सुनते हैं फिल्म छलिया से मुकेश का गाया लोकप्रिय
गीत. इसे कमर जलालाबादी ने लिखा है और इसकी
दनु तैयार की है कल्याणजी आनंदजी ने.
अपनी सूची पर गौर फरमाने के बाद मैं ये पाया इस
गीत को बहुत पहले शामिल कर लेना चाहिए था. हम
खा-म-खां रेयर और अनजाने गीतों के चक्कर में पड़
गए और मक्खियाँ उड़ के गुड वाले ब्लॉग पर जा
पहुंची.
दिल ही एक ऐसी चीज़ है इंसान के शरीर में जो पद्य
में टूटती है बिखरती है. दिल की नाज़ुक रगें भी टूट
जाती हैं ऐसा हमने गीतों के माध्यम से समझा. उसके
अलावा वास्तविकता में तो हड्डियां टूटा करती हैं.
गीत के बोल:
मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे
के तेरा हाल क्या है के तेरा हाल क्या है
मेरे टूटे हुए दिल से
किस्मत तेरी रीत निराली, ओ छलिये को छलने वाली
फूल खिला तो टूटी डाली
जिसे उलफ़त समझ बैठा, मेरी नज़रों का धोखा था
किसी की क्या खता है
मेरे टूटे हुए दिल से
माँगी मुहब्बत पाई जुदाई, दुनिया मुझको रास न आई
पहले कदम पर ठोकर खाई
सदा आज़ाद रहते थे हमें मालूम ही क्या था
मुहब्बत क्या बला है
मेरे टूटे हुए दिल से
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Mere toote hue dil se-Chhalia 1960
कल्याणजी आनंदजी ने बहुत सारी फिल्मों के शीर्षक गीत
तैयार किये हों ऐसा याद नहीं पड़ता. इधर हो सकता है
राज कपूर ने डिमांड की हो. राज कपूर आवारा हो लिए,
अनाड़ी बन गये, दीवाना बन गये, श्री ४२० बन गये.
श्री ४२० में शीर्षक गीत नहीं है.
इस ब्लॉग के नियमित पाठक इस बात को जानते हैं कि
पहले से ही पिस्ते बादाम के टोटे पड़ गए थे अब तो
मूंगफली भी पहुँच के बाहर हो चली है दिमाग कैसे काम
करे.
उस पर जो सर्पीले जंतु यहाँ ब्लॉग पर पसर कर दिन भर
जाने क्या ढूंढते रहते हैं उससे और दिमाग का कबाडा हो
जाता है. पोस्ट के बीच का रंगीन फोटो भद्दे से धब्बे में
तब्दील हो जाता है.
गीत सुनते हैं जिसे कमर जलालाबादी ने लिखा है और
तर्ज़ बनाई कल्याणजी आनंदजी ने. गीत पर सेंसर की
कैंची चल गई थी और फिल्म के और एल पी के वर्ज़न
में अंतर है. ये मूल वर्ज़न है और इसमें एक अन्तरा
गायब है. वो सबसे आखिर में दे दिया गया है.
गीत के बोल:
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
रोक रहीं हैं राहें मेरी नैना तीखे तीखे
हम तो खाली माल के रसिया इश्क़ नहीं हम सीखे
इश्क़ नहीं हम सीखे
जहाँ भी देखा दाम वहीं निकाला काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम
मैं हूँ गलियों का शहज़ादा जो चाहूँ वो ले लूँ
शहज़ादे तलवार से खेलें मैं कैंची से खेलूँ
मैं कैंची से खेलूँ
मेहनत मेरा काम देना उसका काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम
देखो लोगों ज़रा तो सोचो बनी कहानी कैसे
तुमने मेरी रोटी छीनी छीनी मैंने पैसे
सीखा तुम से काम हुआ मैं बदनाम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम
हिंदू मुसलिम सिख इसाई सबको मेरा सलाम
छलिया मेरा नाम
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Chhalia mera naam-Chhalia 1960
फिल्म छलिया का संगीत कल्याणजी आनंदजी ने तैयार किया उसका एक फायदा ये हुआ १९६० में हमें गीतकार कमर जलालाबादी के गीत सुनने को मिल गए. यूँ तो कल्याणजी आनंदजी की जोड़ी ने कमर जलालाबादी के साथ काफी काम किया मगर राज कपूर की फिल्म में कल्याणजी आनंदजी के संगीत का ये पहला मौका था. कुछ सालों से जनता को राज कपूर की फिल्मों में शंकर जयकिशन का संगीत सुनने की आदत हो गई थी, उसे एक ब्रेक मिला.
जनता कई जगह कहती है कि राज कपूर की वजह से कल्याणजी आनंदजी को इस फिल्म में मौका मिला. सुभाष पिक्चर्स नामक संस्था ने ये फिल्म बनाई थी जो कि सुभाष देसाई की है. मनमोहन देसाई निर्देशक हैं फिल्म के जिनकी बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है.
एक पल को मान लें कि शंकर जयकिशन की जोड़ी में शुरू हुए खिंचाव से कल्याणजी आनंदजी को फायदा हुआ तो जिन आर के बैनर के बाहर की फिल्मों में राज कपूर ने काम किया उनके संगीतकारों को राज कपूर ने ही अवसर दिलवाए होंगे? राज कपूर ने अपने बैनर के लिए कभी भी कल्याणजी आनंदजी की सेवाएं नहीं लीं. वे चाहते तो लक्ष्मी प्यारे के बजाये उन्हें भी अवसर दे सकते थे
गीत के बोल:
तेरी राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के तेरी राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के मेरी अंखियों के नूर मेरे दिल के सुरूर चाहे रहो दूर दूर तुझे पाना हैं ज़रूर तेरी राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के
बादल बरसे दुनिया जाने बादल बरसे दुनिया जाने बादल बरसे दुनिया जाने अँखियाँ बरसे कोई ना जाने दिल की लगी को दिल ही जाने राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के मेरी अंखियों के नूर मेरे दिल के सुरूर चाहे रहो दूर दूर तुझे पाना हैं ज़रूर तेरी राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के
किस छलिये पे ये दिल आया किस छलिये पे ये दिल आया किस छलिये पे ये दिल आया पत्थर से शीशा टकराया ना वो अपना ना वो पराया राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के मेरी अंखियों के नूर मेरे दिल के सुरूर चाहे रहो दूर दूर तुझे पाना हैं ज़रूर टेरी राहों में खड़े हैं दिल थाम के हाय हम हैं दीवाने तेरे नाम के …………………………………………………………… Teri raahon mein khade hain-Chhaliya 1960
फ़िल्मी गीतों पर आधारित अन्ताक्षरी बहुत लोगों ने खेली होगी।
फिल्म छलिया का एक गीत है जो रेडियो पर जितना सुना गया
उतना ही भिन्न भिन्न प्राणियों (गायक और पार्ट टाइम गायक)
की आवाजों में सुना गया। अन्ताक्षरी में कठिन शब्द होते 'ड' और
'ठ' ।
मुकेश के गाये और राज कपूर पर फिल्माए गए इस गीत में आपको
बहुत सी चीज़ों की झलक मिल जाएगी। राज कपूर के गुरु केदार शर्मा
की छाप, राज कपूर के सहायक से स्वतंत्र निर्देशन की राह पर पहुंचे
मनमोहन देसाई के निर्देशन पर राज कपूर के फ़िल्मी एलिमेंट्स का
प्रभाव और शंकर जयकिशन के संगीत की ख़ुशबू।
गीत के बोल:
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा
बिन पिए मैं तो गिरा, मैं तो गिरा, मैं तो गिरा
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा
बिन पिए मैं तो गिरा, मैं तो गिरा, मैं तो गिरा
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
तेरी अदा वह वह क्या बात है
हाय तेरी अदा
अरे तेरी अदा वह वह क्या बात है
अँखियाँ झुकी झुकी बातें रुकी रुकी
अँखियाँ झुकी झुकी बातें रुकी रुकी
देखो कोई रे आज लुट गया
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा
बिन पिए मैं तो गिरा, मैं तो गिरा, मैं तो गिरा
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
सनम हम माना गरीब हैं
हाय, सनम हम
ए जी सनम हम माना गरीब हैं
नसीबा खोटा सही बंद छोटा सही
नसीबा खोटा सही बंद छोटा सही
दिल ये खज़ाना है प्यार का
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा
बिन पिए मैं तो गिरा, मैं तो गिरा, मैं तो गिरा
हाय अल्लाह सूरत आपकी सुभान अल्लाह
मनमोहन देसाई ने अपना निर्देशन का फ़िल्मी कैरियर शुरू किया
फिल्म 'जनम जनम के फेरे' से मगर उनको पहचान मिली फिल्म
छलिया से जो सन १९६० में आई थी। वे बतौर सहायक निर्देशक
पूर्व में राज कपूर के साथ काम कर चुके थे। मनमोहन देसाई पर
हम चर्चा करते रहेंगे समय समय पर । फिलहाल इस गीत और
जिस फिल्म से इसे लिया गया है उसपर कुछ पढ़ा जाये।
फिल्म में राज कपूर के साथ नूतन मौजूद हैं। प्रस्तुत गीत नूतन
पर ही फिल्माया गया है। एक विलायती धुन से प्रेरित यह गीत
कर्णप्रिय है और इसको लता मंगेशकर ने गाया है। गीत में आपको
नायिका और उसकी सहेलियां बैलगाड़ी की सवारी करती दिखलाई
देंगी। गीतों को विभिन्न श्रेणियों में रखने वालों के लिए जानकारी-
इस गीत को हम बैलगाड़ी गीत कह सकते हैं।
८० के दशक में इस गीत की याद दिलाई श्रीलाल शुक्ल रचित कालजयी
रचना 'राग दरबारी' पर बने एक टी वी सीरियल ने। सीरियल में रंगनाथ
का किरदार ओम पुरी ने निभाया था। रुप्पन बाबू का चरित्र किस कलाकार
ने निभाया याद नहीं मगर इतना ज़रूर याद रहा, रुप्पन बाबू एक फ़िल्मी
गीतों के मुखड़ों से भरा एक पत्र बेला नाम के पात्र को लिखते हैं। उपन्यास
के सीरियल रूपांतरण में गीतों के मुखड़े बदल गए और फिल्म छलिया के
इस गीत की कुछ पंक्तियाँ सुनाई दे गयीं। वैसे भी किसी साहित्यिक कृति
के मूल भाव और उसकी आत्मा का स्वरुप फिल्मों में या सीरियल में कायम
रख पाना संभव नहीं होता। ये बात तो तय है कि सीरियल वो प्रभाव नहीं
छोड़ पाया जो पाठक के दिल-ओ-दिमाग पर मूल उपन्यास पढने के बाद
होता है।
गीत के बोल:
हो
हो हो हो हो हो
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
जाने मेरा जिया करे किसका इंतज़ार
इसी को तो कहते हैं जवानी की बहार
बाजे पायल छुन छुन होके बेकरार
जाने मेरा जिया करे किसका इंतज़ार
इसी को तो कहते हैं जवानी की बहार
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
आई बहार करके सोलह सिंगार
आई बहार करके सोलह सिंगार
लाया खुर्शीद देखो किरणों के हार
आई बहार करके सोलह सिंगर
हवा है बेकरार,
फूलों से बार बार करती है प्यार
झुकी झुकी जाए देखो फूलों की कतार
ओ हो हो हो हो
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
जाने मेरा जिया करे किसका इंतज़ार
इसी को तो कहते हैं जवानी की बहार
ओ हो हो हो हो
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
ठहरो हुजूर ऐसी ज़ल्दी है क्या
ठहरो हुजूर ऐसी ज़ल्दी है क्या
उड़ते हैं आप जैसे चंचल हवा
ठहरो हुजूर ऐसी ज़ल्दी है क्या
हो हो हो हो
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
जाने मेरा जिया करे किसका इंतज़ार
इसी को तो कहते हैं जवानी की बहार
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
जाने मेरा जिया करे किसका इंतज़ार
इसी को तो कहते हैं जवानी की बहार
बाजे पायल छुन छुन हो के बेकरार
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Baaje payal chhun chhun-Chhalia 1960