Showing posts with label Omi. Show all posts
Showing posts with label Omi. Show all posts

Jul 7, 2018

सुन बलिये नी बलिये-ज़ुल्म का बदला १९८५

पंजाबी स्वाद वाला गीत पेश है सन १९८५ की फिल्म
ज़ुल्म का बदला से. इसे लिखा है कुलवंत जानी ने और
इसकी धुन तैयार की है सोनिक ओमी ने. इसे संगीतकार
जोड़ी में से एक ओमी ने चंद्राणी मुखर्जी संग गाया है

इसे किस पर फिल्माया गया है उस पर आप चाहें तो
रिसर्च कर सकते हैं, सारे साधन मौजूद है नेट पर.



गीत के बोल:

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
अपने पिया का अँगना सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तू सास ससुर को माँ बाप समझना
बिन कहे पति की हर बात समझना
और अगले बरस में तेरी गोद भरेगी
हर दिल पर जा के तू राज करेगी
हो साजन का दिल हरदम बहलना होगा
फूलो से वो गुलशन सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तुझे पा के अकेली अब पकड़ेंगे सैयां
और बाहों में कस के फिर जकड़ेंगे सैयां
तेरी मांग भरी है अब सेज सजेगी
तू आज कली है कल फूल बनेगी
हो पहले पहले थोडा शर्माना होगा
फिर सैयां के दिल में बस जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

मा बाप छूटेंगे दिलदार मिलेगा
ससुराल में तुझको हर प्यार मिलेगा
उस द्वार से भी दुःख अब दूर रहेंगे
जिस द्वार से बहना तेरा द्वार मिलेगा
ओ घर को अपने मंदिर बनाना होगा
मन मंदिर में पी को बिठाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नइ सजना के चलिये
................................................................
Sun baliye ni baliye-Zulm ka badla 1985

Artists:

Read more...

Oct 7, 2016

जय अम्बे जगदम्बे माता-ज्वाला डाकू १९८१

आज शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि है और आज के दिन माता के
स्वरुप कात्यायनी की पूजा और आराधना होती है. चारभुजा धारी
माता कात्यायनी सिंह पर सवार हैं और उनके एक हाथ में तलवार
दूसरे में कमल पुष्प है. दो हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में हैं.

इनकी आराधना विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में सफलता के अभिलाषी और
विवाह में विलम्ब वाले भी किया करते हैं. इसके अलावा इनकी भक्ति
भक्त के लिए सभी प्रकार के सुख प्राप्ति में सहायक होती है.

आज इस अवसर पर सुनते हैं सन १९८१ की फिल्म ज्वाला डाकू से
एक लोकप्रिय माता भजन. इसे कुलवंत जानी ने लिखा है और इस
भजन की धुन बनाई है सोनिक ओमी ने. इसे गाया हैं आशा भोंसले,
दिलराज कौर और ओमी ने.





भजन के बोल:

जग की रचना रचने वाली तेरे हाथ हज़ार
इस भाव सागर में हैं तेरे नाम से बेडा पार
मन में पाप कपट को लेकर बंद शीश झुकाए
फिर भी तेरे द्वार से माता खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए

जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए लाटा वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

तेरी मर्ज़ी से चलता है जग संसार ये सारा
पाप का भागी बनता है फिर क्यूँ इंसान बिचारा
मेरी माँ
मूरख ग्यानी और लुटेरे
सब हैं खेल खिलौने तेरे
किसको छोड़े किसको घेरे
तेरे रंग नियारे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

भक्त जनों की भीड़ भी है और फिरते हैं दरबान
आगे बढ़ कर कैसे ले लूं माता का वरदान
मेरी माँ
सबकी विपदा हरने वाली
सब पर किरपा करने वाली
सबकी झोली भरने वाली
मुझको भी रास्ता दिखा रे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

चन्दन का तुम तिलक लगाओ
माँ की पूजा का फल तुम पाओ
कैसे पाऊँ पूजा का फल
रोक रहा है माता का बल
हम माता के भक्त हैं बच्चा
खाली जाए हो नहीं सकता
कैसे पहुंचूं माँ चरणों तक
तुम ही दिखाओ कोई रास्ता
आगे बढ़ कर काम करो तुम
माता को परणाम करो तुम
ना मुझसे ये काम ना होगा
माता को परणाम न होगा
पिंजरे में एक बुलबुल प्यारी
देख रही है राह तुम्हारी
पूजा के ये फूल उगा लो
उस पंछी की जान बचा लो
.................................................................
Jai Ambe Jagdambe Mata-Jwala Daku 1981

Read more...

Oct 14, 2009

सजन तेरे प्यार में-महुआ १९६९

एक फ़िल्म आई थी महुआ जिसका रफी का गाया एक गीत
बहुत प्रसिद्ध हुआ था। उस फ़िल्म में कुछ और कर्णप्रिय नगमे हैं।
फ़िल्म के बारे में हम जान लें की इसकी अभिनेत्री अंजना मुमताज़
वही शख्सियत हैं जिन्होंने फ़िल्म मैंने प्यार किया में सलमान खान
की माँ की भूमिका निभाई है। ये गीत जो आपके सामने प्रस्तुत है
इसका डांस थोड़ा अनूठा है यूँ कहिये जब मैंने पहली बार देखा तो मुझे
समझ नहीं आया 'रॉक-एन-रोल' है या 'भांगडा'। डांस देख के ऐसे प्रतीत
होता था जैसे कलाकारों को पारिश्रमिक न मिला हो। जब तक मीटर पर
१.१६ के रीडिंग नहीं आ जाती तब तक समझ नहीं पड़ता कि यह विरह वेदना है जो
नृत्य के मध्यम से प्रस्तुत की जा रही है। अलबत्ता इस सारी कसरत के बाद
जो गीत है वो मधुर है और आशा भोसले इसमे 'फुल मार्क्स' की हकदार हैं।
रीडिंग ५.३४ के बाद फ़िर से वही शुरू वाला डांस आपको दिखाई पड़ेगा।




गाने के बोल:

सजन तेरे प्यार में
हुई मैं बर्बाद
रहे आबाद तू ढोला

सुनोजी मेरी प्रीत की
येही है फरियाद
न करना याद
तू ढोला

सजन तेरे प्यार में.....
हो .... महुआ

तुझे बनाया बालमा ये है मेरी थी खता
तुझे बनाया बालमा ये है मेरी थी खता
तेरा जिया था कहीं और है ये किसको था पता
मेरी आस की प्यास जगा के
मुझे प्यार का रोग लगा के
हुआ रे आबाद तू ढोला

सजन तेरे प्यार में
हुई मैं बर्बाद
रहे आबाद तू ढोला

सजन तेरे प्यार में.....
हो .... महुआ

तेरी खुशी में साजना अब मेरी है खुशी
तेरी खुशी में साजना अब मेरी है खुशी
रोये जो दिल तो क्या हुआ होंठों पे है हँसी
चाहे अरमान सताएं
हम देंगे तुझे ये दुआएं
रहे अब शाद तू ढोला

सजन तेरे प्यार में
हुई मैं बर्बाद
रहे आबाद तू ढोला

सुनोजी मेरी प्रीत की
येही है फरियाद
न करना याद
तू ढोला

सजन तेरे प्यार में.....
हो .... महुआ

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP