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Apr 23, 2020

ये उम्र ये मिज़ाज-ज़ुल्म का बदला १९८५

संगीतकार सोनिक ओमी के संगीत में सारे एलेमेंट्स मिल
जाते हैं. भक्ति गीत उन्होंने काफी सारे बनाये हैं साथ ही
फ़िल्मी कव्वालियां भी खूब बनाई. संगीत समीक्षकों के
पास समय नहीं रहा कि उनके संगीत पर ज्यादा कुछ
लिखें.

८० के दशक में लोकप्रियता के मामले में सोनिक ओमी
थोडा पिछड़ गये. एक वजह ये भी है फ़िल्मी/अफिल्मी
दोनों प्रकार की जनता का ध्यान उधर नहीं जा पाने की.

प्रस्तुत कव्वाली में महेंद्र कपूर के साथ हैं ख्यात कव्वाली
गायिका परवीन सबा. कुलवंत जानी की रचना है और
संगीतकार का नाम आप ऊपर पढ़ चुके हैं.

फिल्म में राकेश रोशन, अनिता राज, डैनी, शक्ति कपूर,
जगदीप और जगदीश राज जैसे कलाकार हैं.

गीत कुछ रेयर किस्म का है क्यूंकि इसमें शक्ति कपूर
को ढंग से गाने का मौका मिला है परदे पर. उनके
हिस्से ज्यादा कॉमेडी वाले गाने ही आये हैं वो भी कुछ
एक पंक्तियाँ. इसी साल की एक फिल्म मेरा जवाब
में एक युगल गीत उन्होंने गाया है. फिल्म के नायक
जैकी श्रॉफ़ हैं.



गीत के बोल:

ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे

तूने इस दिल पे ऐसा वार किया
तेरी चाहत ने बेक़रार किया
ढूंढते ढूंढते ठिकाने पर
आ गये हम सही निशाने पर
वक़्त का आज तू सिकंदर है
एक तूफ़ान मेरे अंदर हैं
मौज को मौज से टकराना है
आग को आग से बुझाना है

हां आ आ आ आ आ आ आ
तेरे लिए हमने मेरे बांके सितमगर
छोड़ी है शर्म लाज खुदा खैर करे
छोड़ी हैं शर्म लाज खुदा खैर करे
छोड़ी है शर्म लाज खुदा खैर करे

किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
खैर करे खैर करे खैर करे खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करें

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
अभी तक हसीनों जवां हैं वो गलियाँ
जहाँ हमने अपनी जवानी लुटा दी
मोहब्बत में लुट जाते हैं दीं-ए-इमां
बड़ा तीर मारा जवानी लुटा दी
ये नज़र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये नज़र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
हम पे ही चोट आज खुदा खैर करे

हम पे ही चोट आजखुदा खैर करे

ये नहीं चोट ये हकीकत हैं
हमको सच बोलने की आदत हैं
नाम बदला है देश बदला है
तेरी खातिर ये भेष बदला है
आ गये आज तेरी महफ़िल  में
ले के जज़्बात ये अपने दिल में
सर तेरा आज तो झुकाना हैं
ये तमाशा तुझे दिखाना हैं

कौन किसको झुकाये देखेंगे
तेरी जुल्फों के साये देखेंगे
ये बदन कांच का बिल्लौरी हैं
एक रेशम की कच्ची डोरी हैं
इसको एक बार जब भी पकड़ेंगे
अपनी बाहों में कस के जकडेंगे
ये चलन तेरा छूट जायेगा
हर भरम तेरा तूट जाएगा
हो हो हो हो हो हो
हमको झुकाने वाले तुझे ये खबर भी है
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे

किसका हैं क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका हैं क़त्ल आज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे

कैसे मैदान में तू आयेगी
बोल किस तरह आजमायेगी
फ़ैज़ इजहार में क्या रखा हैं
छोड़ तकरार में क्या रखा हैं
फिर बता आगे क्या इरादा हैं
पूरा होगा ये अपना वादा हैं

प्यार की दिल में प्यास रखता है
यूं उससे मिलने की आस रखता है
तूने इस दिल की बात कह दी हैं
अपने होठों के साथ कह दी है
रात को आँख खुली फिजाओं में
चाँद की ठंडी ठंडी छाँव में
उन फिजाओ में बोल क्या होगा
उन हवाओं में बोल क्या होगा
अपनी बाहों का सहारा दूंगी
तुझको जन्नत का नज़ारा दूंगी

आ आ आ आ आ आ आ
हम हैं वो मसीहा तेरे हर एक रोग का
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
………………………………………………..
Ye umar ye mizaaj-Zulm ka badla 1985

Artists: Anita Raj, Shakti Kapoor

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Jul 7, 2018

सुन बलिये नी बलिये-ज़ुल्म का बदला १९८५

पंजाबी स्वाद वाला गीत पेश है सन १९८५ की फिल्म
ज़ुल्म का बदला से. इसे लिखा है कुलवंत जानी ने और
इसकी धुन तैयार की है सोनिक ओमी ने. इसे संगीतकार
जोड़ी में से एक ओमी ने चंद्राणी मुखर्जी संग गाया है

इसे किस पर फिल्माया गया है उस पर आप चाहें तो
रिसर्च कर सकते हैं, सारे साधन मौजूद है नेट पर.



गीत के बोल:

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
अपने पिया का अँगना सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तू सास ससुर को माँ बाप समझना
बिन कहे पति की हर बात समझना
और अगले बरस में तेरी गोद भरेगी
हर दिल पर जा के तू राज करेगी
हो साजन का दिल हरदम बहलना होगा
फूलो से वो गुलशन सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तुझे पा के अकेली अब पकड़ेंगे सैयां
और बाहों में कस के फिर जकड़ेंगे सैयां
तेरी मांग भरी है अब सेज सजेगी
तू आज कली है कल फूल बनेगी
हो पहले पहले थोडा शर्माना होगा
फिर सैयां के दिल में बस जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

मा बाप छूटेंगे दिलदार मिलेगा
ससुराल में तुझको हर प्यार मिलेगा
उस द्वार से भी दुःख अब दूर रहेंगे
जिस द्वार से बहना तेरा द्वार मिलेगा
ओ घर को अपने मंदिर बनाना होगा
मन मंदिर में पी को बिठाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नइ सजना के चलिये
................................................................
Sun baliye ni baliye-Zulm ka badla 1985

Artists:

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May 21, 2017

जोगी तेरे प्यार में-सूर्यवंशी १९९२

फिल्म सूर्यवंशी से एक मधुर गीत आप सुन चुके हैं पहले
जो फिल्म के सबसे चर्चित गीतों में से एक है. अब सुनते
हैं दूसरा चर्चित गीत. ९० के दशक के गुजरते गुजरते लता
और आशा की आवाजें कम सुनाई देने लगीं फ़िल्मी गीतों
में. आशा भोंसले के कुछ गीत अलबत्ता सुनाई दिए. नए
संगीतकारों ने धीरे धीरे नई गायिकाओं को मौका देना शुरू
कर दिया.

प्रस्तुत गीत आशा भोंसले और उदित नारायण की आवाजों
में है. गीत कुलवंत जानी का लिखा हुआ है और इसका संगीत
आनंद मिलिंद ने तैयार किया है.




गीत के बोल:


जहरी बिछुआ ने काटा है
जोगन तेरी मर जायेगी
बाद में जब तू तड़पेगा
तेरी तड़प उसे तड़पायेगी

जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी
जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी
मर ना जाऊं मैं कहीं बिछुआ काट गया
तन बदन में है जलन प्यार का है ज़हर चढ़ा
जान दे दूँगी मगर तुझे कभी जाने ना दूँगी

हौले हौले सगरे तन में ज़हर फ़ैल ना जाए
वैद हकीम बुला ले कोई कर ले आज उपाय
हौले हौले सगरे तन में ज़हर फ़ैल ना जाए
वैद हकीम बुला ले कोई कर ले आज उपाय
राम रहीम मेरा कृष्ण करीम मेरा
तू ही तू है ओ पिया बस हकीम मेरा
जान दे दूँगी मगर तुझे कहीं जाने ना दूँगी

जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी
जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी

तेरे तन का ज़हर कैसे मेरे मन में आया
छोड़ दे मेरा हाथ किसी ने शायद मुझे बुलाया
तेरे तन का ज़हर कैसे मेरे मन में आया
छोड़ दे मेरा हाथ किसी ने शायद मुझे बुलाया
मैंने पाया है जनम तुझको पाने के लिए
तेरी चौखट है मेरा सर झुकाने के लिए
जान दे दूँगी मगर तुझे कहीं जाने ना दूँगी

जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी
जोगी तेरे प्यार में लुट जायेगी मर जायेगी
मिट जायेगी जोगन तेरी
………………………………………………………..
Jogi tere pyar mein-Sooryavanshi 1992

Artists: Sheeba, Salman Khan

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Mar 13, 2017

दिल दिया है यार ने-लाल चुनरिया १९८३

दुर्लभ और कर्णप्रिय गीतों की श्रृंखला में अगला गीत पेश
है सन १९८३ की एक अनजान फिल्म लाल चुनरिया से.

आम जनता के बीच लोकप्रिय हुए इस गीत को गाया 
है चंद्राणी मुखर्जी ने. इस गीत का संगीत तैयार किया है
श्यामजी घनश्यामजी ने. कुलवंत जानी ने फिल्म के गीत
लिखे हैं. परिक्षीत साहनी, ज़रीना वहाब, अरुण गोविल
और मिथुन फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं.




गीत के बोल:

आ जे के तेरी राह में पलकें बिछा के हम
बैठे हैं इंतज़ार की शमा जला के हम
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
दिल से रखेंगे लगा कर हम निशानी यार की
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
मेहरबानी यार की

आज तक तो सर झुकना था खुदा के सामने
झुक गया है खुद-ब-खुद जान-ए-वफ़ा के सामने
आज तक तो सर झुकना था खुदा के सामने
झुक गया है खुद-ब-खुद जान-ए-वफ़ा के सामने
मान की है दिल ने मेरे
मान की है दिल ने मेरे हुक्मरानी यार की
दिल से रखेंगे लगा कर हम निशानी यार की
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
मेहरबानी यार की

हम तो बस एक कांच का टूटा हुआ टुकड़ा ही थे
यार ने ऐसा तराशा कर दिया हीरा उसे
हम तो बस एक कांच का टूटा हुआ टुकड़ा ही थे
यार ने ऐसा तराशा कर दिया हीरा उसे
कैसे भूलेंगे भला हम
कैसे भूलेंगे भला हम कदरदानी यार की
दिल से रखेंगे लगा कर हम निशानी यार की
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
दिल से रखेंगे लगा कर हम निशानी यार की
दिल दिया है यार ने तो मेहरबानी यार की
मेहरबानी यार की
..................................................................
Dil diya hai yaar ne-Lal chunariya 1983

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Oct 7, 2016

जय अम्बे जगदम्बे माता-ज्वाला डाकू १९८१

आज शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि है और आज के दिन माता के
स्वरुप कात्यायनी की पूजा और आराधना होती है. चारभुजा धारी
माता कात्यायनी सिंह पर सवार हैं और उनके एक हाथ में तलवार
दूसरे में कमल पुष्प है. दो हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में हैं.

इनकी आराधना विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में सफलता के अभिलाषी और
विवाह में विलम्ब वाले भी किया करते हैं. इसके अलावा इनकी भक्ति
भक्त के लिए सभी प्रकार के सुख प्राप्ति में सहायक होती है.

आज इस अवसर पर सुनते हैं सन १९८१ की फिल्म ज्वाला डाकू से
एक लोकप्रिय माता भजन. इसे कुलवंत जानी ने लिखा है और इस
भजन की धुन बनाई है सोनिक ओमी ने. इसे गाया हैं आशा भोंसले,
दिलराज कौर और ओमी ने.





भजन के बोल:

जग की रचना रचने वाली तेरे हाथ हज़ार
इस भाव सागर में हैं तेरे नाम से बेडा पार
मन में पाप कपट को लेकर बंद शीश झुकाए
फिर भी तेरे द्वार से माता खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए

जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए लाटा वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

तेरी मर्ज़ी से चलता है जग संसार ये सारा
पाप का भागी बनता है फिर क्यूँ इंसान बिचारा
मेरी माँ
मूरख ग्यानी और लुटेरे
सब हैं खेल खिलौने तेरे
किसको छोड़े किसको घेरे
तेरे रंग नियारे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

भक्त जनों की भीड़ भी है और फिरते हैं दरबान
आगे बढ़ कर कैसे ले लूं माता का वरदान
मेरी माँ
सबकी विपदा हरने वाली
सब पर किरपा करने वाली
सबकी झोली भरने वाली
मुझको भी रास्ता दिखा रे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

चन्दन का तुम तिलक लगाओ
माँ की पूजा का फल तुम पाओ
कैसे पाऊँ पूजा का फल
रोक रहा है माता का बल
हम माता के भक्त हैं बच्चा
खाली जाए हो नहीं सकता
कैसे पहुंचूं माँ चरणों तक
तुम ही दिखाओ कोई रास्ता
आगे बढ़ कर काम करो तुम
माता को परणाम करो तुम
ना मुझसे ये काम ना होगा
माता को परणाम न होगा
पिंजरे में एक बुलबुल प्यारी
देख रही है राह तुम्हारी
पूजा के ये फूल उगा लो
उस पंछी की जान बचा लो
.................................................................
Jai Ambe Jagdambe Mata-Jwala Daku 1981

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Sep 29, 2015

गुड बाय नमस्ते सलाम-सूर्यवंशी १९९२

फिल्म सूर्यवंशी से शायद सर्वाधिक लोकप्रिय गीत यह है जो आज
हम आपो सुनवा रहे हैं. अमित कुमार का गाया ये गीत संगीत के
कदरदानों ने एक न एक बार अवश्य ही सुना होगा. इसे लिखा है
कुलवंत जानी ने और इसका संगीत तैयार किया है आनंद मिलिंद
ने.    

सलमान खान के लगभग सभी फिल्मों के गीत लोकप्रिय रहे हैं सिवा
कुछ फिल्मों के. किसी किसी फिल्म के सारे गाने हिट हुए हैं. ये
उनकी शुरूआती फिल्मों में से एक है. शुरूआती फिल्मों में से एक
है-कुर्बान और दूसरी सनम बेवफा जिसके सारे गाने हिट थे. गीतकार
ने शब्द “जानी” ज़रूर यहाँ प्रयोग किया है.




गीत के बोल:


तू ही दिलवर जानी है सांवरिया है
हम में से हर एक तेरी बाँवरिया है
ना ना ना ना ना ना ना ना ना ना

मैं एक झोंका हूँ ठंडी पवन का
आज़ाद पंछी हूँ नीलगगन का
मैं एक झोंका हूँ ठंडी पवन का
आज़ाद पंछी हूँ नीलगगन का
हंसना है मेरा मुहाल हसीनों
फेंको ना मुझपे जाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
मैं एक झोंका हूँ ठंडी पवन का
आज़ाद पंछी हूँ नीलगगन का
हंसना है मेरा मुहाल हसीनों
फेंको ना मुझपे जाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल

हूरों को मेरी सलामी समझें न मुझको आसामी
हूरों को मेरी सलामी समझें न मुझको आसामी
है फैसला मेरे दिल का करनी नहीं है गुलामी
गलेगी किसी की न दाल
हसीनों फेंको ना मुझपे जाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
मस्त जवानी प्यारे आनी जानी है
कर ले हमसे प्यार ये दुनिया फानी है

भंवरा भी कुछ गुनगुनाये कोयल भी नगमे सुनाये
भंवरा भी कुछ गुनगुनाये कोयल भी नगमे सुनाये
चंपा चमेली गुलाबी हर मोड पर हुस्न गाये
ये देश है बेमिसाल हसीनों
फेंको न मुझपे जाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
गुड बाय नमस्ते सलाम सत् श्री अकाल
…………………………………………………………..
Good bye namaste salaam-Sooryavanshi 1992

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Mar 26, 2015

भेजा है बुलावा-माता भजन

आज नवरात्रि के अवसर पर सुनते हैं एक देवी भजन
इस बाबला मेहता ने गाया है. संभवतः ये उनका गाया
हुआ सबसे प्रसिद्ध देवी भजन है. बोल आपको बाद में
उपलब्ध कराये जायेंगे. भजन के बोल कुलवंत जानी
के हैं और धुन बनाई है आदेश श्रीवास्तव ने.




भजन के बोल:

भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये

भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
ओ मैया तेरे दरबार में, हाँ
तेरे दीदार को मैं आऊँगा
कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
नी तुसिये ज्योतावालिये लाटावालिये

तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी
जाएँ कहाँ ये दर छोड़ के, हाँ छोड़ के
हो, तेरे ही संग बाँधी भक्तों ने डोरी
सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़े के
शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
पौड़ावालिये नी माता लाटावालिये

हो, भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
नी तुसिये ज्योतावालिये लाटावालिये

फूलों में तेरी ही खुशबू है मैया
चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी
हाँ, तेरे ही नूर से है नैनों की ज्योतियां
सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी
शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
पौड़ावालिये नी माता लाटावालिये

हो, भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
ओ मैया तेरे दरबार में, हाँ
तेरे दीदार को हम आयेंगे
कभी न फिर जायेंगे


भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये
शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
पौड़ावालिये नी माता लाटावालिये
हो शेरावालिये नी माता ज्योतावालिये
नी तुसिये, पौड़ावालिये नी माता लाटावालिये
…………………………………………………
Bheja hai bulawa-Mata Bhajan

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Sep 2, 2010

मेरा सलाम ले लो-मेरा सलाम १९७९

एक दुर्लभ गीत सुनवाया जाए आपको। मोहम्मद रफ़ी का गाया ये गीत मुझे
पसंद है। कोई विशेष वजह नहीं पर जब पहली बार सुना था तभी ये जुबां पर चढ़ गया।
इसको संगीतबद्ध किया है एक प्रतिभावान संगीतकार ने जिनका नाम है राजकमल ।
इस फिल्म का नाम आपने पहले नहीं सुना होगा ऐसा मेरा ख्याल है। हालाँकि १९५७
में भी इसी नाम की एक फिल्म बनी थी उसको भी इस फिल्म की तरह दर्शकों का
सलाम नहीं मिला। १९५७ की फिल्म में हफीज खान का संगीत था और भारत भूषण
फिल्म में एक कलाकार थे।

गीत लिखा है कुलवंत जानी ने और मुझे उस नायक का नाम मालूम नहीं जिसपर
इसे फिल्माया गया है।



गीत के बोल:

सिजदे दर-ए-महबूब के काम आने लगे हैं
खामोश निगाहों के सलाम आने लगे हैं

आया हूँ मेरे दिलबर तेरे अंजुमन में लेकर
ये वफ़ा का जाम ले लो
ये वफ़ा का जाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

सिजदे दर-ए-महबूब के काम आने लगे हैं
खामोश निगाहों के सलाम आने लगे हैं

आया हूँ मेरे दिलबर तेरे अंजुमन में लेकर
ये वफ़ा का जाम ले लो
ये वफ़ा का जाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

मेरे दिल में आरजू थी
एक शम्मा जल रही है
मेरे दिल में आरजू थी
एक शम्मा जल रही है

तेरी बंदगी की हसरत
मेरे दिल में पल रही है

ओ मेरा सर झुके जहाँ पर
मेरा सर झुके जहाँ पर
तुम वहीँ मुकाम ले लो
तुम वहीँ मुकाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

हो ओ ओ ओ ओ ओ,
हो ओ ओ ओ ओ ओ

यही इल्तिजा करूंगा
आज अपने मेहरबान से
यही इल्तिजा करूंगा
आज अपने मेहरबान से

मेरे लब ना कह सकेंगे
जिसे उम्र भर जुबां से

ओ मेरी बेजुबान नज़र से
ओ मेरी बेजुबान नज़र से
वो हसीं कयाम ले लो
वो हसीं कयाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

मैं खुदा को ढूंढ लाया
यूँ तुझे तलाश कर के
मैं खुदा को ढूंढ लाया
यूँ तुझे तलाश कर के

के बना लिया है हीरा
के बना लिया है हीरा
शीशा तराश कर के

मैं तुम्हारा नाम लूँगा
मैं तुम्हारा नाम लूँगा
तुम खुदा का नाम ले लो
तुम खुदा का नाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

आया हूँ मेरे दिलबर तेरे अंजुमन में लेकर
ये वफ़ा का जाम ले लो
ये वफ़ा का जाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो
मेरा सलाम ले लो

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Feb 26, 2010

तुम सामने बैठे रहो-इकरार १९७९

सन १९७९ की फिल्म इकरार से एक और कर्णप्रिय गीत पेश है। यह गीत
लता मंगेशकर का गाया हुआ है। ये भी एक कम सुना हुआ गीत है।
बप्पी लहरी ने भी दुसरे संगीतकारों की तरह लता मंगेशकर के लिए
बढ़िया धुनें बनाने की कोशिश की है। पिआनो की आवाज़ वाला ये गीत
शांत किस्म का है। कुलवंत जानी के बोलों को धुन प्रदान की है बप्पी लहरी ने।



गीत के बोल:

तुम सामने बैठे रहो पलकें मेरी जम जाएं
तुम सामने बैठे रहो पलकें मेरी जम जाएं
हसरत है ये घड़ियाँ जब आएं तो थम जाएं

तुम सामने बैठे रहो पलकें मेरी जम जाएं

तुमसे ही मोहब्बत है तुम पर ही अक़ीदत है
ऐ जान-ए-तमन्नाई ये बात हक़ीक़त है
अब छोटे से इस दिल में ये छोटी सी हसरत है

तुम सामने बैठे रहो पलकें मेरी जम जाएं
हसरत है ये घड़ियाँ जब आएं तो थम जाएं
तुम सामने बैठे रहो

आए न कभी दूरी कोई न हो मजबूरी
तोहफ़ा है यही मेरा रहे माँग ये सिन्दूरी
आए न कभी दूरी कोई न हो मजबूरी
तोहफ़ा है यही मेरा रहे माँग ये सिन्दूरी
मेरे दिल की दुआ है के हो आस मेरी पूरी

तुम सामने बैठे रहो पलकें मेरी जम जाएं
हसरत है ये घड़ियाँ जब आएं तो थम जाएं
तुम सामने बैठे रहो

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साथी रे गम नहीं करना-इकरार १९७९

राकेश रोशन और रामेश्वरी की जोड़ी ?? चौंक गए ना। उसपर
राकेश रोशन रफ़ी की आवाज़ पे होंठ हिलाए तो थोडा चौंकना
स्वाभाविक है। राकेश रोशन को अधिकतर किशोर के गाये गाने
मिले हैं। ये थोडा अलग सा गीत है जो फिल्म आने के आस पास
रेडियो पर बहुत बजा करता था। उसके बाद ये एकदम से बजना
बंद हो गया। गीत कर्णप्रिय है और बप्पी लहरी ने इसकी धुन बनाई
है। फिल्म ज्यादा नहीं चली थी इसलिए जनता इसे देखने से लम्बे
समय तक वंचित रही। फिल्म की वी सी डी बाज़ार में आने के बाद
ही अधिकांश को इसे देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रामेश्वरी फिल्मों
में अपनी घरेलू लड़की की सूरत के चलते ज्यादा नहीं दिखाई दीं।
पारिवारिक फिल्म 'दुल्हन वही जो पिया मन भाए' जैसी सफलता
उनको आगे फिर कभी देखने को नहीं मिली। ये एक प्रेरणादायक
गीत है जिसे आप महसूस करेंगे इसको सुनने के बाद।



गीत के बोल:

साथी रे गम नहीं करना
जो भी हो आहें ना भरना
साथी रे गम नहीं करना
जो भी हो आहें ना भरना

जीवन है एकतारा
जिसका हर सुर प्यारा

साथी रे गम नहीं करना
जो भी हो आहें ना भरना

दुःख सुख तो है धन की छाया
रमता जोगी बहता पानी
बीते कल का सोग मानना
रोग लगाना है नादानी

हाथों में हाथ ले
हाथों में हाथ दे
पार हो जीवन धारा

साथी रे गम नहीं करना


चार घडी का झोंका है बस
गहरी काली रात का डेरा
आज तो सूरज डूब रहा है
फिर आएगा लेके सवेरा

हाथों में हाथ ले
हाथों में हाथ दे
पार हो जीवन धारा

साथी रे गम नहीं करना

फूल की माना उम्र है थोड़ी
जितनी भी है महक भरी है
वैसे ही तू हंस के जी ले
जीवन तेरा जो बाकी है

हाथों में हाथ ले
हाथों में हाथ दे
पार हो जीवन धारा

ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला

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Dec 15, 2009

मेरी हसरतों की दुनिया-गाल गुलाबी नैन शराबी - १९७३

१९७३ में जीवन पुत्र किरण कुमार बहुतेरी हिन्दी फिल्मों में
दिखाई दिए। प्रारब्ध में चर्चित जवानी नहीं थी सो अधेड़ आयु
में उनको यश एवं प्रसिद्धि प्राप्त हुए। फ़िल्म से एक गाना है जो
संगीत रसिकों को पसंद आया। मोहम्मद रफ़ी और कृष्णा कल्ले
ने इस युगल गीत को गाया है। एक संगीत प्रेमी ने मुंबई स्थित
रफ़ी चौक की फोटो लगा के इस गाने का ऑडियो यू ट्यूब पर डाला
है। गीत को एक गुमनाम से संगीतकार श्यामजी घनश्यामजी ने
संगीत से नवाज़ा है।

गीत  का वीडियो भी उपलब्ध है उसे देखिये। 



गीत के बोल:

मेरी हसरतों की दुनिया
तू मिले कहीं जो मुझको
सीने से लगा लूं तुझको

मेरी हसरतों कि दुनिया
मेरी हसरतों की दुनिया

तू मिले कहीं जो मुझको
सीने से लगा लूं तुझको

मेरी हसरतों की दुनिया
मेरी हसरतों की दुनिया

प्यार तेरा इश्क मेरा
कोई मिट जाने की शय नहीं है
तू मिलेगी मेरे दिल को
आज भी तो ये पूरा यकीन है
तू जहाँ है
तू जहाँ है प्यार मेरे
तू जहाँ है प्यार मेरे
मेरे ख्वाबों कि मंजिल वही है

मेरी हसरतों की दुनिया
मेरी हसरतों की दुनिया

हो हो ओ ओ ओ

मेरे दिलवर ज़िन्दगी भर
नाम तेरा रहेगा जुबां पर
सर झुकेगा उस जगह पर
पांव तेरे पड़ेंगे जहाँ पर
पूरे होंगे सारे वादे
पूरे होंगे सनम सारे वादे
वो जो आपस में हमने किये हैं

मेरी हसरतों की दुनिया
मेरी हसरतों की दुनिया
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Meri hastaron ki duniya-Gaal gulabi nain sharabi  1973

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