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Oct 2, 2017

ये तन्हाई हाय रे हाय रे-तेरे घर के सामने १९६३

इतनी अदा से कोई ‘थाम लो बाहें’ कहेगा तो असर पड़ेगा ही.
हिंदी फ़िल्मी गीतकारों और संगीतकारों ने आश्चर्यजनक सामान
मुहैया कराया है इश्क फरमाने वालों के लिए.

सालों हो गए हमें प्यार मोहब्बत वाले गाने सुनते हुए, गीतकार
कोई नया पहलू खोज ही लेता है. एक ही बात को हजारों तरीके
से बोलने के बाद भी हमेशा कुछ नए की गुंजाइश रहती है.

हसरत जयपुरी के लिखे इस गीत को लता मंगेशकर ने गाया है
एस डी बर्मन की धुन पर फिल्म तेरे घर के सामने के लिए.




गीत के बोल:

ये तन्हाई हाय रे हाय रे
जाने फिर आए ना आए
थाम लो बाहें थाम लो बाहें
ये तन्हाई हाय रे हाय रे
जाने फिर आए ना आए
थाम लो बाहें थाम लो बाहें

झूम झूम गाऊं प्यार से शरमाऊं
एक नशा सा मुझे हो चला
तेरी मेरी चाहें रोज़ बढ़ी जाएं
और ना टूटे कभी सिलसिला
देख तेरी मेरी अब एक है डगरिया
थाम लो बाहें थाम लो बाहें

आज अपने साथी दीप और बाती
जगमाई मेरी ज़िन्दगी
पा के तेरे साये कौन आगे जाये
तू मिला तो मिली हर खुशी
तन मन चमके है जैसे बिजुरिया
थाम लो बाहें थाम लो बाहें

आज समय आया मैं ने तुझे पाया
मैं नशा हूँ तेरे प्यार की
फूल नये लाऊं तुझको महकाऊं
मैं कली हूँ तेरे हार की
प्यार की हमारे अमर हो उमरिया
थाम लो बाहें थाम लो बाहें

ये तन्हाई हाय रे हाय रे
जाने फिर आए ना आए
थाम लो बाहें थाम लो बाहें
……………………………………………………..
Ye tanhai haaye re haaye-Tere ghar ke samne 1963

Artists: Nutan, Dev Anand

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Aug 30, 2017

दिल की मंजिल कुछ ऐसी-तेरे घर के सामने १९६३

हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हैं जिनके बारे में हम नहीं
जानते मगर उनका भी योगदान है फिल्मों में और उस योगदान
की चाहे थोड़ी सी हो फिल्म निर्माण में एक भूमिका ज़रूर होती
है. कई सहायक कलाकार ऐसे हैं जिनके बारे में जानकारियां
इन्टरनेट के पदार्पण के बाद मिलना शुरू हुई और अब यूट्यूब
के माध्यम से ज्ञानी फिल्म और संगीत प्रेमी हमसे दुर्लभ और
अप्राप्य जानकारियां साझा कर रहे हैं.

हम उन फिल्मों को देख चुके होते हैं जिनमें ये कलाकार मौजूद हैं.
हमारा ध्यान नहीं जाता उन सहायक कलाकारों पर जो एक दृश्य
या गाने में दिखलाई देते हैं.

आज सुनते हैं फिल्म तेरे घर के सामने से आशा का गाया एक
गीत जिसे हेल्गा नामक कलाकार पर फिल्माया गया है. इसे
जिस कलाकार ने लोड किया है उसका नाम है एडविना जो
स्वयं कई हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी हैं.




गीत के बोल:

दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने
दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने
आ हा हा हा हा हो हो हो हो हो
दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने

पहलू में यूँ तो सबके ही दिल है
दर्द हो जिसमें दिल वो ही दिल है
पहलू में यूँ तो सबके ही दिल है
दर्द हो जिसमें दिल वो ही दिल है
प्यार जो होगा दर्द भी होगा
प्यार ना हो तो जीना मुश्किल है
आज किसपे जवान है ये महफ़िल
प्यार जिसने किया हो वो जाने

दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने

कितना बड़ा है दुनिया का घेरा
लोग दिलों से मिलते नहीं हैं
कितना बड़ा है दुनिया का घेरा
लोग दिलों से मिलते नहीं हैं
प्यार बिना तो दोनों जहाँ में
फूल खुशी के खिलते नहीं है
कौन किसको हुआ ये अब हासिल
प्यार जिसने किया हो वो जाने

दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने
आ हा हा हा हा हो हो हो हो हो
दिल की मंजिल कुछ ऐसी है मंजिल
प्यार जिससे किया हो वो जाने
............................................................
Dil ki manzil kuchh aisi-Tere ghar ke samne 1963

Artist: Helga

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Jun 13, 2017

दिल का भंवर करे पुकार-तेरे घर के सामने १९६३

फिल्म तेरे घर के सामने से एक रोमांटिक गीत सुनते हैं. इस
गीत का मुखडा फिल्म वर्ज़न में दो बार आता है मगर रिकोर्ड
वर्ज़न में एक ही बार. फिल्म वाला वर्ज़न ज्यादा अच्छा लगता
है.

गीत हसरत का है और संगीत एस डी बर्मन का. रफ़ी ने इसे
गाया है. देव आनंद और नूतन पर इसे फिल्माया गया है. गीत
गाते गाते नायक नायिका क़ुतुब मीनार की सीढियां चढ रहे हैं.



गीत के बोल:

दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे

फूल तुम गुलाब का  क्या जवाब आपका
जो अदा है  वो बहार है
आज दिल की बेकली  आ गई ज़बान पर
बात ये है  तुमसे प्यार है
दिल तुम्हीं को दिया रे 
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे

चाहे तुम मिटाना  पर न तुम गिराना
आँसू की तरह निगाह से
प्यार की उँचाई  इश्क़ की गहराई
पूछ लो हमारी आह से
आसमाँ छू लिया रे 
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे

इस हसीन उतार पे  हम न बैठे हार के
साया बन के साथ हम चले
आज मेरे संग तो  गूँजे दिल की आरज़ू
तुझसे मेरी आँख जब मिले
जाने क्या कर दिया रे 
प्यार का राग सुनो
दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे

आप का ये आँचल  प्यार का ये बादल
फिर हमें ज़मीं पे ले चला
अब तो हाथ थाम लो  इक नज़र का जाम दो
इस नये सफ़र का वस्ता
तुम मेरे साक़िया रे 
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे
.....................................................................
Dil ka bhanwar kare pukar-Tere ghar ke samne 1963

Artists; Dev Anand, Nutan

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Jun 4, 2017

तेरे घर के सामने–शीर्षक गीत १९६३

आज अभिनेत्री नूतन के ८१ वें जन्म दिवस के अवसर पर
गूगल ने डूडल बनाया है. ये मेरे हिसाब से उन तमाम ट्रिब्यूट
और कार्यक्रमों से अलग है जो विभिन्न चैनलों पर दिए जाते
हैं.

वैसे तो कलाकारों के फैन्स उनके जन्मदिन याद रखते हैं. पिछले
कुछ साल से चैनलों की बाढ़ सी आ गयी है. उसके बाद तो सभी
चैनलों पर विशेष कार्यक्रम आते हैं. इस बहाने से आम जनता
को भी जानकारी हो जाती है.

सुनते हैं फिल्म तेरे घर के सामने से शीर्षक गीत रफ़ी और लता
का गाया हुआ. हसरत के बोल हैं और एस डी बर्मन का संगीत.



गीत के बोल:

तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा तेरे घर के सामने

घर का बनाना कोई आसान काम नहीं
दुनिया बसाना कोई आसान काम नहीं
दिल में वफ़ायें हों तो तूफ़ां किनारा है
बिजली हमारे लिये प्यार का इशारा है
तन मन लुटाऊंगा तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा तेरे घर के सामने

कहते हैं प्यार जिसे दरिया है आग का
या फिर नशा है कोई जीवन के राग का
दिल में जो प्यार हो तो आग भी फूल है
सच्ची लगन जो हो तो पर्बत भी धूल है
तारे सजाऊंगा तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा तेरे घर के सामने

कांटों भरे हैं लेकिन चाहत के रास्ते
तुम क्या करोगे देखें उल्फत के वास्ते
उल्फत में ताज़ छूटे ये भी तुम्हें याद होग
उल्फत में ताज़ बने ये भी तुम्हें याद होग
मैं भी कुछ बनाऊंगा
हूँ
तेरे घर के सामने
देखें
दुनिया बसाऊंगा तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा तेरे घर के सामने
………….......................................................
Tere ghar ke samne-Titlesong 1963

Artists: Dev Anand, Nutan

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Feb 9, 2015

देखो रूठा ना करो–तेरे घर के सामने १९६३

नूडल्स के बारे में हमने थोड़े दिन पहले बात की थी.
एक समय था जब ये वाकई चीनी अंदाज़ में बनाये
जाते थे. उस समय नूडल्स का रंग सफ़ेद ही होता था
और उसमें डलने वाली सब्जियों का रंग भी नज़र आता
था. शिमला मिर्च भी हरी नज़र आती थी. अब जो बनता
है ठेले वगैरह पर, उसमें काला और पीला रंग का मिश्रण
नज़र आता है. सोयाबीन की बड़ी भी कहीं-कहीं प्रयोग में
आती है. सिरका और काला रंग इतना होता है कि नूडल्स
जली हुई आलू टिक्की के रिश्तेदार नज़र आते हैं.

कुछ कुछ यही हाल आज के फ़िल्मी संगीत का भी है. कौन
से जेनर का संगीत है अंदाज़ा लगाना टेढ़ी खीर हो जाता है.

सुनते हैं सचिन देव बर्मन के संगीत से सजा एक युगल गीत
फिल्म तेरे घर के सामने से. रफ़ी और लता के गाये इस गीत
को फिल्माया गया है देव आनंद और नूतन पर.




गीत के बोल:

देखो रूठा ना करो  बात नज़रों की सुनो
हम न बोलेंगे कभी  तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो

चेहरा तो लाल हुआ  क्या क्या हाल हुआ
इस अदा पर तेरी  मैं तो पागल हुआ
तुम बिगड़ने जो लगो   और भी हंसीं लगो
हम न बोलेंगे कभी  तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो

जान पर मेरी बनी  आपकी ठहरी हंसी
हाय मैं जान गई  प्यार की चिकनागरी
दिल जलाने के लिये  ठंडी आहें न भरो
देखो रूठा ना करो

तेरी खुशबू ने मेरे  होश भी छीन लिये
है खुशी आज हमें  तेरे पहलू में गिरे
दिल की धड़कन पे ज़रा  फूल सा हाथ रखो
हम न बोलेंगे कभी  तुम सताया ना करो

क्या कहेगा ये समां  इन राहों का धुँआ
लाज आए मुझे  मुझको लाए हो कहाँ
हम तुम्हें मान गए  तुम बड़े वो हो हटो
देखो रूठा ना करो
……………………………………………..
Dekho rootha na karo-Tere ghar ke samne 1963

Artists: Dev Anand, Nutan

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