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May 3, 2020

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है-जानेमन २००६

सन २००६ की फिल्मों में से चर्चित फिल्म जानेमन का एक
गाना सुनते हैं आज जो फिल्म के बेहतर गीतों में से एक है.

गुलज़ार के बोलों को धुन दी है अन्नू मलिक ने. इसे गाया है
सोनू निगम और साधना सरगम ने.

गीत में वीडियो की रफ़्तार ऑडियो से अधिक है और लाल रंग
की प्रधानता है. लाल रंग की बाइक पर उड़ते हुए दूल्हा दुल्हन
फेरे लेने पहुँचते हैं और दुल्हन मंगलसूत्र लायी है. दुल्हन को
गोदी में उठाये दूल्हा सीधे बेडरूम तक पहुँचता है. ये होता है
नई टेक्नोलोजी का फायदा. विचारों के साथ क्रिया की गति भी
बढ़ जाती है जहाँ तक फिल्मों का सवाल है.

गीत हरे रंग की और अग्रसर हो जाता है ताकि ऊपर लिखा
वाक्य गलत सिद्ध हो. उसके थोड़ी देर बाद फिर लाल की ओर.
यार ये वीडियो तो हमें चकमा दे रहा है. इसमें आपको स्टेज की
लाइम लाईट भी दिखाई देती है, वही लाईट जो चूने जैसी सफ़ेद
होती है.

गीत पूरी कहानी समेटे हुए है अपने आप में और रिजेक्शन के
बाद डिजेक्शन की अवस्था कैसी होती है इसे बखूबी अंत में
समझा दिया गया है.




गीत के बोल:

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है
हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है

हुआ जो ज़माने का दस्तूर है
मॉम मानी नहीं
डैड नाराज़ था
मेरी बरबादियों का वो आग़ाज़ था
इश्क़ का एक ही एक अन्दाज़ था
वो न राज़ी हुये
हम भी बाग़ी हुए
बेक़रार हम फ़रार हो गए

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है

मैं परेशान हूँ एक मजबूरी पर
होगा ग़म जान कर साथ हूँ मैं मगर
मुझको रहना पड़ेगा ज़रा दूरी पर
सिर्फ़ दो ही महीने हैं सह लो अगर
मेरा फ़्यूचर है तेरी क़सम
मेरा फ़्यूचर है इसमें पिया

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है

वक़्त से हारा लौटा जो मैं
लौट कर अपने घर जा चुकी थी पिया
फ़ोन करता रहा फ़ोन भी ना लिया
मैंने ख़त भी लिखे साल भर ख़त लिखे
मेरी आवाज़ पहुँची नहीं खो गई मेरी पिया कहीं
मुझको उम्मीद थी एक दिन तो कभी
वो भी आवाज़ देगी मुझे

हमको मालूम है इश्क़ मासूम है
दिल से हो जाती हैं ग़लतियाँ
सब्र से इश्क़ महरूम है
……………………………………………..
Hamo maloom hai sihq masoom-Jaaneman 2006

Artists: Salman Khan, Preity Zinta

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Mar 7, 2020

जानेमन जानेमन-शीर्षक गीत १९७६

किशोर कुमार के गाये गीत युवा पीढ़ी को बेहद पसंद
आते हैं. ऐसा नहीं है कि उनके मुरीदों में अधेढ़ उम्र
और ज्यादा उम्र वाले लोग नहीं हैं मगर युवा वर्ग कुछ
ज्यादा सुनता हैं उनके गानों को.

सुनते हैं किशोर कुमार का एक बेहद लोकप्रिय गीत
जिसे देव आनंद पर फिल्माया गया है. देव आनंद इसमें
टैक्सी चलाते हुए गाने पर होंठ हिला रहे हैं. एक टैक्सी
ड्राइवर कितने लोगों की पप्पी-झप्पी, तू तू मैं मैं का
राजदार होता है

आनंद बक्षी की रचना है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
हमारे मित्र की याद अक्सर ऐसे गीतों में आती है जब
उनका Zaaneman zaaneman याद आता है.




गीत के बोल:

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
हूँ हूँ हूँ जानेमन जानेमन
जानेमन किसी का नाम नहीं
फिर भी ये नाम होंठों पे न हो
ऐसी कोई सुबह नहीं शाम नहीं
जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन

मैंने सिर्फ़ ख़यालों से ख़्वाबों की सेज सजाई है
दिल के खाली दीवारों पर इक तस्वीर बनाई है
मैंने सिर्फ़ ख़यालों से ख़्वाबों की सेज सजाई है
दिल के खाली दीवारों पर इक तस्वीर बनाई है
तस्वीरों पे मरता हूँ वक़्त गुज़ारा करता हूँ
मैं महबूब की गलियों का कोई आशिक़ बदनाम नहीं

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन

कल की बात ख़ुदा जाने पर आज तलक़ ये बात नहीं
दिल पे बादल छाये हैं पर आँखों में बरसात नहीं
कल की बात ख़ुदा जाने पर आज तलक़ ये बात नहीं
दिल पे बादल छाये हैं पर आँखों में बरसात नहीं
कैसा मैं दीवाना हूँ ऐसा मैं मस्ताना हूँ
प्यास तो है इन होंठों पर लेकिन हाथों में जाम नहीं

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
जानेमन किसी का नाम नहीं
फिर भी ये नाम होंठों पे न हो
ऐसी कोई सुबह नहीं शाम नहीं
जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
………………………………………………..
Jaaneman jaaneman-Title song 1976

Artist: Dev Anand

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Mar 6, 2020

मेरा नाम हाय राम-जानेमन १९७६

७० के दशक की लोकप्रिय फिल्मों में से एक है
जानेमन. इसमें हेमा मालिनी की दोहरी भूमिका
है. फिल्म रोचक कहानी, लोकप्रिय गीत, अखाड़ा
और भैंसों के तबेले के लिए जानी जाती है.

गीत में दोनों भूमिकाओं के दर्शन हो जाते हैं.



गीत के बोल:

इलाहाबाद में पैदा हुई
इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

कैसे आई कहाँ आई ये जवानी मत पूछो
कैसे आई
हाँ कैसे आई कहाँ आई ये जवानी मत पूछो
शर्म आती है तौबा रे कहानी मत पूछो
के हाँ शालीमार के बाग में से बनी फूल ये कली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
मेहरबान मेरे मेहरबान हर जगह हैं
रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
के हाँ लखनऊ के रंगीन शहर में सबा मैं बन के ढली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
…………………………………………………
Mera naam haaye Ram-Jaaneman

Artists: Heman Malini

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Mar 2, 2018

अजनबी शहर है-जानेमन २००६

एक गीत सुनते हैं सोनू निगम का गाया हुआ फिल्म जानेमन
से. गुलज़ार का गीत है और अन्नू मलिक का संगीत.

जोर लगा के हैया-गायन शैली का अविष्कार २०१० के बाद
नहीं हुआ दोस्तों. ये तो बहुत पहले से शुरू हो गया था. इसके
बाद ‘जोर की भूख लगी है खाना दो’ शैली आई फिर आई
‘कस के लगी है रास्ता दो’ शैली.

गीत में खट्टी मीठी आँखें तो नहीं मगर पतली चांदनी मौजूद
है. गीत के अंत में वो कहावत-हरा हरा दिखना वाली को
प्रतीकात्मक तौर पर दिखलाया गया है. टी शर्ट नहीं बदलती
बस चेहरा बदलता रहता है. 




गीत के बोल:

अजनबी शहर है अजनबी शाम है
ज़िन्दगी अजनबी क्या तेरा नाम है
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
ये मिलती है बिछड़ती है
बिछड़ के फिर से मिलती है
अजनबी शहर है अजनबी शाम है

आपके बग़ैर भी हमें
मीठी लगें उदासियाँ
क्या ये आपका आपका कमाल है
शायद आपको ख़बर नहीं
हिल रही है पाँव की ज़मीं
क्या ये आपका आपका ख़याल है
अजनबी शहर में ज़िन्दगी मिल गई
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
मैं समझा था क़रीब है
ये और का नसीब है

बात है ये इक रात की
आप बादलों पे लेटे थे
हूँ वो याद है आपने बुलाया था
सर्दी लग रही थी आपको
पतली चाँदनी लपेटे थे
और शॉल में ख़्वाब के सुलाया था
अजनबी ही सही साँस में सिल गई
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
मेरी नहीं ये ज़िन्दगी
रक़ीब का नसीब है
अजनबी शहर है अजनबी शाम है
..................................................
Ajnabi shahr hai-Jaaneman 2006

Artists: Preity Zinta, Akshay Kumar, Salman Khan

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Apr 20, 2017

आएगी किसी को हमारी याद-जानेमन १९७६

आएगी ज़रूर आएगी, क्या? किसी को दिल से याद करो
तो घर की छत की मुंडेर पर कौवा काँव काँव करने लगता
है. याद आना ज़रूरी है चाहे वो उधार पैसे ले के भागे
व्यक्ति की क्यूँ ना हो.

आएगी शब्स से शुरू होने वाला एक लोकप्रिय गीत सुनते
हैं फिल्म जानेमन से. हेमा मालिनी के डबल डोज़ अर्थात
डबल रोल वाली इस फिल्म में उनके ऊपर फिल्माए कुछ
लोकप्रिय गीत हैं उनमें से एक आज प्रस्तुत है.

आनंद बक्षी के लिखे गीत को लता मंगेशकर ने गाया है.
लक्ष्मी प्यारे इसके संगीतकार हैं.



गीत के बोल:

आएगी आएगी आएगी
किसी को हमारी याद आएगी
मेरा मन कहता है
प्यासे जीवन में
छाएगी  छाएगी  छाएगी
कभी कोई बदली छाएगी
आएगी आएगी आएगी
किसी को हमारी याद आएगी

दुनिया में कौन हमारा है 
उम्मीद का एक सहारा है
कश्ती भी है टूटी-टूटी और
कितनी दूर किनारा है
माँझी न सही कोई मौज कभी
साथ हमें भी ले जाएगी
आएगी आएगी आएगी
किसी को हमारी याद आएगी

इन ग़म की गलियों में कब तक 
ये दर्द हमें तड़पाएगा
इन रस्तों पे चलते-चलते 
हमदर्द कोई रुक जाएगा
फ़रियाद मेरी दुनिया की
दीवारों से टकराएगी
आएगी आएगी आएगी
किसी को हमारी याद आएगी
......................................................................
Aayegi aayegi aayegi-Janeman 1976

Artist: Hema Malini

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Apr 12, 2016

सौ दर्द हैं-जान-ए-मन २००६

एक जानेमन फिल्म है देव आनंद वाली जिसके खूब चर्चे हुए.
ये अब क्लासिक कही जाती है. सन १९७६ में आई थी जिसमें
हेमा मालिनी की दोहरी भूमिका थी. ठीक ३० साल बाद नयी
जानेमन आई इस फिल्म में प्रिटी जिंटा नायिका है और उनके
संग दो नायक हैं अक्षय और सलमान. शिरीष कुंदर निर्देशित
इस फिल्म के निर्माता साजिद नाडियाडवाला हैं.

फिल्म में कुछ कर्णप्रिय गीत है. गीत लिखे हैं गुलज़ार ने और
फिल्म में संगीत है अन्नू मलिक का. सीली सीली सी हवा के
रचयिता ने इधर सूखी-सूखी सी हवा का जिक्र परोसा है.



गीत के बोल:


सौ दर्द हैं, सौ राहतें
सब मिला दिलनशीं
एक तू ही नहीं

रूखी रूखी सी ये हवा
और सूखे पत्ते की तरह
शहर की सड़कों पे मैं
लावारिस उड़ता हुआ
सौ रास्ते पर तेरी राह नहीं
सौ दर्द हैं, सौ राहतें
सब मिला दिलनशीं
एक तू ही नहीं

बहता है पानी बहने दे
वक़्त को यूँही रहने दे
दरिया ने करवट ली है तो
साहिलों को सहने दे
सौ हसरतें पर तेरा ग़म नहीं
सौ दर्द हैं, सौ राहतें
सब मिला दिलनशीं
एक तू ही नहीं
..............................................
Sau dard hain-Jaan-e-man 2006

Artist: Salman Khan

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