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Feb 18, 2016

भीगे होंठ तेरे-मर्डर २००४

आइये सुनें पाकिस्तानी गायक नज़म शेराज़ के गीत की देसी
कोपी. कॉपी को मैंने कोपी क्यूँ लिखा उसकी एक वजह है.
जिस बंदे ने मुझे सबसे पहले इसके बारे में बतलाया था
उसने एग्जैक्टली यही शब्द प्रयोग किया था. उसी की याद
में ये गीत उसी को समर्पित है.

ये कुणाल गांजावाला हैं जिनके गायन में गांजे सा नशा है.
ये एक नवयुवक के उदगार हैं जो कुणाल का एक बड़ा
फैन है. ये एक संयोग है, जो कुणाल का उपनाम ऐसा है.
अब कोई गायक का उपनाम बाटलीवाला होता तो भी हम
ऐसे ही कहते-उसकी गायकी में बाटली का नशा है ?

फिल्म का नाम डरावना है और इसमें ऐसे सेक्सी गीत की
उपस्थिति कल्पना से परे है.ऐसे धाँसू गीतों में तो विवरण
को भी तेल खरीदने भेज देना चाहिए, है न जी.

गीत किस ने लिखा है पता चलते ही हम आपको सूचित करेंगे.
संगीत ज़रूर अन्नू मलिक का है, यकीन से हम कह सकते
हैं, अरे भाई फिल्म के पोस्टर पर नाम पढ़ा था हमने. 



गीत के बोल:

भीगे होँठ तेरे, प्यासा दिल मेरा
लगे अब्र सा, हा, मुझे तन तेरा

जम के बरसा दे, मुझ पर घटाएं
तू ही मेरी प्यास, तू ही मेरा जाम
कभी मेरे साथ, कोई रात गुज़ार
तुझे सुबहा तक मैं हैं, करूँ प्यार हा

वो ओ ओ वो ओ ओ
वो ओ ओ वो ओ ओ

साँसें आँच तेरी, तन आग तेरा
छीने नींद मेरी, ए लूटे चैन मेरा
काला जादू करे लम्बे बाल तेरे
आँखें झील तेरी, डोरे लाल तेरे

कभी मेरे साथ कोई रात गुज़ार
तुझे सुबहा तक मैं हैं, करूँ प्यार

वो ओ ओ वो ओ ओ वो ओ ओ
ये वो ओ ओ

वो ओ ओ वो ओ ओ वो ओ ओ
ए वो ओ ओ

आँखें कह रहीं, जो ना हम कहें
उसे सुन ले तू, जो ना लब कहें
तू न सोये आज, मैं ना सोऊँ आज
तुझे देखूँ आज, तुझमें खोऊँ आज

कभी मेरे साथ कोई रात ग़ुज़ार
तुझे सुबहा तक मैं हैं, करूँ प्यार आ

वो ओ ओ वो ओ ओ वो ओ ओ
हो वो ओ ओ

भीगे होँठ तेरे, प्यासा दिल मेरा
लगे अब्र सा, हा, मुझे तन तेरा
......................................................................
Bheege honth tere-Murder 2004

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Jun 25, 2015

पाकीज़ा-ऊँगली २०१४

फिल्मों के नाम काफी लंबे समय से लीक से हट
कर रखे जाने लगे हैं. सन २००० के बाद तो नाम
ऐसे ऐसे सुनने को मिलते हैं कि आप दांतों तले
उँगलियाँ दबा लें. आज आपको ऊँगली फिल्म से
ही एक गीत सुनवाते हैं. ये सन २०१४ की फिल्म
है यानि पिछले साल की. गीत मनोज यादव ने
लिखा है और इसकी धुन के साथ गायकी भी की
है गुलराज सिंह ने.

ऊँगली फिल्म के निर्माता करन जौहर हैं. इसमें
इमरान हाशमी, कंगना रानावत और रणदीप हूडा
जैसे कलाकार हैं.




गीत के बोल:

ओ पाकीज़ा रे
नैनों से ये दिल गिरा रे
ओ पाकीज़ा रे

अब दिल में तू ही घिरा रे
बातें तेरी लब पहने तो
लबों से कई सजदे हों
इश्क़ तेरा मेरा रब से ज़्यादा
इश्क़ तेरा मेरा पाकीज़ा है ना
इश्क़ तेरा मेरा रब से ज़्यादा
तुझसे ही ये चाह है पाकीज़ा
पाकीज़ा, पाकीज़ा

नूर सी हँसी ये कहीं जो बरसाये तू
रूह की खुशी तू ये जी ना सहलाये तू
हश्र मेरा तू इब्तिदा, उन्स तेरा जावेदा
हो ज़िन्दगी कुछ नहीं तेरे बिना
इश्क़ तेरा..
ओ पाकीज़ा रे
................................
Pakeezah-Ungli 2014

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Jun 11, 2015

मैं वहाँ जहाँ पे तू है ओ जाना-राज़ २ २००९

आज आपको सुनवाते हैं राज़ २ फिल्म से एक गीत. ये गीत
ऊंचे सुर वाले गायक के के ने गाया है.

फिल्मस्टार इमरान हाशमी को सीरियल किसर कहा जाता है.
ये सुन कर उनको कैसा लगता है मालूम नहीं मगर कई
दर्शकों को ईर्ष्या अवश्य होती है उनकी किस्मत पर. शायद
फिल्म उद्योग के कुछ नायक भी ईर्ष्या के शिकार हों. कुछ
लोगों को ये शिकायत हो सकती है कि उन्हें इमरान जैसे रोल
क्यूँ नहीं मिले. ये ज़रूर है उनके परिवार वाले उनकी इस तरह
के प्रसिद्धि से खुश नहीं हैं. लेकिन, दर्शक उन्हें इसी रूप में
देखना चाहते हैं. वे नहीं होते तो कोई और होता. आज की पीढ़ी
के कई कलाकार उनके पद-चिन्हों पर चल पढ़े हैं.

ये तो समय की बात है. कुछ बॉलीवुड बोल्ड हो चला है और
कुछ हमारे देश का कल्चर. कभी कभी तो ऐसा प्रतीत होता
है ये कल्चर मानो खच्चर का भाई हो. सिम्बलिक है. खच्चर
बीच की प्रजाति का होता है-ना गधा ना घोडा.

राजनीति के साथ साथ कल्चर भी संक्रमण काल के दौर से
गुजर रहा है. वाइरल इन्फेक्शन की तरह ये अपने चरम पर
पहुंचेगा उसके बाद ही कुछ सुधार के लक्षण दिखलाई देना
प्रारंभ होंगे.

गीत कंगना रानावत और इमरान हाशमी पर फिल्माया गया
है. इसे सईद कादरी ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है
राजू सिंह ने. फिल्म के संगीत विभाग में पांच संगीतकारों
ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है.





गीत के बोल:

मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है ओ जाना
हर वक्त तू ही तू है हर सितम तू ही तू है ओ जाना
तू साथ मेरे हमदम चाहे कहीं भी हो ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है ओ जाना

दिन रात सोचता हूँ तुझे इतना प्यार मैं दूं
जो कभी उतर ना पाए तुझे वो खुमार दूं
मुझे ऐसा तू मिला है जैसे कि कोई दुआ है
तुझपे कोई आंच आये तो मैं खुद को भी जला लूं

हर दिन मुझी में तू है हर शब् बुझी में तू है
हर दिन मुझी में तू है हर शब् बुझी में तू है ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना ओ जाना

हर पल तुझे सम्भालूँ तेरे सारे गम उठा लूं
मेरा दिल तो यही चाहे तुझे रूह में सजा लूं
तेरा अक्स नूर सा है तू एक सुरूर सा है
दिलकश तेरी अदा का हर लम्हा मैं चुरा लूं
हर दम खुदी में तू है मेरी बेखुदी में तू है
हर दम खुदी में तू है मेरी बेखुदी में तू है
ओ जाना ओ जाना
ओ जाना ओ जाना
....................................................................
Main wahan jahan pe too hai-Raaz 2 2009

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Sep 1, 2013

कैसा ये राज़ है-राज़ २ २००९

सन २००० की फिल्म राज़ का सीक्वेल है राज़ २. इसमें नायक
हैं इमरान हाशमी. फिल्म के निर्देशक हैं मोहित सूरी.  गीत लिखा
है सईद कादरी ने और संगीत है नए निर्देशक प्रणय एम् रिजिया
का. गायक ज़रूर पहचाने से हैं-के के. फिल्म में ढेर सारे लोगों ने
संगीत दिया है और इसके गाने समीक्षकों के अनुसार सुनने लायक
हैं. हम भी सुन लेते हैं जी.

   
   


गीत के बोल:


रातों की तन्हाई में,
सुबहों की परछाई में हे हे हे
चेहरा है क्या ये मेरी आँखों में
खुशबू है क्या ये मेरी साँसों में
कैसा ये राज़ है जो के खुलता नहीं
क्यूँ मेरे जेहन में तू है ऐ अजनबी
हे हे हे हे हे हे हे हे हे
ओ हो हो ओ हो हो ओ हो हो हे हेई हे

होता है जो सवालों में
मिलता नहीं जवाबों में
रहता है जो ख्यालों में
अब तक है वो हिजाबों में
है दिल का ये कैसा मौसम
न धुप है न है शबनम
कैसा ये राज़ है जो के खुलता नहीं
क्यूँ मेरे जेहन में तू है ऐ अजनबी
हे हे हे हे हे हे हे हे हे
ओ हो हो ओ हो हो ओ हो हो हे हेई हे

रातों की तन्हाई में
सुबहों की परछाई में हे हे हे
चेहरा है क्या ये मेरी आँखों में
खुशबू है क्या ये मेरी साँसों में

जाने है क्या सितारों में
गर्दिश सी है इशारों में
पतझड़ सी है बहारों में
तूफ़ान सा है किनारों में
दस्तका सी है क्या ये हर दम
आहात सी है क्या ये हर दम
कैसा ये राज़ है जो के खुलता नहीं
क्यूँ मेरे जेहन में तू है ऐ अजनबी
हे हे हे हे हे हे हे हे हे
ओ हो हो ओ हो हो ओ हो हो हे हेई हे
.............................................................
Kaisa ye raaz hai-Raaz 2 2009

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