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Jan 14, 2017

हम इंतज़ार करेंगे-बहू बेगम १९६७

वाह क्या ख्याल है-कयामत हो और तू आये. और कोई मौका
नहीं मिला या बहाना नहीं मिला. इंतज़ार की जब इन्तेहा हो
जाए तो शायद ऐसे ही विचार मन में घुमड़ते हैं.

साहिर लुधियानवी का लिखा ये रोचक गीत है फिल्म बहू बेगम
से जिसे परदे पर मीना कुमारी और प्रदीप कुमार पर फिल्माया
गया है. आशा और रफ़ी ने इसे गाया है संगीतकार रोशन के
संगीत निर्देशन में.




गीत के बोल:

हम इंतज़ार करेंगे
हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे के क़यामत हो और तू आए
ख़ुदा करे के क़यामत हो और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहान होता है
इसी से इश्क़ का शोला जवान होता है
ये इंतज़ार सलामत हो हाय
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे के क़यामत हो और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे

बिछाए शौक़ से सिजदे वफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़ुबूल दिल की इबादत हो हाय
क़ुबूल दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे के क़यामत हो और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो और तू आए
ख़ुदा करे के क़यामत हो और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे
…………………………………………….
Ham intezar karenge-Bahu begum 1967

Artists: Meena Kumari, Pradeep Kumar

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Jan 5, 2017

दुनिया करे सवाल-बहू बेगम १९६७

फिल्म संगीत जगत को अपने मधुर संगीत से रौशन करने
वाले रौशन ने भी लता मंगेशकर के लिए एक से बढ़कर एक
धुनें तैयार की थीं. आज उन सबको हम सुन कर प्रसन्न
होते हैं. हर विधा में पारंगत संगीतकार हिंदी सिनेमा ने कम
ही देखे हैं. रौशन ने सभी प्रकार के गीत रचे मगर उन्हें
सबसे ज्यादा याद संगीत प्रेमी उनकी मशहूर कव्वालियों के
लिए करते हैं.

साहिर के साथ काम करने के सबसे ज्यादा मौके एस डी बर्मन,
रौशन और रवि को मिले. रौशन के साथ साहिर की ८ फ़िल्में
हैं. 




गीत के बोल:

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल

पूछे कोई के दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
पूछे कोई के दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुश्किल हो अर्ज़-ए-हाल
मुश्किल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल

पूछे कोई के दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
पूछे कोई के दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
.......................................................................
Duniya kare sawal-Bahu begum 1967

Artist: Meena Kumari

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Jun 22, 2011

लोग कहते हैं कि हम-बहू बेगम १९६७

साहिर का है अंदाज़-ए-बयां और। ख़वातीनों हाज़रात, महबूब
से किनारा करने का खुशनुमा ख्याल और किस के दिमाग में
आ कर कागज़ पर उतर सकता है। किनारा करने की बात पर
रज़ामंदी मांगी जा रही है, समाज की बंदिशें या फिर कोई और
वजह ऐसा करने को प्रेरित कर रही हैं जानने के लिए आपको
बहू बेगम फिल्म एक बार ज़रूर देखना पड़ेगी।

साहिर के गीतों से फिल्म के निर्देशक का काम कभी कभी बहुत
आसान हो जाया करता था। आम दर्शक तो धुन से ही आनंद उठा
लिया करता लेकिन दिमाग खपाने वाले दर्शक गीत की गहराई
में उतर कर नायक की करतब-ए-एक्टिंग को गीत के शब्दों और
भावों से मिलाने की असफल कोशिश में लग जाते। साहिर के गीतों
पर कुछ ही संजीदा कलाकारों ने बढ़िया अभिनय किया है।

कमबख्त दिल तो मानता नहीं है क्या किया जाये, इश्क की
खुमारी दिल पर झाड फानूस की धूल माफिक चिपकी रहती है,
कुछ करने या ना करने की जायज़ वजहें होना ज़रूरी है। अब
जुदा हो ही रहे हैं तो सारे अरमान पूरे करते चलें और ये जुमला
दोहराते चलें-किनारा कर लें।

प्रेम त्रिकोण पर आधारित इस फिल्म में कई यादगार गीत हैं।
ये गीत थोड़ा कम सुना जाता है और गीतों की तुलना में। गीत
मधुर है इसलिए हमने इसे पहले चुना है सुनने के लिए।




गीत के बोल:

लोग कहते हैं कि हम तुमसे किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं

तुमने जिस हाल-ए-परेशानी से निकला था हमें
आसरा दे के मोहब्बत का संभाला था हमें
सोचते हैं के वही
सोचते हैं के वही हाल दुबारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं

यूँ भी अब तुमसे मुलाक़ात अब नहीं होने की
मिल भी जाओ
मिल भी जाओ तो कोई बात नहीं होने की
आखिरी बार बस अब
आखिरी बार बस अब जिक्र तुम्हारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं

आखिरी बार ख्यालों में बुला लें तुमको
आखिरी बार कलेजे से लगा लें तुमको
और फिर अपने तड़पने
और फिर अपने तड़पने का नज़ारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें

लोग कहते हैं कि हम तुमसे किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं
.....................
Log kehte hain ki hum-Bahu Begum 1967

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