Showing posts with label Phir Subah Hogi. Show all posts
Showing posts with label Phir Subah Hogi. Show all posts

Oct 6, 2017

आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम-फिर सुबह होगी १९५८

व्यावसायिक चाशनी में लिपटे लटकऊ झटकऊ फ़िल्मी
आदर्शवाद को समझने में कभी कभी थोडा वक्त लग जाता
है. हाँ, स्क्रिप्ट के पेंचों में अटके साहिर के गीतों को
समझने में ज़रा भी वक्त नहीं लगता. फिल्म कैसी भी
रही हो उन्होंने गीतों में अपने पञ्च ज़रूर मारे हैं. ये
गीत आखिरी अंतरे में कुछ इस मोड में है-हमें क्या लेना
देना.

मुकेश के गाये सार्थक गीतों में से एक जिसकी धुन बनाई
है खय्याम ने, राज कपूर पर फिल्माया गया है.



गीत के बोल:

आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
आजकल वो इस तरफ़ देखता है कम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम

आजकल किसी को वो टोकता नहीं,
चाहे कुछ भी कीजिये ये रोकता नहीं
हो रही है लूटमार फट रहे हैं बम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
आजकल वो इस तरफ़ देखता है कम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम

किसको भेजे वो यहाँ हाथ थामने
इस तमाम भीड़ का हाल जानने
आदमी हैं अनगिनत देवता हैं कम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
आजकल वो इस तरफ़ देखता है कम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम

जो भी है वो ठीक है ज़िक्र क्यों करें
हम ही सब जहाँ की फ़िक्र क्यों करें
जो भी है वो ठीक है ज़िक्र क्यों करें
हम ही सब जहाँ की फ़िक्र क्यों करें
जब उसे ही ग़म नहीं तो क्यों हमें हो ग़म
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
आजकल वो इस तरफ़ देखता है कम
आसमाँ पे है खुदा और ज़मीं पे हम
……………………………………………………..
Aasman pe hai khuda-Phir subah hogi 1958

Artist: Raj Kapoor

Read more...

Sep 21, 2015

जिस प्यार में ये हाल हो-फिर सुबह होगी १९५८

साहिर लुधियानवी के लिखे हुए ६६ गीत अभी तक आपको
सुनवा चुके हैं इस ब्लॉग पर. सन १९५८ की एक फिल्म है
फिर सुबह होगी. काफी रिवोल्युशनरी किस्म के गीत हैं इस
फिल्म के. धुनें भी दमदार बनायीं हैं खय्याम ने. कुल मिला
के ज्यादा पैसे वसूल वाले गीत हैं. प्रस्तुत गीत भी एक प्रकार
से आशिकों और यारों पर कहीं मखमल कहीं बिना मखमल
के दे-दना-दन देता सा प्रतीत होता है. सिकंदर और कबूतर
का अच्छा एग-जाम-फल दिया गया है गीत में.

यार तीन तरीके से ज्यादा बोर कर सकते हैं-चुटकुले सुना के,
गीत शेर-शायरी सुना के या अपनी कहानी सुना के. उसके
अलावा बोर करने के बहुत से सामान मौजूद हैं.

गौरतलब है फिल्म त्रिशूल का गीत-मोहब्बत बड़े काम की चीज़
है भी साहिर का लिखा हुआ है. संयोग से उस फिल्म का संगीत
भी खैय्याम ने तैयार किया है. मेरा अनुमान है अगर साहिर के
साथ खैय्याम की जुगलबंदी लगातार चली होती तो हमें कुछ
और अनमोल और नायब किस्म के रत्न मिल जाते सुनने के
लिए.  गीत मुकेश संग मोहम्मद रफ़ी ने गाया है. गीत इन
कलाकारों पर फिल्माया गया है -राज कपूर, माला सिन्हा और
रहमान.

चलते चलते वही सैकड़ों बार सुना हुआ जुमला दोहरा देते हैं
आपके लिए, साहिर का है अंदाज़-ए-बयां और.................



गीत के बोल:

फिरते थे जो बड़े ही सिकंदर बने हुये
बैठे हैं उनके दर पे कबूतर बने हुये
जिस प्यार में ये हाल हो उस प्यार से तौबा
तौबा, उस प्यार से तौबा
जो बोर करे यार को उस यार से तौबा
तौबा, उस यार से तौबा

हमने भी ये सोचा था कभी प्यार करेंगे
छुप-छुप के किसी शोख हसीना पे मरेंगे
देखा जो अज़ीज़ों को मुहब्बत में तड़पते
दिल कहने लगा, हम तो मुहब्बत से डरेंगे
इन नरगिसी आँखों के छुपे वार से तौबा
जो बोर करे यार को उस यार से तौबा
तौबा, उस यार से तौबा
जिस प्यार में ये हाल हो उस प्यार से तौबा
तौबा, उस प्यार से तौबा


तुम जैसों की नज़रें न हसीनों से लड़ेंगीं
ग़र लड़ भी गईं, अपने ही क़दमों पे गड़ेंगीं
भूले से किसी शोख पे दिल फ़ेंक न देना
झड़ जायेंगे सब बाल वो बेभाव पड़ेंगीं
तुम जैसों को जो पड़ती है
उस मार से तौबा, तौबा उस मार से तौबा
जिस प्यार में ये हाल हो उस प्यार से तौबा

दिल जिनका जवाँ है वो सदा इश्क़ करेंगे
जो इश्क़ करेंगे वो सदा, हाय आह भरेंगे
जो दूर से देखेंगे, वो जल-जल के मरेंगे
जल-जल के मरेंगे तो कोई फ़िक्र नहीं है
माशूक़ के क़दमों पे मगर सर न धरेंगे
सरकार से तौबा, मेरी, सरकार से तौबा
जिस प्यार में ये हाल हो उस प्यार से तौबा
तौबा, उस प्यार से तौबा
..................................................................
Jis pyar mein ye haal ho-Phir Subah Hogi 1958

Read more...

Jan 22, 2010

फिर ना कीजे मेरी गुस्ताख-फिर सुबह होगी १९५८

"फिर ना कीजे मेरी गुस्ताख निगाही का गिला " ये गीत सुनते ही
शायद आपको भूले बिसरे गीत कार्यक्रम याद आ जाए। खय्याम
की ये सदाबहार धुन है फिल्म 'फिर सुबह होगी से। इसके बोल हैं
साहिर लुधियानवी के और ये राज कपूर, माला सिन्हा पर फिल्माया
गया है। गीत गाया है मुकेश और आशा भोंसले ने।



गीत के बोल:

फिर ना कीजै मेरी गुस्ताख़ निगाही का गिला
देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको

मैं कहाँ तक ये निगाहों को पलटने देती
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको

इस कदर प्यार से देखो ना हमारी जानिब
दिल अगर और मचल जाये तो मुश्किल होगी
तुम जहाँ मेरी तरफ़ देख के रुक जाओगे
वो ही मंजिल मेरी तक़दीर की मंजिल होगी

देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको

एक यूँ हीं सी नजर दिल को जो छू लेती है
कितने अरमान जगाती है तुम्हे क्या मालूम
रूह बेचैन है कदमों से लिपटने के लिये
तुमको हर साँस बुलाती है तुम्हें क्या मालूम

देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको

हर नज़र आप की जज़बात को उकसाती है
मैं अगर हाथ पकड़ लूं तो खफ़ा मत होना
मेरी दुनिया-ए-मोहब्बत है तुम्हारे दम से
मेरी दुनिया-ए-मोहब्बत से जुदा मत होना

देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको

देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP