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Dec 31, 2017

ईचक दाना बीचक दाना-श्री ४२०

फिल्म श्री ४२० से पहेलियों वाला एक गीत सुनते हैं. फिल्म के नाम
में एक बात है जिस पर केवल ज्ञानी लोग ही गौर किया करते हैं.
४२० शब्द का अर्थ हम सब जानते हैं-फ्रॉड. उसके आगे श्री लगाने का
मतलब उसे आदर देने वाली बात है. सीधा मतलब है फिल्म का प्रमुख
किरदार कहानी मुताबिक़ गोलमाल करने वाला है मगर आदर करने के
लायक है. फिल्म की कहानी भी कुछ ऐसा ही बतलाती है. कहानी का
लुब्बे लुबाब दर्शक को भी पात्र से सहानुभूति और प्रेम करने पर मजबूर
कर देता है.

असल जीवन में कई चोर हैं जो छुपे रहते हैं. एक बार उजागर हो जाने
के बाद उन्हें चोरों की बिरादरी में भले ही आदर मिलता रहे पूर्व की तरह
मगर समाज में उनके सम्मान में गिरावट ज़रूर आती है. अतिशयोक्ति
और एक्सेप्शंस असल जीवन में दुर्लभ हैं मगर फिल्मों में इनकी भरमार
होती है. इसलिए फिल्मों को सपनों की दुनिया कहा जाता है.

गीत सुनते हैं जो हसरत जयपुरी का लिखा हुआ है. गीत के प्रमुख गायक
हैं मुकेश और लता मंगेशकर.


   
गीत के बोल:

ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना
ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना
छत के ऊपर लड़की नाचे  लड़का है दीवाना  ईचक दाना
छत के ऊपर लड़की नाचे  लड़का है दीवाना  ईचक दाना

बोलो क्या
अनार
ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना

छोटी सी छोकरी लालबाई नाम है
छोटी सी छोकरी लालबाई नाम है
पहने वो घाघरा एक पैसा दाम है
पहने वो घाघरा एक पैसा दाम है
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मुँह में सबके आग लगाये आता है रुलाना  ईचक दाना
मुँह में सबके आग लगाये आता है रुलाना  ईचक दाना

बोलो क्या
मिर्ची

हरी थी मन भरी थी  लाख मोती जड़ी थी
हरी थी मन भरी थी  लाख मोती जड़ी थी
राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी
राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कच्चे पक्के बाल हैं उसके मुखड़ा है सुहाना  ईचक दाना
कच्चे पक्के बाल हैं उसके मुखड़ा है सुहाना  ईचक दाना

बोलो क्या बोलो बोलो
बुड्ढी
भुट्टा

एक जानवर ऐसा जिसके दुम पर पैसा
सर पे भी ताज है बादशाह के जैसा
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
बादल देखे छम-छम नाचे अलबेला मस्ताना ईचक दाना
बादल देखे छम-छम नाचे अलबेला मस्ताना ईचक दाना

बोलो क्या बोलो ना
मोर

ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना
छत के ऊपर लड़की नाचे  लड़का है दीवाना  ईचक दाना
छत के ऊपर लड़की नाचे  लड़का है दीवाना  ईचक दाना

ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना
ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना  ईचक दाना
चालें वो चल कर दिल में समाया
खा पी गया वो  किया है सफ़ाया
तुम भी देखो बचकर रहना चक्कर में न आना  ईचक दाना
तुम भी देखो बचकर रहना चक्कर में न आना  ईचक दाना

ग़म
हम
हा हा हा
......................................................................
Ichak dana beechak dana-Shri 420 1955

Artists: Nargis, Raj Kapoor, Kids

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Nov 22, 2009

ओ जानेवाले मुडके ज़रा-श्री ४२० १९५५

आज एक उपेक्षित गीत का जिक्र किया जाए। विडम्बनाएं
जीवन में बहुत सी हैं, अपवाद भी बहुत से नज़र आते हैं।
'मेरा जूता है जापानी' और 'प्यार हुआ इकरार हुआ ' के ऊपर किताबें
लिख डालने वालों को एक छोटा सा गीत सुनाई नहीं दिया। या तो इस गीत
की राग वाहियात है, शंकर जयकिशन का संगीत बेकार या लता मंगेशकर
का गायन कमजोर है । हो सकता है हसरत जयपुरी के लिखने में कोई
कसर रह गई हो। शंकर जयकिशन के "Die hard fans" से ये सवाल
मैं जरूर पूछना चाहता हूँ ।

शंकर जयकिशन के सारे संगीत में से अगर मुझे कहा जाए
एक गाना चुनो तो शायद मैं इस गाने को चुनूंगा। लता मंगेशकर के
गाये गानों में दर्द ढूँढने वाले शायद शंकर जयकिशन के बनाये दूसरे
गीतों में दुःख भरी भावनाएं ढूंढ के उनको बेहतर बताने के प्रयास करें,
जैसे ये शाम की तनहाइयाँ -आह, तेरा जाना-अनाड़ी इत्यादि ।

मेरा ऐसा मानना है कि जो आत्मा भेदन इस छोटे से गीत द्वारा होता है
वो ६-८ मिनट के १०-२० लंबे गीतों द्वारा भी नहीं हो पाता । इस गीत
को एल पी रिकॉर्ड पर सुनना एक अलौकिक अनुभव है। लता मंगेशकर
की आवाज़ की खूबियाँ सारी इस अकेले गीत में प्रकट हो जाती हैं। इसी
तरह शंकर जयकिशन के संगीत का सारा निचोड़ इस २.१२ मिनट के
गाने में उपलब्ध हैं। इतना नपा तुला गीत आपको ढूंढें से नहीं मिलेगा।
श्रेष्ठ वस्तुएं ज़िन्दगी में अक्सर छोटी होती हैं। ज़िन्दगी के सबसे सुखद
क्षण हमेशा सूक्ष्म आकार के ही मिलेंगे। एक टीस, अधूरेपन का अहसास
ये गीत छोड़ देता है वही इसकी खासियत है। भावनाओं पर काबू रखे
अभिनेत्री का अंतर्मन क्या कहना चाहता है उसको अनूठे ढंग से फिल्माया
गया है। नर्गिस ने अपनी अभिनय क्षमता का परिचय इन २ मिनटों
में दे दिया है।

नर्गिस कि तकरीबन सभी फ़िल्में मैंने देखी हैं। राज कपूर को उतना ध्यान
से मैंने नहीं देखा जितना कि उनकी फिल्मों की अभिनेत्रियों को। उनकी
फिल्मों का सबसे मजबूत पक्ष उनकी नायिकाएं ही हुआ करती थी।
राज कपूर ने नारी मन पर शायद पी एच डी कर रखी थी।
उसके साथ ही संगीत कि गहरी समझ उनको ईश्वरीय वरदान था।
ये सिलसिला फ़िल्म 'आग' से चालू होके फ़िल्म हिना तक चला।
फ़िल्म आग में राम गांगुली का संगीत था।

शंकर जयकिशन अपने आखिरी दौर में दूसरे संगीतकारों की भांति थोड़ा
लाउड होते चले। ये उनके सबसे मधुर और श्रेष्ठ समय का संगीत है।
श्री ४२० में केमरे के पीछे जो शख्स था उसका नाम राधू करमाकर है।
ये फ़िल्म अपने दृश्य संयोजन और छाया प्रभावों के लिए बहुत सराही
गई। इस गीत के विडियो में एक ही कमी है वो ये- साड़ी पहने नायिका
का मन जो बाहर आता है वो विलायती परिधान पहने हुए है। अगर हम
सूक्ष्म शरीर की बात करें तो वो भी थोड़ा मूल शरीर से छोटे आकार का
होता है। बस यही बात थोड़ी आँखों को खटकती है। राज कपूर कितने
भी देसी नज़र आते रहे हों अपनी फिल्मों में वो विलायतियत के प्रभाव
से मुक्त न हो सके ।

श्री ४२० के गाने बहुत चले और घिसे हुए गाने की श्रेणी में आ गए हैं।
घिसे हुए से मतलब 'बहुत ज्यादा बजे' हुए गाने। आगे इस फ़िल्म के
और गीतों पर चर्चा होगी।



गाने के बोल:

तुम्हे कसम है मेरे दिल को यूँ न तड़पाओ
ये इल्तजा है के मुड मुड के देखते जाओ

ओ जानेवाले मुड के ज़रा देखते जाना
ज़रा देखते जाना

ओ जानेवाले मुड के ज़रा देखते जाना
ज़रा देखते जाना

दिल तोड़ के तो चल दिए
मुझको न भुलाना
ज़रा देखते जाना

फ़रियाद कर रही है खामोश निगाहें
खामोश निगाहें

आंसू की तरह आंख से मुझको न गिराना
ज़रा देखते जाना

ओ जानेवाले मुड के ज़रा देखते जाना
ज़रा देखते जाना

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Oct 22, 2009

दिल का हाल सुने दिलवाला-श्री ४२०

लोक गीत संगीत के बिना जन साधारण के जष्न की
कल्पना करना मुश्किल है। श्री ४२० फ़िल्म में बखूबी
इसका उपयोग हुआ है। "सीधी सी बात न मिर्च मसाला "
जैसे शब्दों के इस्तेमाल के साथ। राज कपूर के साथ
मुकेश की आवाज़ को जोड़कर देखा जाता है अक्सर।
इस गाने में महसूस ही नहीं होता की गायक मन्ना डे की
आवाज़ उनके ऊपर न जँच रही हो। डफली वाले गीत हिन्दी
फिल्मों में बहुत हैं जिसमे नायक नायिका डफली लेके गाते
नज़र आते हैं। इनका जिक्र आगे होता रहेगा। फिलहाल इस गीत
को देखें और भारतीय लोकक संगीत के प्रभाव को महसूस करें।



गाने के बोल:

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

छोटे से घर में गरीब का बेटा
मैं भी हूँ माँ के नसीब का बेटा
छोटे से घर में गरीब का बेटा
मैं भी हूँ माँ के नसीब का बेटा

रन्ज-ओ-ग़म बचपन के साथी
आँधियों में जली जीवन बाती
भूख ने हैं बड़े प्यार से पाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

हाय करूँ क्या सूरत ऐसी
गांठ के पूरे चोर के जैसी
हाय करूँ क्या सूरत ऐसी
गांठ के पूरे चोर के जैसी

चलता फिरता जानके एक दिन
बिना देखे पहचान के एक दिन
बांधके ले गया पुलिसवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

बूढ़े दारोगा ने चश्मे से देखा
आगे से देखा पीछे से देखा
ऊपर से देखा नीचे से देखा
बोला ये क्या कर बैठे घोटाला
हाय ये क्या कर बैठे घोटाला
ये तो है थानेदार का साला,

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

ग़म से अभी आज़ाद नहीं मैं
ख़ुश मगर आबाद नहीं मैं
ग़म से अभी आज़ाद नहीं मैं
ख़ुश मगर आबाद नहीं मैं
मंज़िल मेरे पास खड़ी है
पाँव में लेकिन बेड़ी पड़ी है
टांग अड़ाता है दौलतवाला,
दिल का हाल सुने दिलवाला

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

सुन लो मगर ये किसी से न कहना
तिनके का लेके सहारा न बहना
सुन लो मगर ये किसी से न कहना
तिनके का लेके सहारा न बहना

बिन मौसम मल्हार न गाना
आधी रात को मत चिल्लाना
वरना पकड़ लेगा पुलिसवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

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