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Jul 23, 2019

अब घर आ जा पिया मोरे-हासिल २००३

कुछ समय से म्यूज़िक वीडियो और फिल्मों में ऐसा
ट्रेंड देखने को मिला है जिसमें एक मोटी आवाज़ वाला
गायक गीत गाता मिलता है शास्त्रीय या उप-शास्त्रीय
अंदाज़ में और एक सुंदरी उस गीत पर अपनी भाव
भंगिमाएं प्रकट करती दिखलाई देती है. अक्सर ऐसे
गीत आपको तड़प और विरह वाले मिलेंगे.

ये रास्ता मेरे ख्याल से चिट्ठी ना कोई सन्देश गीत
से मिला है फ़िल्मी जनता को. बैकग्राउंड में बजता
खनकती आवाज़ वाला गीत जिसके वीडियो में नायिका
दिखती है. वो खनक वाली आवाज़ जगजीत सिंह की
है. फिर एक गीत आया ‘हुना हुना’ जो शुभा मुद्गल
का गाया हुआ है. शुभा मुद्गल की आवाज़ भी भारी है.
उसमें शास्त्रीय संगीत का वजन भी है. अच्छा म्यूज़िक
वीडियो है उस गीत का.

सुनते हैं जावेद अली का गाया एक गीत फिल्म हासिल
से. बोल इसरार अंसारी के हैं और जतिन ललित ने इस
गीत की धुन तैयार की है.



गीत के बोल:

अब घर आ जा पिया मोरे आ जा
अब घर आ जा पिया मोरे आ जा
तुम बिन कौन मोरा दुःख जाने
तुम बिन कौन मोरा दुःख जाने
अब घर आ जा पिया मोरे आ जा
तुम बिन कौन मोरा दुःख जाने
अब घर आ जा

काहे ऐसो निठुर भयो बता दे हो
काहे ऐसो निठुर निठुर
काहे ऐसो निठुर भयो बता दे हो
तुम बिन सावन जियरा जलावे
अब घर आ जा पिया मोरे आ जा
अब घर आ जा

हमसे छल ना करियो पिया मोरे
हमसे छल ना करियो पिया पिया पिया पिया
हम से छल ना करियो पिया मोरे
हमारी प्रीत है तुमरी पूजा
हमारी प्रीत है तुमरी पूजा
अब घर आ जा पिया मोरे आ जा
तुम बिन कौन मोरा दुःख जाने
तुम बिन कौन मोरा दुःख जाने
अब घर आ जा, घर आ जा
घर आ जा
..............................................................
Ab ghar aa ja piya-Haasil 2003

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Jun 17, 2017

ज़िन्दगी को नई ज़िन्दगी मिल गई-हासिल २००३

शब्दों के बाजीगर क्या क्या लिख जाएँ कुछ कह नहीं
सकते. इस गीत का ही उदाहरण ले लीजिए, जिंदगी
को जिंदगी मिल रही है जैसे आत्मा से आत्मा मिलती
है. ये कुछ कुछ वैसा ही है ऑक्सीजन से ऑक्सीजन
मिल गई, नाइट्रोजन से नाइट्रोजन मिल गई. ग्लूकोज
से ग्लूकोज मिल गया.

हासिल फिल्म का गीत है जो सन २००३ की एक फिल्म
है. उदित नारायण के साथ सोनाली वाजपेयी इसे गा
रही हैं. जतिन ललित संगीतकार हैं और गीत लिखा है
इसरार अंसारी ने.
   


गीत के बोल:

ज़िन्दगी को नई ज़िन्दगी मिल गई
एक शमा की जिसे आरज़ू थी उसे चाँदनी ही मिल गई
ज़िन्दगी को नई ज़िन्दगी मिल गई

चाहा था साथी सनम तुम जैसा तुम्हारी क़सम
ख़िज़ा छटते-छटते बहार आ गई
मुझे मेरी मंज़िल नज़र आ गई
दिल के तारों को जो छेड़ दे प्यार से रागिनी वो मिल गई
ज़िन्दगी को नई ज़िन्दगी मिल गई
ख़्वाब में जिसको मैं सोचती थी कभी आशिक़ी वो मिल गई
ज़िन्दगी को नई ज़िन्दगी मिल गई

साँसों में तूफ़ान है तू भी अभी अनजान है
जो ख़्वाहिश है उनसे भी ज़्यादा करें
जहाँ को भुलाने का वादा करें
हमने सोचा जहाँ आशियाँ हो वहाँ इक नदी भी मिल गई
पा के तुमको मुझे हर ख़ुशी मिल गई
रात तारों भरी और मुझे शाम भी
सुरमई सी मिल गई
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Zindagi se nayi zindagi-Haasil 2003

Artists:Jimmy Shergill, Hrishita Bhatt

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Sep 22, 2016

आँखें भी होती है-हासिल २००३

नए गीतों के प्रेमियों का अनुमान है अभिजीत की आवाज़ में पञ्च
है. कुछ तो है, उनके गाये गीत और गाय्कों से ज्यादा लोकप्रिय
होते हैं.

आज औंते हैं सन २००३ की फिल्म हासिल से एक मधुर गीत जिसे
लिखा है इसरार अंसारी ने और धुन है जतिन ललित की. गीत को
फिल्माया गया है जिमी शेरगिल और ऋषिता भट्ट पर. फिल्म का
निर्देशन किया है तिग्मांशु धूलिया ने.

हासिल फिल्म के गीत कई गीतकारों ने लिखे हैं. कई नए नाम है
मगर फिल्म के गीत सुनने लायक हैं. गायक भी ढेर सारे हैं जिनमें
अभिजीत और उदित नारायण केवल रेगुलर गायक हैं उस समय के
हिसाब से.




गीत के बोल:

आँखें भी होती है दिल की जुबां
आँखें भी होती है दिल की जुबां
बिन बोले कर देती है
हालत ये पल में बयां
आँखें भी होती है दिल की जुबां

ख़ामोशी भी तो प्यार में
रखती बहुत ही असर है
कब इश्क हो जाये यहाँ
दिल को कहाँ ये खबर है
दो दिल के ये सिलसिले
छुप सके है कहाँ
आँखें भी होती है दिल की जुबां
आँखें भी होती है दिल की जुबां

नींद आये ना जब आँखों में
बढ़ने लगे बेकरारी
शबनम को भी छूने से जब
महसूस हो चिंगारी
तो ऐसा क्यूँ लगता है
एक है ज़मीन आसमान
आँखें भी होती है दिल की जुबां
आँखें भी होती है दिल की जुबां
बिन बोले कर देती है
हालत ये पल में बयां
बिन बोले कर देती है
हालत ये पल में बयां
.....................................................................................
Aankhne bhi hoti hai-Haasil 2003

Artists: Jimmy Shergill, Hrishita Bhatt

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Jun 1, 2016

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए-सरफ़रोश १९९९

इस गीत के बोल झकझोरने वाला हैं. देश भक्ति के भाव जगाने
वाला ये गीत है सन १९९९ की फिल्म सरफ़रोश से. इसे जिन दो
गायकों ने गाया है वेहै-सोनू निगम और रूप कुमार राठौड. फिल्म
के निर्देशक है जॉन मैथ्यू मत्थन जिन्होंने एटनबरो की फिल्म
गांधी से बतौर सहायक निर्देशक अपनी शुरुआत की थी. उन्होंने
गोविन्द निहलानी के साथ भी काम किया और एड फ़िल्में भी
बनाईं.

फिल्म सरफ़रोश की काफी तारीफ हुई. फिल्म ने कई पुरस्कार भी
जीते. संगीत पक्ष भी फिल्म का काफी मज़बूत है. प्रस्तुत गीत
इसरार अंसारी ने लिखा है और इसकी धुन जतिन ललित ने बनाई
है.



गीत के बोल:

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
खो रहा चैन-ओ-अमन, खो रहा चैन-ओ-अमन
मुश्किलों में है वतन, मुश्किलों में है वतन
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों

एक तरफ प्यार है, चाहत है, वफादारी है
एक तरफ देश में धोखा है, गद्दारी है
बस्तियां सहमी हुई, सहमा चमन सारा है
ग़म में क्यूं डूबा हुआ आज सब नज़ारा है
आग पानी की जगह अब्र जो बरसाएंगे
लहलाते हुए सब खेत झुलस जायेंगे, जायेंगे, जायेंगे
खो रहा चैन-ओ-अमन, खो रहा चैन-ओ-अमन
मुश्किलों में है वतन, मुश्किलों में है वतन
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
चन्द सिक्कों के लिए, तुम ना करो काम बुरा
हर बुराई का सदा होता है अंजाम बुरा

जुर्म वालों की कहाँ उम्र बड़ी है यारों
इनकी राहों में सदा मौत खड़ी है यारों
ज़ुल्म करने से सदा ज़ुल्म ही हासिल होगा
जो न सच बात कहे वो कोई बुजदिल होगा
सरफरोशों ने लहू दे के जिसे सींचा है
ऐसे गुलशन को उजड़ने से बचा लो यारों
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों यारों यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
...................................................................
Zindagi maut na bane jaaye yaaron-Sarfarosh 1999

Artists-Sonali Bendre, Aamir Khan

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