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Jul 19, 2020

अपने होंठों की बंसी बना ले मुझे-गैम्बलर १९७१

कई दिन से लॉग इन में दिक्कत आ रही है.

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का मेसेज आता है. क्या दूसरे ब्लोगर्स को भी ऐसी
कुछ दिक्कत आई? गूगल भाई बतलायेंगे उनको
क्या समस्या है?
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आज कवि गोपालदास नीरज की पुण्यतिथि है. वे
हमसे दो साल पहले ही बिछड़े थे. कवी सम्मेलनों की
शान रहने वाले नीरज ने हिंदी फिल्मों के लिए सत्तर
के दशक में काफी गीत लिखे.

उनकी लेखनी का लोहा हिंदी फ़िल्मी गाने सुनने वाले
भी मानते हैं.

उनकी कलम से निकला एक युगल गीत सुनते हैं फिल्म
गैम्बलर से जो सन १९७१ की फिल्म है.

लता और किशोर के गाये इस गीत की धुन तैयार की
है सचिन देव बर्मन ने.





गीत के बोल:

अपने होंठों की बंसी बना ले मुझे
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Apne honthon ki bansi bana le-Gambler 1971

Artists: Dev Anand, Zahida



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Jul 21, 2018

कैसा है मेरे दिल तू खिलाडी-गैम्बलर १९७१

कविवर नीरज की स्मृति में एक गीत सुनते हैं आज जिसे हमने
फिल्म गैम्बलर से चुना है हमारे पाठकों के लिए. क्या खूब कहा
था उन्होंने- आदमी को आदमी बनाने के लिए जिंदगी में प्यार की
कहानी चाहिए.

जीवन की आपाधापी में बहुत कुछ छूट जाता है. कोई पैसे कमाने
से रह जाता है तो कोई खुशियों के पल. सम्पूर्णता जीवन में शायद
ही किसी को नसीब होती हो. कुछ ना कुछ तो कमी रह ही जाती
है. दृष्टिकोण पर भी निर्भर करता है. चाह बहुत अधिक हो तो
व्यक्ति प्यासा सा ही रहता है. संतोष जीवन की एक बड़ी कुंजी है
जिससे बड़ी बड़ी समस्याएं सुलझ जाती हैं.

फिल्म के नायक को पैसे की डरकर थी, वो उसे मिल गया फिर
उसे अब किस बात की कमी है, जाने के लिए सुनते हैं ये गीत.
देव आनंद पर फिल्माया गया ये गीत अपने गति परिवर्तन के
लिए जाना जाता है. दो मूड हैं इस गीत में. गीत का संगीत तैयार
किया है एस डी बर्मन ने.




गीत के बोल:

कैसा है मेरे दिल तू खिलाड़ी
भर के भी है तेरा प्याला खाली
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Kaisa hai mere dil too khiladi-Gambler 1971


Artist: Dev Anand

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Dec 12, 2017

गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर-गैम्बलर १९९५

सन १९९५ की फिल्म गैम्बलर से शीर्षक गीत सुनते हैं जिसे
गोविंदा और शिल्प शेट्टी पर फिल्माया हाय है. बाकी के डिटेल्स
टैग में उपलब्ध हैं.




गीत के बोल:

आवारा नहीं नहीं सौदागर नहीं नहीं दीवाना अरे नहीं नहीं
अनाड़ी खिलाड़ी जादूगर बाज़ीगर ऐ नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
ओ ना तू खिलाड़ी न तू बाज़ीगर ना तू अनाड़ी न तू जादूगर
जाने तुझे देख के क्यों लगता है डर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
दिल को चुरा के अपना बना के धोखा तू देगा है मुझे खबर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर
ना मैं खिलाड़ी न मैं बाज़ीगर न मैं अनाड़ी न मैं जादूगर
जानेमन ओ जाने जान
गैम्बलर गैम्बलर हाँ मैं गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर हाँ मैं गैम्बलर
दिल को चुरा के अपना बना के धोखा न दूंगा ओ बेखबर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर

बातों ही बातों में तुम पर कर लूं मैं कैसे भरोसा
जिसने किया है भरोसा होता है उसको ही धोखा
हाँ मैं ऐसा इंसां नहीं हूँ चाहे मुझे आज़मा ले
आशिक़ वो ही जो मोहब्बत में हो जान अपनी लुटा दे
नज़रों में मेरे दिल की जुबां है देखूं तो पहचान कर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
हे गैम्बलर गैम्बलर हाँ मैं गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर

फिर तो मुबारक हो तुमको अब ये मुलाकात मेरी
ले कर करवटें गुज़रेगी न रात मेरी
यादों को दिल से लगा कर हाँ करना पड़ेगा गुज़ारा
यादों में मानेगा कैसे हाँ दिल तेरी चाहत का मारा
आँखों के रस्ते तस्वीर मेरी ले जाना तुम खींच कर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर तू है गैम्बलर
दिल को चुरा के अपना बना के धोखा तू देगा है मुझे खबर
गैम्बलर गैम्बलर हाँ मैं गैम्बलर
गैम्बलर गैम्बलर हाँ मैं गैम्बलर
दिल को चुरा के अपना बना के धोखा न दूंगा ओ बेखबर
गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर गैम्बलर
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Gambler gambler-Titlesong 1995

Artists: Govinda, Shilpa Shetty

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Jul 5, 2017

मेरा मन तेरा प्यासा-गैम्बलर १९७१

एक गीत की ब्यूटी यही है कि शब्द कैसे भी हों उसका
भाव बदल जाए. इस गीत के मुखड़े में प्यासा शब्द है,
अगर इस पर कोई डिस्को गीत बना होता तो भाव कुछ
अलग होते.

गैम्बलर फिल्म का ये गीत सौम्य और सॉफ्ट सा है.
इस एक शब्द के अलावा पूरा गीत सीधा साधा सा है
इसलिए सुनने में कानों को आराम देता है. धुन और
इसमें प्रयुक्त वाद्य यंत्रों की ध्वनियाँ भी गुदगुदाने वाली
हैं. नीरज जा गीत है, एस डी बर्मन का संगीत और
रफ़ी की मोहक आवाज़. परदे पर देव आनंद इस गीत
पर संगीतमय कसरत कर रहे हैं.



गीत के बोल:

मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा
मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा
पूरी कब होगी आशा 
मेरा मन तेरा
मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा

जबसे मैंने देखा तुझे मेरा मन नहीं रहा  मेरा
दे दे अपना हाथ मेरे हाथों में क्या जाए  तेरा
जबसे मैंने देखा तुझे मेरा मन नहीं रहा  मेरा
दे दे अपना हाथ मेरे हाथों में क्या जाए  तेरा
अब तो न तोड़ो आशा
मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा

ज़िन्दगी है मेरी इक दाँव  तू है हार-जीत  मेरी
ऐसे वैसे कैसे भी तू खेल हमसे जैसे मर्ज़ी  तेरी
ज़िन्दगी है मेरी इक दाँव  तू है हार-जीत  मेरी
ऐसे वैसे कैसे भी तू खेल हमसे जैसे मर्ज़ी  तेरी
कितनी है भोली आशा
मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा

पता नहीं कौन हूँ मैं  क्या हूँ और कहाँ मुझे  जाना
अपनी वो कहानी जो अंजानी हो के बन गई  फ़साना
पता नहीं कौन हूँ मैं  क्या हूँ और कहाँ मुझे  जाना
अपनी वो कहानी जो अंजानी हो के बन गई  फ़साना
जीवन क्या है  तमाशा
मेरा मन तेरा प्यासा  मेरा मन तेरा
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Mera man tera pyasa-Gambler 1971

Artist: Dev Anand

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Jul 1, 2017

दिल आज शायर है-गैम्बलर १९७१

सन १९७१ की फिल्म गैम्बलर का शायद सबसे लोकप्रिय गीत
किशोर कुमार का गाया गीत ही लगता है. वैसे तो फिल्म के
और भी गीतों ने तहलका मचाया था मगर ये सबसे ज्यादा
सुनाई दिया अभी तक.

अच्छे गीतों में गलतियाँ नहीं निकाली जातीं इसलिए गीत की
एक पंक्ति में हम और मैं शब्द के एक साथ प्रयोग को हम भी
नज़र अंदाज़ करते हुए इसे बरसों से सुन रहे हैं. फिल्म का हीरो
पैसे वाला अर्थात रईस बन चुका है, वो कुछ भी कर सकता है.

नीरज के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है एस डी बर्मन ने.



गीत के बोल:

दिल आज शायर है ग़म आज नग़मा है
शब ये ग़ज़ल है सनम
दिल आज शायर है ग़म आज नग़मा है
शब ये ग़ज़ल है सनम
गैरों के शेरों को ओ सुनने वाले
हो इस तरफ़ भी करम

आ के ज़रा देख तो तेरी खातिर
हम किस तरह से जिये
आ के ज़रा देख तो तेरी खातिर
हम किस तरह से जिये
आँसू के धागे से सीते रहे हम
जो ज़ख्म तूने दिये
चाहत की महफ़िल में ग़म तेरा लेकर
क़िस्मत से खेला जुआ
दुनिया से जीते पर तुझसे हारे
यूँ खेल अपना हुआ

है प्यार हमने किया जिस तरह से
उसका न कोई जवाब
है प्यार हमने किया जिस तरह से
उसका न कोई जवाब
ज़र्रा थे लेकिन तेरी लौ में जल कर
हम बन गये आफ़ताब
हमसे है ज़िंदा वफ़ा और हम ही से
है तेरी महफ़िल जवाँ
हम जब न होंगे तो रो रो के दुनिया
ढूँढेगी मेरे निशां

रे प्यार कोई खिलौना नहीं है
हर कोई ले जो खरीद
रे प्यार कोई खिलौना नहीं है
हर कोई ले जो खरीद
मेरी तरह ज़िन्दगी भर तड़प लो
फिर आना इसके करीब
हम तो मुसाफ़िर हैं कोई सफ़र हो
हम तो गुज़र जाएँगे ही
लेकिन लगाया है जो दांव हमने
वो जीत कर आएँगे ही
वो जीत कर आएँगे ही
वो जीत कर आएँगे ही
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Dil aaj shayar hai-Gambler 1971

Artists: Dev Anand, Zahida

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