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Mar 22, 2020

ये हवा ये रात ये चाँदनी-संगदिल १९५२

तलत महमूद के सर्वाधिक लोकप्रिय गीतों में से एक
है संगदिल का ये गाना जिसे परदे पर दिलीप कुमार
गा रहे हैं. फिल्म की नायिका मधुबाला हैं मगर नायक
ये गीत दूसरी अभिनेत्री के लिए क्यूँ गा रहा है ये
समझने के लिए आपको फिल्म देखना पड़ेगी.

राजेंद्र कृष्ण के बोल हैं और सज्जाद हुसैन का संगीत.
गीतकार राजेंद्र कृष्ण सबसे ज्यादा अपने उन गीतों के
लिए जाने गए जो उन्होंने सी रामचंद्र और मदन मोहन
के लिए लिखे.




गीत के बोल:

ये हवा ये रात ये चाँदनी
तेरी इक अदा पे निसार है
ये हवा ये रात ये चाँदनी
तेरी इक अदा पे निसार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तजू में बहार है
ये हवा ये रात ये चाँदनी

तुझे क्या खबर है ओ बेखबर
तुझे क्या खबर है ओ बेखबर
तेरी एक नज़र में है क्या असर
तुझे क्या खबर है ओ बेखबर
तेरी एक नज़र में है क्या असर
जो गज़ब में आये तो कहर है
जो हो मेहरबां वो क़रार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तजू में बहार है
ये हवा ये रात ये चाँदनी

तेरी बात बात हैं दिलनशीं
तेरी बात बात हैं दिलनशीं
कोई तुझसे बढ़ के नहीं हसीं
तेरी बात बात हैं दिलनशीं
कोई तुझसे बढ़ के नहीं हसीं
हैं कली कली में जो मस्तियां
तेरी आँख का ये खुमार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तजू मैं बहार है

ये हवा ये रात ये चाँदनी
तेरी इक अदा पे निसार है
………………………………………………..
Ye hawa ye raat ye chandni-Sangdil 1952

Artists: Dilip Kumar, Shammi

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Apr 6, 2017

धरती से दूर गोरे बादलों के पार-संगदिल १९५२

फिल्म संगदिल से एक उत्कृष्ट रचना सुनते हैं आज. गीत दत्त
के मुखारविंद से प्रकट हुई वाणी में ये गीत रचना राजेंद्र कृष्ण
की है और इसकी धुनबंदी की है सज्जाद ने. गीत में आशा की
आवाज़ भी है. नायक नायिका के बचपन का रोल कर रहे
बाल कलाकारों पर इसे फिल्माया गया है.

फिल्म संगदिल से आपको २ गीत सुनवा चुके हैं पहले. फिल्म से
ये तीसरा गीत प्रस्तुत ह.




गीत के बोल:

धरती से दूर गोरे बादलों के पार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार
धरती से दूर गोरे बादलों के पार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार

छोटी सी अपनी दुनिया बसाएं
प्यार का जिसमें खेल रचाएं
चाँद को अपनी नाव बना के
सुंदर तारे तोड़ के लाएं

दुनिया से हो अपनी दुनिया निराली
जग से निराला अपना प्यार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार

धरती से दूर गोरे बादलों के पार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार

गोद में ले के रात की रानी
रोज़ सुनाए अपनी कहानी
छम छम करता आया सवेरा
फूलों की बेर जाए निशानी
शबनम आ के मुखड़ा चूमे
रिमझिम बरसे मस्त फुहार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार
धरती से दूर गोरे बादलों के पार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार आ जा
आ जा बसा लें नया संसार
……………………………………………………….
Dharti se door gore badlon ke paar-Sangdil 1952

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Jan 2, 2017

वो तो चले गए ऐ दिल-संगदिल १९५२

मधुबाला के ऊपर फिल्माया गया एक बेहतरीन धुन सुनते
हैं. सज्जाद की धुन है और राजेंद्र कृष्ण के बोल हैं. सज्जाद
उन गिनती के संगीतकारों में से एक थे जो काफी बारीकी
से और करीने से धुन को बनाया करते थे. कसीदाकारी कह
सकते हैं इसे.

संगीतकार सज्जाद स्वाभाव के कड़क थे इसलिए ज्यादा काम
उन्हें मिला नहीं और वे अपनी शर्तों पर काम किया करते थे.
कहें तो वही कहावत-करेला नीम चढा. ऐसे लोग मगर, एक
मिसाल होते हैं दूसरों के लिए डिसिप्लिन के मामले में.

सज्जाद की अनिल बिश्वास जैसे वरिष्ठ संगीतकार ने मुक्त कंठ
से तारीफ की थी. अनिल बिश्वास का आकलन मायने रखता है.
सज्जाद एक बढ़िया मेंडोलिन प्लेयर भी थे. वैसे संगीत के
और गायकों के आकलन के बारे में आपको अनिल बिश्वास,
ओ पी नैयर और सलिल चौधरी के वक्तव्य कहीं पढ़ने को मिलें
तो ज़रूर पढियेगा. नैयर अपनी बेबाकी और दो टूक कहने
के लिए फेमस थे.



गीत के बोल:

वो तो चले गये ऐ दिल
याद से उनकी प्यार कर
वो तो चले गये ऐ दिल
याद से उनकी प्यार कर
जीने में क्या मज़ा रहा
मौत का इंतज़ार कर
वो तो चले गये ऐ दिल
याद से उनकी प्यार कर

तुझको खुशी से क्या गरज़
ग़म है तेरे नसीब में
तुझको खुशी से क्या गरज़
ग़म है तेरे नसीब में
खुशियों की आस छोड़ दे
ग़म को गले का हार कर

जीने में क्या मज़ा रहा
मौत का इंतज़ार कर
वो तो चले गये ऐ दिल
याद से उनकी प्यार कर

भूल जा दिन बहार के
देख ना ख्वाब प्यार के
भूल जा दिन बहार के
देख ना ख्वाब प्यार के
दिल तो निसार कर दिया
जान भी अब निसार कर

जीने में क्या मज़ा रहा
मौत का इंतज़ार कर
वो तो चले गये ऐ दिल
याद से उनकी प्यार कर
.............................................................
Wo to chale gaye ae dil-Sangdil 1952

Artist: Madhubala

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Apr 15, 2009

दिल में समा गए सजन-संगदिल १९५२

कुछ युगल गीत को आप बार बार सुन सकते हैं । फ़िल्म संगदिल का
लता मंगेशकर और तलत महमूद का गाया हुआ ये गीत राजेंद्र कृष्ण
का लिखा हुआ है। इस गीत की धुन बनाई है सज्जाद हुसैन ने और
उनके संगीत निर्देशन में ये एकमात्र युगल गीत है लता मंगेशकर और
तलत महमूद का। ये सदाबहार और अमर युगल गीत है । अभिनेता
दिलीप कुमार और अभिनेत्री मधुबाला पर फिल्माया गया ये गीत बिना
उछल- कूद वाला एक शांत रोमांटिक गीत है ।




गीत के बोल:

आज प्रीत ने तोड़ दी बंधन की दीवार
हार मान के प्रीत से चला गया संसार

दिल में समा गए सजन
फूल खिले चमन चमन
प्यार भी मुस्कुरा दिया
दिल में समा गए सजन
फूल खिले चमन चमन
प्यार भी मुस्कुरा दिया

मस्ती भरी हवा चली
हंसने लगी कली कली
तुम से मुझे मिला दिया

मस्ती भरी हवा चली
हंसने लगी कली कली
तुम से मुझे मिला दिया

दिल में समा गए सजन
फूल खिले चमन चमन
प्यार भी मुस्कुरा दिया

ऐसा बादल गया समा
बदले ज़मीन-ओ-आसमान
ऐसा बादल गया समा
बदले ज़मीन-ओ-आसमान
छोड़ के जब बना लिया
प्यार ने एक नया जहाँ
प्यार ने एक नया जहाँ

आई घटाएं झूम के
नील गगन को चूम के
गम का निशाँ मिटा दिया

पहले कोई खुशी न थी
दिल की कली खिली न थी
तीर ऐ नज़र चला न था
ज़िन्दगी ज़िन्दगी न थी

तेरे कदम की आहटें
बन गई मुस्कुराहटें
मेरा जहाँ बसा दिया

आई जो रुत बहार की
छिड़ गई बात प्यार की
आई जो रुत बहार की
छिड़ गई बात प्यार की
दिल ने तड़प तड़प के फिर
तेरे लिए पुकार की
हो ओ ओ , ओ ओ , ओ ओ ओ , ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ , ओ ओ

तुम भी कहीं से आ गए
धीरे से मुस्कुरा गए
दिल को हँसा हँसा दिया

मस्ती भरी हवा चली
हँसने लगी कली कली
तुम से मुझे मिला दिया

दिल में समा गए सजन
फूल खिले चमन चमन
प्यार भी मुस्कुरा दिया
गम का निशाँ मिटा दिया
दिल को हँसा हँसा दिया
.......................................................................
Dil mein sama gaye sajan-Sangdil 1952

Artists: DIlip Kumar, Madhubala

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