Showing posts with label Anjaam. Show all posts
Showing posts with label Anjaam. Show all posts

Sep 6, 2016

बड़ी मुश्किल है खोया मेरा-अंजाम १९९४

फिल्म अंजाम(१९९४) से आपको दो गीत सुनवाए हैं. एक और गीत
जो लोकप्रिय है आपको आज सुनवाते हैं. अभिजीत ने इसे गाया है
और शाहरुख खान पर इसे फिल्माया गया है.

गीत में विदेश की कई लोकेशंस की सैर हो रही है. फिल्म रिलीज़ के
वक्त इस गीत को म्युज़िक वीडियो के चैनल खूब दिखलाया करते थे.
आवृत्ति कम हो गयी है समय के साथ मगर इसे कभी कभार आज भी
आप देख सकते हैं. गीत से गायक अभिजीत को भी काफी प्रसिद्धि
मिली थी और उस समय के स्टेज शो में उनसे इस गाने को गाने के
लिए खूब फरमाइशें होती थीं.




गीत के बोल:

बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूंढ के लाये ना
बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूंढ के लाये ना
जा के कहाँ मै रपट लिखू कोई बतलाये ना
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू

बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूंढ के लाये ना
जा के कहाँ मै रपट लिखू कोई बतलाये ना
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू

दीवानगी की हद से आगे गुजर ना जाऊं
आँखों में उसका चेहरा कैसे उसे दिखलाऊँ
दीवानगी की हद से आगे गुजर ना जाऊं
आँखों में उसका चेहरा कैसे उसे दिखलाऊँ
वो है सब से हसीं, वैसा कोई भी नहीं
मेरे खुदा, उसकी अदा है बड़ी कातिल
मुझे नहीं पता छाया है क्या नशा

मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
सपनो में आने वाली बाहो में कब आयेगी
कितने दिनों तक मुझको ऐसे वो तडपायेगी
सपनो में आने वाली बाहो में कब आयेगी
कितने दिनों तक मुझको ऐसे वो तडपायेगी
देखो मुड के जिधर पाए वो ही नजर
मेरी डगर मेरा सफ़र वो मेरी मंजिल
दीवाना है समां जागे हैं अरमान
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू

बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूंढ के लाये ना
जा के कहाँ मै रपट लिखू कोई बतलाये ना
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू

बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है
कोई उसे ढूंढ के लाये ना
जा के कहाँ मै रपट लिखू कोई बतलाये ना
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
मै रोऊँ या हंसूं करूं मै क्या करू
...............................................................................
Badi mushkil hai khoya mera-Anjaam 1994

Artists: Shahrukh Khan, Madhuri Dixit

Read more...

Jun 11, 2016

तू सामने जब आता है-अंजाम १९९४

शाहरुख खान, दीपक तिजोरी और माधुरी दीक्षित की प्रमुख
भूमिकाओं वाली फिल्म अंजाम से एक गीत सुर सुनते हैं जो
एक युगल गीत है उदित और अलका का गाया हुआ.

अंजामफिल्म के सारे गीत समीर ने लिखे हैं. समुद्र किनारे का
गीतजो बाद में मैदानी गीत में तब्दील हो जाता है. इस गीत के
शुरूआती हिस्से में सैक्सोफोन का अच्छा उपयोग है उसके बाद
तो आनंद मिलिंद का चित परिचित टूं टां वाला संगीत है.





गीत के बोल:

तू सामने जब आता है
दिल धक् से धड़क जाता है
तू सामने जब आता है
दिल धक् से धड़क जाता है
सीने में आग सी जलती है
जलती है जलती है
सीने में आग सी जलती है
कोई शोला भड़क जाता है
तू सामने जब आता है
दिल धक् से धड़क जाता है
तू सामने जब आता है
दिल धक् से धड़क जाता है

तेरी सांसो की गर्मी से तन मेरा महके
तेरे होंठो की नरमी से मन मेरा बहके
कैसी अगन जागी साजन जागी साजन
कैसी अगन अंग अंग बहके
तू सामने जब आती है
इक दर्द जगा जाती है
तू सामने जब आती है
इक दर्द जगा जाती है

तेरी जुल्फों का यह सावन रस बरसाए
तेरी चाहत की यह खुशबू होश उडाए
तेरी जुल्फों का ये सावन जूस बरसाए
तेरी चाहत की ये खुशबू होश उडाए
तेरी कसम बहके कदम
बहके कदम तेरी कसम
बेखुदी सी छाये

तू सामने जब आती है
इक दर्द जगा जाती है
तू सामने जब आती है
इक दर्द जगा जाती है
बल खा के ऐसे चलती है
चलती हैचलती है
बल खा के ऐसे चलती है
मेरी जान को तड़पती है
तू सामने जब आता है
तू सामने जब आती है
......................................................................
Too samne jab aata hai-Anjaam 1994

Artists-Shahrukh Khan, Madhuri Dixit, Deepak Tijori

Read more...

Jan 8, 2015

जुल्फों का रंगीन साया-अंजाम १९६८

बी ग्रेड उन फिल्मों को कहा जाता है जिनमें कुछ कम पहचाने कलाकार
होते हैं/थे. अगर गलती से ऐसी फ़िल्में हित हो जातीं तो भी ज्ञानी उनको
"ए" श्रेणी में मानने को तैयार नहीं होते.

आपको सन १९९४ के चने के खेत -अंजाम से ले चलते हैं सन १९६८ के
अंजाम पर. फिल्म में निसार अहमद अंसारी, रंजन कपूर, फिरोज खान
हेलन और जोनी व्हिस्की प्रमुख कलाकार हैं. शाहिदा नायिका हैं . गीत
फिरोज खान और शाहिदा पर फिल्माया गया है.

गीत कमर जलालाबादी ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है एक
संभावना से भरे संगीतकार गणेश ने. गायक कलाकार हैं मुकेश.




गीत के बोल:

क़यामत आएगी एक रोज हम ये सुनते थे
मगर हुजुर तो हर रोज चले आते हैं

जुल्फों का रंगीन साया
जुल्फों का रंगीन साया, है तौबा खुदाया
तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे
जुल्फों का रंगीन साया, है तौबा खुदाया
तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे

जुल्फों का रंगीन साया

भीगी फिजाएं देखो चंचल हवाएं देखो
दिल की सदा है यही चुप न रहो
जागे हैं अरमान मेरे मुखड़े पे गेसू तेरे
दिन हैं कहीं रात बोलो कुछ तो कहो
बोलो न बोलो हमसे कहेंगे ये तुमसे
तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे

जुल्फों का रंगीन साया

हाय ये अदाएं तेरी तुझसे बहारें मेरी
गुल भी पुकारे तुझे बाद-ऐ-सबा
दुनिया बनाने वाला तुझको बना के गोरी
रूप बनाना हाय भूल गया
तुम्हारा है ज़माना बना दो दीवाना
तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे
जुल्फों का रंगीन साया, है तौबा खुदाया
तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे

जुल्फों का रंगीन साया
.......................................
Zulfon ka rangeen saaya-Anjaam 1968

Artist: Feroz Khan, Shahida

Read more...

Oct 25, 2011

चने के खेत में-अंजाम १९९४

गोरी बाजरे के खेत में दिखे या चने के खेत में, गोरी ही रहेगी और हमेशा
सुन्दर और प्यार करने लायक दिखाई देगी। हिंदी फिल्मों की फिलासफ़ी
के अनुसार ऐसा कई गीतों में और दृश्यों में अनुभव किया होगा दर्शक ने।
युग परिवर्तन के साथ साथ केवल नायक नायिका की वेश भूषा ही बदली
होगी, मूल भाव जस का तस है।

खेत एक समय(आज भी हैं) भांति भांति के क्रियाकलापों का केंद्र हुआ
करते थे। इसमें कूटनीति की चर्चा, मसाला कुटाई की चर्चा से लगा कर
भावनाओं की कुटाई तक कई मसले हल किये जाते रहे। अब इतने
महत्पूर्ण पहलू का दोहन अगर कवि और गीतकार नहीं करेंगे तो ये तो
खेत और खलिहान की उपेक्षा वाली बात हो जाएगी न।

आपको पिछले वर्ष एक गीत सुनवाया था फिल्म चाचा जिंदाबाद से
जिसमें एक पंक्ति है-बाजरे के खेत में सुरतिया दिखा जा गोरी


आज आपको चने के खेत पर केंद्रित गीत सुनवा रहे हैं। इसे आप कृषि
प्रधान या पर्यावरण प्रेमी गीत की संज्ञा प्रदान कर सकते हैं। फिल्म का
नाम है अंजाम जिसमें शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की प्रमुख
भूमिकाएं हैं। गीत गाया है खटिया पटिया गीतों से चर्चा में आई गायिका
पूर्णिमा ने। पूर्णिमा ने कई गीत गाये हैं मगर उनके वे गीत सबसे ज्यादा
पसंद किये जाते हैं जिनमें उत्तेजना जगाने वाला भाव होता है। ये उनकी
आवाज़ का ही कमाल है जो सुनने वालों को उनकी आवाज़ का दीवाना
बना देता है, ये पहलू उनकी कई समकालीन गायिकाओं की आवाज़ से
नदारद है।



गीत के बोल:

अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
फँसी गोरी
फँसी गोरी चने के खेत में
हुई चोरी चने के खेत में

पहले तो जुल्मे ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबी
पहले तो जुल्मे ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबी
जोरा जोरी
जोरा जोरी चने के खेत में
हुई चोरी चने के खेत में
तू तू तू तू, तू तू तू तू

मेरे आगे पीछे शिकारियों के घेरे
बैठे वहां सारे जवानी के लुटेरे
हाँ, मेरे आगे पीछे शिकारियों के घेरे
बैठे वहां सारे जवानी के लुटेरे
हारी मैं हारी पुकार के
यहाँ वहां देखूं निहार के
यहाँ वहां देखूं निहार के
जोबन पे चुनरी गिरा के चली थी
हाँ, जोबन पे चुनरी गिरा के चली थी
हाथों में कंगना सजा के चली थी
चूड़ी टूटी
चूड़ी टूटी चने के खेत में
जोरा जोरी चने के खेत में

तौबा मेरी तौबा, निगाहें ना मिलाऊँ
ऐसे कैसे सब को कहानी मैं बताऊँ
तौबा मेरी तौबा, निगाहें ना मिलाऊँ
ऐसे कैसे सब को कहानी मैं बताऊँ
क्या क्या हुआ मेरे साथ रे
कोई भी तो आया ना हाथ रे
कोई भी तो आया ना हाथ रे
लहंगे में गोटा जड़ा के चली थी
लहंगे में गोटा जड़ा के चली थी
बालों में गजरा लगा के चली थी
बाली छूटी
बाली छूटी चने के खेत में
ओ जोरा जोरी चने के खेत में

अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
फँसी गोरी
फँसी गोरी चने के खेत में
रे हुई चोरी चने के खेत में
पहले तो जुल्मी ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबाई
जोरा जोरी
जोरा जोरी चने के खेत में
रे हुई चोरी चने के खेत में
...............................
Chane ke khet mein-Anjaam १९९४

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP