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Feb 14, 2018

याद तेरी जिंदगी का-लैला मजनू १९५३

सन १९५३ की फिल्म लैला मजनू से एक गीत सुनते हैं. एक पोस्ट
पहले आपको सन १९७६ की लैला मजनू फिल्म से एक गाना सुनवाया
था.

आशा भोंसले ने इसे गाया है. शकील बदायूनीं के बोल हैं और गीत की
धुन है गुलाम मोहम्मद की. परदे पर इसे नूतन गा रही हैं. आशा के
कई पुराने और कुछ नए गीतों के बोल समझ पाना टेढ़ी खीर होता है.



गीत के बोल:

मैं तेरी शमा हूँ ऐ कैस तू परवाना है
तुझको दीवाना जो कहता है वो दीवाना है

याद तेरी जिंदगी का
याद तेरी जिंदगी का साज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का
दिल की हर धडकन तेरी
दिल की हर धडकन तेरी आवाज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का

तू उधर नाशाद है और मैं तडपती हूँ इधर
तू उधर नाशाद है और मैं तडपती हूँ इधर
हो सकी अब तक ना दुनिया को हकीकत की खबर
नाम पा कर भी मोहब्बत राज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का

क्यूँ भला धडके मेरा दिल इश्क के अंजाम से
क्यूँ भला धडके मेरा दिल इश्क के अंजाम से
याद करता है ज़माना मुझको तेरे नाम से
हर अदा मेरी तेरा अंदाज़ भन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का साज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का
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Yaa teri zindagi ka-Laila Majnu 1953

Artist: Nutan

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Feb 13, 2018

ये दावा आज-लैला मजनू १९७६

प्रेमी प्रेमिकाओं के ऐतिहासिक किस्से रोचक हैं तो दु:खद भी.
लैला मजनू की कहानी काफी प्रसिद्ध है और इसपर कई फिल्मों
का निर्माण हो चुका है.

आज सुनते हैं फिल्म का एक कम सुना गया गीत जिसे रफ़ी ने
गाया है. बोल साहिर के हैं और संगीत जयदेव का. मदन मोहन
के निधन के बाद जयदेव ने फिल्म के २-३ गीत कम्पोज किये
थे, ये शायद उन्हीं में से एक है.




गीत के बोल:

क़ज़ा ज़ालिम सही
ये ज़ुल्म वो भी कर नहीं सकती
जहाँ में क़ैस ज़िंदा है
तो लैला मर नहीं सकती

ये दावा आज ये दावा आज
ये दावा आज दुनिया भर से मनवाने की ख़ातिर आ
ये दावा आज दुनिया भर से मनवाने की ख़ातिर आ
ये दावा आज दुनिया भर से मनवाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है ज़िद
ये दीवाने की ज़िद
हाँ ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ

तेरे दर से मैं खाली लौट जाऊँ क्या क़यामत है
तेरे दर से
तेरे दर से मैं खाली लौट जाऊँ क्या क़यामत है
तू मेरी रूह का काबा
तू मेरी रूह का काबा मेरी जान-ए-इबादत है
मेरी जान-ए-इबादत है
ज़बीन-ए-शौक ज़बीन-ए-शौक
ज़बीन-ए-शौक के सजदों को अपनाने की ख़ातिर आ
ज़बीन-ए-शौक के सजदों को अपनाने की ख़ातिर आ
ज़बीन-ए-शौक के सजदों को अपनाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ

मेरी दीवानगी
मेरी दीवानगी की मेरी वहशत की क़सम तुझको
मेरी दीवानगी की मेरी वहशत की क़सम तुझको
मेरी दीवानगी
ग़ुरूर-ए-इश्क़ की नाज़-ए-मोहब्बत की क़सम तुझको
ग़ुरूर-ए-इश्क़ की नाज़-ए-मोहब्बत की क़सम तुझको
ज़माने को ज़माने को
ज़माने को वफ़ा की शान दिखलाने की ख़ातिर आ
ज़माने को वफ़ा की शान दिखलाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है ज़िद
ये दीवाने की ज़िद है ज़िद है ज़िद है ज़िद
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ

मैं तेरे हुस्न का सदका उतारूँ सामने आ जा
मैं तेरे हुस्न का सदका उतारूँ सामने आ जा
तू मेरे सामने आ जा तू मेरे सामने आ जा
गिरेबाँ धज्जियाँ कर कर के वारूँ सामने आ जा
गिरेबाँ धज्जियाँ कर कर के वारूँ सामने आ जा
शिकस्तापर शिकस्तापर
शिकस्तापर परेशाँ-हाल परवाने की ख़ातिर आ
शिकस्तापर परेशाँ-हाल परवाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ
ज़बीन-ए-शौक के सजदों को अपनाने की ख़ातिर आ
ज़माने को वफ़ा की शान दिखलाने की ख़ातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है अपने दीवाने की ख़ातिर आ
तू बस एक बार आ अपने दीवाने की ख़ातिर आ
तू बस एक बार आ अपने दीवाने की ख़ातिर आ
तू बस एक बार
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Ye daava hai aaj-Laila Majnu 1976

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Aug 6, 2016

चल दिया कारवां-लैला मजनू १९५३

सन १९५३ की लैला मजनू में मधुर गीत है जिन्हें संगीतकार
गुलाम मोहम्मद ने कम्पोज किया है. गुलाम मोहम्मद नौशाद
के असिस्टेंट के तौर पर काम करते रहे साथ साथ ही उन्होंने
कई फिल्मों में बतौर स्वतंत्र संगीतकार भी संगीत दिया और
उनका संगीत काफी रेंज वाला है जिसे आम संगीत प्रेमी शायद
नहीं समझ पाता. उन्होंने सोफ्ट किस्म के गीत बहुत उम्दा
किस्म के बनाये जिनकी तुलना आप किसी भी नामचीन और
ज्यादा सुने गए संगीतकार की धुनों से कम्पेयर कर सकते हैं.

इस फिल्म के बेहद चर्चित गीतों में से एक आपको सुनवाते
हैं जो शम्मी कपूर पर फिल्माया गया है. शकील बदायूनीं के
बोल है और आवाज़ तलत महमूद की.



गीत के बोल:

चल दिया कारवां लुट गए हम यहाँ तुम वहाँ
चल दिया कारवां लुट गए हम यहाँ तुम वहाँ
गिर पड़ी बिजलियाँ जल गया आशियां
उठ रहा है धुआँ
चल दिया कारवां

ओ जाने वाले ठहर ज़रा
फ़रियाद हमारी सुनता जा
दामन पे लिखी है अश्कों ने
रूदाद हमारी सुनता जा
जी सकेंगे न हम तुमसे होकर जुदा
जा मेरी ज़िंदगी तेरा हाफ़िज़ ख़ुदा
तेरा महमिल चला
आश्ते दिन चला
रह गई दास्ताँ

चल दिया कारवां लुट गए हम यहाँ तुम वहाँ
चल दिया कारवां
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Chal diya karwaan-Laila Majnu 1953

Artist: Shammi Kapoor, Nutan

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