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Aug 11, 2017

चल चल चल मेरे दिल-अकेली मत जइयो १९६३

सन १९६३ की फिल्म अकेली मत जइयो से एक गीत सुनते
हैं. इसे मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा है और मदन मोहन का
संगीत है. मुकेश और जॉनी व्हिस्की ने इसे गाया है.

ये गीत फेमस नहीं है जो आपने इसे कई बार सुन रखा हो.
हाँ कुछ संगीत प्रेमी इसे gem बतलाते हैं. उनके इस आकलन
से हमें चॉकलेट वाली gems का पैकेट याद आने लग जाता है.
जैम से हम ब्रेड-पराठे पर लगाने वाला जैम भी समझते हैं.
कुछ ऐसी ही बात है जैसे फ़ुटबाल वाला गोल और उद्देश्य वाला
गोल. दुनिया भी तो गोल ही है आखिर.

गीत में नायक एक पुतले को लेकर नाच रहा है. ये आपने कुछ
और फिल्मों में भी देखा होगा शायद ‘मेरे अपने’ फिल्म में कोई
कलाकार इसे ले कर घूमता है. गूगल पर ventriloquist शब्द
ढूँढें आपको इस बारे में और जानकारी प्राप्त हो जायेगी.



गीत के बोल:

चल चल चल मेरे दिल प्यार तेरी मंजिल
जहाँ प्यार मिले दिलदार मिले वहीँ चल चल चल
चल चल चल मेरे दिल प्यार तेरी मंजिल
जहाँ प्यार मिले दिलदार मिले वहीँ चल चल चल
चल चल चल मेरे दिल

पड़े ना फिर पछताना वहाँ

जो भी पड़े सब सह ले चल उसकी गली में पहले
जो भी पड़े सब सह ले चल उसकी गली में पहले
कहती है दुनिया आज अगर तो तुझको दीवाना कह ले
हंस के पुकारे हँसने दे प्यारे दुनिया तो है जाहिल

चल चल चल मेरे दिल प्यार तेरी मंजिल
जहाँ प्यार मिले दिलदार मिले वहीँ चल चल चल
चल चल चल मेरे दिल

संभल के चलना बुद्धू मियां

देख के तुझको चलते दिल होंगे हजारों जलते
देख के तुझको चलते दिल होंगे हजारों जलते
फिर भी तू अपनी धुन में निकल जा गिरते और सँभलते
देख ना डरना खौफ ना करना
कुछ भी नहीं मुश्किल

चल चल चल मेरे दिल प्यार तेरी मंजिल
जहाँ प्यार मिले दिलदार मिले वहीँ चल चल चल
चल चल चल मेरे दिल

पलट चलो घर बैठो, सुना

बैठ के गम क्यों झेलें हाथों में वो दामन ले लें
बैठ के गम क्यों झेलें हाथों में वो दामन ले लें
कर के निगाहें चार ज़रा तकदीर की बाज़ी खेलें
फिर वही मैं हूँ फिर वही तू हो फिर हो वही महफ़िल

चल चल चल मेरे दिल प्यार तेरी मंजिल
जहाँ प्यार मिले दिलदार मिले वहीँ चल चल चल
चल चल चल मेरे दिल
चल चल चल मेरे दिल
…………………………………………..
Chal chal chal mere dil-Akeli mat jaiyo 1963

Artist: Rajendtra Kumar

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Nov 9, 2010

वो जो मिलते थे कभी-अकेली मत जइयो १९६३

आइये रिवीज़न किया जाए। ये गीत सुनिए पहले -वो भूली दास्तान
उसके बाद प्रस्तुत गीत का आनंद लीजिये। कातिल गीत है ये। ये
मेरे शब्द नहीं उस व्यक्ति के हैं जिसने पहली बार इसको सुनकर
प्रतिक्रिया व्यक्त की। फिल्म 'अकेली मत जइयो' का एक गीत हमने
कुछ दिन पहले सुना जो आशा की आवाज़ में है।

अब सुनिए इसे जो लता की आवाज़ में है और इसी गीत से फिल्म
'अकेली मत जइयो' संगीत रसिकों द्वारा पहचानी जाती है। वैसे
आम आदमी ने ये गीत नहीं के बराबर सुना उसके हिस्से में तो
आशा का "थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ" ही ज्यादा आया क्यूंकि
आशा के गीत की फरमाइश रेडियो पर कभी कभार आ जाया करती
थी। मदन मोहन को जनता के इसी स्वाभाव से शिकायत रही कि
जनता उनके द्वारा रची विशिष्ट रचनाएँ क्यूँ नहीं सुनती है। उसका
सीधा जवाब ये है-अगर संगीतकार अपनी पसंद और जनता क्या
चाहती है दोनों के बीच संतुलन कायम रख सकता है तो वो गुणवत्ता
और व्यवसाय दोनों पहलू से सफल है।

मैंने आपको "वो भूली दास्तान" सुनने के लिए इसलिए कहा था
क्यूंकि वो एक सफल गीत है-हर दृष्टि से। रही बात मिठास की तो
वो फिल्म 'अकेली मत जइयो' के प्रस्तुत गीत में ज्यादा है। इसको
सुनने के लिए धैर्य चाहिए जिसकी आवश्यकता फिल्म संजोग के
गीत में नहीं के बराबर होती है।

गीत के बोल:

वो जो मिलते थे कभी

वो जो मिलते थे कभी हमसे दीवानों की तरह
आज यूँ मिलते हैं जैसे कभी पहचान ना थी

वो जो हिलते थे कभी

देखते भी हैं तो यूँ मेरी निगाहों में कभी
अज्माबी जैसे मिला करते हैं राहों में कभी
इस कदर उनकी नज़र हमसे तो अनजान ना थी

वो जो मिलते थे कभी

एक दिन था कभी यूँ ही जो मचल जाते थे
खेलते थे मेरी जुल्फों से बहल जाते थे
वो परेशां थे मेरी ज़ुल्फ़ परेशां ना थी

वो जो मिलते थे कभी

वो मोहब्बत वो शरारत मुझे याद आती है
दिल में एक प्यार का तूफ़ान उठा जाती है
थी मगर ऐसी तो उलझन में मेरी जान ना थी

वो जो मिलते थे कभी हमसे दीवानों की तरह
आज यूँ मिलते हैं जैसे कभी पहचान ना थी

वो जो मिलते थे कभी
...............................................................
Wo jo milte the kabhi-Akeli mat jaiyo 1963

Artist: Meena Kumari

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Oct 31, 2010

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ-अकेली मत जइयो १९६३

शायद फिल्म का शीर्षक किसी मोहतरमा से मुखातिब है कि
ऐसी खटारा फिल्म देखने 'अकेली मत जइयो'। फिल्म के बारे
में आपको जानकारी तब मिल पायेगी जब आप इसको देखेंगे। आप
इसको तब देखेंगे जब इसकी सी. डी. वगैरह आपको मिलेगी। उस झमेले
में मत पढिये, बस इस फिल्म के गाने सुनते जाइये। फिल्म में २-३ गाने
सुनने लायक हैं और आपको तमाम संगीतकारों की स्टाइल का मज़ा देंगे
देंगे। गीत के इंटरल्युड्स आपको अरेबियन संगीत का मज़ा देंगे।

गीत के लेखक हैं मजरूह और संगीत है मदन मोहन का, जो कि
सुनने वालों का मानना है मदन मोहन के अंदाज़ से अलग है। मदन मोहन
और मजरूह ने गिनती की फिल्मों में साथ साथ काम किया है जिनमे से
एक फिल्म है 'दस्तक' जिसके लिए मदन मोहन को राष्ट्रिय पुरस्कार मिला
था ।

गीत फिल्माया गया है मीनू मुमताज़ पर, जो इस फिल्म में सहायक कलाकार
हैं और गीत में मीना कुमारी, राजेंद्र कुमार भी मौजूद हैं जो हीरो हीरोइन हैं।
मुझे कभी कभी गीतों में दिखाई देने वाली भीड़ के बारे में जानने की उत्सुकता
जागृत हुआ करती है, इतने सारे कलाकार जो दिखलाई देते हैं उनके नाम
मालूम करना टेडी खीर है। कभी कभी कुछ चेहरे पहचान लिए जाते हैं
तो कभी नायक नायिका भी पहचान में नहीं आते। ये गीत एक 'कैब्रे ' गीत
है। जी हाँ, एक फिल्म के पोस्टर पर मैंने 'कैबरे' शब्द को इसी अंदाज़ में लिखा
देखा देखा था। पहले ज़माने में लिखाई के लिए नील का इस्तेमाल होता था
और चूने से पुते हुए टाट पर विवरण लिखा जाता था।



गीत के बोल:

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
मेरे दिल, मेरी साँसों, में खो जाओ
मेरे प्यार की छांव में खो जाओ
मिले फिर न मिले कभी हम, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
मेरे दिल, मेरी साँसों, में खो जाओ
मेरे प्यार की छांव में खो जाओ
मिले फिर न मिले कभी हम, हाय
थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ

ले रात कोई अंगडाई
बच जाए मेरी तन्हाई
ले रात कोई अंगडाई
बच जाए मेरी तन्हाई
दिल मेरा लगे किस्मत जगे
यूँ बैठे अदा से मुस्काओ, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
मेरे दिल, मेरी साँसों, में खो जाओ
मेरे प्यार की छांव में खो जाओ
मिले फिर न मिलें कभी हम, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ

बन जाऊं शमा महफ़िल की
खिड़की तो खुले कोई दिल की
बन जाऊं शमा महफ़िल की
खिड़की तो खुले कोई दिल की
घर सूना सूना दर सूना सूना
तुम्हीं एक चिराग जलाओ, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
मेरे दिल, मेरी साँसों, में खो जाओ
मेरे प्यार की छांव में खो जाओ
मिले फिर न मिले कभी हम, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ
मेरे दिल, मेरी साँसों, में खो जाओ
मेरे प्यार की छांव में खो जाओ
मिले फिर न मिले कभी हम, हाय

थोड़ी देर के लिए मेरे हो जाओ

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