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Jan 2, 2016

दिलबर दिल से प्यारे-कारवाँ १९७१

फिर से एक बार जीतेंद्र की फिल्म का गाना लेकर हाज़िर हैं
आपके लिए. ये गीत अरुणा ईरानी के ऊपर फिल्माया गया
है जो बॉलीवुड के एसेन्शियल एलेमेन्ट जैसे कलाकारों में से
एक रही हैं. कुछ दिन पहले ही आपको जीतेंद्र की फिल्म का
एक गीत सुनवाया था जिसका संगीत भी राहुल देव बर्मन ने
तैयार किया था इस गीत की तरह.

इस गीत के गीतकार अलग हैं और वे हैं-मजरूह सुल्तानपुरी
जिन्होंने बड़े और छोटे दोनों बर्मन के लिए काफी गीत लिखे.
प्रस्तुत गीत की एक विशेषता है-ओवरलैपिंग. उस समय के
संसाधनों में ही संगीतकार ने दो बार रेकोर्डिंग करके गायिका
की आवाज़ को इस तरह से प्रस्तुत किया कि लगता है दो
गायिकाएं एक साथ गा रही हों. इस फेनोमेना की दास्तान
विस्तृत रूप से उपलब्ध है नेट पर, आप चाहें तो खोज कर
पढ़ सकते हैं.



गीत के बोल:

दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे
गहरी नैनों वाले, लहरी-लहरी नैनों वाले

अरे, हाँ हाँ, यक यक दिन गिनती रहूँ सदा
जबसे मैं तुझपे हुई फ़िदा
ओ सुनता है रे बबुआ, तू ही मेरा न हुआ
नहीं जग में क्या नहीं होता रे, हे हे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे

ओ तक-तक रहूँ चुनरी हरी-हरी
ओ दिखलाऊँ बैईयाँ भरी-भरी
ओ मोहे छू ले सजना, गुस्सा है क्यों इतना
जो मर रही उसको क्यों मारे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे

ओ नस-नस मेरी सुलगे ऐसे पिया
ओ जली बनके लकड़ी जैसे पिया
ओ क्यों सुलगाए मुझको, मेरी लग जाए तुझको
रहे तू भी जलता बुझता रे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे
गहरी नैनों वाले, लहरी-लहरी नैनों वाले
दिलबर दिल से प्यारे, दिलबर
………………………………………………
Dilvar dil se pyare-Caravan 1971

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Jun 24, 2015

बिछुआ बने पिया तोरे नैन-पांच दुश्मन १९७३

आज सुनिए गुमनाम फिल्म से एक लोकप्रिय गीत. इसके
संगीतकार बेहद लोकप्रिय हैं आज भी. ये गीत किस फिल्म
में कब आया आम जनता को मालूम नहीं. सिवा पंचम
भक्क्तों के, इसका विवरण शायद संगीत प्रेमियों के पास न
मिले आपको.

लोक गीत से स्वाद वाला ये गीत समय के हिसाब से थोड़ी
तेज गति वाला है. ताल ऐसी है कि नाच न जानने वाला भी
नाचने को मजबूर हो जाए.

ये मस्तमौला गीत है फिल्म पांच दुश्मन से जो  सन १९७३ की
फिल्म है. इसे अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया है. फिल्म का
नाम बाद में बदल कर दौलत के दुश्मन कर दिया गया था.
गीत के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे हैं.

फिल्म के निर्माता मनु नारंग हैं जिन्होंने फिल्म में अभिनय भी
किया है.





गीत के बोल:

आज जमा है कुञ्ज गली में सब गोकुल के प्राणी


बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे
बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

तूने मोहे छुआ जब सैयां मैं समझी ठंडक पड़ेगी
तुझसे मिल के किसे थ मालूम के बेचैनी और बढ़ेगी
तूने मोहे छुआ जब सैयां मैं समझी ठंडक पड़ेगी
तुझसे मिल के किसे थ मालूम के बेचैनी और बढ़ेगी
हो ओ ओ, जागी तेरी लगन ऐसी तन में जैसे अगन जागी हाय रे

बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

असी पापन अँधेरी रैना ना सूझे कोई सहारा आ हा
बन के सुई चुभे मेरे जी में जो टूटे कोई भी तारा
असी पापन अँधेरी रैना ना सूझे कोई सहारा आ हा
बन के सुई चुभे मेरे जी में जो टूटे कोई भी तारा
हां आ आ, आ जा बलम अब तेरे बिन जीना ज़हर लागे हाय रे

बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे
बिछुआ बने पिया तोरे नैन
हमका दसे सारी सारी रैन
पिया डंक लागे हाय रे

धड़क धड़क के तरसे जियरा तरसे और फिर तड़पे
धड़क धड़क के तरसे जियरा तरसे और फिर तड़पे
मुख से तारा आँचल गोरी अंगुल अंगुल सरके
,.....................................................................
Bichhua bane piya tere nain-Paanch Dushman 1973

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Jul 15, 2011

राजा बना मेरा छैला कैसा -गरम मसाला १९७२

काफी मसालेदार गीतों से भरपूर थी फिल्म गरम मसाला।
इस नाम से दो फ़िल्में बन चुकी हैं। एक तो कुछ साल पहले
ही आई थी। बहुत से कलाकारों की भीड़ वाला ये गीत काफी
मनोरंजक है। कैमरा ऐसे कोण पे ज्यादा घूमा है कि सिनेमा
हाल के आगे की बेंच वाले दर्शकों को इसे देखने में ज्यादा आनंद
आया होगा। गीत में अरुणा ईरानी, बिंदु, महमूद, जीवन
और टुनटुन ऐसे कलाकार हैं जिन्हें आप आसानी से पहचान
जायेंगे। गीत मजरूह का लिखा हुआ है इसलिए इसपर सरसरी
तौर पर निगाह फेर लेने की गलती ना करें, इसे ध्यान से
एक बार अवश्य सुनें। आशा भोंसले के गाये इस गीत की
तर्ज़ बनाई है राहुल देव बर्मन ने । इस गरम मसाले (गीत)
को पचाने(समझने) में आपको थोडा वक्त ज़रूर लगेगा.



गीत के बोल:

हा ली हा ली
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
आओ गोरी गोरी बैयाँ वारो
ले ले के बलैयां, हा
सदके हो के डारो
आंचरवा की छैयां
झिलमिल झिलमिल
राजा बना
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
आओ गोरी गोरी बैयाँ वारो
ले ले के बलैयां रे

रहे सदा राजा के पास हीरा मोती घूंघरा
क्या हुआ जो ये रूप का लालची है ज़रा
हा हा
रहे सदा राजा के पास हीरा मोती घूंघरा
क्या हुआ जो ये रूप का लालची है ज़रा
अरे ऐसे देखे मोहे जैसे मोरा सैयां
दैया, दैया

राजा बना
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
आओ गोरी गोरी बैयाँ वारो
ले ले के बलैयां रे

ऐसा भोला ऐसा नादान देखा नहीं, हां, कहीं
आगे है कौन पीछे है कौन जानता ही नहीं
हा हा
ऐसा भोला ऐसा नादान देखा नहीं, हां, कहीं
आगे है कौन पीछे है कौन जानता भी नहीं
इसी से मैं आई दौडी पैयां सैयां
छम छम छम छम

राजा बना रे रे
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
आओ गोरी गोरी बैयाँ वारो
ले ले के बलैयां रे

राजा का तो नौकर भी है कैसा प्यारा, हा, प्यारा
ऐसा कई घंटे से चूर बैठा है बेचारा, हा हा
राजा का तो नौकर भी है कैसा प्यारा, हा, प्यारा
ऐसा कई घंटे से चूर बैठा है बेचारा, हा हा
अरे इसके बजे बारह, दुआ करो कोई
ढम ढम ढम ढम

राजा बना
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ रे
आओ गोरी गोरी बैयाँ वारो
ले ले के बलैयां रे
सदके हो के डारो
आंचरवा की छैयां
झिलमिल झिलमिल

राजा बना
राजा बना मोरा छैला कैसा
देखो मोरी गुइयाँ
.......................................
Raaja bana mora chhaila kaisa-Garam Masala 1972

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Jan 23, 2011

अल्लाह मेरी तौबा-दो जासूस १९७५

अरुणा ईरानी ने भी अपने जलवे खूब बिखेरे हिंदी फिल्मों में।
नृत्य कला में निपुण अरुणा पर फिल्माया गया एक गीत देखते
हैं फिल्म दो जासूस से। सन १९७५ की फिल्म दो जासूस में कुछ
अच्छे गीत हैं और काफी बजे हैं। गीत आशा भोंसले का गाया
हुआ है और जैसा की अधिकतर रवीन्द्र जैन के संगीत से सजी
फिल्मों में होता है-गीत भी उन्हीं का लिखा हुआ है। गीत में आपको
दो जासूसों की भूमिका में राज कपूर और राजेंद्र कुमार दिखाई देंगे
जो फिलहाल इस गीत में दर्शक बने हुए हैं। हर अंतरे के बाद नर्तकी
अपने वस्त्र बदल लेती है।



गीत के बोल:

अल्लाह मेरी तौबा निगाहें ना मिलूंगी
अल्लाह मेरी तौबा मैं तीर नहीं खाऊँगी
निगाहें ना मिलूंगी, मैं तीर नहीं खाऊँगी
अल्लाह मेरी तौबा निगाहें ना मिलूंगी
अल्लाह मेरी तौबा मैं तीर नहीं खाऊँगी

मैं जो नहाने गई नदिया किनारे
मैं जो नहाने गई नदिया किनारे
आ गए लोग वहां गाँव के सारे
आ गए लोग वहां सारे के सारे
तौबा मेरी तौबा
तौबा मेरी तौबा नदी पे नहीं जाऊंगी
तौबा मेरी तौबा नदी पे नहीं जाऊंगी
नदी पे नहीं जाऊंगी मैं घर पे नहऊंगी

अल्लाह मेरी तौबा निगाहें ना मिलूंगी

बीच बाज़ार हल्वैये ने छेड़ा
है दिया
बीच बाज़ार हल्वैये ने छेड़ा
देने लगा हाय मुझे मथुरा का पैदा
देने लगा वो तो मुझे मथुरा का पेढा
तौबा मेरी तौबा
तौबा मेरी तौबा बाज़ार नहीं जाऊंगी
तौबा मेरी तौबा बाज़ार नहीं जाऊंगी
बाज़ार नहीं जाऊंगी मैं पेढा नहीं खाऊँगी

अल्लाह मेरी तौबा निगाहें ना मिलाऊँगी

बाली उम्र में जो हो गई शादी
हाय मोरी, बाली उम्र में जो हो गई शादी
कैसे कैसे सैयां ने मुझे उल्फत सिखा दी
कैसे मोहे रसिया ने उल्फत सिखा दी
तौबा तौबा तौबा
तौबा मेरी तौबा वो बात ना बताऊंगी
तौबा मेरी तौबा वो बात ना बताऊंगी
बात ना बताऊंगी शर्म से मर जाऊंगी
मैं पानी हो जाऊंगी
जी आज ना बताऊंगी
मैं कल फिर आऊंगी

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Nov 21, 2010

चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर-नया ज़माना १९७१

फिल्म नया ज़माना(१९७१) से एक मीठा गीत और सुनवाया जाए आपको।
फिल्म में एक गरीब बाला पर चोरी का इलज़ाम लगाया जाता है। वो गीत
गा कर जवाब दे रही है। गरीब बाला का रोल किया है अरुणा ईरानी ने।
आनंद बक्षी ने इस गीत को लिखा है और इस फिल्म में संगीत है सचिन देव
बर्मन का। १९७१ की फिल्म है और संगीतकार अपने पूरे यौवन के जौहर दिखला
के संगीत दे रहे हैं और अपने पुत्र पंचम को ज़बरदस्त टक्कर देते से प्रतीत
होते हैं। फिल्म नया ज़माना का संगीत काफी सराहा गया और सुना गया।



गीत के बोल:

सौ इलज़ाम लगाये
ओ मेरे नाम लगाये
आपने सौ इलज़ाम लगाये
हूँ, चुप क्यूँ हो गए
कहिये कुछ और

चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर
के, चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर

सौ इलज़ाम लगाये
ओ मेरे नाम लगाये
आपने सौ इलज़ाम लगाये
कहिये कुछ और

चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर
के, चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर

मेहरबानी शुक्रिया
घर बुला के बेईज्ज़त किया
हाँ, मेहरबानी शुक्रिया
घर बुला के बेईज्ज़त किया

मेरी तलाशी तो ले ली सरकार
अपने गिरेबान में भी झांकिए एक बार

इस बात पर पे ज़रा कीजिये गौर

के, चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर
चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर

क्यूँ कि मैं हूँ एक गरीब
बेसहारा और बदनसीब
क्यूँ कि मैं हूँ एक गरीब
बेसहारा और बदनसीब

ताने हजारों सहे हो के मजबूर
पर मैं अब न चुप रहूंगी ऐ हुज़ूर
हाँ हाँ मचा दूँगी आज शोर

के, चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर
चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर

सौ इलज़ाम लगाये
ओ मेरे नाम लगाये
आपने सौ इलज़ाम लगाये
कहिये कुछ और

चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर
चोरों को सारे नज़र आते हैं चोर

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Mar 25, 2010

हम जो मिले तो-रानी और जानी १९७३

दौड़ना सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। ज़िन्दगी की दौड़ भी यही दोहराती है ।
हिंदी फिल्मों में नायक नायिका अक्सर बड़े बड़े बगीचों में दौड़ते पाए जाते
हैं। दौड़ दौड़ के वे अक्सर रोमांस किया करते हैं। इस गीत में कुछ अनूठा है ।
इस गीत में प्यार मोहब्बत के साथ साथ ढिशुम ढिशुम का समावेश भी किया
गया है। फिल्म का नाम ही शायद आपने सुना हो। गीत सुनाई दिया हो ये संभव
नहीं मालूम पढता है। ध्यान से देखिएगा इस गीत को, राजेश खन्ना नहीं इस गीत
में अनिल धवन अरुणा ईरानी के साथ उछल कूद कर रहे हैं। ऐसे कुछ गीत ज़रूर
पाए जाते हैं हिंदी फिल्मों में जिसमे एक्शन के साथ साथ रोमांस हो। आगे उनका
जिक्र होगा, पढ़ते रहिये ये ब्लॉग।

गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने और इसकी तर्ज़ बनाई है संगीतकार सत्यम ने।
संगीतकार का नाम भी अनजाना सा है मगर उन्होंने कई फिल्मों में संगीत दिया है।
गायक स्वर हैं किशोर कुमार और आशा भोंसले के। गीत के अंत में फुल टाइम
संगीतमय धुलाई होती है।



गीत के बोल:

हम जो मिले, तो, सारा ज़माना जले
जले तो जले
अच्छा, मुझको लगा लो गले मेरे हमनशीं
हो तुम मेरे मेहरबान

हम जो मिले, तो, सारा ज़माना जले
जले तो जले
अच्छा, मुझको लगा लो गले मेरे हमनशीं
हो तुम मेरे मेहरबान

हे हे
हा हा हा हा हा हा
हो हो
हा हा हा हा हा हा

आज तो कोई प्यार की, इकरार की बात हो, हो हो
थाम लो, मेरे हाथ को
मेरे हमसफ़र, साथ दो
आज तो कोई प्यार की, इकरार की बात हो
थाम लो मेरे हाथ को मेरे हमसफ़र साथ दो
हे झुकी झुकी निगाहें कहती हैं क्या
जानूं जाने जान
हो, हम जो मिले तो सारा ज़माना जले
जले तो जले
अच्छा मुझको लगा लो गले मेरे हमनशीं
हो तुम मेरे मेहरबान

प्यार की इस राह में जब झूम के हम चलें
देख के दिल थाम लें तेरा नाम लें मनचले
प्यार की इस राह में जब झूमते हम चलें
देख के दिल थाम लें तेरा नाम लें मनचले
गली गली सुनाएँ मिल के गायें
दिल की दास्तान

हे हम जो मिले तो सारा ज़माना जले
जले तो जले
अच्छा मुझको लगा लो गले मेरे हमनशीं
हो तुम मेरे मेहरबान
हे हे
हा हा हा हा हा हा
हे हे
हा हा हा हा हा हा

सोचते हैं लोग सब हम दो दिल दो रास्ते हे हे
जी रहें हम और तुम बस प्यार के वास्ते
सोचते हैं लोग सब हम दो दिल दो रस्ते
जी रहें हम और तुम बस प्यार के वास्ते
हे घडी घडी मिले हैं मिलते आये
दिल के कारवां

हा, हम जो मिले, तो, सारा ज़माना जले
जले तो जले
अच्छा मुझको लगा लो गले मेरे हमनशीं
हो तुम मेरे मेहरबान

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Jan 24, 2010

ये मेरा जादू-फकीरा १९७६

फिल्म फकीरा से एक गीत जो अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया है ।
अरुणा इरने का नाम सबसे पहले सुना तो लगा की कोई ईरान की रहने
वाली अभिनेत्री बॉलीवुड में काम करती हैं। धीरे धीरे पता चला कि वे
हिंदी भाषी हैं और हमारे देश की ही हैं। अरुणा ईरानी ने अपना फ़िल्मी
सफ़र १९६१ की फिल्म गंगा जमुना से शुरू किया था। तब से अब तक
उन्होंने तरह तरह के किरदार निभाए और आजकल वे बुद्धू बक्से के लिए
कार्यक्रम बनाने में व्यस्त हैं।



गीत के बोल:

ये मेरा जादू
डोर होके काबू
जादू चले ये सभी पे
बिजली गिरे ये सभी पे
तू भी आ, तू भी आ
मैं तो सब से कहूं बाबू

ये मेरा जादू
डोर होके काबू

तकते हो तुम ऐसे मुझे, हा
देखा नहीं के जैसे मुझे
लो देख लो, देख लो, देख लो
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
तकते हो तुम ऐसे मुझे
देखा नहीं के जैसे मुझे

अरे कोई यही सोचे पायें कैसे मुझे
जादू चले ये सभी पे
बिजली गिरे ये सभी पे
तू भी आ, तू भी आ
मैं तो सब से कहूं बाबू

ये मेरा जादू
डोर होके काबू

दिल मेरा चुरा के देखो , हा
पास मेरे तुम आके देखो
तुम्हारी हूँ, तुम्हारी हूँ, तुम्हारी हूँ
दिल मेरा चुरा के देखो
पास मेरे तुम आके देखो

भरी महफ़िल में मुझको उठा के देखो
जादू चले ये सभी पे
बिजली गिरे ये सभी पे
तू भी आ, तू भी आ
मैं तो सब से कहूं बाबू

ये मेरा जादू
डोर होके काबू
ये मेरा जादू
अरे, डोर होके काबू
ये मेरा जादू
डोर होके काबू

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Jan 13, 2010

गम छुपाते रहो-नजराना प्यार का १९८०

एक प्रेरणादायक गीत १९८० की फिल्म नजराना प्यार से।
रफ़ी और आशा की आवाजों वाले इस गीत की धुन बनायीं
है हेमंत भोंसले ने। गीत परदे पर राज बब्बर गा रहे हैं।
अरुणा ईरानी नाम की नायिका परदे पर उनके साथ नज़र
आ रही हैं। श्रोताओं में आपको विजयेन्द्र घाटगे और देवेन
वर्मा नज़र आयेंगे। गीत निदा फ़ाज़ली ने लिखा है। हेमंत भोंसले
आशा भोंसले के सुपुत्र हैं और ८० के दशक में सक्रिय रहे।



गीत के बोल:

गम छुपाते रहो, गम छुपाते रहो
गम छुपाते रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो
ज़िन्दगी गीत है, ज़िन्दगी गीत है
इसको गाते रहो, इसको गाते रहो

गम छुपाते रहो, मुस्कुराते रहो

गम से ख़ाली ज़माने में कोई नहीं
वो हसीं कौन सी है जो रोई नहीं
गम से खाली ज़माने में कोई नहीं
वो हसीं कौन सी है जो रोई नहीं
यूँ जियो दूसरों को हंसाते रहो

मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो

ज़िन्दगी गीत है, ज़िन्दगी गीत है
इसको गाते रहो, इसको गाते रहो

गम छुपाते रहो, मुस्कुराते रहो

हर जगह वक़्त की अपनी रफ़्तार है
ये कभी गैर है ये कभी यार है
हर जगह वक़्त की अपनी रफ़्तार है
ये कभी गैर है ये कभी यार है
गैर से यार बनके निभाते रहो
गम छुपाते रहो, मुस्कुराते रहो

ज़िन्दगी गीत है, ज़िन्दगी गीत है
इसको गाते रहो, इसको गाते रहो

गम छुपाते रहो, मुस्कुराते रहो

कौनसी आंख है जिसमे सपना नहीं
सब हैं अपने मगर कोई अपना नहीं
कौनसी आंख है जिसमे सपना नहीं
सब हैं अपने मगर कोई अपना नहीं
आंसुओं को तबस्सुम बनाते रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो
गम छुपाते रहो, गम छुपाते रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो
ज़िन्दगी गीत है, ज़िन्दगी गीत है
इसको गाते रहो, इसको गाते रहो
गम छुपाते रहो

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Dec 16, 2009

चा चा चा-शालीमार १९७८

चा चा चा, इस नाम से एक फ़िल्म आई थी ६० के दशक में।
७० के दशक में एक गीत में ये शब्द इस्तेमाल किए गए हैं।
'चा चा चा' लेटिन अमरीकन डांस शैली है जिसकी उत्पत्ति
क्यूबा से हुई ।
नया सा प्रयोग, कुछ अलग हट के। कृष्ण शाह ने एक फ़िल्म
बनाई विदेशी और देसी कलाकारों को ले कर। इस फ़िल्म की
शुरुआत इसी गाने से होती है। उषा उथुप जो बहुत खुल के और
तबियत से गाती हैं, इस गीत के कारण काफ़ी चर्चित हुईं ।
शायद परदे पर चा चा चा करने वाली अभिनेत्री को हम भूल गए
हैं। वे हैं अरुणा ईरानी।




गाने के बोल:


वन टू चा चा चा
लेट्स डू चा चा चा
मी एंड यू चा चा चा
तू रु
चा चा चा
एक दो चा चा चा
ऐसे बहुत अच्छा
एक दो चा चा चा
तू रु
चा चा चा
चा चा चा
चा चा चा

एक कदम आगे चा चा चा
एक कदम पीछे चा चा चा
एक कदम आगे चा चा चा
एक कदम पीछे चा चा चा

देट्स द वे आहा आहा
आई लाइक इट आहा आहा
पाँव रखो आगे पीछे
आँखें ऊपर हाथ थोड़ा नीचे
पाँव रखो तो आगे पीछे
आँखें ऊपर हाथ थोड़ा नीचे
बेक टू बेक टर्न चीक टू चीक टर्न ओ बेबी ओ बाबू

वन टू चा चा चा
लेट्स डू द चा चा चा
मी एंड यू चा चा चा तू रु
चा चा चा

वाह वाह चा चा चा
क्या खूब चा चा चा
ओह ग्रेट तू रु
चा चा चा

ओ गोड, मिस्टर नायडू दिस इस नोट द भारत नाट्यम
दिस इस द चा चा चा
मिस्टर नायडू गिर मत जन यहाँ तुम्हे कल भी है आना
मिस्टर नायडू गिर मत जन यहाँ तुम्हे कल भी है आना
देखो तो क़दमों का यह जादू

वन टू थ्री किक
वन टू थ्री किक
होप टू थ्री किक
तू रु, चा चा चा

वन टू थ्री किक
वन टू थ्री किक
होप टू थ्री किक
तू रु, चा चा चा

ओह हनी, लेट्स डू द अपबीट
स्विन्गिंग फर्म हिप्स नोंव ऑन टू यौर टू फीट
वेल हनी लेट्स डू द अपबीट
स्विन्गिंग फर्म हिप्स नोंव ऑन टू यौर टू फीट
एक दो चा चा चा
हाँ बहुत अच्छा यस यस चा चा चा
चा चा चा
वाह वाह चा चा चा
क्या खूब चा चा चा
लेट्स डू चा चा चा तू रु
चा चा चा
चा चा चा
चा चा चा



हे कम ऑन ओवर हियर, लेट्स डांस, एवररडी टेक केयर नॉव
वहां क्या है, होल द एक्शन इज़ हियर मेन
नज़र हमारी तरफ़ कम ऑन
रिमेम्बर हाउ यू डू इट
वन टू चा चा चा
क्रोस टू चा चा चा
टर्न टू चा चा चा तू रु
सबके साथ
वाह वाह चा चा चा
क्या खूब चा चा चा
बहुत अच्छे चा चा चा तू रु

ओह यप, दट्स द वे
वन टू चा चा चा
क्रोस टू चा चा चा
टर्न टू चा चा चा तू रु
सबके साथ
वाह वाह चा चा चा
हा बहुत अच्छा, ऐसे ला ला ला
राईट

चा चा चा
वाह वाह, चा चा चा
हा हा चा चा चा
दट्स द वे चा चा चा
हा हा चा चा चा
वाह वाह चा चा चा
क्या खूब चा चा चा
हां लाउड गो वाईल्ड
................................................................
One two cha cha cha-Shalimar 1978

Artist-Aruna Irani

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Dec 9, 2009

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े-बड़े दिल वाला १९८३

मजरूह की लेखनी की धार बरकरार है इस हलके फुल्के गीत
में भी । ये गीत फ़िल्म "बड़े दिल वाला" से है जो सन १९८३
में सिनेमा गृहों में आई और जल्दी ही उतर भी गई। इसमे कुछ
कर्णप्रिय गीत हैं जो मैं अक्सर सुना करता हूँ, ये उनमे से एक है।
ऋषि कपूर के साथ अरुणा ईरानी इस गाने में नाच रहे हैं। ऋषि
कपूर का जूते से धूल उड़ाने वाला नाच अनूठा है। देखने का आनंद
उठाने वाला विडियो है ये। इसको देखते देखते आपका ध्यान बोलों
से हट जाएगा।




गीत के बोल:

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान
कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान , हे

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान , हे

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

हम पे क्या क्या गुजरी
तुम क्या सुन पाओगे
नाज़ुक सा दिल रखते हो
रोने लग जाओगे
हम पे क्या क्या गुजरी
तुम क्या सुन पाओगे
नाज़ुक सा दिल रखते हो
रोने लग जाओगे

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

रस्ते रुक जाते हैं
जब कांटे बोती है
जाने जान तुम क्या जानो
दुनिया क्या होती है
रस्ते रुक जाते हैं
जब कांटे बोती है
जाने जान तुम क्या जानो
दुनिया क्या होती है

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

बंजारे किसके यार
ऐसा सब कहते हैं
हम जिसके हो जाते हैं
उसके ही रहते हैं
बंजारे किसके यार
ऐसा सब कहते हैं
हम जिसके हो जाते हैं
उसके ही रहते हैं

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान , हे

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

आवारों की क्या पूछ रहे
अपनी कहो दिलबर जान , हे

कहो कैसे रास्ता भूल पड़े
अच्छे तो हो दिलबर जान

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Oct 25, 2009

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो-बुड्ढा मिल गया १९७१

ये गीत पता नहीं कितने साल से मेरा पसंदीदा गीत है
मुझे भी नहीं मालूम। अरुणा ईरानी शर्तिया तौर पर
हमारे बॉलीवुड की नामचीन अभिनेत्रियों से ज्यादा अच्छा
नृत्य करती हैं और गाने में उनके चेहरे के भाव गज़ब के होते हैं।
इसको कहते हैं पूरे पैसे वसूल होना। ओमप्रकाश ख़ुद भी बेहद
प्रतिभाशाली और संवेदनशील कलाकार थे जिनका जिक्र फिल्मी
पत्रकार शायद ही कभी करते हैं। इस गाने में ये दोनों कलाकार आपको
अपना जादू दिखाते नज़र आयेंगे। साथ में फ़िल्म कि हिरोइन अर्चना
ने भी आकर्षक नृत्य किया है।


गाने के बोल:

मैं बुड्ढो लम्बो लम्बो
मैं जादू वाला
जो रोता आये हँसता जाए
पीकर मेरा प्याला , छू ......

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
आयें..........
ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला

जाने मुझे क्या है जिया खोती हूँ
घड़ी घड़ी हँसते हँसते रोती हूँ
कभी अगर बैठे बैठे नींद आई
खुली खुली आँखों से सोती हूँ

ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
कहीं मैं बांवरिया

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला

कोई भी ना समझे मेरी बातों को
सह नहीं पाती मैं बरसातों को
चमक चमक जाए जो बिजुरिया
पड़ी पड़ी मैं डरती हूँ रातों को

ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
कहीं मैं बांवरिया

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला

कहीं भी जो चलती हूँ मैं गोरी रे
लगे कोई आया चोरी चोरी रे
पलट के जो देखूं तो फ़िर कोई ना
तरस तरस जाए चुनर मोरी रे

ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
ये घबराऊँ, हो ना जाऊं
कहीं मैं बांवरिया

ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
ओये बुड्ढो लम्बो लम्बो
ओये जादू वाला होए
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला
मंतर ऐसा मार चंगी हो जाऊं मैं बाला

तुम सबका है रोग एक सा
ओ मेरी शहजादी
अच्छा अच्छा दूल्हा ढूंढो
और कर डालो शादी


कहना है आसान मगर
ऐसा लड़का नहीं मिलता
जीवन का जो बने सहारा
चैन अबने जो दिल का

हुर्र छू, हुर्र छू

गोरे तन का तेरा दूल्हा होगा
चौडा चकला
उसके चेहरे पर चाँद दिखेगा
यानी होगा तकला

बच्चा जैसा भोला होगा
तेरा दिलवर जानी
थोडी उसकी नाक बहेगी
थोड़ा मुख से पानी

एक निकम्मा नाकारा
लिखा है भाग में तेरे
एक निकम्मा नाकारा
लिखा है भाग में तेरे
बैठा खली प्यार करेगा
तुझको शाम सवेरे

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