वो तीर दिल पे चला-आरती १९६२
मतबल कम लोकप्रिय गीत भी हुआ करते हैं. ऐसा ही एक गीत
है फिल्म आरती में जो रफ़ी और आशा का गाया एक युगल
गीत है.
गीत में हास्य का हल्का सा पुट है और ये महमूद पर फिल्माया
गया है. नायिका को आप पहचानिये.
गीत के बोल:
वो तीर दिल पे चला जो तेरी कमान में है
वो तीर दिल पे चला जो तेरी कमान में है
हाय किसी की आँख में जादू तेरी ज़ुबान में है
हाय किसी की आँख में जादू तेरी ज़ुबान में है
नज़र में आते ही तुम तो जिगर में आये सनम
जिगर में आये तो दिल की तरफ़ बढ़ाए क़दम
कहीं ठहरती नहीं जो उसी अदा की कसम
कहीं ठहरती नहीं जो उसी अदा की खसम
उसी अदा की क़सम
ज़मीं पे है वही बिजली जो आसमान में है
हाय किसी की आँख में जादू तेरी ज़ुबान में है
ये माना रंग मोहब्बत के हो चले गहरे
मगर लबों पे हैं ताले दिलों पे हैं पहरे
जो बेक़रार हो दिल से कहीं वो क्या ठहरे
जो बेक़रार हो दिल से कहीं वो क्या ठहरे
कहीं वो क्या ठहरे
अभी तो हुस्न मोहब्बत के इम्तहान में है
आ हा वो टीर दिल पे चला जो तेरी कमान में है
तुम्हारी आँखों के आगे ये दिन ये रात कहाँ
गुलों की शाख कहाँ इक सनम का हाथ कहाँ
हसीन देखे हज़ारों मगर ये बात कहाँ
हसीन देखे हज़ारों मगर ये वात कहाँ
मगर ये बात कहाँ
ये बात और है जो तेरी आन-बान में है
किसी की आँख में जादू तेरी ज़ुबान में है
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Wo teer dil pe chala-Aarti 1962
