Showing posts with label Suraj aur chanda. Show all posts
Showing posts with label Suraj aur chanda. Show all posts

Jul 30, 2016

होनी तो हो के-सूरज और चंदा १९७३

एक सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करने वाला गीत सुनते
हैं फिल्म सूरज और चंदा से. इंसान के मन में डर और भय के
भाव आ जाते हैं कई बार बिना कारण के भी.

सच्चाई की राह कठिन है दोस्तों, इस पर चलने वालों की कड़ी
से कड़ी परीक्षा हो जाती है. परीक्षा भी ईश्वर उन्हीं की लेता है
जिनमें कठिनाइयों को झेलने की क्षमता हो. ये क्षमता भी वही
देता है.

आनंद बक्षी का लिखा ये गीत एक समय काफी बजा करता था
और लगभग याद सा हो गया था मगर समय के थपेडों और
जानकारियों के ओवरफ्लो ने इसे कुछ कुछ भुला दिया था.
आज किसी कारण विशेष से ये याद आया तो सोचा आपको
भी सुनवाया जाए.



 गीत के बोल:

होनी तो हो के रहे
होनी तो हो के रहे अनहोनी ना होए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
होनी तो हो के रहे
होनी तो हो के रहे अनहोनी ना होए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए

कंस ने कितने जातां किये रे भैया
कंस ने कितने जातां किये लेकिन तुमने देखा
सौ तलवारें मिटा सकी ना भाग्य की एक भी रेखा
सौ तलवारें
कृष्ण का ऐसा जनम हुआ अत्याचार यूँ खतम हुआ
बंदीघर के द्वार खुले और पहरेदार सोये
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए

छूट गयी जिनसे रे भैया
छूट गयी जिनसे अपने बचपन की सुन्दर गलियां
बगिया के बदले बन में देखि खिलती वो कलियाँ
बगिया के बदले
खेल है जोग संजोग का सच कहना है लोगों का
रीत अटल ये जीवन की कोई हँसे कोई रोये
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए

हाथ समय का इस दुनिया में
हाथ समय का इस दुनिया में कोई रोक ना पाया
धोखा देने वाले ने एक दिन खुद धोखा खाया
धोखा देने वाले
आज मिले या चाहे कल मिलता है कर्मों का फल
फूल वो कैसे पायेगा जिसने हो कांटे बोये
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
जाको राखे साईयां मार सके ना कोए
………………………………………….
Honi to ho ke rahe-Suraj aur Chanda 1973

Artist: Sanjeev Kumar

Read more...

Dec 5, 2009

पूरब दिशा से परदेसी आया-सूरज और चंदा १९७३

आपने बहुत सी फिल्मों में नायकों और नायिकाओं को
सांप से डरते देखा होगा। नायक नायिका क्या, अच्छे
अच्छों के पसीने छूट जाते हैं सांप देख कर। इस गीत में
नायक नाग नागिन का नृत्य देख कर आनंदित हो रहा है।
ये इस फ़िल्म का एक बहुत लोकप्रिय गीत है। इस गीत को
देखने के लिए जनता सिनेमा हाल में ज़रूर जाती थी। इसमे
जो विशेष प्रभाव इस्तेमाल किए गए हैं वो उस समय के हिसाब
से अनूठे थे- जैसे साँपों द्वारा ढोलक, डफली, बीन, सितार,
जल तरंग और बांसुरी बजाना। इस गीत को सुन कर आपको
शायद फ़िल्म नगीना का गीत याद आ जाए जो श्री देवी पर
फिल्माया गया है। वो गीत भी लता मंगेशकर का गाया हुआ है।

इस गीत में और क्या क्या हो रहा है , जानने के लिए ख़ुद
देखिये । अभिनेत्री बिन्दु ने इस गीत में मनमोहक नृत्य
किया है। गीत/संगीत है :आनंद बक्षी/लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल
का ।



गीत के बोल:

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया

मन का वो मीत बन के
प्रीतम की प्रीत बन के
प्रीत का गीत बन के
होंठों पे आया

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया

जब से वो आया
नींद न आई
जब से वो आया
नींद न आई
नींद जो आई
वो राम दुहाई
सपनों में आके मुझे
नींद से जगाया
नींद से जगाया

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया

हो ओ ओ ओ ओ, हो ओ ओ ओ ओ ओ

झूम के मैंने ली अंगडाई
झूम के मैंने ली अंगडाई
जब संपेरे ने बीन बजायी
नागन पे जाने कैसा जादू चलाया
जादू चलाया

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया

पूछो न मेरी प्रेम कहानी
पूछो न मेरी प्रेम कहानी
बन गई मैं तो ऐसी दीवानी
सारा ज़माना उसकी याद में भुलाया
याद में भुलाया

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया

मन का वो मीत बन के
प्रीतम की प्रीत बन के
प्रीत का गीत बन के
होंठों पे आया

पूरब दिशा से परदेसी आया
नैनों के रस्ते दिल में समाया
...............................................................
Poorab disha se pardesi aaya-Suraj aur Chanda 1973

Artists: Sanjeev Kumar, Bindu

Read more...

Dec 4, 2009

गाँव में पीपल-सूरज और चंदा १९७३

अनुसने से गीतों में से एक है फ़िल्म सूरज और चंदा का
ये गीत। इसमे संजीव कुमार हीरो हैं जो रफ़ी की आवाज़ पर
अपने होंठ हिलाते नज़र आ रहे हैं। साथ में एक अनजान सी
अभिनेत्री हैं । फ़िल्म का रफ़ी का ही गाया दूसरा गीत बहुत
बजा है। इस गाने पर श्रोताओं की मेहरबानी बहुत ही कम रही
है। इस गीत की धुन बनाई है लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल ने ।

इस गीत को सुन कर थोड़ा सा सोया हुआ कवि मेरे अन्दर भी
जाग गया है। नमूना पेश है:
इन्टरनेट पर ब्लॉगर, ब्लॉगर पे कई ब्लॉग। ब्लॉग पर
बहुत सी पोस्ट। ........................पाठक नदारद



गाने के बोल:

गाँव में पीपल, पीपल की छैंया
गाँव में पीपल, पीपल की छैंया
छैया में पनघट, पनघट में पानी
पानी में आग लगाए, रानी तेरी जवानी

गाँव में पीपल, पीपल की छैंया
छैया में पनघट, पनघट में पानी
पानी में आग लगाए, ओ रानी तेरी जवानी

निकली नहा के गोरी, तालाब से कुछ ऐसे
सावन में बादलों से, निकला हो चाँद जैसे

निकली नहा के गोरी, तालाब से कुछ ऐसे
सावन में बादलों से, निकला हो चाँद जैसे
सावन में बादलों से, निकला हो चाँद जैसे

हाय, कानों में झुमके, मुखड़े पे आँचल
आंखों में कजरा, पाँव में पायल
पायल से गीत सुनाये, ओ रानी तेरी जवानी

ये रूप है या शोला, ये रंग है के जादू
ये नैन हैं के झूले, ये ज़ुल्फ़ है के बादल

ये रूप है या शोला, ये रंग है के जादू
ये नैन हैं के झूले, ये ज़ुल्फ़ है के बादल
ये नैन हैं के झूले ये ज़ुल्फ़ है के बादल

हाय, तेरा क्या कहना देखें जो नैना
तो सारी रैना जागे ये नैना
नैनों से नींद चुराए हो रानी तेरी जवानी

गाँव में पीपल, पीपल की छैंया
छैया में पनघट, पनघट में पानी
पानी में आग लगाए, हो रानी तेरी जवानी
ओ रानी तेरी जवानी
होय, होय, होय, तेरी जवानी
..........................................................
Gaon mein peepal-Suraj aur Chanda 1973

Artists: Sanjeev Kumar, ?????

Read more...

Nov 17, 2009

तेरे नाम का दीवाना-सूरज और चंदा १९७३

रफ़ी के गाये सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक। फ़िल्म का
नाम है सूरज और चंदा। संजीव कुमार पर फिल्माए गए
सबसे हिट/सुपर हिट गीतों में से एक है इस फ़िल्म का
गीत जो यहाँ प्रस्तुत है। आनंद बक्षी के सरल बोलों को
एक आकर्षक धुन पहना कर लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल
ने इस गीत को चोटी पर पहुँचा दिया । गायक कलाकार हैं
मोहम्मद रफ़ी। वैसे इस फ़िल्म के लगभग सभी गीत
लोकप्रिय हुए और काफ़ी साल तक बजते रहे। आगे हम
चर्चा करंगे इसी फ़िल्म के बिन्दु पर फिल्माए गए एक
गीत की।



गाने के बोल:

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

जिस नज़र पे दिल फ़िदा है
उस नज़र को ढूंढता है

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

आवाज़ दिल की पहचान ले
मैं कौन हूँ तू ये जान ले

आवाज़ दिल की पहचान ले
मैं कौन हूँ तू ये जान ले
इस रात का सितारा,
इक सहर को ढूंढता है

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

जाने वफ़ा ओ जाने जिगर
ये ज़िन्दगी तो है एक सफर

जाने वफ़ा ओ जाने जिगर
ये ज़िन्दगी तो है एक सफर

इस सफर में एक मुसाफिर
हमसफ़र को ढूंढता है

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

फूलों में जैसे है रंग ओ बू
मुझको छुपा ले आँखों में तू

मेरा दिल तड़प तड़प कर दिलबर को ढूंढता है

तेरे नाम का दीवाना
तेरे घर को ढूंढता है

जिस नज़र पे दिल फ़िदा है
उस नज़र को ढूंढता है
उस नज़र को ढूंढता है
................................................................
Tere naam ka deewana-Suraj aur chanda 1973

Artists: Sanjeev Kumar, 

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP