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Oct 25, 2019

सपेरा बीन बजा-भाई भाई १९७०

अभिनेत्री आशा पारेख के हिस्से में लता मंगेशकर के गाये काफी
सारे नटखट गीत आये हैं. इनमें से अधिकांश सत्तर के दशक में
अवतरित हुए. फिल्म समाधि का ,बंगले के पीछे, निस्संदेह सबसे
लोकप्रिय है. कुछ इससे मिलता जुलता गीत आपको सुनवाते हैं
फिल्म भाई भाई से.

गीत सन १९७१ की फिल्म का है और समाधि फिल्म १९७२ में
रिलीज़ हुई थी अर्थात फिल्म भाई भाई का गीत पहले बना था.
मेरे ख्याल से कर्णप्रिय होने के बावजूद इसे उतनी लोकप्रियता
नहीं मिली. गीत की गति एक वजह मुझे समझ आती है. समय
के साथ जनता का टेस्ट बदलता है और हर नयी पीढ़ी की पसंद
अलग होती है.



गीत के बोल:

सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी
ये मेरी चाल देखो ये गोरे गाल देखो
ये लंबे बाल देखो दिल चुरा लूंगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी

रूपनगर से आई मैं तो लोग कहें मतवारी
लोग कहें मतवारी
रूपनगर से आई मैं तो लोग कहें मतवारी
लोग कहें मतवारी
एक नज़र से कर दूं घायल मारूं नैन कटारी
मारूं नैन कटारी
ये मेरा रूप देखो नशीली धुप देखो
कैसा अनूप देखो होश उड़ा दूँगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी

घूम घाम के आई मैं तो जयपुर और बरेली
जयपुर और बरेली
घूम घाम के आई मैं तो जयपुर और बरेली
जयपुर और बरेली
बम्बई नगरी आ पहुंची हूँ तेरे लिए मैं अकेली
तेरे लिए मैं अकेली
ये मेरा रंग देखो पागल उमंग देखो
दिल की तरंग देखो धूम मचा दूँगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी
सपेरा बीन बजा बीन बजा नाचूंगी मैं तो नाचूंगी

आप बीन सुनिए तब तक हम
बाकी के बोलों की व्यवस्था करते हैं..
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Sapera been baja been baja-Bhai bhai 1970

Artist: Asha Parekh

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Oct 15, 2019

मेरे महबूब तेरे दम से है-भाई भाई १९७०

एक दिन किसी विज्ञापन में मेरे महबूब फिल्म वाली
स्टाइल में टकरा कर किताबें गिराने वाली एक लड़की
‘ज़रूरत है’ शब्द तीन बार बोलती दिखी जो एक लड़के
से इसके बाद कहती है-परफ्यूम का टॉप अप. लड़का
समझ जाता है कि माजरा क्या है.

ये हिंदी फिल्मों में ज़रूर दिखता है-मैले कुचेले कपडे या
दाढ़ी बढ़ाये हुए नायकों को नायिकाएं खूब पसंद करती हैं.
असल जिंदगी में मामला उलट है. आप कीचड में गुलाटी
खा के या ३-४ दिन बिना नहाये चले जाइए लड़कियों के
बीच, सारी लड़कियां भाग जायंगी. जिन्हें नहीं दौडना आता
होगा वो भी पी टी उषा की तरह भागती नज़र आएँगी.

सुनते हैं रफ़ी की आवाज़ में एक बढ़िया गीत सन १९७०
की फिल्म भाई भाई से जिसमें सुनील दत्त डबल रोल में
हैं. गीत आशा पारेख और सुनील दत्त पर फिल्माया गया
है. गीतकार हैं हसरत जयपुरी और इस गीत का संगीत
शंकर जयकिशन ने तैयार किया है.

इस गीत में आपको मनमोहन कृष्ण और प्राण भी नज़र
आयेंगे.



गीत के बोल:

मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया पे बहार
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया पे बहार
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
मेरे महबूब तेरे दम से

अपने गीतों में तेरा हुस्न नज़र आया है
इसलिए दिल तेरी महफ़िल में मुझे लाया है
रास्ता भूल गया या मेरी मंजिल है यही
रास्ता भूल गया या मेरी मंजिल है यही
कोई बतलाये के क्या खोया है क्या पाया है

मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया पे बहार
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
मेरे महबूब तेरे दम से

तेरी आँखों में नज़र आई है जन्नत मुझको
मेरी जन्नत तेरी आँखों के सिवा कोई नहीं
मैं तसव्वुर में तेरे झूम लिया करता हूँ
मैं तसव्वुर में तेरे झूम लिया करता हूँ
मेरी दौलत तेरी चाहत के सिवा कोई नहीं

मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया पे बहार
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
मेरे महबूब तेरे दम से

जिंदगानी में कई रंग के मोड़ आते हैं
तू सलामत रहे शायर की दुआ कहती है
चाँद घटता है घटे हुस्न तेरा बढ़ता रहे
चाँद घटता है घटे हुस्न तेरा बढ़ता रहे
मैं रहूँ या ना रहूँ मेरी वफ़ा कहती है

मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया पे बहार
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
वरना इस गम से भरी दुनिया में क्या रखा है
मेरे महबूब तेरे दम से
…………………………………………………….
Mere mehboob tere dam se-Bhai bhai 1970

Artists: Sunil Dutt, Asha Parekh, Pran

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Aug 22, 2019

एक तेरा सुन्दर मुखडा-भाई भाई १९७०

सुनील दत्त और आशा पारेख ने कई फिल्मों में साथ काम
किया है. एक फिल्म है भाई भाई जो सन १९७० की फिल्म
है. इसमें सुनील दत्त डबल डोज़ में है मतलब डबल रोल में
हैं.

आशा पारेख की आँखें एक्स्ट्रा एक्सप्रेसिव हैं. उनका अभिनय
अच्छा है. गीत के इसाब से भाव लाने में उन्हें दिक्कत नहीं
के बराबर होती दिखाई देती है. डिग्री ऑफ एक्सप्रेशन की बात
की जाए तो दुःख वाले भावों में थोडा फर्क आता है. वो हाइयर
डिग्री पर चला जाता है. ऐसी जगह जहाँ कम दुःख प्रदर्शित
करना हो अंडरप्ले काफ़ी काम आने वाली चीज़ है.

सुनते हैं ये गीत जिसे रफ़ी ने गाया है. शंकर जयकिशन का
संगीत है और हसरत जयपुरी के बोल.




गीत के बोल:

एक तेरा सुन्दर मुखड़ा एक तेरा प्यार से भरा दिल
मिलना मुश्किल
एक तेरा सुन्दर मुखड़ा एक तेरा प्यार से भरा दिल
मिलना मुश्किल
इस ओर ढूंढूं चाहे उस ओर ढूंढूं कोई महफ़िल
मिलना मुश्किल

आ के सिरहाने तेरे तुझको जो देखा
हर सांस मेरा फिर तो खुशबू से महका
जैसी मिली है मुझको ऐसी सुहानी कोई मंजिल
मिलना मुश्किल
एक तेरा सुन्दर मुखड़ा एक तेरा प्यार से भरा दिल
मिलना मुश्किल

रेशम से गेसू तेरे रातें मिलन की
खामोश लब कहते हैं बातें मिलन की
देखे हज़ारों कातिल तुजसा हसीं कोई कातिल
मिलना मुश्किल
एक तेरा सुन्दर मुखड़ा एक तेरा प्यार से भरा दिल
मिलना मुश्किल

बीच भंवर में दिलबर छोड़ ना देना
नाज़ुक है दिल बेचारा तोड़ न देना
दुनिया के तूफानों में ऐसा नज़ारा और साहिल
मिलना मुश्किल
एक तेरा सुन्दर मुखड़ा एक तेरा प्यार से भरा दिल
मिलना मुश्किल
इस ओर ढूंढूं चाहे उस ओर ढूंढूं कोई महफ़िल
मिलना मुश्किल
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Ek tera sundar mukhda-Bhai bhai 1970

Artists: Sunil Dutt, Asha Parekh

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Aug 11, 2015

मेरा नाम अब्दुल रहमान-भाई भाई १९५६

एक रोचक तथ्य है किशोर कुमार के गाये गानों से सम्बंधित.
उनके दो गाने ऐसे हैं जिसमें ‘अब्दुल रहमान’ नाम आता है.
दिलचस्प इसलिए भी है कि दोनों ही गाने युगल गीत हैं
जिन्हें किशोर के साथ लता ने गाया है. दोनों ही गाने लिखे
हैं मदन मोहन के फेवरेट गीतकारों में से एक राजेंद्र कृष्ण ने.
संगीत भी मदन मोहन का ही है दोनों गीतों में. दोनों ही मस्ती
भरे गीत हैं, मेरा मतलब हलके फुल्के हैं जिन्हें सुनकर आप
दुखी नहीं होंगे. गीत में पिस्ते बादाम के साथ ही भाईचारे की
भावना भी मिलाई गयी है.

गाने कुछ यूँ हैं-

मेरा नाम अब्दुल रहमान-भाई भाई
एक था अब्दुल रहमान-मनमौजी

फिल्म भाई भाई में उनके साथ अभिनेत्री हैं-निम्मी और फिल्म
मनमौजी में उनके साथ हैं साधना. अगर दोनों ही फिल्मों में
नायिका भी एक होती तो ये एक अनूठा रेकोर्ड हो जाता. खैर
कुछ तो बाकी रहना चाहिए. भाई भाई सन १९५६ की फिल्म है
और मनमौजी सन १९६२ में रिलीज़ हुई थी. गौरतलब है कि
किशोर कुमार के कार ड्राईवर का नाम अब्दुल था.




गीत के बोल:

मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह
मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह

लो जी भाई साहब हमरा पिस्ता बहुत अच्छा
लो जी मेमसाब हमरा पिस्ता नहीं कच्चा
खा के देखो वेरी वेरी गुड मेरा चरली बादाम पिस्ता
मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह

अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया
अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया
यही मेरा सोना चांदी यही मेरी दुनिया
अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया
अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया

खुश हूँ मैं चाहे मुझे रखे जिस हाल में
खुश हूँ मैं चाहे मुझे रखे जिस हाल में
बंगले में कोठी में या टूटी फूटी चाल में
बंगले में कोठी में या टूटी फूटी चाल में
चाँद है ये मेरा मैं हूँ इसकी चंदनिया
अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया
अब्दुल रहमान की मैं अब्दुल रहमानिया
हे अब्दुल रहमान हे अब्दुल रहमान
हे अब्दुल रहमान हे अब्दुल रहमान
मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह

हिंदू खाए मुस्लिम खाए खाए सिख ईसाई
मेरा पिस्ता खाने वाले हिंदी भाई भाई
मंदिर हो मस्जिद हो या सिखों का गुरुद्वारा
सबको अल्लाह का घर समझे काबुल का बंजारा
ये काबुल का बंजारा
लो भाई पिस्ता लो बद्दम अच्छा माल और सस्ता दाम
आनी जानी दुनिया फानी बाकी है अल्लाह के नाम
मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह
मेरा नाम अब्दुल रहमान पिसते वाला मैं हूँ पठान
खाने वाले का दिल होता गुल गुल वे री वे री वाह वाह
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Mera naam Abdul Rehman-Bhai bhai 1956

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Jan 6, 2011

कदर जाने ना-भाई भाई -१९५६

एक मधुर दर्द भरा गीत सुनिए फिल्म भाई-भाई से। मेरे पसंदीदा
गीतों में से एक। परदे पर इसे निम्मी पर फिल्माया गया है। फिल्म
में किशोर कुमार और अशोक कुमार नायक हैं। फिल्म में इन सगे
भाइयों ने भाइयों की भूमिकाएं ही निभाई हैं। कुछ नायिकाओं को
देख कर यूँ लगता है की बॉलीवुड के डायरेक्टर उन्हें जबरन रोते हुए
दिखाना चाहते थे । हर दूसरी फिल्म में वे नायिकाएं रोती धोती ही
दिखाई देतीं।



गीत के बोल:

कदर जाने ना,हो कदर जाने ना
मोरा बालम बेदर्दी जी, मोरा बालम बेदर्दी
कदर जाने ना,हो कदर जाने ना

लाख जतन करूँ,बात ना माने जी, बात ना माने
मेरा दर्द ना जाने
लाख जतन करूँ,बात ना माने जी, बात ना माने
मेरा दर्द ना जाने

कदर जाने ना,हो कदर जाने ना
मोरा बालम बेदर्दी जी, मोरा बालम बेदर्दी
कदर जाने ना,हो कदर जाने ना

मैं भी हूँ तेरी पिया, दिल भी है तेरा
आ भी जा, आ कर ले भरोसा मेरा, कर ले भरोसा
मैं भी हूँ तेरी पिया, दिल भी है तेरा
आ भी जा, आ कर ले भरोसा मेरा, कर ले भरोसा

कदर जाने ना,हो कदर जाने ना
मोरा बालम बेदर्दी जी, मोरा बालम बेदर्दी
कदर जाने ना,हो कदर जाने ना

समझ ना आये कैसे, पी को मनाऊं मैं
कहे दे तो चीर के, दिल भी दिखाऊं मैं
समझ ना आये कैसे, पी को मनाऊं मैं
कहे दे तो चीर के, दिल भी दिखाऊं मैं

कदर जाने ना,हो कदर जाने ना
मोरा बालम बेदर्दी जी, मोरा बालम बेदर्दी
कदर जाने ना,हो कदर जाने ना
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Kadar jaane na-Bhai bhai 1955

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Jul 21, 2009

ऐ दिल मुझे बता दे-भाई भाई १९५६

१९५६ की एक फ़िल्म है भाई-भाई। इसमे भाइयों का रोल
अशोक कुमार और किशोर कुमार ने अदा किया है। फ़िल्म में
किशोर लता और रफी के गाये नगमे हैं। इसके अलावा एक नगमा
है जो अलग सा और ध्यान आकर्षित करने वाला है 'ऐ दिल मुझे
बता दे' जो गीता दत्त ने गाया है। ये गाना अदाकारा श्यामा पर
फिल्माया गाया है। संगीत मदन मोहन का है। मदन मोहन द्वारा
संगीतबद्ध नगमों में से जो हलके फुल्के और मस्ती भरे श्रेष्ठ गीतों में
से एक है ये। इस गीत के लिए किसी और गायक की कल्पना करना
असंभव है। गीता ने इस गाने के साथ पूरा न्याय किया है।

सरल सा और मस्ती भरा गीत लिखा है राजेंद्र कृष्ण ने.



गाने के बोल:

ऐ दिल मुझे बता दे
तू किस पे आ गया है

वो कौन है जो आकर
ख्वाबों पे छा गया है

मस्ती भरा तराना
क्यूँ रात गा रही है

आँखों में नीद आकर
क्यूँ दूर जा रही है

दिल में कोई सितमगर
अरमान जगा गया है

वो कौन है जो आकर....

ऐ दिल मुझे......

बेताब हो रहा है
ये दिल मचल मचल के

शायद ये रात बीते
करवट बदल बदल के

दिल ज़रा संभल जा
शायद वो आ गया है

वो कौन है जो....

ऐ दिल मुझे......

भीगी हुई हवाएं
मौसम भी है गुलाबी

क्या चाँद क्या सितारे
हर चीज़ है शराबी

धीरे से एक नगमा
कोई सुना गया है

वो कौन है जो ......

ऐ दिल मुझे बता दे
तू किस पे आ गया है

वो कौन है जो आकर
ख्वाबों पे छा गया है
....................................................................
Ae dil mujhe bata de-Bhai bhai 1956

Artist: Shyama

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