Showing posts with label Shreya Ghoshal. Show all posts
Showing posts with label Shreya Ghoshal. Show all posts

May 25, 2020

आधी रात जब चाँद ढले-पहेली २००५

जीवन भी एक पहेली है, कभी बड़ी पहेली तो कभी छोटी
पहेली. इसी बात पर सुनते हैं बिना विवरण और बिना
लिरिक्स के एक गाना.




……………………………………..
Aadhi raat jab chand dhale-Paheli 2005

Artists: Aditi Govitrikar, Rani Mukherji

Singers: Shreya, Madhushri, Bela Shende

Read more...

May 21, 2020

तुमको पाया है तो-ओम शांति ओम २००७

अक्सर मैं भाषा और उसके ऊपर फ़िल्मी प्रयोगों के बारे
में सोचता हूँ, बस सोचता ही रह जाता हूँ किसी निष्कर्ष
विशेष पर नहीं पहुँच पाता. बरसों से यही आदत सी बनी
हुई है. पाठक वर्ग भी जो यहाँ प्रस्तुत है उसे चुपचाप झेले
जा रहा है.

एक दिन मैं फिल्मों के नामों में ‘धूल में लट्ठ’ शब्द को
ढूँढने की कोशिश कर रहा था. इस नाम से तो कोई फिल्म
नहीं मिली अलबत्ता बहुत से रोचक नाम फिर से ध्यान में
आ गए.

एक समय था जब नंबर वन या खिलाडी सीरीज़ रोचकता
को बनाये रखती थी. हम कयास लगते रहते कि अब श्रृंखला
में अगली फिल्म कौन सी होगी.

दूरदर्शन पर एक सीरियल आता था-फटीचर जो अपने समय
और दूरदर्शन के नोर्म्स के हिसाब से कुछ अलग सा था. नाम
तो अलग था ही, इस सीरियल के प्रस्तुतीकरण और कंटेंट पर
दूरदर्शन के फ़िल्टर तो थे ही. ये अपना एक प्रशंसक वर्ग तैयार
करने में कामयाब रहा.

सीरियल में पंकज कपूर ने यादगार अबिनय किया है. अगर
अपने ये सीरियल नहीं देखा हो तो ढूंढ के इसका एक आध
एपिसोड अवश्य देखें. पंकज कपूर को हाईप ब्रांड भोंपू ले के
प्रचार करने वाले नहीं मिले मगर हमारे जैसे अल्पबुद्धि लोग
उनके खामोश प्रशंसकों में हैं.

सुनते हैं एक गीत जो कब पद्य है कब गद्य मालूम ही नहीं
पड़ता. सामान्य बोलचाल में प्रयुक्त शब्द जब गीतकार की
मजबूरी बन जाएँ तो समझ लें उसके शब्दकोष में बहुत सारे
पेज गायब हैं. हमारे भी शब्दकोष में से ढेर पन्ने समय के
साथ गायब हो चले हैं अतः ऐसे गीत हमें बड़े अपने से लगने
लगे हैं.

विशाल शेखर का संगीत है और दिल्ली दिलवालों की से
लोकप्रिय हुए सोनू निगम संग इसे गाया है राजस्थान के एक
छोटे नगर रावतभाटा से मुंबई की मायानगरी में पहुंची और
स्थापित हो चुकीं गायिका श्रेया घोषाल ने.





गीत के बोल:

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी ज़ुबाँ में भी वो लफ़्ज़ ही नहीं
के जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ
मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

शोख़ियों में डूबी ये अदायें
चेहरे से झलकी हुई हैं
ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटायें
शान से ढलकी हुई है
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाँहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी
मैं अगर कहूँ ये दिलकशी
है नहीं कहीं न होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
आ तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवाँ
तुम जहाँ मैं वहाँ

मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम या कोई परी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
………………………………………………….
Main agar kahoon-Om Shanti Om 2007

Artists: Shahrukh Khan, Deepika Padukon

Read more...

Nov 22, 2018

अगर तुम मिल जाओ(श्रेया)-ज़हर २००५

सईद क़ादरी की एक रचना सुनते हैं श्रेया घोषाल की आवाज़
में. नयी पीढ़ी के गीतकार सईद क़ादरी के गीत काफी चर्चित
हैं पिछले कुछ सालों से.

ज़हर फिल्म का ये गीत दो संस्करण में उपलब्ध है और इस
गीत को काफी सारी जनता ने एक समय अपनी कालर ट्यून
बना रखा था.

गीत इमरान हाशमी और उदिता गोस्वामी पर फिल्माया गया
है. गीत में काफी उन्मुक्तता से लिपलॉक दिखलाया गया है.

इसकी धुन अन्नू मलिक ने तैयार की है जैसा कि मेरा अनुमान
है..




गीत के बोल:

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
तुम्हें न हो पसंद उसको दोबारा हम न देखेंगे
तेरी सूरत न हो जिस में
तेरी सूरत न हो जिस में वो शीशा तोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे ख़्वाबों को गहनों की तरह ख़ुद पर सजा लेंगे
क़सम तेरी क़सम हा आ आ
क़सम तेरी क़सम तक़दीर का रुख़ मोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तेरी ख़ुशबू अपने जिस्म की ख़ुशबू बना लेंगे
ख़ुदा से भी न जो टूटे
ख़ुदा से भी न जो टूटे वो रिश्ता जोड़ लेंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
………………………………………………..
Agar tum mil jao-Zehar 2005

Artist: Emran Hashmi, Udita Goswami

Read more...

Feb 27, 2018

कल रात से-प्लान २००४

संजय दत्त और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म प्लान से एक
गाना सुनते हैं कुमार सानू और श्रेया घोषाल की आवाजों में.
गीत के शुरू में शायद संगीतकार की आवाज़ है. इस लिखा
है प्रवीण भरद्वाज ने और संगीतकार हैं आनंद राज आनंद.

फिल्म में मौजूद महेश मांजरेकर को देख कर मुझे ऐसा लगा
था कि फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया है. बाद में
फिल्म के विवरण में मालूम हुआ ह्रदय शेट्टी इसके निर्देशक
हैं. एक ज़माने में जनता संजय दत्त के बालों की स्टाईल की
कॉपी किया करती थी. इस फिल्म के बाद मैंने कईयों को
ऐसी काले/सफ़ेद टेप के टुकड़े जैसी दाड़ी रखे देखा.




गीत के बोल:

कल रात से कल रात से हे
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
कल रात से कल रात से
कल रात से कल रात से
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
कल रात से कल रात से
कल रात से कल रात से

देखो तो कैसा है जादू मुलाक़ात का
हर मौसम लगता है मौसम बरसात का
हो यादों में आये तुम नींदें उडाई प्यार से
कहने को तनहा थे बातें भी हुई यार से
ऐसा क्यूँ लगे जैसे तुम मेरे पास थे
कल रात से कल रात से
कल रात से कल रात से

वो तेरा मुस्कुराना वो कमसिन अदा प्यार की
कैसे मैं तारीफ करून अपने हसीन यार की
हो बहके हैं मेरे कदम कैसा ये सुरूर है
तुम बोलो ना बोलो हाँ तो कुछ ज़रूर है
कोई खता हो गई है हमसे आप से
कल रात से कल रात से
कल रात से कल रात से
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे
मेरा दिल कुछ कहना चाहता है आपसे.
………………………………..
Kal raat se-Plan 2004

Artists: Riya Sen, Bikram Saluja

Read more...

Sep 3, 2017

दिल डूबा-खाकी २००४

सोनू निगम और श्रेया घोषाल का गाया एक युगल गीत सुनते
हैं फिल्म खाकी से. इसे समीर ने लिखा है और गीत की तर्ज़
बनाई है राम संपत ने.

फिल्म एक बहुसितारा फिल्म है जिसमें नायक ढेर सारे हैं और
नायिकाएं कम हैं.



गीत के बोल:

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा
मैं तेरे झांसे में ना आऊँगी ओ रे दीवाने जा
क्यों
ऐसी वैसी बना के बातें मुझे ना तू उलझा रे
लुट जाऊँगा मिट जाऊंगा दिल तेरा जीत के दिखलाऊंगा
पीछा ना छोडूंगा चाहे जितना तड़पा
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ

बड़ी तड़प है बड़ी कशिश है मेरी तो चाहत में
हाय
हज़ार मजनू बने हैं पागल मेरी तो मोहब्बत में
हो हो तुझे एक दिन जानेमन प्यार की लड़ियाँ पहनाऊंगा
देखेगा सारा जहां तुझे ले जाऊँगा

दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
महबूबा महबूबा
..............................................................
Dil dooba-Khaki 2004

Artists: Akshay, Aishwarya

Read more...

Aug 21, 2017

छन छन मन गाए क्यूँ-मुन्ना भाई एम् बी बी एस २००३

संजय दत्त और अरशद वारसी की भूमिकाओं वाली सन २००३ की
फिल्म मुन्नाभाई से अगला गीत पेश है. इस मधुर गीत की रचना
की है राहत इन्दौरी ने. श्रेया घोषाल और विनोद राठौड के गाये
इस गीत का संगीत अन्नू मलिक ने तैयार किया है.

परदे पर इसे ग्रेसी सिंह पर फिल्माया गया है. ग्रेसी ने कुछ हिंदी
फिल्मों का ग्रेस बढ़ाया मगर उन्हें अभिनय के ज्यादा अवसर मिले
नहीं. वे अपनी समकालीन अभिनेत्रियों में से थोडा बेहतर अभिनय
करने वाली नायिकाओं में हैं.




गीत के बोल:

छन छन छनन छन छन छन, मन गाए क्यूँ
सन सन हवा सन सन सन, लहराए क्यूँ
छन छन छनन छन छन छन, मन गाए क्यूँ
सन सन हवा सन सन सन, लहराए क्यूँ
शायद हवा ने सुन लिया तूने किसी को चुन लिया हाँ
कंगन खनन खन खन खन क्यूँ खनके रे
झाँझर झनन झन झन झन क्यूँ झनके रे
झनकार तेरे-मेरे प्यार की है
धुन ये मुहब्बत के इक़रार की है
छन छन छनन छन छन छन मन गाए क्यूँ

मेरे आँचल की लहरों से बादल ने ये पूछा है क्या
पूछा है बादल ने क्या क्या है आँचल में
आँचल में है ना ख़्वाब तुम्हरे
आँचल पर है नाम तुम्हरा
आँचल में है दिल की धड़कन
धड़कन में भी प्यार तुम्हरा
धड़कन की आवाज़ यूँ ढल रही है
पायल पहन कर हवा चल रही है
छन छन छनन छन छन छन मन गाए क्यूँ

आँखों आँखों में आँखों से इन आँखों का कहना है क्या
आँखों का कहना है
आँखों में रहना है
आँखें मेरी मन है तेरा
इन आँखों में घर है तेरा
सुन लेती हैं मेरी आँखें
जो कहती हैं तेरी आँखें
आँखों में सपने सँवरने लगे हैं
साँसों में घुँघरू बिखरने लगे हैं

छन छन छनन छन छन छन मन गाए क्यूँ
सन सन हवा सन सन सन लहराए क्यूँ
शायद हवा ने सुन लिया तूने किसी को चुन लिया हाँ
कंगन खनन खन खन खन क्यूँ खनके रे
झाँझर झनन झन झन झन क्यूँ झनके रे
झनकार तेरे-मेरे प्यार की है
धुन ये मोहब्बत के इक़रार की है

छन छन छनन छन छन छन मन गाए क्यूँ
…………………………………………………………….
Chhan chhan man gaaye kyun-Munnabhai MBBS 2003

Artists: Sanjay Dutt, Gracy Singh

Read more...

Aug 19, 2017

जीने लगा हूँ-रमैया वस्तावैया २०१३

आपको २०१३ की फिल्म रमैया वस्तावैया से एक गीत-पीछा
छूटे सुनवाया था. अब सुनते हैं अगला गीत. ये कुछ पोजिटिव
सा गीत है जिसमें नायक जीने लगा है. गीत दो लोगों ने
गाया है- आतिफ़ असलम और श्रेया घोषाल ने. आतिफ अपनी
अर्ध अलसाई-अर्ध भर्रायी आवाज़ के लिए फेमस हैं. उसके
अलावा वे ऊंचे सुर में भी बढ़िया गा लेते हैं. ३ इन १ टाइप
के सिंगर हैं वो, इसलिए आजकल के संगीतकारों के पसंदीदा
भी हैं.

गीत फिल्माया गया है श्रुति हासन और गिरीश कुमार पर.




गीत के बोल:

जीने लगा हूँ पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा तुम पे मरने लगा हूँ

मैं मेरा दिल और तुम हो यहाँ
फिर क्यूँ हो पलकें झुकाए वहाँ
तुमसा हसीं पहले देखा नहीं
तुम इससे पहले थे जाने कहाँ

जीने लगा हूँ पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा तुम पे मरने लगा हूँ

रहते हो आ के जो तुम पास मेरे
थम जाएँ पल ये वहीं बस मैं ये सोचूँ
सोचूँ मैं थम जाएँ पल ये
पास मेरे जब हो तुम
सोचूँ मैं थम जाएँ पल ये
पास मेरे जब हो तुम
चलती हैं साँसें पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा दिल ठहरने लगा

तन्हाईयों में तुझे ढूंढें मेरा दिल
हर पल ये तुझको ही सोचे भला क्यूँ
तन्हाई में ढूंढें तुझे दिल
हर पल तुझको सोचे
तन्हाई में ढूंढें तुझे दिल
हर पल तुझको सोचे
मिलने लगे दिल पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा इश्क होने लगा
.............................................................................
Jeene laga hoon pehle se-Ramaiya vastavaiya 2013

Artists: Shruti Hasan, Girish Kumar

Read more...

Aug 5, 2017

तेरे बिन-वज़ीर २०१५

तेरे बिन से शुरू होने वाले कुछ गीत आप सुन चुके हैं इधर.
इन शब्दों से कम से कम २००-२५० गीत ज़रूर बन चुके होंगे.
फरहान अख्तर और अदिति राव हैदरी इस फिल्म के प्रमुख
कलाकार हैं.

गीतकारों की नई फसल में नाम है विधु विनोद चोपड़ा का.
सोनू निगम और श्रेया घोषाल गायक हैं और शांतनु मोइत्रा
संगीतकार. आनंद उठायें इस छोटे गीत का. इसमें छोटा
बच्चा भी दिखेगा आपको.




गीत के बोल:

तेरे बिन तेरे बिन
तेरे बिना मरना नहीं
जीना नहीं तेरे बिन
तेरे बिन तेरे बिन

बावरी पिया लागे ना जिया
देखो मेरा मन जलता दिया
जलता दिया बुझे ना पिया
बुझे ना पिया जलता दिया
तेरे बिन तेरे बिन
तेरे बिना मरना नहीं
जीना नहीं तेरे बिन
तेरे बिन तेरे बिन
बावरी पिया लागे ना जिया
देखो मेरा मन जलता दिया
जलता दिया बुझे ना पिया
बुझे ना पिया जलता दिया
...........................................................
Tere bin-Wazir 2015

Artists: Farhan Akhtar, Aditi Rao Hydari

Read more...

Jun 9, 2017

चलो तुमको ले कर चलें हम-जिस्म २००३

अभिनय कैसे होता है, कैसे किया जाता है ? क्या अपने आप हो
जाता है या उसके लिए जबरिया कसरत करनी पड़ती है? ये शायद
अभिनय करने वाले भी पूरी तरह से नहीं समझ पाते होंगे. अभिनय
मन से भी किया जा सकता है और तन से भी. जब चेहरे पर भाव
नहीं आते हैं तो तन के बाकी हिस्से भावों को उभारने में मदद करते
हैं. बॉडी लेंग्वेज शब्दों को अपने ज़रूर सुना होगा और समझा होगा.

सुनते हैं फिल्म जिस्म से एक मधुर क्रीमी गीत जिसकी धुन तैयार
की है एम एम क्रीम ने. नीलेश मिश्रा का गीत है और श्रेया घोषाल
की आवाज़.






गीत के बोल:

चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में
जहाँ मीठा नशा है तारों की छाँवों में
चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में
जहाँ मीठा नशा है तारों की छाँवों में
चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में
चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में

गाती सरसराती इन हवाओं संग आओ पास मेरे आना
सपनों का सफ़र है मेरे दिल का ये भँवर है इसमें डूब जाना
ज़रा सा लम्हा छुपा था अब मिल गया
जहाँ मीठा नशा है तारों की छाँव में
चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में

मद्धम रोशनी है और चँचल चाँदनी है चले आओ ना
शबनम सी चुभन है और महका सा मिलन है दूर जाओ ना
सुहाना सपना तुम्हारा सच हो गया
जहाँ मीठा नशा है तारों की छाँवों में

चलो तुमको ले कर चलें हम उन फ़िज़ाओं में
जहाँ मीठा नशा है तारों की छाँवों में
…………………………………………………
Chalo tumko le kar-Jism 2003

Artists: John Abraham, Bipasha Basu

Read more...

May 17, 2017

बदमाश दिल तो ठग है-सिंघम २०११

नए गानों में भी कुछ दूसरों की अपेक्षा शांत किस्म के मिल
ही जाते हैं सुनने को. ऐसा एक गाना है सिंघम फिल्म में.

अजय देवगन के साथ इस फिल्म में दक्षिण भारत की प्रसिद्ध
अभिनेत्री काजल अग्रवाल हैं.

स्वानंद किरकिरे का गीत है जिसकी धुन बनाई अजय अतुल
की जोड़ी ने. इसे श्रेया घोषाल संग अजय गोगावले ने गाया
है. अजय संगीतकार जोड़ी में से एक हैं और गाते भी हैं.



गीत के बोल:

साथिया साथिया पगले से दिल ने ये क्या किया
चुन लिया चुन लिया तुझको दीवाने ने चुन लिया
दिल तो उड़ा-उड़ा रे आसमाँ में बादलों के संग
ये तो मचल-मचल के गा रहा है सुन नई सी धुन

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

ओ अच्छी लगी दिल को मेरे हर तेरी बात रे
साया तेरा बन के चलूँ इतना है ख़्वाब रे
काँधे पे सर रख के तेरे कट जाए रात रे
बीतें ये दिन थामे तेरा हाथों में हाथ रे
ये क्या हुआ मुझे मेरा ये दिल फिसल फिसल गया
ये क्या हुआ मुझे मेरा जहाँ बदल बदल गया

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

ओ नींदें नहीं चैना नहीं बदलूँ मैं करवटें
तारे गिनूँ या मैं गिनूँ चादर की सलवटें
यादों में तू ख़्वाबों में तू तेरी ही चाहतें
जाऊँ जिधर ढूँढ़ा करूँ तेरी ही आहटें
ये जो है दिल मेरा ये दिल सुनो ना कह रहा यही
वो भी क्या ज़िंदगी हाँ ज़िंदगी कि जिसमें तू नहीं

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

साथिया साथिया पगले से दिल ने ये क्या किया
चुन लिया चुन लिया तुझको दीवाने ने चुन लिया
दिल तो उड़ा-उड़ा रे आसमाँ में बादलों के संग
ये तो मचल-मचल के गा रहा है सुन नई सी धुन

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
...................................................................................
Badmash dil-Singham 2011

Artists: Ajay Devgan, Kajal Agrawal

Read more...

May 16, 2017

सुन रहा है ना तू(श्रेया)-आशिकी २ २०१३

आशिकी २ से अगला गीत सुनते हैं. इस गीत का मेल
वर्ज़न आप सुन चुके हैं पहले. प्रस्तुत गीत फिल्माया
गया है श्रद्धा कपूर पर. आवाज़ है श्रेया घोषाल की.

इसके बोल भी संदीप नाथ के हैं और संगीत अंकित तिवारी
का.



गीत के बोल:

मंजिलें रुसवा हैं
खोया है रास्ता
आये ले जाएँ
इतनी सी इल्तिजा
ये मेरी ज़मानत है
तू मेरी अमानत है
मुझको इरादे दे
कसमें दे वादे दे
मेरी दुआओं के इशारों को सहारे दे
दिल को ठिकाने दे
नए बहाने दे
ख़्वाबों की बारिशों को मौसम के पैमाने दे
अपने करम की कर अदायें
कर दे इधर भी तू निगाहें

सुन रहा है ना तू
रो रही है हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
क्यूँ रो रही हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
रो रही है हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
क्यूँ रो रही हूँ मैं

वक़्त भी ठहरा है
कैसे क्यूँ ये हुआ
काश तू ऐसे आये
जैसे कोई दुआ
तू रूह की राहत है
तू मेरी इबादत है
अपने करम की कर अदाएं
कर दे इधर भी तू निगाहें

सुन रहा है ना तू
रो रही है हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
क्यूँ रो रही हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
रो रही है हूँ मैं
सुन रहा है ना तू
क्यूँ रो रही हूँ मैं
………………………………………
Sun raha hai na too(Shreya)-Aashiqui 2

Artist: Shraddha Kapoor

Read more...

Sep 6, 2016

जूबी डूबी जूबी डूबी-३ ईडियट्स २००९

हिंदी फिल्मों के कथानक वास्तविकता के ९५प्रतिशत को भी छू
लें तो बचा ५ प्रतिशत कल्पना और फंतासी के लिए बहुत है. इस
बचे प्रतिशत में असंभव और अजीब सब शामिल है. ३ ईडियट्स
का कथानक अगर पूरा मूल उपन्यास के रूप में सामने रख दिया
जाता बिना गानों के तो शायद मज़ा नहीं आता दर्शक को. हम
कितना कहें कुछ भी मगर हकीकत ये है हमारी ४ पीढ़ियों को
फ़िल्में गानों के साथ देखने की आदत हो चुकी है और बिना गानों
के फिल्म ऐसी लगती है जैसे मरीजों का खाना.

वास्तविक जीवन में किसी खडूस मास्टर की लड़की पटाना कोई
आसान काम नहीं है, वो भी किसी इंजीनियरिंग कॉलेज के मास्टर
की. ऐसा हिंदी फिल्म कथानक में संभव है. कहानी का बैकग्राउंड
किसी आई आई टी का है क्यूंकि मूल उपन्यास के लेखक ने वहीँ
शिक्षा ग्रहण की थी. आई आई टी संस्थान दूसरे इंजीनियरिंग के
संस्थानों से शिक्षण के मामले में काफी आगे हैं. प्रतिभा का स्तर
भी काफी बेहतर होता है वहां.

अभिनय के मामले में फिल्म के सभी कलाकारों ने प्रभावित किया
है. स्वानंद किरकिरे के बोल हैं और शांतनु मोइत्रा का संगीत. पैसा
वसूल गीत है और आपको बांधे रखता है आखिरी फ्रेम तक.




गीत के बोल:


गुनगुनाती है ये हवाएं
गुनगुनाता है गगन
गा रहा है यह सारा आलम
ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

शाखों पे पत्ते गा रहे हैं
 फूलों पे भंवरे गा रहे
दीवानी किरणे गा रही है
यह पंच्छी गा रहे
ओ ओ ओ
बगिया में दो फूलों की हो रही है गुफ्तगू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

ऐ रिमझिम रिमझिम रिमझिम सन सन सन सन हवा
टिप टिप टिप टिप बूँदें गुर्राती बिजलियां
भीगी भीगी साड़ी में यूं ठुमके लगाती तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

अम्बर का चाँद जमीं पर इतरा के गा रहा
इक टिम टिम टुटा तारा और इठला के गा रहा
है रातें अकेली तनहा मुझे छू ले आ के तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
............................................................................
Zoobi doobi-3 Idiots 2009

Artists:Aamir Khan, Kareena Kapoor

Read more...

Aug 11, 2016

तू चले संग चले-आई २०१५

कैनेडी जॉन विक्टर उर्फ विक्रम एक नामचीन अभिनेता हैं
दक्षिण भारत के फिल्म उद्योग के. सबसे ज़्यादा उन्होंने तमिल
फिल्मों में काम किया है. सन १९९० में अपने एक्टिंग कैरियर
की शुरुआत करने वाले विक्रम को सन १९९९ की फिल्म सेतु
तक लोकप्रिय होने का इंतज़ार करना पड़ा. लगभग सभी
किस्म की फिल्मों को करने के बाद उन्होंने सन २०१५ में
शंकर की फिल्म ‘आई’ की जिसके लिए उन्हें अपने शरीर को
काफी कष्ट देना पड़ा. फिल्म व्यावसायिक दृष्टि से बेहद सफल
रही.

ये फिल्म विभिन्न चैनलों पर कई बार दिखलाई जा चुकी है.
फिल्म में उनके किरदार और एक्टिंग की क्रिटिक्स ने मुक्त
कंठ से प्रशंसा की है. आई फिल्म के हिंदी संस्करण से एक
गीत सुनते हैं आज जो इरशाद कामिल का लिखा हुआ है
और जिसकी धुन रहमान ने बनाई है. अरिजीत सिंह और
श्रेया घोषाल ने इसे गाया है.



गीत के बोल:

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू जाने ना जाने ना माने
जाना तेरा ख़याल
जाना तेरा क्या हाल
तेरे जिया की ताल सुरमयी
आँखों में है शबाब जैसे खिले गुलाब
देखें ऐसे ही ख़वाब हम कई

तेरे आने से यार ऐसा आया निखार
जैसे आई बहार हो नई
तेरे होंठों के जाम पी लूँ सुबह शाम
तू तो मेरा ही नाम हो गई
मेरी दुनिया में तूने है रंग भरा
मेरे साथ ये दुनिया देख ज़रा
मेरी तू ही तो है प्यारी दुनिया
सारी दुनिया
मेरे हमकदम

है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

दूर खिले रंग कौन सा
रंग तेरा है बतलाना
लो हाथ से छूटा दिल
रंग तेरे मैंने रंग है जाना

महक गयी है ले खुशबू
महका तेरा जो है ये आँचल
फूलों की तू है रानी
या फिर तू है कोई संदल
धीमी धीमी बातें सहज सुगम मौसम
पिया मेरे ऐसे मौसम अब आएंगे हरदम
तू जो मुझे हासिल
नैना करे झिलमिल
साथी तेरे होने से है
खुशियों के या काफ़िले

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल
है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल
................................................................................
Too chale sang chale-I 2015

Artists: Amy Jackson, Vikram

Read more...

Jun 4, 2016

गाये जा गाये जा-ब्रदर्स २०१५

एक नई फिल्म से गीत सुनते हैं जो प्रेरणादायी है. इसे लिखा
है अमिताभ भट्टाचार्य ने और संगीत से संवारा है नयी जोड़ी
अतुल-अजय ने. सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस पर
इसे फिल्माया गया है.

फिल्म: ब्रदर्स
वर्ष:२०१५
गायक: श्रेया घोषाल, मोहम्मद इरफ़ान
गीतकार: अमिताभ भट्टाचार्य
संगीत: अतुल अजय




गीत के बोल:

सूरज तेरा गर्दिश में है
ढलते हुए कह गया
फिर लौट के आऊँगा मैं
नज़दीक ही है सुबह
गाये जा गाए जा
ग़म में है सरगम
गुनगुना ये धुन गाये जा
रात के धागों से सवेरा बुन
गाये जा गाए जा

अपना ही अपना क्यों कहलाया है
कैसे कोई तय करता है
कौन पराया है
एक वही रिश्ता, तेरी कमाई है
दर्द के पल में जिसने तेरा
साथ निभाया है
टूटा हुआ तो क्या सितारा तू
किसी का बन सहारा तू
गाये जा गाए जा

आँखों में रखना सपना तू कल के
तुझको लेकिन उन तक जाना होगा
खुद चल के
मझधारों से तु, हार नहीं जाना
साहिल तुझको पाना होगा
लहरों में ढल के
है ज़िन्दगी वही जो चलती है
ये गिर के ही संभलती है
……………………………………………………..
Gaaye ja gaaye ja-Brothers 2012


Artists-Siddharth Malhotra, Jacqueline Fernandez

Read more...

Feb 16, 2016

धीरे जलना-पहेली २००५

फिल्मों से कलात्मकता आप खतम नहीं कर सकते. इससे
जड़ें खत्म होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है. साहित्यिक
कृतियों पर काम करना आसान नहीं होता क्यूंकि लेखक की
कल्पना को आप हू-ब-हू परदे पर कभी नहीं उतार सकते.
एक हद तक निर्देशक सफल हो जाता है मगर कहीं कहीं उसे
माध्यम की लिमिटेशंस को ध्यान में रखते हुए कथानक या
चित्रण में बदलाव करने पढते हैं.

बरसों पहले(१९७३) मणि कौल ने एक फिल्म बनाई थी चारण
साहित्यकार विजय दान देथा की एक कहानी पर जिसका
नाम था दुविधा. कथानक ग्रामीण राजस्थान पर आधारित है.
फिल्म की विशेषता एक और है- राजस्थानी लोक कलाकारों
द्वारा संगीत दिया जाना. आपको देखने को मिले तो ये फिल्म
ज़रूर देखें एक बार.

उसी कथानक को फिर से लेकर २००५ में अमोल पालेकर ने
पहेली फिल्म का निर्माण किया. शाहरुख खान और रानी मुखर्जी
मुख्य कलाकार हैं और अमिताभ विशेष भूमिका में हैं. फिल्म
का सबसे चर्चित गीत यही है जो आज प्रस्तुत है. गुलज़ार ने
गीत लिखे हैं और एम् एम् क्रीम से इसका संगीत तैयार किया
है. इसे गा रहे हैं सोनू और श्रेया.



गीत के बोल:

धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
ज़िन्दगी की लौ पे जलना
धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे जलना
ज़िन्दगी की लौ पे जलना
कांच का सपना, गल ही न जाए
सोच समझ के आंच रखना

धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे जलना
होना है जो होना है
वो होने से तो रुकता नहीं
आसमान तो झुकता नहीं
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना

तेरे रूप की हलकी धूप में
दो ही पल हैं, जीने हैं
तेरी आँख में देख चुका हूँ
वो सपने हैं, सीने हैं
आँखों में सपनों की
किरचें हैं, चुभती हैं
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना

सोचा ना था, ज़िन्दगी ऐसे
फिर से मिलेगी जीने के लिए
आँखों को प्यास लगेगी
अपने ही आंसू पीने के लिए
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
...........................................................................
Dheere jalna-Paheli 2005

Read more...

Feb 3, 2016

सजन घर आना था-आर्यन अनब्रेकेबल २००६

फिल्म मोहब्बतें में शाहरुख खान के किरदार का नाम था-
राज आर्यन. उसके बाद आर्यन शब्द काफी पॉपुलर हुआ.
आर्यन नाम से फिल्म भी बनी सन २००६ में. उसी फिल्म
से एक गीत आज आपको सुनवाते हैं. किरदार के नाम का
चयन निर्देशक और पटकथा अनुसार होता है और ये मुद्दा
नायक के बस में नहीं होता.

श्रेया घोषाल और सोनू निगम के गाये इस गीत का संगीत
तैयार किया है आनंद राज आनंद ने. इस गीत के बोल लिखे
हैं आनंद राज आनंद ने. जैसा कि विवरण मिला है जगह
जगह, उस अनुसार गीतकार और संगीतकार एक ही हैं गाने
के.

आर्यन एक ऐसे युवक की कहानी है जो अपने कैरियर और
परिवार में से किसका चुनाव करे इस द्वन्द में फंसा है. इस
रोल को निभाया है सोहेल खान ने. फिल्म में उनके साथ
नायिका हैं स्नेह उलुल.




गीत के बोल:

सजन घर आना था
सजन घर आये हैं
पिया मन भाना था
पिया मन भाये है
हर खुशी है अब तुम्हारी
मुझे दे दो गम
जानेमन जानेमन

ज़िन्दगी में आये तुम चाहतों के रस्ते
काश ये रस्ते सनम कट जाये हँसते हँसते
सोने दिलदारा तेरे प्यार तो मैं वारियाँ
मेरियां दुआवां तैनू लग जावे सारियाँ
चांद हो तुम चाँदनी से भीगा जाये मन
जानेमन जानेमन

ख्वाबों के इस घर की खैर करियो रब्बा
दूर तरै कलेश और बैर करियो रब्बा
नाजों से बड़ी मैंने करी है तैयारियाँ
दिन रात प्यार दियां नाजरां उतारियाँ
ये मोहब्बत, है इबादत कभी हो ना कम
जानेमन जानेमन

आ आगोश में मेरी ज़ुल्फ सवारूँ तेरी
चाहत के रंगों से मैं मांग सजा दूँ तेरी
माहिया वे आज मैनू ऐवें क्यों वे लगदा
आशिक जे सच्चा होवे रूप होंदा रब दा
हम यहाँ हैं, तुम यहाँ हो, होने दो मिलन
जानेमन जानेमन
...........................................................................
Sajan ghar aana tha-Aryan 2006

Read more...

Jan 3, 2016

उर्जू दूरकूट-यहाँ २००५

अनूठे शब्द वाले गीतों की कड़ी में अगला गीत प्रस्तुत है फिल्म
यहाँ से. फ़िल्म का नाम भी तो अनूठा ही है. फिल्म सन २००५
का मॉडल है. प्रयोगधर्मिता के युग में(सन २००० के बाद) कुछ
एक गीत मधुर भी बने शोर-शराबे के बीच. फिल्म यहाँ से आपको
सबसे प्रचलित गीत पहले सुनवा चुके  हैं इस ब्लॉग पर.

शांतनु मोइत्रा इस समय के प्रसिद्ध संगीतकार हैं. इस गीत को लिखा
गुलज़ार ने है. गुलज़ार ने काफी प्रयोगधर्मी गीत लिखे हैं और प्रयोग
के हिसाब से उन्हें जनता पायोनियर भी कहती है. गीत गाया है
श्रेया घोषाल ने. गुलज़ार के गीतों में चाँद भी पापड की तरह बिल
जाता है और इतने आहिस्ता से कि पता ही नहीं चलता.

उर्जु दूरकूट दो शब्द हैं कश्मीरी के जिनका अर्थ है-उत्तम स्वास्थ्य और
मजबूत घुटने. फिल्म की नायिका हैं-मिनिषा लाम्बा. उन्होंने इस
फिल्म में एक कश्मीरी लड़की की भूमिका निभाई है.




गीत के बोल:

छन से बोले  चमक के जब चनार बोले
ख्वाब देखा है आँख का खुमार बोले
ख्वाब छलके तो आँख से टपक के बोले
झरना छलके तो पूरा आबशार बोले
उर्जू उर्जू दूरकूट
उर्जू उर्जू दूरकूट

हरे ख्वाब की ये हरी चूड़ियाँ
कलाई में किस ने भरी चूड़ियाँ
उठी नींद से चली आई मैं
साथ ही आ गयी मेरी चूड़ियाँ
आँख बोले कि ख्वाब ख्वाब खेलते रहो
रोज़ कोई एक चाँद बेलते रहो
चाँद टूटे तो टुकड़े टुकड़े बाँट लेना
गोल पहिया है रात दिन ढकेलते रहो
उर्जू दूरकूट
उर्जू दूरकूट

छन से बोले  चमक के जब चनार बोले
ख्वाब देखा है आँख का खुमार बोले
ख्वाब छलके तो आँख से टपक के बोले
झरना छलके तो पूरा आबशार बोले
उर्जू उर्जू दूरकूट
उर्जू उर्जू दूरकूट
.............................................................
Urzu Durkut-Yahaan 2005

Read more...

Jul 23, 2015

मनवा लागे-हैप्पी न्यू ईयर २०१४

पुराने दौर में देव आनंद और राजेश खन्ना ऐसे कलाकार थे
जिनकी फिल्मों के गीत देखना और सुनना एक एक्स्ट्रा आनंद
वाला अनुभव होता था.

नए युग में ये स्थान शायद शाहरुख खान ने ले लिया है. आज
पुराने समय वाली गुणवत्ता तो नहीं बची है संगीत में, मगर जो
कुछ सुनने लायक होता है उसमें से ३०-४० प्रतिशत गाने शाहरुख
की फिल्मों के होते हैं. उनके साथ ही नंबर आता है-सलमान खान
का, बाकी के ३०-४० प्रतिशत गाने उनकी फिल्मों के होते हैं.
गुणवत्ता की बात करें तो सलमान की फिल्मों का संगीत आपको
शाहरुख की फिल्मों से बेहतर मिलेगा.

आज के दौर के सबसे चर्चित गायिका और गायक इस गीत को गा
रहे हैं-श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह. इरशाद कामिल के बोलों
को धुन दी है विशाल-शेखर की जोड़ी ने.



गीत के बोल:

मनवा लागे, ओ मनवा लागे
लागे रे साँवरे, लागे रे साँवरे
ले तेरा हुआ जिया का, जिया का,
जिया का ये गाँव रे
मनवा लागे, ओ मनवा लागे
लागे रे साँवरे, लागे रे साँवरे
ले खेला मैंने जिया का, जिया का,
जिया का है दांव रे

मुसाफिर हूँ मैं दूर का, दीवाना हूँ मैं धूप का
मुझे ना भाये, ना भाये, ना भाये छाँव रे

ऐसी वैसी बोली तेरे नैनों ने बोली
जाने क्यों मैं डोली
ऐसा लगे तेरी हो ली मैं, तू मेरा
तूने बात खोली कच्चे धागों में पिरो ली
बातों की रंगोली से ना खेलूं ऐसे होली मैं,
ना तेरा
किसी का तो होगा ही तू
क्यूं ना तुझे मैं ही जीतूँ
खुले ख़्वाबों मे जीते हैं, जीते हैं बावरे
मन के धागे, ओ मन के धागे
धागे पे सांवरे, धागे पे सांवरे
है लिखा मैंने तेरा ही, तेरा ही,
तेरा ही तो नाम रे

रस बुँदिया नयन पिया रास रचे
दिल धड़ धड़ धड़के शोर मचे
यूं देख सेक सा लग जाये
मैं जल जाऊँ बस प्यार बचे

ऐसे डोरे डाले काला जादू नैना काले
तेरे मैं हवाले हुआ सीने से लगा ले,
आ मैं तेरा
दोनों धीमे धीमे जलें
आजा दोनों ऐसे मिलें
ज़मीं पे लागे, ना तेरे, ना मेरे पाँव रे
मनवा लागे...

रहूँ मैं तेरे नैनों की, नैनों की,
नैनों की ही छाँव रे
ले तेरा हुआ जिया का, जिया का,
जिया का ये गाँव रे
रहूँ मैं तेरे नैनों की, नैनों की,
नैनों की ही छाँव रे
..............................................................................
Manwa laage-Happy new year 2014

Read more...

May 26, 2015

चोरी किया रे जिया-दबंग २०१०

फिल्म दबंग २०१० की एक बेहद सफल फिल्म है. इसमें पुलिस
इन्स्पेक्टर के किरदार को काफी सशक्त बनाया गया है जो कि
इस फिल्म के पहले तक दक्षिण भारत की फिल्मों में ही देखा
जाता था. किरदार को इतना आकर्षक बना दिया गया है कि
देखने वाला खयाली दुनिया में खो जाता है.

एक सुनने लायक युगल गीत जिसे सोनू निगम और श्रेया घोषाल
ने गाया है. गीत जलीस शेरवानी का लिखा हुआ है और संगीत
साजिद-वाजिद की जोड़ी का है.

सोनाक्षी सिन्हा की ये पदार्पण फिल्म है और इसमें उन्होंने उम्मीद
से बेहतर अभिनय किया है.





गीत के बोल:

साँची साँची तेरी नज़रें एक दर्पण
दे दे मन की ख़बरें एक पलछिन
अधरों कुछ न कहा रे
नैनों ने कह दिया रे

तूने तो पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरा जिया ओ ओ ओ

तूने भी पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरे पिया

गुमसुम गुमसुम रहने वाली
हमरी ये गुजरिया रे
कल कल बहने लगी
जैसे प्रेम की नदिया रे

तुझ संग प्रीत हमने लगायी रे
तब जा के ये रूट आई है

तूने तो पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरा जिया ओ ओ ओ

तूने भी पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरे पिया

गुपचुप गुपचुप दिल में आया
सजना स्वांग रचिया रे

पल पल हर पल जिसकी छाया
अपना पार लगैया रे

ओ तुझ पर जान हमने लुटाई है
तब जा के तू संग आई है

तूने तो पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरा पिया

साँची साँची तेरी नज़रें एक दर्पण
दे दे मन की ख़बरें एक पलछिन
अधरों कुछ न कहा रे
नैनों ने कह दिया रे

तूने तो पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरा पिया ओ ओ ओ

तूने भी पल भर में
चोरी किया रे जिया
मोरे जिया
.......................................................
Chori kiya re jiya-Dabang 2010

Artists-Sonakshi SInha, Salman Khan

Read more...

Apr 14, 2015

मैं तैनू समझावां-हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया २०१४

आप में से अधिकांश ने(मुझे भी शामिल कर लें) इस फिल्म की
रिलीज़ के पहले तक हम्प्टी शब्द केवल “हम्प्टी डंपटी सेट ऑन
ऐ वाल” वाली अंग्रेजी पोयम में ही सुना होगा. अब इस अंग्रेजी
शब्द का ऑफिशियल देसीकरण हो गया है क्यूंकि ये एक हिंदी
फिल्म का नाम हो गया है.

कुछ दिन पहले मैंने एक दैनिक अखबार नवभारत टाईम्स की साईट
पर एक लेख पढ़ा जिसमें हिंदी फिल्म को पांचवा वेद बताया है
लेखक ने. वाजिब है, फ़िल्में, जो नहीं दिख रहा, या आम इंसान नहीं
देख पाता वो सब भी दिखला देती हैं, चाहे वो पीली फ़िल्में हों या
फिर नीली. जबसे मोबाइल नामक उपकरण आम आदमी के हाथ
लगा है उसके ज्ञान पटल का विस्तार तीव्र गति से हुआ है. फ़िल्में
अगर समाज का आइना हैं तो समाज भी फिल्मों के लिए वही
काम करता है. कथा वस्तु में सबसे पहले वे चीज़ें सामने आती हैं
जो निर्देशक या निर्माता ने अपने जीवन में देखी या सुनी होती हैं.
हाँ, कभी कभी अतिश्योक्ति का घोल चढा दिया जाता है कथानक
पर जिसे मंजा हुआ फिल्म प्रेमी या जगह-जगह के धक्के खाया
हुआ इंसान ही समझ पाता है. मंजे हुए फिल्म प्रेमी से अर्थ ठंडी
हवा में बैठ के फोम पर उचकते हुए पिक्चर देखने वाले जंतुओं से
नहीं, बल्कि उनसे है जिन्होंने जिंदगी के सभी रंगों को छुआ या
छूने की ईमानदार कोशिश करी हो.

आइये सुनें हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया से एक गीत जो फिल्म विरसा
के गीत पर आधारित है. इसमें बोल थोड़े बदल दिए गए हैं और
ये वर्ज़न ज्यादा चर्चित है बजाये राहत फतह अली खान वाले गीत
से. इसे अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है. गीतकार कुमार
ने इसमें नए शब्द डाले हैं. संगीतकार हैं शरीब-तोशी. गीत फिल्माया
गया है महेश भट्ट के सुपुत्री आलिया भट्ट और वरुण धवन पर.





गीत के बोल:

नहीं जीना तेरे बाजू
नहीं जीना नहीं जीना
नहीं जीना तेरे बाजू
नहीं जीना नहीं जीना 

नहीं जीना तेरे बाजू
नहीं जीना नहीं जीना
नहीं जीना तेरे बाजू
नहीं जीना नहीं जीना 


मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी
मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी
तू की जाणे प्यार मेरा
मैं करूं इंतज़ार तेरा
तू दिल तुइयों जान मेरी

मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी
तू की जाणे प्यार मेरा
मैं करूं इंतज़ार तेरा
तू दिल तुइयों जान मेरी
मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी

मेरे दिल ने चुन लैय्या ने
तेरे दिल दिया राहां
तू जो मेरे नाल तू रहता
तुरपे मेरियां साहा
जीना मेरा, हाय
हुण है तेरा, की मैं करां
तू कर ऐतबार मेरा
मैं करूं इंतज़ार तेरा
तू दिल तुइयों जान मेरी
मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी

वे चंगा नइयो कीत्ता बीबा
वे चंगा नइयो कीत्ता बीबा
दिल मेरा तोड़ के
वे बड़ा पछ्ताइयां अक्खां
वे बड़ा पछ्ताइयां अक्खां
नाल तेरे जोड़ के

तैनूं छड के कित्थे जावां
तू मेरा परछावां
तेरे मुखड़े विच ही मैं तां
रब नू अपने पावां
मेरी दुआ हाय
सजदा सदा करदी तेरा
तू सुन इकरार मेरा
मैं करूं इंतज़ार तेरा
तू दिल तुइयों जान मेरी
मैं तैनूं समझावां की
न तेरे बिन लगदा जी
..........................................................
Main tainu samjhawan-Humty Sharma ki dulhaniya 2014

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP