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Dec 2, 2019

घर आ जा परदेसी-दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे १९९५

कुछ फिल्मों ने इतिहास के पन्नों में कीर्तिमान के साथ
अपने नाम दर्ज कराये हैं. उनमें से एक है १९९५ की फिल्म
दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे. इस फिल्म के आगमन से
पहले तक हमने ये शब्द फिल्म चोर मचाये शोर के गीत
में ही सुने थे. चोर मचाये शोर अपने ज़माने की बड़ी हिट
फिल्म रही. बॉक्स ऑफिस पर दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
ने चोर मचाये शोर को बहुत पीछे छोड़ दिया.

मुंबई के एक सिनेमा में वर्षों लगातार चल कर इस फिल्म
ने कलाकारों, इससे जुड़े लोगों और फिल्म के प्रशंसकों के
मन में एक स्थायी याद अंकित कर दी. इसके गीत भी
तब से लेकर अब तक निरंतर बजते चले आ रहे हैं.

सुनते हैं फिल्म से अगला गीत जिसमें यादों की बन्दूक चली
है कोयल की आवाज़ से उठी हूक से. आनंद बक्षी के बोल
हैं, जतिन ललित का संगीत और इसे पामेला चोपड़ा संग
मनप्रीत कौर ने गाया है.



गीत के बोल:

हो कोयल कूके हूक उठाये यादों की बंदूक चलाये
कोयल कूके हूक उठाये यादों की बंदूक चलाये
बागों में झूलों के मौसम वापस आये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
बागों में झूलों के मौसम वापस आये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे


हो ओ ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ ओ

इस गांव की अनपढ़ मिट्टी पढ़ नहीं सकती तेरी चिट्ठी
ये मिट्टी तू आ कर चूमे तो इस धरती का दिल झूमे
माना तेरे हैं कुछ सपने पर हम तो हैं तेरे अपने
भूलने वाले हमको तेरी याद सताये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे

पनघट पे आई मुटियारें छम छम पायल की झंकारें
खेतों में लहराई सरसों कल परसों में बीते बरसों
आज ही आ जा गाता हँसता तेरा रस्ता देखे रस्ता
अरे छुक छुक गाड़ी की सीटी आवाज़ लगाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे

हाथों में पूजा की थाली आई रात सुहागों वाली
हो चाँद को देखूं हाथ मैं जोड़ूं करवा चौथ का व्रत मैं तोड़ूं
तेरे हाथ से पी कर पानी दासी से बन जाऊं रानी
आज की रात जो मांगे कोई वो पा जाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे

ओ मनमितरा ओ मनमीता वे तैनूं रब दे हवाले कीता
हा आ आ आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
दुनिया के दस्तूर हैं कैसे पागल दिल मजबूर हैं कैसे
अब क्या सुनना अब क्या कहना तेरे मेरे बीच ये रैना
खत्म हुई ये आँख मिचौली कल जायेगी मेरी डोली
मेरी डोली मेरी अर्थी न बन जाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे

कोयल कूके हूक उठाये यादों की बंदूक चलाये
बागों में झूलों के मौसम वापस आये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे

ओ माही वे ओ चनवे वे जिंदवा ओ सजणा
.......................................................................
Ghar aa ja pardesi-Dilwale dulhaniya le jayenge 1995

Artists:

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Oct 15, 2019

जा री बहना जा-त्रिशूल १९७८

१९७८ की चर्चित बहुसितारा फिल्म त्रिशूल से एक
और गीत सुनते हैं जो बहन की विदाई पर भाई
गा रहा है. डोली सोंग्स की श्रेणी में गिना जाता
है इसे. विदाई गीत भी कह लेते हैं इसे क्यूंकि
जाने का संकेत दिया जा रहा है.

किशोर कुमार, येसुदास और पामेला चोपड़ा के
गाये इस गीत की रचना साहिर ने की है और इस
गीत का संगीत खय्याम ने तैयार किया है.
   



गीत के बोल:

बाप का घर क्या भाई का घर क्या
आज समझ सबको अनजान
लड़की जिस घर में पलती है
उस घर होती है मेहमान
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

लड़की का जब बचपन जाये
मायका साथ ही जाये
उसका जीवन साथी का घर
उसका घर कहलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

लड़की के जीवन में
जिस दिन ये शुभ अवसर आये
सास बने माता उसकी और
ससुर पिता कहलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

जा री बहना जा तुझको
ये नव जीवन रास आये
तेरे आँगन लक्ष्मी नाचे
दुर्गा दीप जलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा
………………………………………..
Ja ri behna ja-Trishul 1978

Artists: Poonam Dhillon,

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Oct 21, 2009

चले आओ सैयां-बाज़ार १९८२

अगर दिन सूखे गीले हो सकते हैं तो कोई आवाज़ भी सोंधी हो
सकती है। यहाँ आवाज़ जिसका जिक्र किया जा रहा है वो है
संगीतकार खय्याम की पत्नी जगजीत कौर का जिन्होंने कई
गीत गाये हैं हिन्दी फिल्मों में। सभी खय्याम द्वारा संगीतबद्ध हैं।
उनकी अनूठी आवाज़ में एक गीत है फ़िल्म बाज़ार का -चले आओ
सैयां। गीत में उनका साथ दिया है निर्देशक यश चोपडा की श्रीमती
पामेला चोपडा ने। फ़िल्म १९८२ में आई थी। सागर सरहदी द्वारा
निर्देशित फ़िल्म में थिएटर के बहुत से कलाकार थे।



गाने के बोल:

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे (२)

सजन मोहे तुम बिन भाए ना गजरा
सजन मोहे तुम बिन भाए ना गजरा
ओ भाए ना गजरा
जी भाए ना गजरा

ना मोतिया, चमेली, ना जूही ना मोगरा
ना मोतिया, चमेली, ना जूही ना मोगरा

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे

सजन मोहे तुम बिन भाए ने जेवर
सजन मोहे तुम बिन भाए ने जेवर
ओ भाए ना जेवर
जी भाए ना जेवर

ना झुमके ना कंगन ना झूमर ना झांझर
ना झुमके ना कंगन ना झूमर ना झांझर

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे

सजन मोहे तुम बिन
भाए ना सिंगार
सजन मोहे तुम बिन
भाए ना सिंगार
ओ भाए ना सिंगार
जी भाए ना सिंगार

ना काजल ना सुर्खी ना मिस्ती ना मेहँदी
ना काजल ना सुर्खी ना मिस्ती ना मेहँदी

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे

चले आओ सैयां, रंगीले
मैं वारी रे (२)
.................................................................
Chale aao saiyan-Bazaar 1982

Artists:  Nisha Singh

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