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Aug 9, 2020

हम भूल गये रे हर बात-सौतन की बेटी १९८९

सावन कुमार ने अपना फ़िल्मी कैरियर बतौर निर्माता शुरू
किया था. फिल्म का नाम है नौनिहाल. इसके बाद सन १९७१
की मीना कुमारी अभिनीत फिल्म गोमती के किनारे से उनका
निर्देशन का कैरियर प्रारंभ हुआ.

सावन कुमार बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी हैं जहाँ तक
फिल्म के भिन्न भिन्न पहलुओं का सवाल है. उनके लिखे
हुए कई गीत बेहद लोकप्रिय हुए.

पुरस्कार उनसे दूर ही रहे. जाने क्यूँ पुरस्कारों को कई लोगों
से एलर्जी होती है. वैसे भी ले दे के वही काली औरत वाले
अवार्ड चले आये फिल्म उद्योग में ९० के दशक तक. उसके
बाद काफी सारे पुरस्कारों का आविष्कार हुआ. सूरत फिर भी
बहुत ज्यादा नहीं बदली और नए आविष्कारों से भी जनता
को शिकायत रहने लगी. वो नेपोटिस्म और पोटाइस्म इतना
ज्यादा हावी है यहाँ कि उससे अक्सर जनता को समझौता
ही करना पड़ता है.

सुनते हैं सौतन की बेटी से एक गाना जिसका संगीत तैयार
किया है वेदपाल वर्मा ने. इसे लता मंगेशकर ने गाया है.

ये गाना हालांकि एक पडोसी देश के गाने से प्रेरित है, यूँ
कहें काफी दोस्ताना है दोनों गानों में, जहाँ तक मुखड़े का
सवाल है. उसके बाद धुनें जुदा सी लगती हैं.





गीत के बोल:

हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
क्या क्या हुआ दिल के साथ
क्या क्या हुआ दिल के साथ मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
.
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…………………………………………………………………
Ham bhool gaye re har baat-Souten ki beti 1989

Artist: Rekha

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Jul 5, 2020

कितनी है प्यारी प्यारी दोस्ती हमारी-परिंदा १९८९

सन १९८९ की फिल्म परिंदा से एक गाना सुनते हैं सुरेश वाडकर
और शैलेन्द्र सिंह का गाया हुआ. इसे खुर्शीद हल्लौरी ने लिखा है
और इसकी धुन तैयार की है आर डी बर्मन ने.

फिल्म परिंदा का निर्माण और निर्देशन विधु विनोद चोपड़ा ने किया
है. परिंदा फिल्म की एडिटिंग रेणु सलूजा ने की थी जिसके लिये
उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ. आज रेणु सलूजा का जन्मदिन है.
फिल्म के लिए दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार नाना पाटेकर को मिला था.

फिल्मफेयर में फिल्म को पांच पुरस्कार मिले. रेणु सलूजा को
एडिटिंग के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला.

बाकी की बात कल करेंगे, फिलहाल गाना सुनते हैं इस फिल्म से.





गीत के बोल:

कितनी है प्यारी प्यारी दोस्ती हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी

एक दिन ज़रूर हमको मेहनत का फल मिलेगा
हम कामयाब होंगे दुनिया से गम हटेगा
जब ये अमन रहेगा
सबकी ख़ुशी में होगी यारों ख़ुशी हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी

सीढ़ी सच्ची राहें अपनाना चाहते हैं
कुछ बन के इस जहां को दिखलाना चाहते हैं
दिखलाना चाहते हैं
ताकत से डरेगा हर आदमी हमारी

दुनिया को जीतने की सादगी हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी

दिल कहता है मुझसे ऐसा भी कोई आये
जो प्यार से ये कह के मुझको गले लगाये
मुझको गले लगाये
चाँद मैं तुम्हारा तू चाँदनी हमारी
चाँद मैं तुम्हारा तू चाँदनी हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी

बढ़े हुए कदम ये हरगिज़ नहीं रुकेंगे
काटेंगे साथ जीवन जब यार से मिलेंगे
जब यार से मिलेंगे
ज़िन्दगी हम उसकी वो ज़िन्दगी हमारी
ज़िन्दगी हम उसकी वो ज़िन्दगी हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी
कितनी है प्यारी प्यारी दोस्ती हमारी
जो यार की ख़ुशी वो ख़ुशी है हमारी
……………………………………………
Kitni hai pyari pyari-Parinda 1989

Artists: Jackie Shroff, Anil Kapoor, Anupam Kher

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Jun 27, 2020

न जा जाने जां-जोशीले १९८९

आज २७ जून को संगीतकार आर डी बर्मन का जन्मदिन है.
इस अवसर पर सुनते हैं फिल्म जोशीला से एक युगल गीत
जिसे पंचम और आशा भोंसले ने गाया है.

१९८९ की फिल्म जोशीले की शूटिंग लेह और लद्दाख में हुई
थी. ये दोनों जगह पिछले काफी दिनों से चर्चा में हैं. फिल्म
की कहानी सम १९६५ की अंग्रेजी फिल्म ‘फॉर ए फ्यू डॉलर्स
मोर’ से मिलती जुलती है. जोशीले फिल्म की कहानी लिखी
है जावेद अख्तर ने जिन्होंने फिल्म के गाने भी लिखे हैं.

फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर ने किया और बीच में किसी
वजह से उन्होंने फिल्म छोड़ दी. उसके बाद फिल्म के निर्माता
सिब्ते हसन रिज़वी ने इसे पूरा किया.

फिल्म में दो हीरो और दो हीरोईन हैं-अनिल कपूर, सनी देवल,
श्रीदेवी और मीनाक्षी शेषाद्रि. पंचम की आवाज़ सनी देवल पर
कितनी जाँच रही है ये तो आप ही डिसाईड करें, हम आपको
गाना सुनवा देते हैं.





गीत के बोल:

ओए
ना जा जाने जां
.
.
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Na ja jaane jaan-Joshile

Artists: Sunny Deol, Sridevi

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Mar 15, 2020

गली गली में फिरता है-त्रिदेव १९८९

आवारा और बंजारा शब्दों को जितना डिक्शनरी ने
पॉपुलर नहीं कराया उससे कहीं ज्यादा फिल्मों ने.
अब कौन कहता है फ़िल्में शिक्षा का माध्यम नहीं.
पब्लिक ने तो अदा से पप्पी झप्पी लेना भी फिल्मों
से सीखा है.

शब्द तो खैर बहुत कुछ कहते ही हैं मगर मूक कला
माईम भी एक विधा है जिसमें केवल भावों से और
शरीर के अंगों की हलचल से बहुत कुछ कहा जाता
है. इसे समझने के लिए बहुत फरर्टाइल दिमाग की
ज़रूरत होती है. अब कलाकार जलेबी बनाने की
विधि बतला रहा है या कसरत का ज्ञान आम आदमी
कैसे जान सकता है. मॉडर्न आर्ट का भी कुछ वैसा ही
हाल है. बनाने वाले से समझना पढता है वो क्या
कहना चाह रहा है या क्या कह चुका है.

अरे हम तो निबंध की ओर बढ़ने लगे, ना बाबा ना,
गीत की तरफ लौटते हैं. अलका याग्निक और मनहर
के गाये गीत को लिखा है आनंद बक्षी ने और इस गीत
की धुन तैयार की है विजू शाह ने.

टूथपेस्ट के विज्ञापन जैसे दृश्य से शुरू होता ये गीत
फिल्माया गया है जैकी श्रॉफ़ और संगीता बिजलानी
पर. गीत में आपको ढेर सारे कलाकार दिखलाई देंगे.
इनमें से दो ऐसे हैं जिनको लेकर बिछुडे हुए भाइयों
की कोई फिल्म बनाई जा सकती थी-डैन धनोवा और
तेज सप्रू. इसके अलावा उसी फिल्म में जैकी की बड़े
भाई की भूमिका भी हो सकती थी. खैर हो सकता था
वगैरह सब चलता ही रहता है, होता क्या है वो किसी
को मालूम नहीं होता. अब इससे आगे लिखने पर
यही मसाला किसी अंग्रेजी के ब्लॉग पर चटपटे
अनुवाद की शक्ल में दिखने लगेगा, इसलिए इधरिच
फुलस्टॉप. कहते हैं ना इश्क की आग वो आग है जो
बुझाये ना बुझे वैसे ही ब्लोगिंग की खुजली भी कुछ
ऐसी है जो खुजाए न खुजे.



गीत के बोल:

गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

मौका है दीवाने दिल का खाली दामन भर ले
इस दुनिया में जीना है तो प्यार किसी से कर ले
तेरे दिल को छेड़ रहा है मेरा प्यार अकेला
मेरे दिल में लगा हुआ है कई ग़मों का मेला

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

मेरी तरह नहीं है कोई इस दुनिया में देख यहाँ
राजा बन जा मेरा साथी हाथ पकड़ ले मेरा
मेरा रास्ता रोक रही है तू कैसी दीवानी
एक जगह मैं कैसे ठहरूं मैं दरिया का पानी

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

और किसी से मैं ये कहती वो कुछ भी कर जाता
मेरे एक इशारे पे बस वो हंस के मर जाता
ना मैं शायर ना कोई आशिक ना कोई दीवाना
मैं तुझपे नहीं मरने वाला मैं हूँ बड़ा सयाना

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
………………………………………………………
Gali gali mein phirta hai-Tridev 1989

Artists: Jackie Shroff, Sangeet Bijlani

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Jan 4, 2020

अब दवा की ज़रूरत नहीं-लाल दुपट्टा मलमल का १९८९

मरीज ठीक हो जाए तो गा सकता है-अब दवा की
ज़रूरत नहीं. या जब रोग लाइलाज हो जाए तब ये
कहा जा सकता है.

दवा के अलावा भी कई चीज़ें होती हैं जिनमें दुआ
सबसे पहले आती है. इस गीत में ऐसा क्या है कि
मरीज को दवा की ज़रूरत नहीं, सुनते हैं.

मजरूह सुल्तानपुरी की रचना है और आनंद मिलिंद
का संगीत. मोहम्मद अज़ीज़ संग अनुराधा पौडवाल
ने इस गीत को गाया है.



गीत के बोल:

अब दवा की ज़रूरत नहीं
अब दवा की ज़रूरत नहीं
मुझको दर्द-ए-जिगर के लिए
इक नज़र तेरी मेरे मसीहा
काफ़ी है उम्र भर के लिए
हो काफ़ी है उम्र भर के लिए
अब दवा की ज़रूरत नहीं
मुझको दर्द-ए-जिगर के लिए
इक नज़र तेरी मेरे मसीहा
काफ़ी है उम्र भर के लिए
हो काफ़ी है उम्र भर के लिए
………………………………………………..
Ab dawa ki zaroorat nahin-Lal dupatta malmal ka 1989

Artists: Sahil Chaddha, Veverly Wheeler

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Nov 21, 2018

तुमसे मिल के ऐसा लगा-परिंदा १९८९

फिल्म परिंदा का कथानक वास्तविक सा बनाया गया था
इसलिए कहानी उस समय जनता को अटपटी लगी और
अमूमन फिल्म के अंत में नायक नायिका में से किसी
एक के बिछड़ने की आदत लिये दर्शक इसे आसानी से पचा
नहीं पाया. फिल्म एक दूजे के लिए के अंत में भी नायक
और नायिका दोनों मर जाते हैं, मगर वो दृश्य फिल्म के
अंतिम चरण में था, दर्शक पूरी फिल्म में दुखी नहीं रहे.

परिंदा में तो ये घटना फिल्म के अंत के काफी पहले हो
जाती है और दर्शक दुखी मन से उत्सुकता लिए ये देखने
के लिए बैठा रहता है कि दूसरा नायक इसका बदला कब
और कैसे लेगा. ये चेंज है एक जो इसे दूसरी फिल्मों से
अलग करता है.


हालांकि इस फिल्म ने ठीकठाक व्यवसाय किया और इसका
प्रस्तुत गीत सबसे ज़्यादा लोकप्रिय रहा.

गीतकार हैं खुर्शीद हल्लौरी और संगीतकार आर डी बर्मन.
इसे सुरेश वाडकर और आशा भोंसले में गाया है.

प्रस्तुत गीत १९७६ के प्रसिद्ध विलायती प्रेम गीत लियो सायर
के व्हेन आई नीड यू से प्रेरित है.



गीत के बोल:

तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के
तुमसे मिल के ऐसा लगा तुम से मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के
ऐ मेरी जाने वफ़ा
तेरी मेरी मेरी तेरी एक जान है
साथ तेरे रहेंगे सदा तुम से ना होंगे जुदा
तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के

मेरे सनम तेरी कसम छोड़ेंगे अब ना ये हाथ
ये ज़िन्दगी ला ला ला गुज़रेगी अब ला ला ला
हमदम तुम्हारे ही साथ
अपना ये वादा रहा तुमसे ना होंगे जुदा

तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के
ऐ मेरी जाने वफ़ा
तेरी मेरी मेरी तेरी एक जान है
साथ तेरे रहेंगे सदा तुम से ना होंगे जुदा
तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के

आ आ आ आ आ आ आ
मैने किया ला ला ला है रात दिन ला ला ला
बस तेरा ही इन्तज़ार
तेरे बिना आता नहीं इक पल मुझे अब क़रार
हमदम मेरा मिल गया हम तुम ना होंगे जुदा
हमदम मेरा मिल गया हम तुम ना होंगे जुदा

तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के
तुमसे मिल के ऐसा लगा तुमसे मिल के
अरमाँ हुए पूरे दिल के
ऐ मेरी जाने वफ़ा
तेरी मेरी मेरी तेरी एक जान है
साथ तेरे रहेंगे सदा तुम से ना होंगे जुदा
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला
…………………………………………………..
Tumse mil ke aisa laga-Parinda 1989

Artists: Anil Kapoor, Madhuri Dixit

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Jun 11, 2018

आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान-चांदनी १९८९

फिल्म चांदनी से एक गीत सुनते हैं लता मंगेशकर
का गाया हुआ. यश चोपड़ा निर्देशित इस फिल्म में
ऋषि कपूर, श्रीदेवीऔर विनोद खन्ना मुख्य कलाकार
हैं.

अपने समय की बड़ी हिट फिल्म है ये और इसके
गीत भी ज़बरदस्त हिट की श्रेणी में आते हैं.

समर्पण प्यार की एक बड़ी शर्त है और वो अपने आप
ह्रदय से निकलने वाली भावना है. इसमें किसी पर
एहसान जैसी कोई बात नहीं. गीत में नायिका उस
समय लाचारी झेल रहे नायक को खुश रखने का
प्रयत्न कर रही है. उसमें वो कितना सफल होती है
जानने के लिए आपको फिल्म देखना पड़ेगी.




गीत के बोल:

तेरे दिल में मैं अपने अरमान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
तेरे दिल में मैं अपने अरमान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ

आँखे हैं तेरी क्यूँ खाली खाली
बातें कहाँ गयी वो प्यार वाली
आँखे हैं तेरी क्यूँ खाली खाली
बातें कहाँ गयी वो प्यार वाली
तेरे होठों पे अपनी मुस्कान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ

आँसू तेरे निकले दिल मेरा रोये
चोट लगे तुझको तो दर्द मुझे होये
आँसू तेरे निकले दिल मेरा रोये
चोट लगे तुझको तो दर्द मुझे होये
तेरे ज़ख़्मों पे अपनी ज़ुबान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ

सैयाँ ये बैयाँ ज़रा थाम ले तू
मुँह से किसी चीज़ का नाम ले तू
सैयाँ ये बैयाँ ज़रा थाम ले तू
मुँह से किसी चीज़ का नाम ले तू
तेरे कदमों में सारा जहान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
…………………………………………………
Aa meri jaan main tujh mein apni jaan-Chandni 1989

Artists: Sridevi, Rishi Kapoor

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Mar 2, 2018

बनवारी ओ बनवारी-चिंगारी १९८९

साहिर लुधियानवी का लिखा हुआ भजन सुनते हैं फिल्म चिंगारी
से. नंदलाला, गोपाला को समर्पित भजन गाया है उषा मंगेशकर
संग आशा भोंसले ने. संगीतकार हैं रवि.

फिल्म चिंगारी का संगीत काफी पहले तैयार किया हुआ सुनाई देता
है. फिल्म शायद रिलीज़ में लेट हो गयी थी. फिल्म के प्रमुख
कलाकार हैं संजय खान, लीना चंदावरकर, शत्रुघ्न सिन्हा, प्राण
और दुर्गा खोटे.




गीत के बोल:

बनवारी ओ बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

घनका ज्योति जनम की पापन
परपुर्शन की प्यारी
परपुर्शन की प्यारी
धरम करम की लिप्टन आई पाप किये अति भारी
पाप किये अति भारी
इक तोते की राम रतन से तूने पार उतारी रे

मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

ध्रुपद्सुता पांडव की नारी जुआ खेल कर हारी
जुआ खेल कर हारी
भरी सभा में दुष्ट दु:शासन खेंचन लागा साड़ी
खेंचन लागा साड़ी
लुटती लाज बचायी जब वो दुखिया तुम्हें पुकारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

मीरा तेरे प्यार के कारण लोक लाज सब हारी
लोक लाज सब हारी
निर्लज्ज कहे राणा ने उसको भेजी नाग पिटारी
भेजी नाग पिटारी
नाग फूल विष अमृत बन गया तेरी लीला न्यारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
............................................................
Banwari o Banwari-Chingari 1989

Artists: Leena Chandavarkar, Durga Khote

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Jan 8, 2018

क्या करते थे साजना-लाल दुपट्टा मलमल का १९८८

आज सुनते हैं सन १९८९ की म्यूजिकल हिट फिल्म से एक गीत.
फिल्म से ज्यादा उसके गीत चले इसलिए इसे म्यूजिकल हिट
कहा मैंने. इसके सभी गीत लोकप्रिय हैं. फिल्म एक टेलीफिल्म
है.

आनंद मिलिंद की जोड़ी इस मामले में खुशकिस्मत है कि उन्हें
मजरूह के लिखे गीतों पर धुनें बनाने का मौका मिला या यूँ
कहें उनकी बनाई धुनों पर मजरूह के लिखे बोल फिट करने का
मौका. इस फिल्म के गीतों के बोल लाजवाब हैं और खास बात
ये है कि बोल सरल हैं और आसानी से ज़ुबान पर चढ जाते हैं.




गीत के बोल:

क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
हम तो जुदाई में अकेले
छुप छुप के रोया करते थे
हो ओ ओ छुप छुप के रोया करते थे

क्या बतलाएं जाने जान हम तुमसे दूर रह के
क्या बतलाएं जाने जान हम तुमसे दूर रह के
अक़्सर दुआओं में ख़ुदा से
तुमको ही माँगा करते थे
हो हो तुमको ही माँगा करते थे

जो पूछती थी सखियाँ बेचारी
ये रोग कैसा तुझको है प्यारी
जो पूछती थी सखियाँ बेचारी
ये रोग कैसा तुझको है प्यारी
चुपचाप उनका मुँह देखती थी
करती भी क्या मैं बिरहा की मारी
वो दिन भी क्या दीन थे सनम
मजबूर तुम लाचार हम
बस आहें भरा करते थे
तुमको ही माँगा करते थे
हो हो तुमको ही माँगा करते थे

क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
हम तो जुदाई में अकेले
छुप छुप के रोया करते थे
हो हो छुप छुप के रोया करते थे

माना जुदाई का मौसम बुरा था
उसका भी लेकिन अपना मज़ा था
माना जुदाई का मौसम बुरा था
उसका भी लेकिन अपना मज़ा था
थोड़ा तड़पना थोड़ा सिसकना
सच पूछिये तो अच्छा लगा था
क्या चीज़ है ये प्यार भी
सुख में हसीन दुःख में हसीन
न पूछो के क्या करते थे
तुमको ही माँगा करते थे
हो हो तुमको ही माँगा करते थे

क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रह के
हम तो जुदाई में अकेले
छुप छुप के रोया करते थे
हो ओ छुप छुप के रोया करते थे

क्या बतलाएं जाने जान हम तुमसे दूर रह के
अक़्सर दुआओं में ख़ुदा से
तुमको ही माँगा करते थे
हो ओ छुप छुप के रोया करते थे
हो हो तुमको ही माँगा करते थे
हो ओ छुप छुप के रोया करते थे
हो ओ तुमको ही माँगा करते थे
हो छुप छुप के रोया करते थे
…………………………………………………………………..
Kya karte the saajna-Lal dupatta malmal ka 1989

Artists: Sahil Chaddha, Veverly

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Jan 10, 2017

दिल दीवाना बिन सजना(एस पी बालू)-मैंने प्यार किया १९८९

आपने लता का गाया गीत सुन लिया है, अब इसका बालू वाला
वर्ज़न सुनते हैं. बोल असद भोपाली के हैं और संगीत राम लक्ष्मण
का. वैसे तो एक जैसे गीतों में लता वाले वर्ज़न कम लोकप्रिय होते
थे एक ज़माने में लेकिन अपवाद स्वरुप ये वर्ज़न बेहद लोकप्रिय है.

गीत में फिल्म का सबसे कूल और सुन्दर अभिनेता-कबूतर भी है.




गीत के बोल:

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दर्द-ए-जुदाई क्या होता है तुम जानो मैं जानूं
प्यार बुलाये दुनिया रोके किसका कहना मानूं
तुमसे मिले बिन दिल को कुछ भी सूझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

बन के लहू नस नस में मोहब्बत दौड़े और पुकारे
प्यार में सब कुछ हार दिया पर हिम्मत कैसे हारे
कह दो दुनिया दिल का रास्ता रोके ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
.......................................................................
Dil deewana bin sajna ke(Male)-Maine pyar kiya 1989

Artist: Salman Khan

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Dec 29, 2016

दिल दीवाना बिन सजना के१-मैंने प्यार किया १९८९

सन १९८९ की फिल्म मैंने प्यार किया से आपको इस लोकप्रिय गीत
के सिवाए सारे गीत सुना दिए हैं. फील गुड सिनेमा में मील का पत्थर
बन चुकी इस फिल्म की कहानी सिंपल है, ज्यादा ट्विस्ट नहीं हैं.
फिल्म की कहानी का सार हम आपको बतला चुके हैं. इसमें से जो
चीज़ें छूट गयी थीं वो आज बतलाये देते हैं.

दो दोस्त हैं, एक अमीर बन गया, दूसरा गरीब ही रह गया. वो पैसे
कमाने बाहर जाता है और अपनी घरेलू सी लड़की को दोस्त के सुपुर्द
कर जाता है. इस दो साल के अंतराल में वो लड़की सबके दिलों में
जगह बना लेती है सिवाए कुछ धूर्तों के जिनकी नज़र नायक के बाप
की दौलत पर लगी है. वो अपने प्रयासों से दोनों दोस्तों के बीच दरार
पैदा करने में सफल हो जाते हैं. फिल्म के नत में सब ठीक ठाक हो
जाता है. एक दृश्य में कबूतर को खलनायक से प्रतिशोध लेते हुए
दिखलाया गया है.

आज आपको लता का गाया हुआ संस्करण सुनवा रहे हैं. असद भोपाली
गीतकार हैं और राम लक्ष्मण संगीतकार. क्या है इस गीत की सफलता
का रहस्य. इसमें पगला शब्द ९ बार आता है. या गीत के आकर्षक बोल
और धुन हैं इसका राज़ ?



गीत के बोल:

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
धक-धक बोले इत-उत डोले दिन रैना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दुनिया माँगे अपनी मुरादें मैं तो मांगू साजन
हो हो हो हो ओ ओ ओ
दुनिया माँगे अपनी मुरादें मैं तो मांगू साजन
रहे सलामत मेरा सजना और सजना का आँगन
इसके सिवा दिल रब से कुछ भी चाहे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ
ला ला ला ला ला ला ला ला
हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ
ला ला ला ला ला ला ला ला

जी ये चाहे बना के आँचल तुमको लपेटूं तन पे
जी ये चाहे बना के आँचल तुमको लपेटूं तन पे
कभी ये सोचू मैं उड़ जाऊं तुमको लिये गगन पे
और भी कुछ हैं दिल के इरादे क्या कहना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
................................................................................
Dil deewana bin sajna ke-Maine pyar kiya 1989

Artists: Salman Khan, Bhagyashri

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Dec 5, 2016

आजा शाम होने आई-मैंने प्यार किया १९८९

कभी कभी मैं सोचता हूँ गीत के बोल के हिसाब से उन्हें सुना
करूं. सुबह का गीत है तो सुबह सुनूं, रात का गीत है तो उसे
रात को सुनूं. जब देखता हूँ चैनलों पर या किसी और जगह कि
इस बात का ध्यान कोई भी नहीं रखता है तो मैं क्यूँ रखूँ भला.

इसी गीत का उदाहरण ले लेते हैं, अपने ज़माने में इस फिल्म
के गाने खूब बजते थे. सुबह सुबह ६ बजे ये गीत बजता मिल
जाता था. इससे एक बात पता चलती है बोलों से ज्यादा संगीत
आकर्षित करता है और सुनते सुनते बोल भी याद होने लगते हैं.
ये आकलन बाद में होता है कि कौन सा गीत किस समय के
हिसाब से बना है.

सुनते हैं असद भोपाली का लिखा और राम लक्ष्मण द्वारा स्वरबद्ध
गीत फिल्म मैंने प्यार किया से. इसे गाया है लता मंगेशकर के
साथ एस पी बालसुब्रमण्यम ने.



गीत के बोल:

आ जा शाम होने आई
मौसम ने ली अंगडाई
तो किस बात की है लड़ाई
तू चल मैं आई

बजा क्या है देखो ज़रा तुम घड़ी
गुज़र जाये ना प्रेम की ये घड़ी
आती हूँ थोड़ा सा धीरज धरो
लगा दूंगी मैं प्रेम की फिर झड़ी
उतनी ही दूर है तू जितनी करीब है
तेरे मेरे प्यार का किस्सा अजीब है
धत तेरे की
अब तो जान पे बन आई
ये है प्यार की गहराई
तो किस बात की है लड़ाई

बहुत हो चुकी है तेरी दिल्लगी
चली आओ अब शाम ढलने लगी
मेरे दिल में कितनी उमंगे भरी
तुम्हें मैं बताती हूँ आकर अभी
मेरा जादू चल गया तेरा चेहरा खिल गया
पीछे पीछे मैं चली आगे आगे तू चला
धत तेरे की
तो कर दो सब को तुम गुडबाय
मैंने प्यार किया मैं आई
तो किस बात की है लड़ाई
....................................................
Aa ja shaam hone aayi-Maine pyar kiya 1989

Artists: Salman Khan, Bhagyashri

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Apr 26, 2016

आया मौसम दोस्ती का-मैंने प्यार किया १९८९

गीत भव्य कैनवास पर बनी शादी के रिसेप्शन वाले अंदाज़
में बनी फिल्म मैंने प्यार किया से है. खुशनुमा अर्थात फील
गुड. इस फिल्म के बाद बॉलीवुड के निर्देशकों को फील गुड
फ़िल्में बनाने का बुखार चढ गया और काफी फील-गुड और
म्यूजिकल फ़िल्में बनी भी. बाद की फिल्मों में से कितनी
वाकई गुड-गुड थीं या कितनी म्यूजिकल ये तो आम दर्शक
ही बेहतर बता पाएंगे.

इस गीत में दो जोडियाँ हैं-नायक नायिका और अंग्रेजी में जो
कहते हैं हीरो का ‘साइड किक’ उसके साथ ‘साइड किक्नी’ भी
है. लक्ष्मीकांत बेर्डे नायक के सहायक हैं और हुमा खान ने घर
में काम करने वाली नौकरानी की भूमिका निभाई है.

गीत असद भोपाली का लिखा हुआ है. इसे लता, एस पी बालू,
शैलेन्द्र सिंह और उषा मंगेशकर ने गाया है.



गीत के बोल:

तुम लड़की हो, मैं लड़का हूँ
तुम आई तो, सच कहता हूँ
आया मौसम, दोस्ती का
मैं लड़की हूँ, तुम लड़के हो
यूँ लगता है, जब मिलते हो
आया मौसम दोस्ती का

जाने क्यों लगता है मेरी तुम्हारी
पहले से पहचान है
तुम मान इतना जो दे रहे हो
मुझपे ये एहसान है
एहसानों की बातें छोड़ो
आओ हमसे नाता जोड़ो
आया मौसम दोस्ती का

मैं का जानू का चीज़ होवे है प्यार
करजवा पे लागी नजर की कटार
अरी दीवानी, ना कर नादानी
तेरी बातें हैं बड़ी तूफ़ानी
नहीं ये मौसम दिल्लगी का
नहीं ये मौसम ख़ुद्कुशी का

रिश्ता नहीं है, दोनों को फिर भी
बाँधे कोई डोर है
इस दोस्ती को क्या नाम दे हम
ये बात कुछ और है
दीवानापन कह सकते हो,
दिल की धड़कन कह सकते हो
कि आया मौसम दोस्ती का
…………………………………………………………………………………
Aaya mausam dosti ka-Maine pyar kiya 198

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Nov 23, 2015

माना के तेरे प्यार में-शुभ चिन्तक १९८९

हिंदी फिल्म जगत की कई ऐसी फ़िल्में हैं जो रिलीज़ नहीं हो
पायीं और उनमें कई गीत ऐसे हैं जो रिलीज़ न होने की सूरत
में आम जनता तक नहीं पहुँच पाए. कुछ संगीत के कद्रदानों
की पहुँच बॉलीवुड और उनके कलाकारों तक है जिनकी वजह
से हमें कभी कभार ये छुपे हुए नगमे सुनने को मिल जाते हैं
ऐसा ही एक गीत है फिल्म शुभचिंतक से मुकेश का गाया
हुआ-माना के तेरे प्यार में रुसवाइयाँ तो हैं. कैसी विडम्बना
है-शुभचिंतक फिल्म को कोई शुभचिंतक नहीं मिला रिलीज़
कराने के लिए.

फिल्म के संगीत निर्देशक का नाम भी अनजाना सा है मगर
उनका एक गीत काफी चर्चित हुआ था-रफ़ी का गाया हुआ-
‘यार मेरे मेरी बाहों में आ जा’-फिल्म जीवन रेखा(१९७४) का.
जो कलाकार दिखाई दे रहे हैं वीडियो में-गाने वाला-शशि पुरी,
नाचने वाले युवक-युवती-अरुण गोविल-दीपिका चिखलिया,
बुज़ुर्ग व्यक्ति-परीक्षित साहनी. इसके अलावा मैं किसी और को
नहीं पहचान पा रहा हूँ. इसे लोड करने वाले शख्स को हार्दिक
धन्यवाद. अनजान के लिखे इस सुन्दर गीत की तर्ज़ बनाई है
जे. जगदीश ने. 



गीत के बोल:

माना के तेरे प्यार में रुसवाईयाँ तो हैं
रुसवाईयों से प्यार हो हमको तो क्या करें
माना के तेरे प्यार में रुसवाईयाँ तो हैं
रुसवाईयों से प्यार हो हमको तो क्या करें
माना के तेरे प्यार में

अरमान बुझे बुझे से हैं साँसे धुआं धुआं
अरमान बुझे बुझे से हैं साँसे धुआं धुआं
हम तो भरी बहार में तनहा रहे यहाँ, तनहा रहे यहाँ
तन्हाइयों से प्यार हो हमको तो क्या करें
माना के तेरे प्यार में रुसवाईयाँ तो हैं
रुसवाईयों से प्यार हो हमको तो क्या करें
माना के तेरे प्यार में

हमको मिली नसीब से क्या खूब ये खुशी
हमको मिली नसीब से क्या खूब ये खुशी
परछाइयों की छाँव में भटके ये जिंदगी, भटके ये जिंदगी
परछाइयों से प्यार हो हमको तो क्या करें

माना के तेरे प्यार में रुसवाईयाँ तो हैं
रुसवाईयों से प्यार हो हमको तो क्या करें
माना के तेरे प्यार में
............................................................................
Maana ke tere pyar mein-Shubh chintak 1989

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Sep 23, 2015

कबूतर जा जा जा-मैंने प्यार किया १९८९

कबूतरों और सन्देश का आदान प्रदान बहुत पुराना है.
पहले की डाक व्यवस्था कबूतर ही सँभालते थे. अब वे
किस टेक्नोलोजी से काम करते थे मुझे नहीं मालूम
किन्तु सयानों से ये अवश्य सुना है कि बेहद सटीक सी
व्यवस्था थी कबूतरों की. सन्देश पहुँचने की गारंटी होती
थी. इस काम के लिए कबूतरों को विशेष प्रशिक्षण दिया
जाता था. .

फ़िल्मी गीतों में कबूतरों का जिक्र समय समय पर होता
आया है. कबूतर शांति का प्रतीक भी माना जाता है. फिल्म
मैंने प्यार किया के लिए इलेक्ट्रोनिक कबूतरों का प्रयोग
हुआ था जैसा कि उस समय की मसाला पत्रिकाओं में छपा
था. अब ये तो निर्देशक ही दावे से कह सकता है कि ये
पक्षी इलेक्ट्रोनिक थे या कुछ और. फिल्म में कबूतरों का
काफी रोल है. उल्लेखनीय है कि उन्होंने अभिनय भी बढ़िया
किया है. फिल्म की सफलता में कबूतरों का योगदान भी
है.

तो सुना जाए फिल्म से ये गीत जिसे असद भोपाली ने लिखा
है और राम लक्ष्मण ने संगीत से संवारा है, गायिका को आप
पहचानते हैं. फिल्म की अभिनेत्री भाग्यश्री पटवर्धन हैं.



गीत के बोल:

जा जा, जा जा
कबूतर जा जा जा, कबूतर जा जा जा
पहले प्यार की पहली चिट्ठी साजन को दे आ
कबूतर जा जा जा
कबूतर जा जा जा

उनसे कहना, जब से गये तुम, मैं तो अधूरी लगती हूँ
इन होंठों पे चुप सी लगी है, न रोती न हँसती हूँ
भूल हुई जो उन्हें सताया, कैसा पाप किया
कबूतर जा जा जा
कबूतर जा जा जा

मन ही मन में उनको अपना सब कुछ मान चुकी हूँ मैं
वो क्या है, मैं कौन हूँ उनकी, अब ये जान चुकी हूँ मैं
उनको अपने साथ ही लाना, दिल ही नहीं लगता
कबूतर जा जा जा
कबूतर जा जा जा

यहाँ का मौसम बड़ा हसीं है, फिर भी प्यार उदास है
उनसे कहना, दूर सही मैं दिल तो उन्हीं के पास है
तू ये संदेशा उनको सुनाना, मैं पीछे आया
कबूतर जा जा जा
कबूतर जा जा जा

जहाँ भी देखूँ तुम ही तुम हो, और नज़र न कुछ आये
दिल ये चाहे इस आलम में काश ज़माना रुक जाये
आज से पहले कभी नहीं थी इतनी हसीं दुनिया
कबूतर जा जा जा
कबूतर जा जा जा .
..........................................................................
Kabootar ja ja ja-Maine pyar kiya 1989

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Sep 22, 2015

दिल दे के दर्द-ए-मुहब्बत लिया है-मैंने प्यार किया १९८९

मैंने प्यार किया एक रेवोल्युशनरी फिल्म है. ये सन १९८९ में
अवतरित हुई थी. इसके गाने बहुत धूम धाम से बरसों तक बजे
और डूबती हुई संगीत कंपनी को एक सहारा मिल गया घाटे से
उबरने का.

रेवोल्युशनरी फिल्म वो जिसे देख के दर्शक चक्कर खा जाए, चाहे
वो खुशी के मारे हो या किसी और वजह से. ८० के दशक में तो
भेलपुरी जैसी स्तिथी थी. रोमांटिक फिल्मों के साथ मारधाड और
कुछ एक कला फ़िल्में भी बनीं. राजश्री की इस फिल्म ने, मगर,
एक नया फार्मूला दे दिया बॉलीवुड के निर्माता निर्देशकों को. साफ़
सुथरी पारिवारिक फ़िल्में जिसमें रोना धोना, अच्छा संगीत और
अच्छे दिखने वाले महलनुमा मकान जिसे देख के बड़े बड़े रईस
भी दांतों तले उँगलियाँ दबा लें, सुन्दर दृश्यावली, इन सब से एक
सबक मिला निर्देशकों को, कि अपनी जड़ें न भूलें. इस फिल्म के
बाद कई म्यूजिकल रोमांटिक फ़िल्में बनी १९९५ तक.

प्रस्तुत गीत समूह गीत है जिसमें ढेर सारे कलाकार हैं अभिनेता
और अभिनेत्री के अलावा. नायक गीत में खो जाता है और उसे
ऐसा आभास होता है मानो नायिका उसके सामने आ के नृत्य
करते हुए गीत गा रही हो. इस फिल्म में दो ऐसे गीत हैं जिसमें
फिल्म का नाम आता है ये उनमें से एक है.



गीत के बोल:

दिल दे के दर्द-ए-मुहब्बत लिया है
सोच समझ के ये सौदा किया है
मैंने प्यार किया, प्यार किया, प्यार किया है
मैंने प्यार किया, प्यार किया,
प्यार किया है  हो

पहले पहल जब उसे मैंने देखा
वो बन गई मेरी क़िसमत की रेखा
खबर क्या थी ये बात इतनी बढ़ेगी
मुहब्बत में मेहनत भी करनी पड़ेगी
दिलवाले मेहनत से डरते नहीं हैं
डरते हैं वो प्यार करते नहीं हैं
मैंने प्यार किया, प्यार किया,
प्यार किया है हो

दुनिया की दौलत ठुकरा चुका हूँ
ज़ुल्फ़ों की छाँव में आकर रुका हूँ
ये छाँव मेरी है मेरी रहेगी
जो मैं कहूँगा वो दुनिया कहेगी
ये चाँद सूरज भी छोड़ें चमकना
मुश्किल है मेरे इरादे बदलना
मैंने प्यार किया...

मैं तेरी  दिल तेरा ये जान तेरी
तेरी मुहब्बत है पहचान मेरी
मैं आज कहती हूँ ये सब के आगे
इक दिन मैं कह दूँगी ये रब के आगे
तुझको ही बिगड़ी बनाना पड़ेगा
बिछुड़े हुए दिल मिलाना पड़ेगा
मैंने प्यार किया, प्यार किया,
प्यार किया है हो
मैंने प्यार किया, प्यार किया,
प्यार किया है हो
........................................................................
Dil le ke dard-e-mohabbat-Maine pyar kiya 1989

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May 23, 2015

रात भर जाम से जाम-त्रिदेव १९८९

गीतकार आनंद बक्षी का लिखा एक और गीत सुनते
हैं जो फिल्म त्रिदेव से है. फिल्म के बाकी गीतों की
तरह ये उतना नहीं बजा मगर सुनने लायक गीत है.

एक हमारे मदिरा प्रेमी मित्र को ये गीत बेहद पसंद
है और इसी चक्कर में उन्होंने ५ बार त्रिदेव देख डाली.
गीत गाया है मेड इन इण्डिया वाली अलीशा चिनॉय
ने. गीत में आपको एक अभिनेत्री दिखाई देंगी जो
फिल्मों के बजाये वाशिंग पावडर निरमा के विज्ञापन
से अधिक पहचानी गईं.



गीत के बोल:

ये तो पहला जाम है अभी तो शाम है
रात भर जाम से जाम टकराएगा
जब नशा छाएगा तब मज़ा आएगा
रात भर जाम से जाम टकराएगा
जब नशा छाएगा तब मज़ा आएगा

जश्न ही जश्न है जोश ही जोश है
और किसी बात का अब किसे होश है
सबको अपना नाम भी आज भूल जाएगा

रात भर जाम से जाम टकराएगा

हुस्न लड़खड़ाएगा इश्क़ डगमगाएगा
रात भर जाम से जाम टकराएगा

क्या ये शराब है चीज़ ये खराब है
पर सभी सवालों का एक ही जवाब है
जो किसी के दिल में है वो जबां पर आएगा
रात भर जाम से जाम टकराएगा
...............................................
Raat bhar jam se jam-Tridev 1989

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May 19, 2015

मैं तेरी मोहब्बत में पागल-त्रिदेव १९८९

हिंदी फिल्मों में सभी रफ़्तार के रोमांटिक गीत हैं
कुछ तेज हैं, कुछ धीमे और कुछ मध्यम रफ़्तार
वाले. वैसे ही कुछ खुशनुमा कुछ दुःख भरे तो
कुछ रोतले धोतले किस्म के.

अब बुखार से उठने के बाद कोई रोमांटिक गीत
गाये तो वो कैसा और किस स्वर में होगा कल्पना
कीजिये. ऐसे भी कुछ गीत हैं फिल्म संगीत के
खजाने में.

आइये सुनें फिल्म त्रिदेव से एक रोमांटिक गीत
जिसे आनंद बक्षी ने लिखा है और साधना सरगम
के साथ मोहम्मद अज़ीज़ ने गाया है.



गीत के बोल:

मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है
हो, मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाऊंगी
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है

कुछ दिन से मैं टूटा टूटा रहता हूँ
अपने दिल से से रूठा रूठा रहता हूँ
कुछ दिन से मैं खोई खोई रहती हूँ
कुछ दिन से मैं टूटा टूटा रहता हूँ
जागूं भी तो सोई सोई रहती हूँ
दीवानी आज नहीं तो कल हो जाऊंगी

मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाऊंगी
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है

जी चाहे तेरी आँखों में खो जाऊं
आज अभी इस वक़्त मैं तेरी हो जाऊं
कब तक आखिर हम मिलने को तरसेंगे
कब सावन आएगा कब बादल बरसेंगे
तू मस्त पवन बन जा मैं बादल बन जाऊंगा

मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाऊंगी
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है

तुझ बिन लब पर कोई नाम नहीं आता
दिल को तड़पे बिना आराम नहीं आता
दोनों तरफ़ लगी है आग बराबर ये
रख देगी बस हमको राख बनाकर ये
तू भी जल जाएगी मैं भी जल जाऊंगा
मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है
हो, मैं तेरी निगाहों से घायल हो जाऊंगी
मुझे ऐसा लगता है तुझे कैसा लगता है
.............................................................
Main teri mohabbat mein-Tridev 1989

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Feb 26, 2015

देख के तुमको-गवाही १९८९

आपको एक मधुर गीत सुनवाया था शेखर कपूर अभिनीत गवाही से.
उस गीत में वे रंजीता के साथ कार में सैर कर रहे थे. अब सुनते
हैं डिस्को-ग़ज़ल. अब आप ये मत पूछ लीजियेगा ये डिस्को ग़ज़ल
क्या होती है. बस गीत सुनिए और आपको अंदाजा हो जायेगा, ऐसा
क्यूँ बोला गया. गीत मधुर है और इसे फिल्माया गया है जीनत अमान
और शेखर कपूर पर. वो आउटडोर गीत था ये इनडोर गीत है.

संगीत उत्तम-जगदीश का ही है. इनके संगीत का मैं बड़ा फैन हूँ.
पेडस्टल फैन साइज़ का तो नहीं मगर टेबल फेन साइज़ का ज़रूर हूँ.
इनकी खूबी है गीत के सभी कारकों पर ये मेहनत करते हैं और इनके
गीत दूसरे संगीतकारों से थोड़े ज्यादा मधुर बन जाते हैं. वाद्य यंत्रों
का प्रयोग बेहतर करते हैं ये.

प्रस्तुत गीत के बोल सरदार अंजुम ने लिखे हैं. गीत की पञ्च लाइन है-
बाँट के दिल की इस दौलत को, क़र्ज़ चुकायेंगे

#discoghazal



गीत के बोल:

देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
पलकों में आंसू लेकर क्यूँ
हम तुम रोयेंगे
पलकों में आंसू लेकर क्यूँ
हम तुम रोयेंगे
हो के जुदा हम क्यूँ अश्कों की
हार पे रोयेंगे
हँसती गाती इन आँखों में
फूल खिलाएंगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
दुनिया देखी दौलत देखी
देखे महल निराले
दुनिया देखी दौलत देखी
देखे महल निराले
झील सी इन गहरी आँखों में
पाए चाँद सितारे
बाँट के दिल की इस दौलत को
क़र्ज़ चुकायेंगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ भी कहे कोई हम तुमको
देखे जायेंगे देखे जायेंगे
देख के तुमको क्या होता है
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
कुछ न बताएँगे
………………………..
Dekh ke tumko-Gawahi 1989

Artists: Shekhar Kapoor, Zeenat Aman

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Feb 25, 2015

भूल भुलैया सा ये जीवन-गवाही १९८९

आपने बतौर नायक शेखर कपूर को देखा है? अगर आपने फिल्म
बैंडिट क्वीन देखी है तो आपने ज़रूर ही शेखर कपूर को पहचाना होगा
उसमें. एक डाकू चरित्रों का उल्लेख  करते हुए ट्रक ड्राईवर को उतरने
के लिए कहता है. ट्रक ड्राईवर के रोल में शेखर कपूर ही थे जिहोने
फिल्म का निर्देशन किया है.

आज आपको फिल्म "गवाही" से गीत सुनवा रहे हैं जिसमें आपको
शेखर कपूर के साथ रंजीता दिखाई देंगी. गीत मधुर है और इसे गाया
है अनुराधा पौडवाल के साथ पंकज उधास ने. मधुर धुन देने के लिए
आप संगीतकार उत्तम-जगदीश को धन्यवाद दें.

फिल्म  में आशुतोष गोवारिकर और जीनत अमान भी हैं. निर्देशक
अनंत बालानी की ये पदार्पण फिल्म है.




गीत के बोल:

भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
खोज रहे हैं, एक दूजे में, जन्मों की पहचान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ, हो ओ
एक रस्ते को दूजा रास्ता मिल के बन जाए मंजिल
तूफानों के लाख भंवर हों, न कोई डूबे साहिल
न कोई डूबे साहिल
साथ चले तो हो जाती है, हर मुश्किल आसान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

साजन वो की भटकन दिल को, तड़प तड़प तड़पाए
दो रूहें जो एक हो जाएँ, स्वर्ग वहीँ बन जाए
स्वर्ग वहीँ बन जाए
जिस्मों की इस कैद में , पूरे होते हैं अरमान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान

दो तकदीरें रब लिखता है, एक तकदीर अधूरी
जनम जनम का साथ न हो तो, जीना है मजबूरी
जीना है मजबूरी
इसीलिए तो ये दिलवाले, दे देते हैं जान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
खोज रहे हैं, एक दूजे में, जन्मों की पहचान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
भूल भुलैया सा ये जीवन और हम तुम अनजान
....................................................................
Bhulbhulaiya sa ye jeewan-Gawahi 1989

Artists: Shekhar Kapoor, Ranjeeta

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