Showing posts with label Sardar Anjum. Show all posts
Showing posts with label Sardar Anjum. Show all posts

Feb 15, 2017

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं-गैर फ़िल्मी गीत

आज एक गैर फ़िल्मी गीत सुनते हैं चित्रा सिंह का गाया हुआ.
बोल लिखे हैं सरदार अंजुम ने और इसकी धुन जगजीत सिंह ने
तैयार की है.

ये सरदार अंजुम वही हैं जिनकी रचना-शराब चीज़ ही ऐसी है
पंकज उधास ने गाई है.




गीत के बोल:

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं
चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं
ना तुम याद आओ
ना तुम याद आओ ना हम याद आएं
चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं

सभी ने लगाया है चेहरे पे चेहरा
सभी ने लगाया है चेहरे पे चेहरा
किसे याद रखें
किसे याद रखें किसे भूल जाएं

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं
ना तुम याद आओ
ना तुम याद आओ ना हम याद आएं

उन्हें क्या खबर हो
उन्हें क्या खबर आने वाला ना आया
उन्हें क्या खबर आने वाला ना आया
बरसती रहीं
बरसती रहीं रात भर ये घटाएं

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएं
ना तुम याद आओ
ना तुम याद आओ ना हम याद आएं
...................................................................
Chalo baant lete hain-Non film song

Read more...

Dec 22, 2016

शराब चीज़ ही ऐसी है-पंकज उधास गज़ल

ये बात किशोर कुमार के एक गीत में है इसलिए अब हमारे लिए
ऑफिशियल है-पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए. पीने वालों
को सर्दी, गर्मी हो या बरसात कोई न कोई वजह चाहिए पीने के
लिए. किसी किसी दिन तो वजह नहीं मिलती इसलिए पीना पढ़ती
है.

आज सुनते हैं मयखाना किंग पंकज उधास की एक गज़ल. पीने
वाले के अंदर से निकली आवाज़ की तरह है ये. न छोड़ी जाए...
शराब की तुलना यार से कर दी गई है-ना छोड़ा/छोड़ी जाए. बोल
लिखे हैं सरदार अंजुम ने और मेरे ख्याल से इसकी धुन स्वयं
पंकज उधास ने बनाई है.




बोल:

शराब चीज़ ही ऐसी है न छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये
शराब चीज़ ही ऐसी है न छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये
शराब चीज़ ही ऐसी है

हर एक शय को जहां में बदलते देखा है
हर एक शय को जहां में बदलते देखा है
हर एक शय को जहां में बदलते देखा है
मगर ये वैसे की वैसी है न छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये
शराब चीज़ ही ऐसी है

किसी के दम से पिघलती है ये बोझल रातें
किसी के दम से पिघलती है ये बोझल रातें
किसी के दम से पिघलती है ये बोझल रातें
मगर ये पानी के जैसी है न छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये
शराब चीज़ ही ऐसी है

यही तो टूटे दिलों का इलाज़ है अंजुम
यही तो टूटे दिलों का इलाज़ है अंजुम
यही तो टूटे दिलों का इलाज़ है अंजुम
मैं क्या कहूँ तुझे कैसी है ना छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये

शराब चीज़ ही ऐसी है न छोड़ी जाये
ये मेरे यार के जैसी है न छोड़ी जाये
शराब चीज़ ही ऐसी है
..........................................................
Sharab cheez hi aisi hai Pankaj Udhas Ghazal

Read more...

Feb 26, 2015

देख के तुमको-गवाही १९८९

आपको एक मधुर गीत सुनवाया था शेखर कपूर अभिनीत गवाही से.
उस गीत में वे रंजीता के साथ कार में सैर कर रहे थे. अब सुनते
हैं डिस्को-ग़ज़ल. अब आप ये मत पूछ लीजियेगा ये डिस्को ग़ज़ल
क्या होती है. बस गीत सुनिए और आपको अंदाजा हो जायेगा, ऐसा
क्यूँ बोला गया. गीत मधुर है और इसे फिल्माया गया है जीनत अमान
और शेखर कपूर पर. वो आउटडोर गीत था ये इनडोर गीत है.

संगीत उत्तम-जगदीश का ही है. इनके संगीत का मैं बड़ा फैन हूँ.
पेडस्टल फैन साइज़ का तो नहीं मगर टेबल फेन साइज़ का ज़रूर हूँ.
इनकी खूबी है गीत के सभी कारकों पर ये मेहनत करते हैं और इनके
गीत दूसरे संगीतकारों से थोड़े ज्यादा मधुर बन जाते हैं. वाद्य यंत्रों
का प्रयोग बेहतर करते हैं ये.

प्रस्तुत गीत के बोल सरदार अंजुम ने लिखे हैं. गीत की पञ्च लाइन है-
बाँट के दिल की इस दौलत को, क़र्ज़ चुकायेंगे

#discoghazal



गीत के बोल:

देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
पलकों में आंसू लेकर क्यूँ
हम तुम रोयेंगे
पलकों में आंसू लेकर क्यूँ
हम तुम रोयेंगे
हो के जुदा हम क्यूँ अश्कों की
हार पे रोयेंगे
हँसती गाती इन आँखों में
फूल खिलाएंगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
दुनिया देखी दौलत देखी
देखे महल निराले
दुनिया देखी दौलत देखी
देखे महल निराले
झील सी इन गहरी आँखों में
पाए चाँद सितारे
बाँट के दिल की इस दौलत को
क़र्ज़ चुकायेंगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
………………………..
Dekh ke tumko-Gawahi 1989

Artists: Shekhar Kapoor, Zeenat Aman

Read more...

Feb 25, 2015

भूल भुलैया सा ये जीवन-गवाही १९८९

आपने बतौर नायक शेखर कपूर को देखा है? अगर आपने फिल्म
बैंडिट क्वीन देखी है तो आपने ज़रूर ही शेखर कपूर को पहचाना होगा
उसमें. एक डाकू चरित्रों का उल्लेख  करते हुए ट्रक ड्राईवर को उतरने
के लिए कहता है. ट्रक ड्राईवर के रोल में शेखर कपूर ही थे जिहोने
फिल्म का निर्देशन किया है.

आज आपको फिल्म "गवाही" से गीत सुनवा रहे हैं जिसमें आपको
शेखर कपूर के साथ रंजीता दिखाई देंगी. गीत मधुर है और इसे गाया
है अनुराधा पौडवाल के साथ पंकज उधास ने. मधुर धुन देने के लिए
आप संगीतकार उत्तम-जगदीश को धन्यवाद दें.

फिल्म  में आशुतोष गोवारिकर और जीनत अमान भी हैं. निर्देशक
अनंत बालानी की ये पदार्पण फिल्म है.




गीत के बोल:

भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
खोज रहे हैं, एक दूजे में, जन्मों की पहचान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ
एक रस्ते को दूजा रास्ता मिल के बन जाए मंजिल
तूफानों के लाख भंवर हों, न कोई डूबे साहिल
न कोई डूबे साहिल
साथ चले तो हो जाती है, हर मुश्किल आसान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

साजन वो की भटकन दिल को, तड़प तड़प तड़पाए
दो रूहें जो एक हो जाएँ, स्वर्ग वहीँ बन जाए
स्वर्ग वहीँ बन जाए
जिस्मों की इस कैद में , पूरे होते हैं अरमान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

दो तकदीरें रब लिखता है, एक तकदीर अधूरी
जनम जनम का साथ न हो तो, जीना है मजबूरी
जीना है मजबूरी
इसीलिए तो ये दिलवाले, दे देते हैं जान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
खोज रहे हैं, एक दूजे में, जन्मों की पहचान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
....................................................................
Bhulbhulaiya sa ye jeewan-Gawahi 1989

Artists: Shekhar Kapoor, Ranjeeta

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP