Showing posts with label Heer Ranjha. Show all posts
Showing posts with label Heer Ranjha. Show all posts

Dec 19, 2017

आग हवा मिट्टी और पानी-हीर रांझा १९९२

ऐतिहासिक प्रेम कथाएं समय समय पर फिल्म बनाने वालों
को आकर्षित करती हैं. ये नियमित रूप से तो नहीं मगर कुछ
अंतराल के बाद होता है.

हीर रांझा नामक एक फिल्म सन १९७० में आई थी जिसके
गीत काफी चर्चित हुए थे. ये सन १९९२ वाला संस्करण है और
इसी से एक गीत आज सुनते हैं जिसमें पञ्च तत्वों में से चार
का जिक्र गीत की पहली पंक्ति में है. पांचवा तत्व अंडरस्टुड है.

गीत आनंद बक्षी का है और संगीत लक्ष्मी प्यारे का. इसे गाया
है मोहम्मद अज़ीज़ ने.



गीत के बोल:

हो ओ ओ हो ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ हो ओ ओ हो ओ ओ
आग हवा मिट्टी और पानी
आग हवा मिट्टी और पानी
सारी दुनिया सदियों पुरानी
आग हवा मिट्टी और पानी
सारी दुनिया सदियों पुरानी
दुनिया में क्या सबसे पुराना
लोग कहें पत्थर का ज़माना
दुनिया में क्या सबसे पुराना
उससे पुराना प्यार हमारा
आ जा आ जा आ जा आ जा ओ आ जा
आ जा आ जा आ जा
आ जा दिल ने तुझको पुकारा
आ जा दिल ने तुझको पुकारा
आ जा आ जा आ जा
………………………………………………………..
Aag hawa mitti-Heer Ranjha 1992

Read more...

Aug 26, 2016

दो दिल टूटे दो दिल हारे-हीरा राँझा १९७०

एक अच्छे गीत की क्या परिभाषा है-मुझे तो अभी तक समझ
नहीं आई. कोई टेक्निकल परिभाषा नहीं है अच्छे गीत की. आपके
दिल को छू जाए वो अच्छा गीत-इससे मामला कुछ सिंपल हो
जाता है. अब ये दिल को छूने वाली मेलोडी कोम्प्लेक्स भी हो
सकती है और सिंपल भी.

हीरा रांझा(१९७०) के गीत बेहद लोकप्रिय हैं, आज भी. गीतकार
कैफी आज़मी ने कुछ जादुई गीत लिखे फिल्म के लिए. फिल्म के
सभी गीतों में से मुझे ये सबसे ज्यादा पसंद है उसकी वजह है-
इसका संगीत संयोजन भी दर्दीला है. कमबख्त किसी को भी इसे
परदे पर गाने के लिए दे दो उसकी आँखों से आंसू अपने आप
निकल आयेंगे, ग्लिसरिन लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इस गीत
ने बहुतों को रुलाया है और आज भी रुलाता है. सिनेमा हॉल में
जनता रुमाल भिगो दिया करती थी इस एक गीत पर.

गीत में जितना भी अभिनय किया है अभिनेत्री प्रिय राजवंश ने
वो काबिल-ए-तारीफ़ है. उस अभिनय की चरमावस्था आप देख
सकते हैं तीसरे अंतरे में जब वो ‘तड़पोगे तुम भी’ कह कर अपने
बाप के सीने से लिपट जाती है.

गीत में सितार और शहनाई का कातिलाना मिश्रण जो है वो इसके
निहित दर्द में ऐसे काम करता है जैसे आग में घी.




गीत के बोल

दो दिल टूटे दो दिल हारे
दुनिया वालों सदके तुम्हारे

देखेगी मुखड़ा अपना अब से जवानी दिल के दाग़ में
बरसेगा कैसे सावन कैसे पड़ेंगे झूले बाग़ में
बैन करेंगे ख़्वाब कुंवारे
दो दिल टूटे दो दिल हारे

मैं न रहूँगी लेकिन गूँजेंगे आहें मेरे गाँव में
अब न खिलेगी सरसों अब न लगेगी मेहंदी पाँव में
अब न उगेंगे चाँद सितारे
दो दिल टूटे दो दिल हारे

प्यार तुम्हारा देखा
देखा तुम्हारा आँखें मोड़ना
तोड़ के जाना दिल को खेल नहीं है दिल का तोड़ना
तड़पोगे तुम भी साथ हमारे
दो दिल टूटे दो दिल हारे
दुनिया वालों सदके तुम्हारे
दो दिल टूटे दो दिल हारे
....................................................................
Do dil toote do dil hare-Heera Ranjha 1970

Artists: Priya Rajvansh, Jayant

Read more...

Apr 3, 2009

मिलो न तुम तो -हीर रांझा १९७०

कैफी आज़मी के बोल, मदन मोहन की धुन और
लता मंगेशकर की आवाज़ , सभी कुछ है इस गाने में
और ये थोड़ा अलग हटके गीत है मदन मोहन के खजाने से।
ये एक सुपर हिट गीत है । फिल्माया गया है प्रिया राजवंश पर।
फ़िल्म का नाम हीर राँझा जिसमे राँझा की भूमिका निभाई
है राजकुमार ने । फ़िल्म चेतन आनंद की है, इसमे हीर की
भूमिका में प्रिया राजवंश है। गाने में राजकुमार की एक्टिंग
लाजवाब है ।



गाने के बोल:

मिलो न तुम तो हम घबराएं मिलो तो आँख चुराएं
हमें क्या हो गया है, हमें क्या हो गया है
तुम्ही को दिल का राज़ बताएं तुम्ही से राज़ छुपायें
हमें क्या हो गया है, हमें क्या हो गया है

ओ भोले साथिया ! देखी जो शोखी तेरे प्यार की
आँचल में भर ली हमने सारी बहारें संसार की
नई अदा से हम इतरायें पाई खुशी लुटाएं
हमें क्या हो गया है, हमें क्या हो गया है

ओ सोहणे जोगिया! रंग दे हमें भी इसी रंग में
फिर से सुना दे बंसी कलियाँ खिला दे गोरे अंग में
वही जो ताने आग लगायें उन्ही से आग बुझायें
हमें क्या हो गया है, हमें क्या हो गया है

मिलो न तुम तो हम घबराएं मिलो तो आँख चुराएं
हमें क्या हो गया है, हमें क्या हो गया है
....................................................................
Milo na tum to ham ghabrayen-Heera Ranjha 1970

Artist: Priya Rajvansh, Rajkumar

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP