने से पहले ही यहाँ दिल टूट जाते हैं
सफ़र से पहले हमसफ़र भी छूट जाते है
तक़दीर तुझपे हँसेगी तू रो न पायेगा
पेशानी पे जो लिखा है वो पेश आयेगा
वो पेश आयेगा

तक़दीर के कलम से कोई बच न पायेगा
पेशानी पे जो लिखा है वो पेश आयेगा
वो पेश आयेगा
वो पेश आयेगा
……………………………………………….
Taqdeer ke kalam se-Beraham 1980

Artist:

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Nov 11, 2019

मैं तो सोलह बरस की-मोर्चा १९८०

एक गीत सुनते हैं फिल्म मोर्चा से जिसे सुन कर किसी
लोक गीत की याद आती है और आती है संग में फिल्म
बारादरी के गीत की.

गीत उषा मंगेशकर ने गाया है जिसे काजल किरण पर
फिल्माया गया है, स्पेशल एपीयरेन्स में. गीत गाया है
उषा मंगेशकर ने. ऐसे विशेष प्राकट्य वाले गीत आपने
नए ज़माने की फिल्मों में काफी देखे होंगे. रेखा ने एक
फिल्म-जांबाज़ में प्यार लो प्यार दो पर डांस किया था.
चाइना गेट का गीत हम आपको सुनवा ही चुके हैं जो
उर्मिला पर फिल्माया गया है.

सुनते हैं रमेश पंत का लिखा गीत जिसकी धुन तैयार
की है बप्पी लहरी ने. गीत में आपको शोले के सांभा
भी नज़र आयेंगे. जानकीदास, जगदीप भी दिखलाई दे
सकते हैं आपको गीत में अगर ध्यान से आप देखें इसे.




गीत के बोल:

अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

अपने पराये मोहे देखे रुक रुक के
रह जाये अँखियाँ मोरी झुक झुक के
अपने पराये मोहे देखे रुक रुक के
रह जाये अँखियाँ मोरी झुक झुक के
चढ़ती उमरिया के संग संग आये
कैसी मुसीबत नई

भई रे मैं तो सोलह बरस की
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

हर कोई कहे ज़रा चलना संभल के
जाने कैसे घड़ी घड़ी अचरा ढलके
हर कोई कहे ज़रा चलना संभल के
जाने कैसे घड़ी घड़ी अचरा ढलके
संग सहेली अब मारे मोहे ताना
बाते करे कई कई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

तारे गिन गिन के बिताऊँ सारी रतिया
कुछ भी न भाये बैरी लागे मोहे दुनिया
तारे गिन गिन के बिताऊँ सारी रतिया
कुछ भी न भाये बैरी लागे मोहे दुनिया
एक तो जिया मेरा बस में नहीं
दूजे पाँव जलत निर्दयी
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
………………………………………..
Main to solah baras ki-Morcha 1980

Artist: Kajal Kiran, McMohan, Jankidas

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Nov 6, 2019

वादा है क्या-टैक्सी चोर १९८०

इस फिल्म के आने से पहले हमें केवल टैक्स चोर
शब्द ही मालूम था जो अक्सर अखबार मेंन छपा
करता था. हमने सोचा ये टैक्स की फीमेल होगी.
फिल्म हम देखें उसके पहले ये सिनेमा हाल से ऐसी
भागी जैसे उसे मालूम हो गया हो हम इसे देखने
आने वाले हैं.

फिल्म का एक गीत लोकप्रिय हुआ था जो हम आज
आपको सुनवा रहे हैं. अनजान का लिखा गीत है
जिसका संगीत बप्पी लहरी ने तैयार किया है. गीत
मिथुन पर फिल्माया गया है जो इसे एक स्टेज 
कार्यक्रम में गा रहे हैं. इसके गायक हैं किशोर कुमार.
स्टेज प्रोग्राम के बैनर पर लिखा है-सिंगर रीतेश
फ्रॉम रोड तो स्टेज.



गीत के बोल:

व्हू व्हू व्हू व्हू
आ हा हा हा
व्हू हू हू हू
ओ हो हो हो
हू हू हू हू हू हू
हे
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम
हम तो सनम जानें ये बात
जीना हमें है तेरे साथ

व्हू हू हू हू हू हू हू
व्हू हू हू हू हू


ये प्यार तो है बेजुबान
क्या चाहे दिल ओ जाने जान
जाने ये जहां कैसे दिल की बात
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम

ये क्या अगन दिल में जगी
दे दी तुझे क्यों ज़िदगी
पागल मन की प्यास जाने प्यासी रात
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम

वादा तो है धोखा यहाँ
टूटे कसम जाने कहाँ
छूटे न कभी थामें हम जो हाथ
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम
हम तो सनम जाने ये बात
जीना हमें है तेरे साथ
वादा है क्या क्या है कसम
क्या है कसम जाने ना हम
……………………………………………………….
Wada hai kya-Taxi chor 1980

Artists: Mithun Chakravorty, Zarina Wahab

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Aug 21, 2019

लड़की साइकल वाली-पति पत्नी और वो १९८०

अभिनेत्री विद्या सिन्हा ने कई अविस्मरणीय भूमिकाएं निभाई हैं
फिल्मों में. फिल्म ‘तुम्हारे लिए’ में उनका अभिनय और उन पर
फिल्माए गए गीत विशेषकर-तुम्हें देखती हूँ एक्स्ट्रा डायमेंशन
वाले गीतों में एक है.

गीत आनंद बक्षी ने लिखा है और इसका संगीत रवींद्र जैन ने
तैयार किया है. महेंद्र कपूर और आशा भोंसले ने इसे गाया है.
इस गीत से जुड़े लोग-महेंद्र कपूर, आनंद बक्षी, रवींद्र जैन,
संजीव कुमार और विद्या सिन्हा अब हमारे बीच नहीं हैं. फिल्म
के निर्देशक बी. आर. चोपड़ा भी अब इस दुनिया में नहीं हैं.




गीत के बोल:

लड़की साइकल वाली
लड़की साइकल वाली दे गयी रस्ते में
होये दे गयी रस्ते में एक प्यार भरी गाली
होये लड़की साइकल वाली

गाली पे छोड़ दिया ओए गाली पे छोड़ दिया
ऐसे दीवाने का
तुम जैसे दीवाने का सर क्यूँ नहीं फोड दिया
हो ओ ओ आली पे छोड़ दिया

एक चाँद सा मुखडा है होये एक चाँद सा मुखडा है होये
जिसके दुपट्टे का ये जिसके दुपट्टे का एक रेशमी टुकड़ा है
टुकड़ा है जी एक चाँद सा मुखडा है
बदनाम तो करते हो
हो बदनाम तो करते हो नाम नहीं लेते
क्यूँ नाम नहीं लेते क्या मार से डरते हो
हो बदनाम तो करते हो

कोठे पर कां बोले बोले कोठे पर कां बोले
उस दिन को देखूं
मैं उस दिन को देखूं जिस दिन तू हाँ बोले
कोठे पर कां बोले
मुमकिन ये मेल नहीं
मुमकिन ये मेल नहीं बी. ए. पास हूँ मैं
हो ओ ओ बी. ए. पास हूँ मैं कोई दसवीं फेल नहीं
जा जा मुमकिन ये मेल नहीं

शाबा शाबा कुडिये शाबा शाबा
ओ मुंडये शाबा शाबा

क्या नाम तुम्हारा है हो ओ ओ क्या नाम तुम्हारा है
उम्र तो खासी है हो ओ ओ उम्र तो खासी है
अब तक तू कुंवारा है
हो क्या नाम तुम्हारा है
तू जल्दी जवान हाय नी
तू जल्दी जवान होती ओए देख जल्दी जवान होती
तू शायद तू ही होये
तू शायद तू ही मेरे बच्चों की माँ होती
ओ तू जल्दी जवान होती
.........................................................................
Ladki cycle wali-Pati Patni aur woh 1980

Artists: Sanjeev Kumar, Vidya Sinha, Asrani

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Aug 2, 2019

मौसम मौसम लवली मौसम-थोड़ी सी बेवफाई १९८०

अनवर और सुलक्षणा पंडित के गाया युगल गीत सुनते हैं
फिल्म थोड़ी सी बेवफाई से. युवा पद्मिनी कोल्हापुरे और
युवा सिद्धार्थ रे पर ये गीत फिल्माया गया है. सिद्धार्थ
वही हैं फिल्म बाजीगर के “छुपाना भी नहीं आता” गीत
वाले.

गुलज़ार के बोल हैं और खय्याम का संगीत. फिल्म का ये
गीत थोडा तेज गति वाला है. युवा पीढ़ी के हिसाब से बनाया
गया गीत. फिल्म का दूसरा गीत-आँखों में हमने आपने’
राजेश खन्ना और शबाना आज़मी पर फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

हो हो ओ ओ ओ ओ
हो हो ओ ओ ओ ओ

मौसम मौसम लवली मौसम
मौसम मौसम लवली मौसम
कसक अनजानी है मद्धम मद्धम
कसक अनजानी है मद्धम मद्धम
चलो घुल जाएँ मौसम में हम
मौसम मौसम लवली मौसम
मौसम मौसम लवली मौसम

हवा के झोंकों मे तेरी खुशबू सी है
हवा के झोंकों मे तेरी खुशबू सी है
बेवजह लगता है कोई खुशखबरी है

मौसम मौसम लवली मौसम
कसक अनजानी है मद्धम मद्धम
चलो घुल जाएँ मौसम में हम
मौसम मौसम लवली मौसम
मौसम मौसम लवली मौसम

कली के होठों पे मुस्कुराहट सी है
कली के होठों पे मुस्कुराहट सी है
कहो तो सुनती हैं सुनो तो कहती हैं

मौसम मौसम लवली मौसम
कसक अनजानी है मद्धम मद्धम
चलो घुल जाएँ मौसम में हम
मौसम मौसम लवली मौसम
मौसम मौसम लवली मौसम

ना जाने ऐसे में क्यूँ बदन जलते हैं
ना जाने ऐसे में क्यूँ बदन जलते हैं
ज़मीन पे उड़ते हैं हवाओं मे चलते हैं

मौसम मौसम लवली मौसम
कसक अनजानी है मद्धम मद्धम
चलो घुल जाएँ मौसम में हम
मौसम मौसम लवली मौसम
मौसम मौसम लवली मौसम
.......................................................................
Mausam mausam lovely mausam-Thodi si bewafai 1980

Artists: Padmini Kolhapure, Siddharth Ray

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Nov 12, 2018

दोस्तों से प्यार किया-शान १९८०

हिंदी सिनेमा में शीर्षक गीत और धुन फिल्म के संगीत
के सार की तरह, हमेशा तो नहीं, मगर इस्तेमाल की
जाती रही है.

कुछ फिल्मों में पार्श्व में आपको शीर्षक गीत बजते मिले
हैं जैसे सन १९७६ की महबूबा. किशोर कुमार का गाया
वो गीत केवल फिल्म की रील पर ही मौजूद है.

फिल्म शान के लिए एक ज़बरदस्त गाना तैयार किया
गया जिस पर कुछ स्पेशल इफेक्ट्स भी दिखलाये गए.
वो स्पेशल इफेक्ट्स बड़े परदे पर काफी बड़े बड़े दिखे
और जनता ने उसे गर्दन दायें से बाएं हिला हिला कर
काफी सराहा.

छोटा सा गीत है जिसे उषा उथुप ने गाया है. संगीत
से लबालब इस गीत में एक और शीर्षक गीत की झलक
है जिसे परवीन बाबी पर फिल्माया गया है.


गीत के बोल:

दोस्तों से प्यार किया
दुश्मनों से बदला लिया
जो भी किया हमने किया
शान से शान से
………………………………………………
Doston se pyar kiya-Shaan 1980

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Nov 11, 2018

पल दो पल का साथ हमारा-द बर्निंग ट्रेन १९८०

हम किसी से कम नहीं की कव्वाली के बाद पंचम के संगीत
की जो कव्वाली प्रसिद्ध हुई वो है रवि चोपड़ा निर्देशित और
बी आर चोपड़ा द्वारा निर्मित फिल्म द बर्निंग ट्रेन की. तीन
साल पहले आई फिल्म कर्म भी बी आर चोपड़ा की फिल्म है
और इसमें भी आर डी का संगीत है.

गीत साहिर के हैं और इस फिल्म के बाद उनका कोई गीत
आर डी बर्मन के साथ नहीं है. इस कव्वाली के बोल हैं-
पल दो पल का साथ हमारा. जो आगे कई बातों के संकेत
देता है. ये गीत भी रफ़ी के गाये अंतिम कुछ गीतों में से
एक है.


गीत के बोल:

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं
पल दो पल का साथ हमारा
इस मंज़िल पर मिलने वाले
इस मंज़िल पर मिलने वाले
उस मंज़िल पर खो जाने हैं
पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं

आ आ आ आ आ
आ आ आ ध नि ध प म
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं
इस मंज़िल पर मिलने वाले
मिलने वाले आ हे मिलने वाले
इस मंज़िल पर हाय मिलने वाले
उस मंज़िल पर खो जाने हैं

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं
दो पल पल दो पल का साथ
हमारा हमारा हमारा हमारा
दो पल पल दो पल का साथ
हमारा हमारा

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं

नज़रों के शोख नज़राने
होंठों के गर्म पैमाने
नज़रों के शोख नज़राने हो ओ ओ
होंठों के गर्म पैमाने
हैं आज अपनी महफ़िल में
कल क्या हो कोई क्या जाने
नज़रों के शोख नज़राने
होंठों के गर्म पैमाने
हैं आज अपनी महफ़िल में
कल क्या हो कोई क्या जाने
ये पल खुशी की जन्नत है
इस पल में जी ले दीवाने
आ हे ये पल खुशी की जन्नत है
इस पल में जी ले दीवाने
आ आ आ आ आ आ आ
आज की खुशियाँ एक हक़ीक़त
कल की खुशियाँ अफ़साने हैं

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं

दो पल पल दो पल का साथ
हमारा हमारा हमारा हमारा
दो पल पल दो पल का साथ
हमारा हमारा
पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं

हाँ हा हा हा हा हा
हर ख़ुशी कुछ देर की मेहमान है
पूरा कर ले दिल में जो अरमान है
अरमान है अरमान है
पूरा कर ले दिल में जो अरमान है
आ आ आ आ आ आ
ज़िन्दगी इक तेज़ रौ तूफ़ान है
इसका जो पीछा करे नादान है
हर ख़ुशी हर ख़ुशी ख़ुशी
हर ख़ुशी कुछ देर की मेहमान है
पूरा कर ले दिल में जो अरमान है
ज़िन्दगी इक तेज़ रौ तूफ़ान है
इसका जो पीछा करे नादान है
गुमशुदा खुशियों पे आहे गुमशुदा
गुमशुदा खुशियों पे आहे
गुमशुदा खुशियों पे क्यों हैरान है
वक़्त लौटे इसका कब इम्तान है
इम्तान है
झूम जब तक झूम झूम जब तक झूम
झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
आ आ आ आ आ
झूम जब तक धड़कनों में जान है
झूमना ही ज़िन्दगी की शान है
झूम जब तक झूम
झूम जब तक झूम
झूम जब तक धड़कनों में जान है
आहे
झूमना ही ज़िन्दगी की शान है
आहे
अव्वल आखिर हर कोई अनजान है
ज़िन्दगी बस राह की पहचान है
झूम जब तक झूम झूम जब तक झूम
झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम
झूम जब तक धड़कनों में जान है
आहे
झूमना ही ज़िन्दगी की शान है
आहे
अव्वल आखिर हर कोई अनजान है
ज़िन्दगी बस राह की पहचान है

दोस्तों अपना तो ये ईमान है
जो भी जितना साथ दे एहसान है
दोस्तों अपना तो ये ईमान है
जो भी जितना साथ दे एहसान है
हो ओ ओ ओ
उम्र का रिश्ता जोड़ने वाले
उम्र का रिश्ता जोड़ने वाले
अपनी नज़र में दीवाने हैं

पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं
पल दो पल का साथ हमारा
पल दो पल के याराने हैं
…………………………………………………….
Pal do pal ka saath hamara-The burning Train 1980

Artists:

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Nov 9, 2018

कभी पलकों पे आंसू है-हरजाई १९८१

ठहरी हो, सहमी सी हो या ठिठुरती हुई जिंदगी तो
जिंदगी है. इसमें खुशियों के झरने हैं तो दुखों के
पहाड़ भी हैं. जीना तो है चाहे हंस के जियो या रो
के. कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता.
जिंदगी कैसी है पहेली हाय. आशा है तो जीवन है.
इसलिए मुस्कुरा के जियो, हंस के जियो. जो तुम
हंसोगे तो हँसेगी ये दुनिया. रोने पर सब साथ छोड़
जायेंगे सिवाए बेहद करीबियों के.

जो आता है वो जाता है की पुष्टि एक बार फिर करता
ये गीत लिखा है निदा फाज़ली ने. किशोर कुमार के
गाये सबसे उम्दा गीतों में से एक जिसका हर एक
पुर्जा लाजवाब है. इसकी नशीली धुन तैयार की है
पंचम ने.


गीत के बोल:

कभी पलकों पे आंसू है
कभी लब पे शिकायत है
मगर ऐ ज़िन्दगी फिर भी
मुझे तुझसे मोहब्बत है
कभी पलकों पे आंसू है

कभी लब पे शिकायत है
मगर ऐ ज़िन्दगी फिर भी
मुझे तुझसे मोहब्बत है
कभी पलकों पे आंसू है
……………………………………………
Kabhi palkon pe aansoo hain-Harjai 1980

Artist: Randhir Kapoor

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May 19, 2018

तेरे बिन जीना क्या-रेड रोज़ १९८०

रोड रेज़ जैसे शब्द तो आये दिन हम सुनते और पढते रहते हैं.
रेड रोज़ जैसे शब्द कुछ कम सुनने को मिलते हैं आजकल. हाँ,
व्हाट्सएप के प्रयोग के दौरान हमें मुफ्त के गुड मोर्निंग मैसेज
के साथ जो रोज़ मसाज की जाती है दिमाग की उसमें ज़रूर
रेड, पिंक, येलो इत्यादि कलर के रोज़ दिखाई दे जाते हैं. ☺️

सन १९८४ की एक फिल्म है राजेश खन्ना, पूनम ढिल्लों अभिनीत
रेड रोज़ जिसका युगल गीत हम आज आपको सुनवा रहे हैं. इसे
किशोर कुमार संग आशा भोंसले ने गाया है. गीत में इतनी हो हो
और ला ला ला है की इसे- हो हो-ला-ला हिट भी कह सकते हैं.
विट्ठलभाई पटेल के बोल हैं और आर डी बर्मन का संगीत.





गीत के बोल:

हो
ला ला ला ला ला ला
हे

तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया
हो तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया

हो आँखें जाम-ए-शराब हैं
गाल ये लाल गुलाब हैं
आँखें जाम-ए-शराब हैं
गाल ये लाल गुलाब हैं
निगाहों में आ
हवाओं में हा आ
निगाहों में हवाओं में फ़िज़ाओं में
हाँ हाथ लगाना आ गया

 हो तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया
हो तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया

मौसम है ये प्यार का
वादों का इक़रार का
मौसम है ये प्यार का
वादों का इक़रार का
नज़ारे हैं हूँ
बहारें हैं हे
नज़ारे हैं बहारें हैं सहारे हैं
दिल लगाना आ गया

तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया

हूँ ला ला ला हूँ ला ला ला
हूँ ला ला ला ला ला

हर दम हाल ख़ुमार का
दिलबर का दिलदार का
हर दम हाल ख़ुमार का
हो दिलबर का दिलदार का
जवानी है हाँ
रवानी है हे
जवानी है रवानी है दीवानी है
हाँ नाज़ उठाना आ गया

हो तेरे बिन जीना क्या तेरे बिन मरना क्या
प्यार निभाना आ गया आ गया आ गया
..............................................................................
Tere bin jeena kya-Red Rose 1980

Artists: Rajesh Khanna, Poonam Dhillon

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May 5, 2018

तुमको ख़ुश देखकर मैं-आप के दीवाने १९८०

अपने अपने विचार अपने अपने वर्ज़न. एक गीत आपने सुना
है फिल्म धरती कहे पुकार के से जिसमें मुकेश ने एक गीत
गाया है-खुशी की वो रात आ गयी जो खुशी के अवसर पर
ज़रूर गाया जा रहा है मगर उसमें दर्द छुपा हुआ है.

एक ऐसा ही गीत है फिल्म आप के दीवाने में जो फिल्माया
गया है ऋषि कपूर पर. इसे किशोर कुमार संग मोहम्मद रफ़ी
ने गाया है. आनंद बक्षी की रचना है और राजेश रोशन का संगीत.
ऋषि कपूर की बात के साथ राकेश रोशन अपनी भी बात कह
रहे हैं.




गीत के बोल:

तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

कौन सी शाख़ पर कौन सा गुल खिले
कौन सी शाख़ पर कौन सा गुल खिले
यारों ये तो नसीबों के हैं फ़ैसले
किसलिए फिर क्यूँ करें कोई शिकवा गिला
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

तुमने क्या कह दिया हमने क्या सुन लिया
तुमने क्या कह दिया हमने क्या सुन लिया
उलझनें मिट गईं आ गया चैन सा
दर्द को मिल गई जैसे कोई दवा
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

सारी दुनिया से ये ज़िन्दगी है बड़ी
सारी दुनिया से ये ज़िन्दगी है बड़ी
ज़िन्दगी से मगर दोस्ती है बड़ी
दोस्तों दोस्ती के लिए शुक्रिया
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
………………………………………………………………..
Tumko khush dekh kar-Aap kee deewane 1980

Artists: Rishi Kapoor, Tina Munim, Rakesh Roshan

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Mar 6, 2018

कैसे दिन जीवन में आये-अपने पराये १९८०

फिल्म अपने पराये से एक गीत सुनते हैं योगेश का लिखा हुआ.
जीवन के अनुभवों को समेटे हुए ये गीत आँखों के सामने घूमने
वाली एक फिल्म की तरह है.

जीवन में कब कहाँ क्या छूट जाता है हाथ से छूटी रेत के मानिंद
इंसान समझ नहीं पाता.

फिल्म में अमोल पालेकर और शबाना आज़मी की प्रमुख भूमिकाएं
हैं. फिल्म में संगीत बप्पी लहरी का है. गीत किशोर कुमार ने गाया
है.




गीत के बोल:

कैसे दिन जीवन में आये हुये वो अपने पराये
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस
कैसे दिन जीवन में आये हुये वो अपने पराये
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस

सभी अपने खोये सुख में सभी अपने खोये दुख में
हो ओ ओ सभी अपने खोये सुख में सभी अपने खोये दुख में
कौन देखे मेरे मन पे लगी है क्या ठेस
बन गया परदेस छूटा अपना देस
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस

मेरे अवगुण सभी देखें मेरे दुर्गुण सभी देखें
मेरे अवगुण सभी देखें मेरे दुर्गुण सभी देखें
कोई न पूछे उजड़ा कैसे मेरे मन का देस
बन गया परदेस छूटा अपना देस
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस

सारे बंधन सारे नाते यूँ ना पल में बिखर जाते
हो ओ ओ सारे बंधन सारे नाते यूँ ना पल में बिखर जाते
लोग बदले जैसे बदले यहाँ मौसम भेस
बन गया परदेस छूटा अपना देस
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस

कैसे दिन जीवन में आये हुये वो अपने पराये
द्वार देहरी वो घर आँगन बन गया परदेस
……………………………………………………….
Kaise din jeevan mein aaye-Apne paraye 1980

Artists: Amol Palekar, Shabana Azmi

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