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Apr 6, 2018

आ जा बिछड़े हुए साजन-नई कहानी १९४३

आपको १९४३ की फिल्म नई कहानी से एक गाना सुनवाया था
कुछ साल पहले. अब दूसरा सुनते हैं. इतने गीत हैं और इतनी
फ़िल्में कि याद रख पाना मुश्किल होता है कौन सा गीत पोस्ट
हुआ और कौनसा रह गया. वो तो आज संगीतकार श्याम सुन्दर
वाले गीतों की लिस्ट देखी तो मालूम हुआ कि ये बचा हुआ है.

वली साहब के बोल हैं और इसे जी एम दुर्रानी ने गाया है. रफ़ी
के फिल्म संगीत क्षेत्र में पदार्पण के पूर्व जी एम दुर्रानी काफी
लोकप्रिय हुआ करते थे. रफ़ी और लता के संगीत क्षेत्र में आने
के बाद फिल्म संगीत के सारे समीकरण ही बदल गए.




गीत के बोल:

आ जा आ जा आ जा
आ आ आ आ जा
आ जा आ जा आ जा
आ आ आ आ जा
बिछड़े हुए साजन
बिछड़े हुए साजन जिस देस गया है
जिस देस गया है
उस देस का रस्ता सपने में दिखा जा
आ जा आ जा आ जा
आ आ आ आ जा

बिरहा ने कलेजा यूँ कर दिया छलनी
बिरहा ने कलेजा यूँ कर दिया छलनी
जैसे कोई बन्सी
जैसे कोई बन्सी जंगल में पड़ी हो
आहों से भरी हो
होंठों से लगा के
होंठों से लगा के आहों में समा के
तू गीत बना जा
आ जा आ जा आ जा
आ आ आ आ जा

हो नैन में ऐसे
हो नैन में ऐसे ज्यूँ सीप में मोती
और प्राण में ऐसे ज्यूँ दीप में ज्योति
और प्राण में ऐसे ज्यूँ दीप में ज्योति
सोता हुआ दीपक पल भर को जगा जा
आ जा खा जा आ जा
आ आ आ आ जा
………………………………………………
Aa ja bichhde hue sathi-Nai Kahani 1943

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Sep 26, 2016

खबर किसी को नहीं वो-बेक़सूर १९५०

तीन गायकों वाले गीत हमने कम सुने हैं अभी तक. वैसे इस प्रकार
के गीत बहुत हैं फिल्म संगीत के खजाने में जिनमें तीन गायक या
गायिकाओं ने या उनके कॉम्बीनेशन ने गाया है.

आज सुनते हैं अनिल बिश्वास के संगीत निर्देशन में बना फिल्म बेक़सूर
का एक गीत. एहसान रिज़वी ने इसे लिखा है और जी एम दुर्रानी, मुकेश
और रफ़ी ने इसे गाया है.

फिल्म बेक़सूर में प्रमुख कलाकार हैं अजीत और मधुबाला. यह गीत एक
कव्वाली है जिसमें अजीत के लिए पार्श्व गायन मुकेश ने किया है.





गीत के बोल:


खबर किसी को नहीं वो किधर को देखते हैं
ये कौन जाने कि दिल या जिगर को देखते हैं
नज़र बचा के हम उनकी नज़र को देखते हैं
नज़र बचा के हम उनकी नज़र को देखते हैं
जो बेखबर है उसी बेखबर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं हाय असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं

कोई बताओ के कैसी हमारी किस्मत है
धड़क रहा है दिल अपनी अजीब हालत है
वो आयें घर में हमारे खुदा की कुदरत है
कभी हम उनको वो ओ ओ ओ ओ ओ
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी हे
कभी हम उनको कभी हे अपने घर को देखते हैं

अजी ये इश्क़ देखिये क्या दिन दिखाने वाला है
ज़रूर कोई नया गुल खिलाने वाल है
चमन से और कहीं ले के जाने वाला है
चमन से और कहीं हाय ले के जाने वाला है
चमन से और कहीं ले के जाने वाला है
जवाब खत का मेरे आज आने वाला है
अरे भाई ज़रूर आयेगा
कभी घड़ी को
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
हाँ कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
हाय कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी हे
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
...................................................................................
Khabar kisko nahin-Beqasoor 1950

Artists: Ajit, unknown faces

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Sep 15, 2016

ओ बेखबर तुझे क्या पता-अकलमंद १९६६

आज सुनवाते हैं एक अनूठा गीत जिसे किशोर कुमार और
आई एस जौहर के संग कुछ अनजान कलाकारों पर फिल्माया
गया है., है तो ये एक फ़िल्मी कव्वाली मगर रोचक है. इस
कव्वाली को लिखा है अज़ीज़ कश्मीरी ने और इसकी धुन बनाई
है ओ पी नैयर ने.

गीत में किशोर कुमार और आई एस जौहर दोनों के लिए पार्श्व
गायन महेंद्र कपूर ने किया है. महेंद्र कपूर से वे बोल भी गवा
लिए गए हैं जिनके लिए किशोर कुमार विख्यात थे.

गीत में पुराने ज़माने के गायक जी एम् दुर्रानी और नयी पीढ़ी
के गायक भूपेंद्र की आवाजें भी है. भूपेंद्र सन १९६६ के हिसाब
से युवा पीढ़ी के उभरते गायक थे.



गीत के बोल:

तुम हो और क्या हो हम जान गए हैं
अब सामने आ जाओ के पहचान गए हैं

ओ बेखबर तुझे क्या पता
मिले दिल जिसे वो है बादशाह
ओ बेखबर तुझे क्या पता
मिले दिल जिसे वो है बादशाह
वो जो दर्द दुनिया का बाँट ले
वो बशर नहीं
वो बशर नहीं वो तो है खुदा
ओ बेखबर तुझे क्या पता

तोड़े जो किसी का दिल कोई
कहते हैं फलक हिल जाता है
एक पर्दानशीं की बात है क्या
ढूंढें से खुदा मिल जाता है
ये भेद की बात कहें कैसे
दिलवालों ने क्या क्या देख लिए
मंसूर चढा जब सूली पर
दुनिया ने तमाशा देख लिया
है खुदा का भी यही फैसला
है खुदा का भी यही फैसला
मिले दिल जिसे वो है बादशाह
वो जो दर्द दुनिया का बाँट ले
वो बशर नहीं वो तो है खुदा
ओ बेखबर तुझे क्या पता

कुछ लोग बदल कर भेस यहाँ
संसार को धोखा देते हैं
झूठी ही तसल्ली दे दे कर
बीमार को धोखा देते हैं
कुछ ऐसे भी हैं दिलवाले यहाँ
जो जान के धोखा खाते हैं
दुश्मन को दोस्त समझते हैं
पहचान के धोखे खाते हैं
लुटा दिल तो दिल ने यही कहा
लुटा दिल तो दिल ने यही कहा

कहते हैं के दुनिया से पहले
दिलवालों की तस्वीर बनी
फिर हुस्न बना फिर इश्क बना
फिर आशिक की तकदीर बनी
दीवाने हमें गाफिल ना समझ
हम आशिक हैं अनजान नहीं
हर बात को खूब समझते हैं
हैं अकलमंद नादान नहीं
जो किसी के गम से हो आशना
जो किसी के गम से हो आशना
वो बशर नहीं वो तो है खुदा
ओ बेखबर तुझे क्या पता
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O bekhabar tujhe kya pata-Akalmand 1966

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Jul 11, 2011

नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे-नई कहानी १९४३

गायक - जी एम् दुर्रानी
गीतकार-वली साहब
संगीतकार -श्याम सुन्दर
फिल्म -नई कहानी
वर्ष-१९४३




गीत के बोल:

नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे
कितने मीठे कैसे प्यारे
नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे
कितने मीठे कैसे प्यारे
लहरों की
लहरों की गोदी में जैसे
आँख मिचौली खेले तारे
आँख मिचौली खेले तारे

नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे
कितने मीठे कैसे प्यारे

मन दोनों के खिल जाने दो
इक दूजे से मिल जाने दो
मन दोनों के खिल जाने दो
इक दूजे से मिल जाने दो
देखते हैं बेचैन बेचारे
नैन तुम्हारे नीर हमारे

नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे
कितने मीठे कैसे प्यारे

नर्गिस को शरमाते हैं वो
जल में आग लगाते हैं ये
नर्गिस को शरमाते हैं वो
जल में आग लगाते हैं ये
दोनों हैं बदनाम बेचारे
ज़ख़्म हमारे तीर तुम्हारे

नींद हमारे ख़्वाब तुम्हारे
कितने मीठे कैसे प्यारे
.................................
Neend hamari khwab tumhare-Nai Kahani 1943

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