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Feb 20, 2017

बस मेरी जान बस-आँचल १९८०

गीत है आँचल फिल्म से किशोर और लता का गाया
हुआ. इसे सुन के राजेश खन्ना की एक और फिल्म
याद आ जाती है-राजा रानी जिसमें उनके साथ है
शर्मिला टैगोर की जोड़ी. उसमें भी एक दो युगल गीत
हैं लता-किशोर वाले, धीमे और कर्णप्रिय.

आँचल फिल्म में उनके साथ रेखा की जोड़ी है. इस
फिल्म में राजेश खन्ना से उम्र में छोटे अमोल पालेकर
ने उनके बड़े भाई की भूमिका निभाई है. ये करिश्मा
अमोल पालेकर ने १ साल में ही कर दिखाया. १९७९
की गोलमाल में वे नायक थे और उस समय फिल्म
की अपार सफलता के बाद फ़िल्मी पत्रिकाओं ने उनका
महिमा मानदं इस प्रकार शुरू किया था मानो फ़िल्मी
दुनिया को कोई नया महानायक मिल गया हो. 

गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा है और इस गीत के
संगीतकार हैं पंचम.



गीत के बोल:

बस मेरी जान बस  मान ले मेरी बात
आज तेरी डोर है हमारे साथ
आज तेरी डोर है हमारे साथ
हो मतवाले डर है यही
तुझ से कहीं डोरी छूट न जाए
अरे ऐसा भी क्या तेरा मेरा
है ज़िंदगी के साथ
बस मेरी जान बस मान ले मेरी बात
देख ऐसे न चल हमारे साथ

बस मेरी जान बस  मान ले मेरी बात
देख ऐसे न  चल हमारे साथ
दीवाना मैं भी हूँ ऐसा
संग तेरा न छोड़ूं  चाहे जिया जाए
अब लौट जा  ओ रे पिया
जोड़ूँ मैं तेरे हाथ
बस मेरी जान बस  काहे जोड़े हाथ
डर तुझे किस का  मैं हूँ तेरे साथ

बस मेरी जान बस  काहे जोड़े हाथ
डर तुझे किस का  मैं हूँ तेरे साथ
हो  मान भी जा  ओ मेरे सैयां
धड़के जिया कोई  आ ही न जाए
अरे आए कोई  मैं तो यूँ ही
चाहूँ तुझे दिन रात
कि: हँस मेरी जान हँस  ये हुई न बात
डर तुझे किस का  मैं हूँ तेरे साथ
हो  मैं हूँ तेरे साथ
मैं हूँ तेरे साथ
.....................................................
Bas meri jaan bas-Aanchal 1980

Artists: Rajesh Khanna, Rekha

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Jun 27, 2016

भोर भये पंछी-आँचल १९८०

आज पंचम उर्फ आर डी बर्मन का ७७ वां जन्मदिन है. ये
दिन पंचम भक्तों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं हैं. इस
फिल्म उद्योग में वर्त्तमान पीढ़ी के कई संगीतकार और गायक
भी उनके मुरीद हैं.

टाइम्स ऑफ इण्डिया ने इस अवसर पर कुछ दुर्लभ फोटो
शेयर की हैं, आप भी देखें.


गूगल इण्डिया ने एक डूडल बनाया है उसे देखें इधर-

https://g.co/doodle/47rkgz

लता मंगेशकर से राहुल देव बर्मन का काफी पुराना नाता था,
अपने पिता के ज़माने से. पंचम ने अपना पहला हिंदी फ़िल्मी
गीत भी लता मंगेशकर की आवाज़ में ही रेकोर्ड किया था जो
फिल्म छोटे नवाब के लिए था-घर आ जा घिर आये बदरा .

आज जो गीत आपको सुनवा रहे हैं वो है आँचल फिल्म से
लता का गाया हुआ. इसे राखी पर फिल्माया गया है. फिल्म
में राजेश खन्ना, रेखा, राखी और अमोल पालेकर की प्रमुख
भूमिकाएं हैं. ग्रामीण अंचल पर फिल्म की कहानी आधारित है.
फिल्म के गीत लोकप्रिय हैं फिल्म से ज्यादा. अमोल पालेकर
जो कि राजेश खन्ना से बाद में आये थे फिल्म उद्योग में, इस
फिल्म में राजेश खन्ना के बड़े भाई की भूमिका में हैं. राखी
ने उनकी पत्नी का किरदार निभाया है. फिल्म की कहानी जो
है वो देवर-भाभी के इर्द गिर्द घूमती है. फिल्म का निर्देशन
अनिल गांगुली ने किया है.

गीत में आपको लीला मिश्रा, अमोल पालेकर, राजेश खन्ना भी
दिखाई देंगे.





भोर भये पंछी धुन ये सुनाये
जागो रे गई ऋतु फिर नहीं आये
भोर भये पंछी धुन ये सुनाये
जागो रे गई ऋतु फिर नहीं आये
भोर भये

पनघट चली गाँव की हर गली जागी
पनघट चली गाँव की हर गली जागी
गोरी कहीं और कहीं साँवली जागी
आँचल की छैय्याँ अपने सैय्यां को बुलाये
आँचल की छैय्याँ अपने सैय्यां को बुलाये

भोर भये पंछी धुन ये सुनाये
जागो रे गई ऋतु फिर नहीं आये
भोर भये

मैं भी वहीं है जहाँ मोहना मेरा
मैं भी वहीं है जहाँ मोहना मेरा
मधुबन मेरा तो यही आँगना मेरा
ये दर ना छूटे चाहे दुनिया छूट जाये
ये दर ना छूटे चाहे दुनिया छूट जाये

भोर भये पंछी धुन ये सुनाये
जागो रे गई ऋतु फिर नहीं आये
भोर भये पंछी धुन ये सुनाये
जागो रे गई ऋतु फिर नहीं आये
भोर भये
..........................................................
Bhor bhaye panchhi-Aanchal 1980

Artist : Rakhi

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Jul 10, 2009

पैसे का काजल-आँचल

राजेश खन्ना गानों में अपनी विशेष अदायगी की -गर्दन हिलाना और आँखें
मिचमिचाना इत्यादि की वजह से बहुत प्रसिद्ध रहे हैं। किशोर कुमार का गाये
नगमे उन पर ज्यादा जंचते हैं और दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किए जाते रहे हैं।
इसी कड़ी में अगला नगमा है फ़िल्म आँचल का जो १९८० में आई थी।
राजेश खन्ना और रेखा की जोड़ी की कुछ फिल्में ८० के दशक में आई उनमे से
ये एक है आँचल । ये गाना गाँव के मेले की पृष्ठभूमि पर बना है।
एक आकर्षक धुन जो आपको याद रह जायेगी। इसमे कुछ अगड़म
बगड़म शब्द हैं जिनका कोई मतलब नहीं है लेकिन गाने को मधुर बनाने में
उनका योगदान जरूर है। ऐसे शब्दों का संगीतकार और गीतकार समय समय
पर उपयोग करते रहे हैं।



गाने के बोल

पैसे का काजल दई के न लो हमरी जान
लाखों की है हमरी जान बबुआ

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

हो हो , नैना हैं चंचल, कैसे न मारेंगे बाण
हो, हम हो गए हैं जवान बबुआ,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

मेले में भी हम अकेले हैं , तुम हमरे संग आओ न
अरे, फिर जाते जाते ये छल्ला निशानी में दे जाओ न

आहा, छल्ला मेरा न महंगा पड़े, लुट जाओगे खड़े ही खड़े,
हो, बचाए तुम्हें राम,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

हो , नैना हैं चंचल, कैसे न मारेंगे बाण
हो, हम हो गए हैं जवान बबुआ,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

जीवन से जाओगे सैयां जो हमसे नज़र मिल गई ,
हो, कितनी दफ़ा हमरे कारन , यहीं पे छुरी चल गई

अरे , हम दिलवाले भी दिखलायेंगे,
देख लेना तुमको ले जायेंगे,
बचाएं तुम्हे राम,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

मैं जो इस अंचल को छोडूँ तो जग में रहा क्या मेरा
दुनिया को मालूम क्या है जो तुमसे नाता मेरा

सब झूठा है नाता तेरा, हरजाई क्या है ठिकाना तेरा
सिखाये तुझे राम,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

हो , नैना हैं चंचल, कैसे न मारेंगे बाण
हो, हम हो गए हैं जवान बबुआ,

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

पैसे का काजल देके न लो हमरी जान
लाखों की है हमरी जान बबुआ

झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी, झिक की नाकी
झिक की नाकी ना ।

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