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Jan 18, 2019

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है-बाज़ीगर १९९३

जब प्याज महंगा हुआ तो प्याज खाने वालों को प्याज के सपने
आना शुरू हो गए. ऐसा सुना जाता था ९० के दशक के उत्तरार्ध में
कि प्याज ने तीन प्रदेशों की सरकारें गिरवा दीं. प्याज से आंसू तो
आपने निकलते देखे होंगे मगर प्याज के भावों ने भी किसी समय
आँखों से आंसू निकलवा दिए थे.

एक श्रीमान को तो जागते सोते प्याज ही दिखाई देने लगे और वे
कुछ अजीब सा कुछ कुछ करने लगे. आज जो हम गीत आपको
सुनवा रहे हैं उसमें वो प्याज शब्द फिट कर के गाया करते थे.

कुमार सानू और सोनाली वाजपेयी का गाया हुआ फिल्म बाजीगर
का गीत सुनते हैं, देव कोहली का लिखा हुआ और अन्नू मलिक द्वारा
संगीतबद्ध.




गीत के बोल:

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है
प्यार छुपता नहीं जितना भी छुपा ले चाहे
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरी बातों में भी इकरार नज़र आता है
मैंने ख्वाबून में जिसकी तमन्ना की थी
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है

तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसा हुआ हूँ पागल
तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है

मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
………………………………………………………………….
Teri soorat mein mujhe pyaar-Baazigar 1993

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Apr 30, 2016

छुपाना भी नहीं आता २-बाजीगर १९९३

आपको फिल्म बाजीगर(१९९३) से एक गीत सुनवाया था
छुपाना भी नहीं आता विनोद राठोड के आवाज़ में. आज
यही गीत सुनते हैं पंकज उधास की आवाज़ में. ये वाला
वर्ज़न फिल्म में शामिल नहीं किया गया.

जिस कलाकार पर इसे फिल्माया गया है वो इस दुनिया
में अब नहीं है- सिद्धार्थ उर्फ सुशांत रे, कम उम्र में ही
उनकी मौत हो गयी. हिंदी फिल्मों में सुशांत का आगमन
फिल्म थोड़ी सी बेवफाई(१९८०) से हुआ था जिसमें उनको
पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ काम करने का मौका मिला था.
बतौर नायक वे सन १९९२ की फिल्म वंश में आये.





गीत के बोल:

छुपाना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
हमें तुमसे मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
हमें तुमसे मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता

हथेली पे तुम्हारा नाम
लिखते हैं मिटाते हैं
हथेली पे तुम्हारा नाम
लिखते हैं मिटाते हैं
तुम्हीं से प्यार करते हैं
तुम्हीं से ही क्यूँ छुपाते हैं
तुम्हीं से ही क्यूँ छुपाते हैं
जुबां पे बात है लेकिन
सुनाना ही नहीं आता
हमें तुमसे मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता

मोहब्बत कैसे करते हैं
कोई तो हमको समझाए
मोहब्बत कैसे करते हैं
कोई तो हमको समझाए
कहीं ऐसा ना हो जाए
प्यार बिन उम्र कट जाए
प्यार बिन उम्र कट जाए
तुमसे मिलने का कोई
बहाना भी नहीं आता
हमें तुमसे मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
…………………………………………………………..
Chhupana bhi nahin aata-Baazigar 1993

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Aug 2, 2015

किताबें बहुत सी पढ़ी होंगी-बाजीगर १९९३

परदे पर फिल्माया गया हर गीत ज़रूरी नहीं देखने लायक हो.
कोई गीत सुनने में अच्छा लगता है मगर देखने में नहीं, कोई
गीत देखने में बढ़िया लगता है तो सुनने में नहीं. कुछ कुछ
न देखने में और न ही सुनने में अच्छे लगते हैं. एक और श्रेणी
है जिसके गीत देखने सुनने दोनों में बराबर आनंद देते हैं.

आज आपको एक गीत सुनवाते हैं जो देखने सुनने में बराबर का
आनंद देता है. युवा अभिनेता-अभिनेत्री शाहरुख-शिल्प शेट्टी पर
फिल्माया गया ये गीत बाजीगर फिल्म से लिया गया है. इसे
आशा भोंसले और विनोद राठौड ने गाया है. रानी मालिक के लिखे
गीत को संगीत दिया है अन्नू मलिक ने. एक समय था जब ये
गीत बहुत बजा करता था. आजकल नहीं सुनाई दे रहा है.

उल्लेखनीय है कि फिल्म बाजीगर के सभी गाने हिट हैं. पूरा का
पूरा अल्बम बजता मिलता था फिल्म रिलीज़ के वक्त. ऐसी फ़िल्में
भी हैं फिल्म संगीत के खजाने में लेकिन गिनती की हैं. पुरानी
नागिन और अनारकली ऐसी ही फ़िल्में थीं जिनके सभी गाने सुपर
डुपर हिट हैं.




गीत के बोल:

किताबे बहुत सी पढ़ी होंगी तुमने
मगर कोई चेहरा भी तुमने पढ़ा है
पढ़ा है मेरी जां, नज़र से पढ़ा है
बता मेरे चेहरे पे क्या क्या लिखा है

उमंगें लिखी है, जवानी लिखी है
तेरे दिल की सारी कहानी लिखी है
कहीं हाल-ए-दिल भी सुनाता है चेहरा
ना बोलो तो फिर भी बताता है चेहरा
ये चेहरा हकीकत में इक आईना है
बता मेरे चेहरे पे क्या क्या लिखा है
किताबे बहुत सी पढ़ी होंगी तुमने
मगर कोई चेहरा भी तुमने पढ़ा है
पढ़ा है मेरी जां, नज़र से पढ़ा है
बता मेरे चेहरे पे क्या क्या लिखा है

अगर हम कहें हमको उल्फत नहीं है
कहोगी भी कैसे मोहब्बत नहीं है
बड़े आये चेहरे पे ये मरने वाले
दिखावे का एहदे-वफ़ा करने वाले
दिखावा नहीं प्यार की इम्तहाँ है
बता मेरे चेहरे पे क्या क्या लिखा है

किताबे बहुत सी पढ़ी होंगी तुमने
मगर कोई चेहरा भी तुमने पढ़ा है
पढ़ा है मेरी जां, नज़र से पढ़ा है
बता मेरे चेहरे पे क्या क्या लिखा है
……………………………………………………
Kitaben bahut si padhi hongi-Baazigar 1993

Artists:  Shahrukh Khan, Shilpa Shetty,

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May 18, 2015

ऐ मेरे हमसफ़र-बाज़ीगर १९९३

सन १९९३ के एक सफल फिल्म बाजीगर से अगला
गीत पेश है आपके लिए. इसे ओन्न्ची पट्टी पे गाने
वाले विनोद राठोड और अलका याग्निक ने गाया है.
किशोर कुमार के क्लोन के रूप में उभरे विनोद राठोड
कभी भी किशोर कुमार जैसे सुनाई नहीं दिए. पता नहीं
किन किन संगीत विशषज्ञों ने उन्हें ये खिताब दे दिया.
खैर उनके लिए ये उपलब्धि हो सकती है. फिल्म में
विनोद राठोड को ३ गीत गाने को मिले और ये सुने
गए सभी. उनकी आवाज़ में जो खनक है वही उनकी
विशेषता है.

राठोड की गायकी अलग है और वे दूसरों से अलग सुनाई
देते हैं. उन्हें ज्यादा मौके गाने के मिले नहीं बाद में.
९० के दशक के बाद वे कम सुनाई दिए. संगीतकार
अन्नू मलिक के लिए शायद उन्होंने सबसे ज्यादा गीत
गाये हैं. गीत लिखा है रानी मलिक ने और अच्छा लिखा
है.




गीत के बोल:

ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जां
मेरी मंजिल है तू, तू ही मेरा जहां
ऐ मेरे हमसफ़र ऐ मेरे जान-ए-जां
बन गए आज हम दो बदन एक जां
ऐ मेरे हमसफ़र

भीगा भीगा आँचल, आँखों का ये काजल
घायल ना कर दे मुझे
सीने की ये हलचल, बढ़ने लगी पल पल,
पागल ना कर दे मुझे
पागल जो हम हो गए,
बन जाएगी दास्ताँ
आहिस्ता बोलो सनम,
सुन लेगा सारा जहां
मेरी मंजिल है तू

सांसो के ये शोले, सांसो में तू घोले,
पल में पिघल जाएँ हम
होठों के अंगारे, होठों पे हमारे रख दे
तो जल जाएँ हम
ये प्यार वो आग है,
जिसमें नहीं है धुंआ
लगती है जब ये अगन,
जल जाते हैं जिस्म-ओ-जां
बन गए आज हम दो बदन एक जां

ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जां
मेरी मंजिल है तू, तू ही मेरा जहां
ऐ मेरे हमसफ़र ऐ मेरे जान-ए-जां
बन गए आज हम दो बदन एक जां
ऐ मेरे हमसफ़र
...................................................................
Ae mere hamsafar-Baazigar 1993

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Jul 7, 2011

ये काली काली ऑंखें-बाज़ीगर १९९३

फिल्म बाज़ीगर(१९९३) का सबसे लोकप्रिय गीत आपको सुनवाते
हैं आज। फिल्म के ३ गीत आपको पहले सुनवा चुके हैं। ये
चौथा गीत है जिसे देव कोहली ने लिखा है। फिल्म में संगीत
अन्नू मलिक का है। गीत मुख्यतः कुमार सानू की आवाज़
में है जिसमें बीच में अन्नू मलिक ने भी अपनी आवाज़ ठूंसी है।

उल्लेखनीय है कि काली-काली और कजरारी ऑंखें वाले कुछ सबसे
लोकप्रिय गीत जिन अभिनेत्रियों पर फिल्माए गये हैं उनकी ऑंखें
या तो भूरी हैं या बिल्लौरी । उच्कूदो किस्म का नृत्य हो रहा है
गीत पर जिसकी कोरिओग्राफी की है ३ काबिल लोगों ने।




गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ, हो ओ ओ ओ ओ
हो हो ओ ओ ओ ओ

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु

देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु

मैं मिला, तू मिली
ऐ तू मिली, मैं मिला
मैं मिला, तू मिली
तू मिली, मैं मिला
दुनिया जले तो जले
प्यार करेंगे तुझपे मरेंगे
धक् धक् दिल ये करे, हा

उफ़ तेरी दिल्लगी दिल को जलाने लगी
गैरों कि बाहों मैं इठला के जाने लगी
ये तेरी पैरों कि मुझको सताने लगी
छोडो जी छोडो सनम
जिद अपनी छोडो सनम
नाज़ुक ये दिल है मेरा
दिल को ना तोड़ो सनम
दिल को ना तोड़ो सनम

ये लम्बी लम्बी रातें
आ कर ले मुलाकातें
जाने क्यों दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
जाने क्यूँ दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
गुस्से में लाल ना कर
ये गोरे गोरे गाल

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु

ना तू कर ख़टपट
कर प्यार झट पट
मेरी आजा तू निकट
कटे प्यार का टिकट
ना तू जुल्फें झटक
ना तू पैर पटक
अरे ऐसे ना मटक
दिल गया है भटक

चेहरे पे तेरे सनम
लैला की है शोखियाँ
हीर सी बढ़ के है
आखों की ये मस्तियाँ
जुलिएट की तरह होंटों पे हैं सुर्खियाँ
देख ले खुद को तू
नज़र से मेरी जान-ए-जान

देखी जो तेरी अदा
मैं फिदा हो गया
सीने से लग जा मेरे
जीने का आये मज़ा

ये बिखरी बिखरी जुल्फें
ये झुकी झुकी पलकें
ये गोरी गोरी बाहें
हम क्यूँ ना तुम्हे चाहें
ऐसा तो हमने पहले
देखा नहीं कमाल

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु

देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल

ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
.............................
Ye kaali kaali ankhen-Baazigar 1993

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Dec 10, 2009

बाज़ीगर ओ बाज़ीगर -बाज़ीगर १९९३

काजोल की पहली सुपर हिट फ़िल्म। इसके बाद शाहरुख़ खान और
काजोल की जोड़ी ने कई सफल फ़िल्में दीं। नवाब आरजू के बोलों
को सुरों में बांधा है अन्नू मलिक ने। ये एक हिट गीत है और
फ़िल्म के प्रोमो से बजना शुरू हुआ तो काफ़ी लंबे समय तक
निरंतर सुनाई दिया. शाहरुख़ खान का किरदार इस गीत में
अंग्रेज़ी फ़िल्म 'मास्क ऑफ़ ज़ोर्रो' से प्रेरित दिखता है। ये बात
अलग है न तो शाहरुख़ अंटोनियो बान्देरास जैसे दिख रहे हैं और
न ही काजोल कैथरीन ज़ेटा जोंस जैसी। इस फ़िल्म में शाहरुख़ ने
एंटी-हीरो की भूमिका निभाई थी जिसे हम हिन्दी में नकारात्मक
भूमिका कहते हैं। उनकी कुछ और फ़िल्में आई इसके बाद
नकारात्मक भूमिका वाली जो सफल भी रहीं। कहते हैं सफलता के
लिए कुछ रिस्क तो उठाना ही पढता है, शाहरुख़ ने भी ऐसे रिस्क
उठाये और वे आज सबसे सफल कलाकारों में गिने जाते हैं।




गीत के बोल:

ओ मेरा दिल था अकेला, तूने खेल ऐसा खेला
तेरी याद में जागूं रात भर
बाज़ीगर ओ बाज़ीगर,
तू है बड़ा जादूगर

बाज़ीगर मैं बाज़ीगर
दिलवालों का मैं दिलबर
ओ, दिल ले के दिल दिया है, सौदा प्यार का किया है
दिल की बाज़ी जीता दिल हार कर

चुपके से आंखों के रस्ते, तू मेरे दिल में समाया
चाहत का जादू जगा के, मुझको दीवाना बनाया
पहली नज़र में बनी है तू, मेरे सपनों की रानी
याद रखेगी ये दुनिया, अपनी वफ़ा की कहानी

ओ मेरा चैन चुरा के मेरी नींदें उड़ा के
खो न जाना किसी मोड़ पर
बाज़ीगर ओ बाज़ीगर

धक् धक् धड़कता है ये दिल
बोलो न क्या कह रहा है
पास आओ बता दूँ
न बाबा डर लग रहा है

मुझको ग़लत न समझना
मैं नहीं बादल आवारा
दिल की दीवारों पे मैंने
नाम लिखा है तुम्हारा

ओ तेरे प्यार पे कुर्बान
मेरा दिल मेरी जान
तुझे लग जाए मेरी उमर

बाज़ीगर ओ बाज़ीगर
तू है बड़ा जादूगर

बाज़ीगर मैं बाज़ीगर
दिलवालों का मैं दिलबर

बाज़ीगर ओ बाज़ीगर
बाज़ीगर मैं बाज़ीगर
..............................
Baazigar o baazigar-Baazigar 1993

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Oct 23, 2009

समझ कर चाँद जिसको-बाजीगर १९९३

बाजीगर फ़िल्म १९९४ में आई थी। ये शाहरुख़ खान की
पहली सुपर हिट फ़िल्म है। इसमे इनके साथ दो हीरोइनें हैं
शिल्पा शेट्टी और काजोल । लगभग तीनो कलाकारों को
इस फ़िल्म से फ़ायदा हुआ और तीनो की गाड़ी चल पड़ी।
सबसे ज्यादा फ़ायदा हुआ संगीतकार अनु मालिक और
शाहरुख़ खान को। इस फ़िल्म का एक कर्णप्रिय गीत है
जो फ़िल्म में शामिल नहीं किया गया मगर अक्सर सुनाई
दे जाता है। इसको जौली मुखर्जी और अलका याग्निक ने
गाया है। गीत है -समझ कर चाँद जिसको .......इसे एक
अनजान से गीतकार ज़मीर काज़मी ने लिखा है . गीत आज
के हिसाब से दमदार कहा जा सकता है. चूड़ी के टुकड़े जैसा
आकार दूज के चाँद का होता है. दूज के चाँद को ज्यादा खूबसूरत
माना है लोगों ने.



गाने के बोल:

समझकर चाँद जिसको आसमान ने दिल में रखा है - २
मेरे महबूब की टूटी हुई चूड़ी का टुकडा है - २
समझकर चाँद जिसको आसमान ने दिल में रखा है - २
मेरी नज़रों से देखो तो वो मेरे दिल का टुकडा है - २

तेरे मेहंदी लगे हाथों में जब चूड़ी खनकती है
तो इस गोरी कलाई में यह दिल बनके धड़कती है
यह दिल बनके धड़कती है - २
यह चूड़ी आशिकों को प्यार के नगमे सुनती है
सुहानी रात की खामोशियों में हीर गाती है
यह चूड़ी हीर गाती है - २

ज़मीन पर जो उतर आया ये वो जन्नत का नगमा है
समझकर चाँद जिसको आसमान ने दिल में रखा है
मेरे महबूब की टूटी हुई चूड़ी का टुकडा है
मेरी नज़रों से देखो तो वो मेरे दिल का टुकडा है

मेरे महबूब जैसा इस ज़माने में ना है कोई
दिया लेके भी ढूंढो तो नहीं ऐसा हसीं कोई
नही ऐसा हसीं कोई - २
कभी टूटे से टूटे न हमारे प्यार की डोरी
तेरी चाहत भी बस मेरे लिए अनमोल है गोरी
बड़ी अनमोल है गोरी - २
जुदा हम तुम नही होंगे हमारा तुमसे वादा है

समझकर चाँद जिसको आसमान ने दिल में रखा है
मेरी नज़रों से देखो तो वो मेरे दिल का टुकडा है
मेरे महबूब की टूटी हुई चूड़ी का टुकडा है
.......................................................................
Samajh kar chand jisko-Baazigar 1993

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Apr 17, 2009

छुपाना भी नहीं आता -बाज़ीगर १९९३

फ़िल्म बाज़ीगर एक हिट फ़िल्म थी १९९३ की। इस फ़िल्म से अगर
सबसे ज्यादा फ़ायदा हुआ तो अन्नू मलिक को। उनकी गाड़ी चल
निकली। फ़िल्म के गीत बहुत बजे और जिस म्यूजिक कंपनी ने
इसका ऑडियो रिलीज़ किया होगा उसकी पौ बारह हुई होगी। मैंने
भी इसका एक कैसेट ख़रीदा था।

अनु मलिक चुप रहते हैं तो ज्यादा स्मार्ट लगते हैं। इस गीत में वे
विनोद राठौड का परिचय कराते हैं और उसके बाद गायक गाना शुरू
करता है। राठौड की गायकी उनकी केश राशि की तरह ही सम्रद्ध है।
गीत लिखा है नए ज़माने की गीतकार रानी मलिक ने।

ये गीत पंकज उधास की आवाज़ में भी उपलब्ध है जिसका फ़िल्म
में इस्तेमाल नहीं हो पाया। गीत गाने वाला कलाकार नायिका से प्रेम
करता है और उसका इज़हार नहीं कर पाया समय पर । इस गीत के
माध्यम से उसकी भावनाएं बाहर आ रही हैं जिसे सुनने की पार्टी में
किसी को फुर्सत नहीं है। वैसे भी, स्टेशन से जा चुकी ट्रेन की अनाउंसमेंट
सुनने का किसी को को शौक नहीं होता है।



गीत के बोल:

छुपाना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
हमें तुम से मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता,

छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता

हथेली पर तुम्हारा नाम
लिखते हैं मिटाते हैं
तुम्ही से प्यार करते हैं
तुम्ही से ही क्यूँ छुपाते हैं
तुम्ही से ही क्यूँ छुपाते हैं
जुबां पे बात है लेकिन
सुनाना ही नहीं आता
हमें तुम से मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता
छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता

चोरी चोरी चुपके चुपके
तुमको देखा करते हैं
हाल-ऐ-दिल सुनाने से
न जाने क्यूँ डरते हैं
न जाने क्यूँ डरते हैं
कितना पागल दिल है मेरा
मनाना भी नहीं आता
हमें तुम से मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता

छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
.............................................................
Chhupana bhi nahin aata-Baazigar 1993

Artists: Siddharth(Sushant Ray), Shahrukh Khan, Kajol

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