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Mar 26, 2016

मुसु मुसु हासी-प्यार में कभी कभी १९९९

सन १९९९ की एक फिल्म है-प्यार में कभी कभी. फिल्म में
कई नए कलाकार हैं. युवाओं में ये फिल्म लोकप्रिय है. उस
समय के लिहाज से ये थोड़ी अलग-हट-के बनी हुई फिल्म थी.

गीत बहुत लड़ियाने वाले अंदाज़ में गाया गया है. कुछ अलग
सा है और मधुर है. इसे जनता मलाई वाला गीत भी कहती
थी. इसके मुखड़े के बोलों का क्या मतलब है, इमानदारी से
कहूँ तो मुझे नहीं मालूम. किसी को कोई जानकारी हो तो यहाँ
ज़रूर शेयर करे.

विशाल शेखर उस समय के नए संगीतकार थे. इस फिल्म के
गीतों की वजह से वे अपने पैर ज़माने में कामयाब हो गए.
फिल्म के गीत नयी पीढ़ी द्वारा काफी पसंद किये गए.



गीत के बोल:

मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ
ज़रा मुस्कुरा दे, मुस्कुरा दे,
ज़रा मुस्कुरा दे, ऐ ख़ुशी
ग़म बाँट ले तू अपने, हमसे तू ले हँसी
हो गये अब हम तेरे, तू हो गयी अपनी
मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ

जवां दिल की राहों में, जैसे खिलती है कली
तेरे होंठों पे बसी, ऐसी हलकी सी हँसी
फिर क्यों छुप रही हो दिल की बातें तो बताओ
गुमसुम सी ना रहो तुम, अब जाना मुस्कुराओ
मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ

माना हमसे हो गयी, इक छोटी सी ख़ता
हँस दो ना तुम ज़रा, दो ना हमको तुम सज़ा
तुम जो हँस पड़े तो, अब हम भी मुस्कुराये
आओ मिलके साथ गायें, दिल से दिल भी मिलायें

मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ
ज़रा मुस्कुरा दे, मुस्कुरा दे,
ज़रा मुस्कुरा दे, ऐ ख़ुशी
………………………………………………………………
Musu musi haasi-Pyar mein kabhi kabhi 1999

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Mar 26, 2010

अब के सावन में जी डरे-दिल विल प्यार व्यार २००२

आपने फिल्म जैसे को तैसा का गीत सुना । अब इसका नया संस्करण
सुनिए जो बाबुल सुप्रियो और साधना सरगम कि आवाज़ में है। अभी हाल
में कुछ ऐसी फ़िल्में आयीं जिनमे पुराने ज़माने के गीत नए स्वरुप में मिले।
इन गीतों के लिए बाकायदा क्रेडिट दिया गया मूल सृजन कर्ताओं को। फिल्म
दिल विल प्यार व्यार में अधिकांश गीत राहुल देव बर्मन के संगीतबद्ध किये हुए हैं।

ये एक बेहद छोटी क्लिप है , जैसे ही इसकी कोई लम्बी क्लिप यू ट्यूब पर दिखाई देगी
प्रस्तुत करूंगा। संजय सूरी के साथ कौनसी नायिका है पहचानने में मेरी मदद कीजिये।
सोनाली कुलकर्णी, ऋषिता भट्ट और भावना पानी में से कोई होना चाहिए।



गीत के बोल:


अब के सावन में जी डरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
अब के सावन में जी डरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी, हो ओ ओ

अब के सावन में जी डरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मनन में लगे आग सी
हो

ऐसा मौसम पहले कभी भी आया नहीं
ऐसा बादल अम्बर पे सजना छाया नहीं, हो हो
ऐसा मौसम पहले कभी भी आया नहीं
ऐसा बादल अम्बर पे सजना छाया नहीं


हो, यह सुहाना समां प्रेम की खोज में, मौज में
हो हो, पागल प्रेमी बनके फिरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी

हो हो हो, अब के सावन में जी डरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी


आ तुझको आँखों में छुपा लूं इस रात में
कजरा गजरा बह जाएगा री बरसात में
हो हो , तुझको आँखों में छुपा लूं इस रात में
कजरा गजरा बह जाएगा री बरसात में

हो, होश से काम लो, राम का नाम लो, थाम लो
हो हो, जाने बैरन रुत क्या करे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी, हो ओ ओ


अब के सावन में जी डरे
रिम झिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी
मन में लगे आग सी
मन में लगे आग सी

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