Showing posts with label Parineeta. Show all posts
Showing posts with label Parineeta. Show all posts

Aug 30, 2016

चाँद है वही-परिणीता १९५३

इस फिल्म से आपने एक गीत सुना है अभी तक.दूसरा लगे हाथ
सुन लीजिए. भारत व्यास गीतकार हैं, अरुण कुमार संगीतकार
और गीता दत्त गायिका. लोकप्रिय कर्णप्रिय गीत है.

गीत सरल सा है जिसे गुनगुनाना आसान है. अभी तक हमने कई
ऐसे गीत देखे जिनमें मीना कुमारी के लिए लता ने गाने गाये.
आज चेंज के लिए गीता दत्त वाला गीत सुनवा रहे हैं आपको. ये
फिल्म बिमल रॉय द्वारा निर्देशित है.




गीत के बोल:

चाँद है वही
चाँद है वही सितारें हैं वही गगन
फिर भी क्यों उदास है
उदास मेरा मन
उदास मेरा मन
चाँद है वही

कौन था मिला मुझे
जो मिल के खो गया
कौन था मिला मुझे
जो मिल के खो गया
कौन मेरे पास आ के
दूर हो गया
फूल है वही
फूल है वही
बहारें हैं वही चमन
फिर भी क्यों उदास है
उदास मेरा मन
उदास मेरा मन
चाँद है वही

आज मेरे मन की
बाँसुरी भी मौन है
आज मेरे मन की
बाँसुरी भी मौन है
जिस को ढूँढते मेरे
नयन वह कौन है
राग है वही राग है
वही पराग है वही पवन
फिर भी क्यों उदास है
उदास मेरा मन
उदास मेरा मन
चाँद है वही
…………………………………………
Chand hai wahi-Parineeta 1953

Artist: Meena Kumari

Read more...

Jan 1, 2015

पियु बोले-परिणीता २००५

जनवरी महीने में कई फ़िल्मी कलाकारों का जन्मदिवस आता है. मसलन
१ जनवरी को पैदा होने वाले कलाकारों में नाना पाटेकर और बिद्या बालन
प्रमुख हैं.

उसके अलावा जो आज के दिन पैदा हुए उनमें प्रमुख हैं-

असरानी, अशोक सराफ, अरुण गोविल, आशुतोष  राणा, आशीष चौधरी,
डॉली बिंद्रा, तनीषा मुखर्जी,नादिरा बब्बर, गायिका कविता कृष्णमूर्ति,
रघुवीर यादव, संदली सिन्हा, सिद्धार्थ कोईराला और सोनाली बेंद्रे .

आज आपको विद्या बालन पर फिल्माया गया एक गीत सुनवाते हैं.
गीत स्वानंद किरकिरे का लिखा हुआ है और इसे संगीतबद्ध किया
है शंतानु मोइत्रा ने. गा रहे हैं सोनू निगम और श्रेया घोषाल.


गीत के बोल:
यू आर माइन, से यू आर माइन
व्हाट डू यू थिंक

पियु बोले पिया बोले जानू न
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

नॉट बैड अब यह सुनो
दिल की जो बातें हैं बातें जो दिल की हैं

दिल ही में रखना पिया

लब तो न खोलूँ मैं खोलूँ न लब तो पर

आखों से सब कह दिया
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

एक नदी से मैंने पूछा इठला के चल दी कहाँ
दूर तेरे पी का घर है बल खा के चल दी कहाँ
थोडा वो घबराई थोडा सा शरमाई
उलझी यहाँ से वहाँ
सागर से मिलने का उसका जो सपना था
मेरी ही तरह पिया
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना

जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
मैंने पुछा एक घटा से इतरा के चल दी कहाँ
प्यास की मारी ज़मीन है बरसों भी तरसाओ ना
थोडा वो गुर्राई थोडा सा थर्राई
गुजरी यहाँ से वहाँ
प्रीत रूठी थी फिर छम छम वो बरसी ही
तेरी तरह पिया

पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले जानू ना

……………………………....................
Piyu bole-Parineeta 2005

Artists: Safe Ali Khan, Vidya Balan

Read more...

Apr 3, 2010

गोरे गोरे हाथों में मेहँदी-परिणीता १९५३

मधुर गीत हो तो गुड्डे गुडिया का खेल आनंददायक
बन जाता है। इस गीत को ही लीजिये जो सन १९५३ की
फिल्म परिणीता से है। भारत व्यास के गीत को संगीत
से संवारा है अरुण कुमार मुखर्जी ने। आशा भोंसले की
आवाज़ वाले इस गीत को फिल्माया गया है मीना कुमारी
पर। गीत में अशोक कुमार भी दिखलाई पड़ेंगे।

शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय के १९१३ में लिखे उपन्यास पर
आधारित फिल्म उपन्यास का ईमानदार फ़िल्मी रूपांतरण
कहा जा सकता है। इस फिल्म के लिए निर्देशक बिमल रॉय
और मीना कुमारी को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और अभिनेत्री
के फिल्म फैयर पुरस्कार प्राप्त हुए।



गीत के बोल:

गोरे गोरे हाथों में मेहँदी रचा के
नैनों में कजरा डाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

गोरे गोरे हाथों में मेहँदी रचा के
नैनों में कजरा डाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

जा के अब ससुराल में रहना
सास ससुर की सेवा करना
जब तक बहे ना कुछ भी ना कहना
आंसू को रखना संभाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

गोरे गोरे हाथों में मेहंदी रचा के
नैनों में कजरा डाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

हो ओ ओ
हंसती रहोगी तुम प्रीतम के नाम से
प्रीतम के नाम से जी
प्रीतम के नाम से
थक के जो आये वो दिन भर के काम से
दिन भर के काम से जी
दिन भर के काम से
पंखा झलोगी
पंखा झलोगी तो सोये आराम से
सपनों में उनके धीरे से आना
मोती की लड़ियाँ डाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

हो पिया के संग सखी मीठी मीठी बोलना
मीठी मीठी बोलना जी
मीठी मीठी बोलना
हो
नयन गोरी धीरे धीरे डोलना
धीरे धीरे डोलना जी
धीरे धीरे डोलना
गुस्सा करें वो जुबान नहीं खोलना
गुस्सा करें वो जुबान नहीं खोलना
मन के मंदिर में रखना
नैनों के दीपक उजाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

गोरे गोरे हाथों में मेहँदी रचा के
नैनों में कजरा डाल के
चलो दुल्हनिया पिया से मिलने
छोटा सा घूंघट निकाल के
छोटा सा घूंघट निकाल के

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP