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Dec 19, 2017

अंखियों में छोटे छोटे सपने(लता)-नौकर १९७९

जैसा कि हम बतला चुके हैं आपको और बारम्बार बतलाते हैं कि
फ़िल्म संगीत के खजाने में कई लोरियां भी हैं. ये फ़िल्म नौकर की
लोरी है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है. परदे पर इसे फिल्माया गया
है जया भादुड़ी पर. इस गीत का किशोर वाला वर्ज़न संजीव कुमार पर
फिल्माया गया है जिसे आप सुन चुके हैं अरसा पहले.

इसके बोल मजरूह के हैं और संगीत आर डी बर्मन का. इस गीतकार
और संगीतकार के कोम्बिनेशन वाले तकरीबन सवा सौ गीत आप सुन
चुके हैं इस ब्लॉग पर. आंकड़ों का ज़माना है और आजकल किसने कितने
ग्राम भूसा खाया और कौन कितने एम. एल. पसीना निकाल रहा है
ज्यादा चलन में है.




गीत के बोल:

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम
अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

यही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
यही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
मैंने यही मोती पाया जीवन नदिया में
ममता लुटाऊं ऐसी मच जाए धूम
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

निंदिया के संग-संग राजा कोई आयेगा
निंदिया के संग-संग राजा कोई आयेगा
बिंदिया लगायेगा रे माला पहनायेगा
लेगा फिर प्यारे-प्यारे मुखड़े को चूम
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
………………………………………………………………..
Ankhiyon mein chhote chhote-Naukar 1979

Artist: Jaya Bhaduri

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Aug 4, 2017

पल्लो लटके- नौकर १९७८

लोक गीतों का समय समय पर प्रयोग होता आया है फिल्मों
में. राजस्थान का एक प्रसिद्ध लोक गीत है जिसके कई तर्जुमे
मैंने अभी तक सुने.. सबसे पहला संस्करण मैंने सुना था एक
रेलगाड़ी में गाती हुई बंजारन का. इसके बाद किसी के घर पर
पृथ्वीराज और रेहाना का गाया हुआ वर्ज़न जो एच एम वी द्वारा
रिलीज़ एक ई पी पर था. इसके बाद सुनने को मिला वो था
चंपा-मेथी वर्ज़न जो शायद सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुआ ८०
के दशक में.

आज सुनते हैं इसका फ़िल्मी संस्करण फिल्म नौकर से. ये
फिल्म सन १९७९ में पैदा हुई थी. इसमें संजीव कुमार और
जाया भादुड़ी की प्रमुख भूमिकाएं हैं.





गीत के बोल:

हाँ पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके
पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके
ज़रा सा टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो पल्लो लटके

गोरी जियो भटके रे म्हारो जियो भटके
जियो भटके रे म्हारो जियो भटके
ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आं
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके
पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके

इस खातिर से तेरे द्वार लियो मैंने पल्लू डार
इस खातिर से तेरे द्वार लियो मैंने पल्लू डार
पर छाती में ना सीधो लागे म्हारे नैन कटार
ज़रा सा आं ज़रा सा ऊँ
ज़रा सा टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो पल्लो लटके
जियो भटके रे म्हारो जियो भटके
पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके

मूंगे जैसे लाले होंठ मोती जैसे गोरे गाल
मूंगे जैसे लाले होंठ मोती जैसे गोरे गाल
ज़रा सा घूँघटा ऊपर फेर दिखा दे मोको भी ये माल
ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आं
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके
पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके
जियो भटके रे म्हारो जियो भटके

मैं हूँ जिस बस्ती की हूर नगर गुलाबी है मशहूर
मैं हूँ जिस बस्ती की हूर नगर गुलाबी है मशहूर
गोरी हंस के बैयाँ डाल यहीं से दिखला दूं जयपुर
ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आं
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके
पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके
ज़रा सा टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो पल्लो लटके
जियो भटके रे म्हारो जियो भटके
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके
………………………………………………………….
Pallo latke-Naukar 1978

Artists: Sanjeev Kumar, Jaya Bhaduri

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Nov 9, 2009

अंखियों में छोटे छोटे सपने २ -नौकर १९७९

फ़िल्म संगीत के खजाने में लोरियां भी हैं।
ये फ़िल्म नौकर की लोरी है जिसे किशोर कुमार गा
रहे हैं। परदे पर कलाकार हैं संजीव कुमार। मैं
संजीव कुमार कीअभिनय से बहुत प्रभावित रहा।
देखिये लोरी और आनंद उठायें एक आकर्षक धुन का।
बोल लिखे हैं मजरूह ने और संगीत है आर डी बर्मन का।



गीत के बोल:

अंखियों में छोटे छोटे सपने सजाये के
बहोयों में निंदिया के पंख लगाये के
चन्दा में झूले मेरी बिटिया रानी

चांदनी रे झूम
हो, चांदनी रे झूम

ये ही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
हो, ये ही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
मैंने यही मोती पाया जीवन नदिया में

ममता लुटाऊँ ऐसी मच जाए धूम
चांदनी रे झूम
हो, चांदनी रे झूम


अंखियों में छोटे छोटे सपने सजाये के
बहोयों में निंदिया के पंख लगाये के
चन्दा में झूले मेरी बिटिया रानी

चांदनी रे झूम
हो, चांदनी रे झूम

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