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Feb 14, 2020

हँस के न तीर चलाना-बेक़सूर १९५०

विंटेज युग संगीत प्रेमियों के अनुसार ५० के पहले का
माना जाता है. ये जून पुराने संगीत रसिकों द्वारा तय
किया कट ऑफ है. वर्ष १९५० के गानों को हम चाहें
तो मान सकते हैं विंटेज युग के गीत.

सुनते हैं लता और रफ़ी का गाया हुआ एहसान रिज़वी
का लिखा गीत जिसकी तर्ज़ बनाई है हंसराज बहल ने.

स्टेज कार्यक्रम में नायिका नाच रही है जिसकी भाव
भंगिमाएं देख के दीर्घ में बैठा नायक कुढ़ रहा है.



गीत के बोल:

हँस के न तीर चलाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना
हँस के न तीर चलाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना
गोरी इतना न हम पे सितम ढाना

रह रह के याद सताये
रह रह के याद सताये
गोरे गालों पे
ओ गोरे गालों पे मन ललचाये
गोरे गालों पे मन ललचाये
कुछ अपनी निशानी दिये जाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना

तुम इतना न हम पे सितम ढाना
गोरी इतना न हम पे सितम ढाना

जो देखे वो ही ललचाये
जो देखे वो ही ललचाये
कोई किस किस से आँख चुराये
कोई किस किस से आँख चुराये
जिसे देखो पुकारे चली आना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना

तुम इतना न हम पे सितम ढाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना

मर जायेंगे हम घबरा के
मर जायेंगे हम घबरा के
मुँह छुपाना ना
ओ मुँह छुपाना ना घूँघट उठा का
मुँह छुपाना ना घूँघट उठा का
गोरी हमसे न तुम शरमाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना

तुम इतना न हम पे सितम ढाना
गोरी इतना न हम पे सितम ढाना

पछताउँ मैं प्रीत लगा के
पछताउँ मैं प्रीत लगा के
घबराती हूँ आँख मिलाते
घबराती हूँ आँख मिलाते
मेरा भोला सा मन न दुखाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना

तुम इतना न हम पे सितम ढाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना

हँस के न तीर चलाना
दिल ख़ुद ही बनेगा निशाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना
तुम इतना न हम पे सितम ढाना
...............................................................................
Hans ken a teer chalana-Beqasoor 1950

Artists: Madhubala, Ajit

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Nov 18, 2016

मन में नाचे मन की उमंगें-बेक़सूर १९५०

लता मंगेशकर का गाया हुआ और मधुबाला पर फिल्माया गया
एक और लाजवाब गीत सुनते हैं जो फिल्म बेक़सूर से है. इसे
एहसान रिज़वी ने लिखा है और संगीत तैयार किया है अनिल
बिश्वास ने.

सन ५० की फिल्म बेक़सूर से एक गीत आप सुन चुके हैं जिसे
दुर्रानी,मुकेश और रफ़ी ने गाया है. उस गीत में भी एहसान रिज़वी
के बोल हैं और अनिल बिश्वास का संगीत है.

फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं अजित और मधुबाला. के अमरनाथ
ने फिल्म का निर्देशन किया था. गीता निजामी, दुर्गा खोटे, याकूब,
गोप और प्रमिला फिल्म के बाकी उल्लेखनीय कलाकार हैं.




गीत के बोल:

मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर
मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर
डूबी जाए चांदनी
झूमे घटा घनघोर
मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर

भँवरे नाचे कलियाँ नाचें
और नाचे मधुमास
भँवरे नाचे कलियाँ नाचें
और नाचे मधुमास
बिरहा रैन से मिल कर नाचे
पिया मिलन की आस रे
पिया मिलन की आस
लहर लहर पर चंदा नाचे
ता थई ता थई ता थई ता थई
लहर लहर पर चंदा नाचे
किरण किरण पे चकोर

मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर

सावन की ओढ़े ओढनी
बिजली झलक दिखाए
सावन की ओढ़े ओढनी
बिजली झलक दिखाए
नयी नयी दुल्हन का जैसे
घूंघट खुल खुल जाए रे
घूंघट खुल खुल जाए
मैं किनसे शरामाऊं गोरी
मैं किनसे शरामाऊं गोरी
दूर बसे चितचोर

मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर
डूबी जाए चांदनी
झूमे घटा घनघोर
मन में नाचे मन की उमंगें
बन में नाचे मोर
.............................................................................
Man mein nache man ki umangen-Beqasoor 1950

Artists: Madhubala

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Oct 30, 2016

एक तेरा सहारा-शमा १९४६

विंटेज युग से एक गीत सुनते हैं. ये है सन १९४६ की फिल्म
शाम से शमशाद बेगम का गाया हुआ. एहसान रिज़वी का लिखा
हुआ गीत है जिसकी तर्ज़ गुलाम हैदर ने बनाई है.

फिल्म शमा के सुरैया के गाये गीत ज्यादा प्रसिद्ध हैं मगर फिल्म
रिलीज़ के आसपास शमशाद के गीत भी जनता खूब सुना करती
थी. उपलब्धता के लिहाज़ से ये गीत दुर्लभ की श्रेणी में आता है.

गीत फिल्म में दो भाग में उपलब्ध है. वीडियो में केवल भाग १
मौजूद है.




गीत के बोल:

इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा
दिल तोड़ के दुनिया ने किया हमसे किनारा
इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा

शिक़वा है किसी का न शिकायत है किसी से
शिक़वा है किसी का न शिकायत है किसी से
फ़रियाद है इक टूटे हुए दिल की तुझी से
फ़रियाद है इक टूटे हुए दिल की तुझी से
होता नहीं बरबाद कोई अपनी खुशी से
बिगड़ी हुई तक़दीर पे क्या ज़ोर हमारा
इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा

दुनिया
दुनिया में नहीं कोई जिसे हाल सुनायें
दुनिया में नहीं कोई जिसे हाल सुनायें
आँसू किसे हम रोते हुए दिल के दिखायें
आँसू किसे हम रोते हुए दिल के दिखायें
बरबाद हैं बेक़स हैं बता अब कहाँ जायें
बेदर्द ज़माने में नहीं कोई हमारा
इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा

क्यों ख़ून गरीबों का बहाती है ख़ुदाई
क्यों ख़ून गरीबों का बहाती है ख़ुदाई
अल्लाह दुहाई है दुहाई है दुहाई
अल्लाह दुहाई है दुहाई है दुहाई
कब तक ये सितम और ये दर दर की गधाई
मिलता नहीं दो दिन के लिये भी तो सहरा

इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा


किस्मत ही अब तो हाय हमारी बिगड़ गई
किस्मत ही अब तो हाय हमारी बिगड़ गई
दिल की बसी बसाई ये दुनिया उजड़ गई
दिल की बसी बसाई ये दुनिया उजड़ गई
दौलत जो थी हमारी वो हम से बिछड़ गई
काली घटा में छुप गया तक़दीर का तारा
इक तेरा सहारा
इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा


है तेरे सिवा कौन जो इस दिल को मनाये
है तेरे सिवा कौन जो इस दिल को मनाये
जो दाग़ जिगर के हैं उन्हें फूल बनाये
जो दाग़ जिगर के हैं उन्हें फूल बनाये
है कौन कि कांटों से जो दामन को छुड़ाये
उलझा है तेरे होते हुए जो आज दुबारा

इक तेरा सहारा इक तेरा सहारा
……………………………………………………………
Ek tera sahara-Shama 1946

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Sep 26, 2016

खबर किसी को नहीं वो-बेक़सूर १९५०

तीन गायकों वाले गीत हमने कम सुने हैं अभी तक. वैसे इस प्रकार
के गीत बहुत हैं फिल्म संगीत के खजाने में जिनमें तीन गायक या
गायिकाओं ने या उनके कॉम्बीनेशन ने गाया है.

आज सुनते हैं अनिल बिश्वास के संगीत निर्देशन में बना फिल्म बेक़सूर
का एक गीत. एहसान रिज़वी ने इसे लिखा है और जी एम दुर्रानी, मुकेश
और रफ़ी ने इसे गाया है.

फिल्म बेक़सूर में प्रमुख कलाकार हैं अजीत और मधुबाला. यह गीत एक
कव्वाली है जिसमें अजीत के लिए पार्श्व गायन मुकेश ने किया है.





गीत के बोल:


खबर किसी को नहीं वो किधर को देखते हैं
ये कौन जाने कि दिल या जिगर को देखते हैं
नज़र बचा के हम उनकी नज़र को देखते हैं
नज़र बचा के हम उनकी नज़र को देखते हैं
जो बेखबर है उसी बेखबर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं हाय असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं
दुआएं माँग रहे हैं
दुआएं माँग रहे हैं असर को देखते हैं

कोई बताओ के कैसी हमारी किस्मत है
धड़क रहा है दिल अपनी अजीब हालत है
वो आयें घर में हमारे खुदा की कुदरत है
कभी हम उनको वो ओ ओ ओ ओ ओ
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं
कभी हम उनको कभी हे
कभी हम उनको कभी हे अपने घर को देखते हैं

अजी ये इश्क़ देखिये क्या दिन दिखाने वाला है
ज़रूर कोई नया गुल खिलाने वाल है
चमन से और कहीं ले के जाने वाला है
चमन से और कहीं हाय ले के जाने वाला है
चमन से और कहीं ले के जाने वाला है
जवाब खत का मेरे आज आने वाला है
अरे भाई ज़रूर आयेगा
कभी घड़ी को
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
हाँ कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
हाय कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
कभी घड़ी को कभी हे
कभी घड़ी को कभी नामबर को देखते हैं
...................................................................................
Khabar kisko nahin-Beqasoor 1950

Artists: Ajit, unknown faces

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Jan 31, 2010

हो सैयां जादू डार गए- बड़ा भाई १९५७

आपने बड़ी बहिन, छोटी बहिन इत्यादि फिल्मों का नाम
अवश्य सुना होगा। एक फिल्म है बड़ा भाई नाम से,जो सन
१९५७ कि फिल्म है। कुमकुम नाच रही हैं कुछ अजीब सी
जगह पे। होटल के अन्दर स्टेज जैसा कुछ बना हुआ है।
नायिका कि वेशभूषा देसी है, नृत्य भी थोडा देसी, थोडा विदेशी
है। गीत लिखा है एहसान रिज़वी ने और धुन बनाई है नाशाद ने।

कुमकुम के नृत्य में बिजली सी फुर्ती और गज़ब का आकर्षण
होता था. गीत में उनकी उपस्थिति से ही जान आ जाती थी.



गीत के बोल:

हो सैयां जादू डार गए
सैयां जादू डार गए
हो सैयां जादू डार गए
सैयां जादू डार गए
जादूगर जीते जी मार गए
हम दिल हार गए
सैयां जादू डार गए

जगी जगी अंखियों में डोरे गुलाबी
जगी जगी अंखियों में डोरे गुलाबी
मस्ती में झूमे जैसे शराबी
मस्ती में झूमे जैसे शराबी
मदभरी अंखियों से मार गए
हो, हम दिल हार गए
हम दिल हार गए

जादूगर जीते जी मार गए
सैयां जादू डार गए
सैयां जादू डार गए

भीगी भीगी रातें ऊंची घटायें
भीगी भीगी रातें ऊंची घटायें
नैना मिला के बिजली गिराएं
नैना मिला के बिजली गिराएं
काली काली जुल्फों से हार गए
हो, हम दिल हार गए
हम दिल हार गए

जादूगर जीते जी मार गए
सैयां जादू डार गए
सैयां जादू डार गए

गोरा गोरा मुखड़ा आँचल की ओट में
गोरा गोरा मुखड़ा आँचल की ओट में
चंदा का टुकड़ा बादल की ओट में
चंदा का टुकड़ा बादल की ओट में
सपने दिखा के जादू डार गए
हो हम दिल हार गए
हम दिल हार गए

जादूगर जीते जी मार गए
हम दिल हार गए
सैयां जादू डार गए
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Saiyan jadoo daar gaye-Bada bhai  1957

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