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Aug 5, 2017

जो भी हुआ है वो प्यार में-पांच दुश्मन १९७३

पांच दुश्मन एक फिल्म है सन १९७३ की जिसे सन १९८३ में फिर
से रिलीज़ किया गया दौलत के दुश्मन नाम से. ये एक बहुसितारा
फिल्म है. बहुसितारा फिल्म जिसको देखने के बाद दर्शक ब-हू-हू
करने लगें. ऐसी फ़िल्में सैकड़ों बनी हैं और बनती रहेंगी.

बहरहाल फिल्म में कुछ सुनने लायक गीत हैं और उनमें से अगला
सुनते हैं. इसे किशोर कुमार ने गाया है. गीत में फिल्म के ढेर
सारे पात्र आपको दिखलाई दे जायेंगे.



गीत के बोल:

जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है

सह न सका मैं हुज़ूर की दूरी
हे ऐ सह न सका मैं हुज़ूर की दूरी
क्या कहूँ ऐसी क्या है मजबूरी
जब से मिले हो नज़र में खिले हो
अरे हाय लगता है अपना मिलन ज़रूरी
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है

मैं हूँ एक बेकस गरीब दीवाना
हे ऐ मैं हूँ एक बेकस गरीब दीवाना
हाँ तुमने भी मुझको नहीं पहचाना
बड़े अरमानों से लाया हूँ देखो
अरे हाँ हाँ देखो पहली तमन्ना का ये नजराना
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है
गुस्सा न करो इतना अब जाने दो ना
जो भी हुआ है वो प्यार में हुआ है
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Jo bhi hua hai wo pyar mein-Paanch dushman 1973

Artists: Manu Narang, Manjushree

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Feb 19, 2017

जाना है हमें तो जहाँ-दौलत के दुश्मन १९७३

बिमल रावल निर्देशित और मनु नारंग निर्मित क्लासिक फिल्म
दौलत के दुश्मन उर्फ ५ दुश्मन से अगला गीत पेश है. पंचम
के खाते में “ऐ’ ग्रेड फ़िल्में कम आईं और वे बी ग्रेड फिल्मों में
अपनी बारूद खर्चते रहे, पंचम भक्तों का मानना है. उस हिसाब
से सोचा जाए तो वाकई इस फिल्म के संगीत की क्वालिटी देख
के अफ़सोस होता है कि इसके गाने ज्यादा चले क्यूँ नहीं. एक
गीत अलबत्ता खूब बजा और बजता ही रहता है आशा भोंसले और
पंचम के असिस्टेंटों का गाया हुआ-बिछुआ बने पिया तोरे नैन. 

फिल्म के नायक इस फिल्म के निर्माता मनु नारंग हैं. फिल्म
में पांच खलनायक हैं जिनमें से शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद खन्ना
प्रमुख हैं. 




गीत के बोल:

जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
लूटेंगे राहों में जहाँ बहार मिले
जाना है

जब तक चलूँ चलती रहूँ मैं बाहों के साये में तेरे
जाना हमें कहाँ ये भी नहीं सोचे नींद सी आँखों में भरे
मंजिल हमें मिले ना मिले तेरा प्यार मिले
अरे जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
लूटेंगे राहों में जहाँ बहार मिले
जाना है

मुझे दुनिया में जीने का सहारा काफी है दिल की लगी
कुछ भी ना चाहूँ रहे मेरे लिए ये तेरे होंठों की हंसी
सारी दुनिया से लेना हमें क्या हम तो यार मिले
जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
लूटेंगे राहों में जहाँ बहार मिले
जाना है

तेरे संग पिया पढते हैं मेरे नीलगगन पे कदम
तुम हो मेरे तो धरती घटा पे राज़ हमारा है सनम
आज नज़ारे सर झुका के सौ सौ बार मिले
अरे जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
लूटेंगे राहों में जहाँ बहार मिले
जाना है
जाना है हमें तो जहाँ करार मिले
जाना है
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Jaana hai hamen to jahan-Paanch dushman 1973

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Mar 3, 2016

हम तो हैं सबके यार-पांच दुश्मन 1973

आपको फिल्म पांच दुश्मन उर्फ दौलत के दुश्मन से आशा
ताई का गाया एक मधुर गीत सुनवाया थे कुछ दिन पहले.
इस फिल्म से ही एक युगल गीत सुनते हैं जो किशोर-आशा
का गाया हुआ है. बोल एक बार फिर मजरूह के हैं और संगीत
आर डी बर्मन का.

प्रेरणादायी गीत है ये और पिछली एक पोस्ट लिखते समय
मुझे याद आया. कम  सुना लेकिन मधुर गीत है ये. उम्मीद
है आपको पसंद आएगा.



गीत के बोल:


हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
अपना जहाँ अपना गगन अपनी है सारी ज़मीन
हम एक जगह रहते नहीं दिन है कहीं रात कहीं
हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
अपना जहाँ अपना गगन अपनी है सारी ज़मीन
हम एक जगह रहते नहीं दिन है कहीं रात कहीं

जग से क्या लेना हमें तो दिल से है काम
प्यार और चाहत का रहे लबों पे नाम
जग से क्या लेना हमें तो दिल से है काम
प्यार और चाहत का रहे लबों पे नाम
दिल वालों के संसार में आवारा फिरे प्यार में
हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
अपना जहाँ अपना गगन अपनी है सारी ज़मीन
हम एक जगह रहते नहीं दिन है कहीं रात कहीं

उल्फत हम ढूँढें मिले जहाँ हमको
नफरत करने का समय कहाँ हमको
उल्फत हम ढूँढें मिले जहाँ हमको
नफरत करने का समय कहाँ हमको
थओदी है मिलन की बहार कल का है किसे ऐतबार

हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
अपना जहाँ अपना गगन अपनी है सारी ज़मीन
हम एक जगह रहते नहीं दिन है कहीं रात कहीं
हम तो हैं सबके यार हमको है सबसे प्यार
……………………………………………………………..
Ham to hain sabe yaar-Paanch Dushman 1973

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Jun 24, 2015

बिछुआ बने पिया तोरे नैन-पांच दुश्मन १९७३

आज सुनिए गुमनाम फिल्म से एक लोकप्रिय गीत. इसके
संगीतकार बेहद लोकप्रिय हैं आज भी. ये गीत किस फिल्म
में कब आया आम जनता को मालूम नहीं. सिवा पंचम
भक्क्तों के, इसका विवरण शायद संगीत प्रेमियों के पास न
मिले आपको.

लोक गीत से स्वाद वाला ये गीत समय के हिसाब से थोड़ी
तेज गति वाला है. ताल ऐसी है कि नाच न जानने वाला भी
नाचने को मजबूर हो जाए.

ये मस्तमौला गीत है फिल्म पांच दुश्मन से जो  सन १९७३ की
फिल्म है. इसे अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया है. फिल्म का
नाम बाद में बदल कर दौलत के दुश्मन कर दिया गया था.
गीत के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे हैं.

फिल्म के निर्माता मनु नारंग हैं जिन्होंने फिल्म में अभिनय भी
किया है.





गीत के बोल:

आज जमा है कुञ्ज गली में सब गोकुल के प्राणी


बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे
बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

तूने मोहे छुआ जब सैयां मैं समझी ठंडक पड़ेगी
तुझसे मिल के किसे थ मालूम के बेचैनी और बढ़ेगी
तूने मोहे छुआ जब सैयां मैं समझी ठंडक पड़ेगी
तुझसे मिल के किसे थ मालूम के बेचैनी और बढ़ेगी
हो ओ ओ, जागी तेरी लगन ऐसी तन में जैसे अगन जागी हाय रे

बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

असी पापन अँधेरी रैना ना सूझे कोई सहारा आ हा
बन के सुई चुभे मेरे जी में जो टूटे कोई भी तारा
असी पापन अँधेरी रैना ना सूझे कोई सहारा आ हा
बन के सुई चुभे मेरे जी में जो टूटे कोई भी तारा
हां आ आ, आ जा बलम अब तेरे बिन जीना ज़हर लागे हाय रे

बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे
बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

धड़क धड़क के तरसे जियरा तरसे और फिर तड़पे
धड़क धड़क के तरसे जियरा तरसे और फिर तड़पे
मुख से तारा आँचल गोरी अंगुल अंगुल सरके
,.....................................................................
Bichhua bane piya tere nain-Paanch Dushman 1973

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