Showing posts with label Biwi o biwi. Show all posts
Showing posts with label Biwi o biwi. Show all posts

Apr 11, 2018

एक नहीं दो नहीं-बीबी ओ बीबी १९८१

एक सॉफ्ट किस्म का युगल गीत सुनते हैं सन १९८१ की फिल्म
बीबी ओ बीबी से. जो टाइमलेस नाम की चीज़ होती है वो इस गीत
से टेनजेंट(Tangent) हो कर गुजर गयी है. सृष्टि में कण कण का
प्रारब्ध होता है वैसे ही गीतों का भी होना चाहिए. किसी की धुन मधुर
हो तब भी वो अनसुनासा रह जाता है और किसी की धुन सामान्य
होते हुए भी वो हिट हो जाता है.

दो संगीतकार हुए हैं फिल्म जगत में जिनका उल्लेख सबसे ज्यादा
मिलता है नेट पर और जिन्हें संगीत क्षेत्र के लोग तबियत से याद
करते हैं-मदन मोहन और आर डी बर्मन. दोनों के साथ ही ये कहानी
ज्यादा रही कि फ़िल्में नहींचलीं मगर संगीत खूब चला. व्यावसायिक
समीकरण समय के हिसाब से आज ज्यादा मुनाफे वाले हो गए हैं.
आज के समय में संगीत से जुड़े लोगों को भी पैसा पहले की तुलना
में अच्छा मिलता है.

दोनों संगीतकारों में फर्क जो है वो ये कि आर डी बर्मन ने कभी इस
बात की शिकायत नहीं की कि उनकी मेहनत को सराहना नहीं मिली.
ये गिला मदन मोहन को ताउम्र रहा औरसमय समय पर उनकी ये
बात सुनाई देती रही. आउटपुट की बात की जाए तो आर डी बर्मन के
संगीत वाली फिल्मों की संख्या मदन मोहन के संगीत वाली फिल्मों
की लगभग सवा दो गुना है.

एक बेसिक सी चीज़ है कि श्रोता क्या सुनना चाहता है और उसे क्या
पसंद है इस बात पर निर्भर करता है हिट/फिट का मामला. आज तो
गायन में शरीर के विभिन्न स्थानों से आने वाली आवाजों का प्रयोग
हो रहा है फिर भी पब्लिक पसंद कर ही रही है ना. बदलते समय के साथ
जनता कीपसंद भी बदली है. 

इस गीत के दूसरे अंतरे की पंक्तियों के पहले वाली बांसुरी में ‘गले में
खिच खिच’ वाला इफेक्ट है. उसके अलावा पूरे गीत में कुछ भी एक्स्ट्रा
स्पेशल(read अटपटा) नहीं है. गीत निदा फाज़ली का है.




गीत के बोल:

यार मिले दिलदार मिले
तब यारी ला वंदा चस है
काफिर है जो यार कर के
फिर ये कहे मेरी बस है

एक नहीं दो नहीं सौ सौ बार
कहूँ मैं ज़माने से तुमसे है प्यार
एक नहीं दो नहीं सौ सौ बार
कहूँ मैं ज़माने से तुमसे है प्यार
एक नहीं सौ नहीं लाखों बार
हम भी कहेंगे तुमसे है प्यार
यारा ओ यारा जाना मेरी जाना
यारा ओ यारा जाना मेरी जाना

दीवाने का दीवाना जब साथ निभाए
वक्त मेहरबान हो के यूँ ही थम जाए
सारी दुनिया से प्यारा है प्यार तेरा
हो तू ही दर्पण तू ही है सिंगार मेरा
हो बालमा साजना आ जाओ बाहों में
प्यार दुआ प्यास वफ़ा प्यार ऐतबार
कहूँ मैं ज़माने से तुमसे है प्यार
यारा ओ यारा जाना मेरी जाना
यारा ओ यारा जाना मेरी जाना

तेरे मेरे प्यार के चर्चे रहें सदा
मैं धरती तू अम्बर होंगे कैसे जुदा
पेड़ों के साये में हम तुम प्यार करें
ढलते सूरज के आगे इकरार करें
हो लाजवाब ये शबाब आ जाओ बाहों में
धूप कहीं छाँव कहीं छाया है खुमार
कहूँ मैं ज़माने से तुमसे है प्यार
यारा ओ यारा जाना मेरी जाना
हो यारा ओ यारा जाना मेरी जाना

एक नहीं दो नहीं सौ सौ बार
कहूँ मैं ज़माने से ला ला ला ला ला तुमसे है प्यार
तुमसे है प्यार तुमसे है प्यार
तुमसे है प्यार
........................................................................
Ek nahin do nahin-Biwi o biwi 1981

Read more...

Feb 11, 2018

वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा-बीवी ओ बीवी १९८१

प्रस्तुत गीत की पहली पंक्ति में ऐसे शब्द हैं जो थोड़े अलग आर्डर
में आपने कई सार्वजनिक परिवहन के साधनों और माल ढोने वाले
वाहनों के पीछे लिखे देखे होंगे. ट्रकों के पीछे तो कई डाइलॉग भी
लिखे मिलते हैं शेर-शायरी के साथ साथ. प्रतिभा का सार्वजनिक
प्रदर्शन या तो कवि सम्मलेन-मुशायरे में, फिल्मों में, ड्रामा में या
फिर ट्रकों के पीछे ही देखने को मिलता है.

गीत की बात करते हैं. पहली पंक्ति में टायर में से हवा निकाली
जाती है और फिर दूसरी पंक्ति में थोडा सा मरहम लगाया जाता
है, ध्यान भटकाने के लिए. समय से पहले और प्रारब्ध से ज्यादा
अगर नहीं मिलता है तो क्यूँ जनता मंदिरों और बाबाओं के चक्कर
लगाती है? ऊपर वाला तो छलिया है, प्रारब्ध भी वही लिखता है
और आपको भरमाने का काम भी वही करता है. ये सब उसकी
रचाई माया है जिसमें हम सब मोहरे मात्र हैं.

गीत लिखा है निदा फाजली ने जिसकी धुन तैयार की है पंचम ने.
किशोर कुमार ने इसे बीबी ओ बीबी फिल्म के नायक रणधीर कपूर
के लिए गाया है.



गीत के बोल:

ओ हो  आ हा हा हो हो हो
वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
किसी को मिला है न किसी को मिलेगा
प्यार से सारा गुलशन महके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा
वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
किसी को मिला है न किसी को मिलेगा
प्यार से सारा गुलशन महके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा

ग़म को हमने गीत बना कर
इस दुनिया का दिल बहलाया
ग़म को हमने गीत बना कर
इस दुनिया का दिल बहलाया
हँसते हँसाते जाने कैसे
इन गीतों में तुमको पाया
हाँ हम हैं सबके कोई न अपना
इक दिन कोई अपना मिलेगा
प्यार से सारा गुलशन बहके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा

वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
किसी को मिला है न किसी को मिलेगा
प्यार से सारा गुलशन महके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा

नैन मिले और चैन गँवाया
बात पुरानी फिर भी नई है
अरे नैन मिले और चैन गँवाया
बात पुरानी फिर भी नई है
तेरी नज़र ने मेरी नज़र से
बिन बोले एक बात कही है
हाँ देख के मुझको यूँ न लजाओ
दिल पे फिर क़ाबू न रहेगा
प्यार से सारा गुलशन महके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा

वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
किसी को मिला है न किसी को मिलेगा
प्यार से सारा गुलशन महके
नफ़रत से कोई गुल न खिलेगा
वक़्त से पहले किस्मत से ज्यादा
…………………………………………………………
Waqt se pehle kismet se zyada-Biwi o biwi 1981

Artist: Randhir Kapoor, Poonam Dhillon

Read more...

Sep 17, 2016

गोरी हो काली हो-बीवी ओ बीवी १९८१

कुंवारों का पसंदीदा गीत रहा ये काफी समय तक. फिल्म है १९८१
की बीवी ओ बीवी जिसमें रंधीर कपूर बंसी वाले के आगे गुहार
लगाते दिखाई दे रहे हैं.

गीत में नायक साइकिल चलता भी दिख रहा है. तीसरे अंतरे तक
गीत पहुँचता है और हीरो ट्रेन पर चढ़ने का प्रयत्न करके आखिर
चढ हो जाता है. श्रेणी बनाने का शौकीनों के लिए-साइकिल गीत,
ट्रेन गीत, कुंवारा गीत, गोएई गीत, काली गीत, दुल्हन गीत और
जो बच गयी हों वो सब.





गीत के बोल:

गोरी हो काली हो  या नखरेवाली हो
कैसी भी दुल्हन दिला दे
हाथों में तेरे  सबकी है डोरी
अपना भी चक्कर चला दे  
गोरी हो काली हो  या नखरेवाली हो
कैसी भी दुल्हन दिला दे
हाथों में तेरे  सबकी है डोरी
अपना भी चक्कर चला दे  

बाजा बजेगा  शादी रचेगी
घूंघट में गोरी हँसेगी
बाजा बजेगा  शादी रचेगी
घूंघट में गोरी हँसेगी
तूने सभी का जोड़ा बनाया
तूने सभी का जोड़ा बनाया
अपना भी टाँका भिड़ा दे

गोरी हो काली हो  या नखरेवाली हो
कैसी भी दुल्हन दिला दे
हाथों में तेरे  सबकी है डोरी
अपना भी चक्कर चला दे  

जीवन की गाड़ी  दो पहियों वाली
घर को बनाये घर वाली
जीवन की गाड़ी  दो पहियों वाली
घर को बनाये घर वाली
है दूर मंज़िल  बेचैन है दिल
है दूर मंज़िल  बेचैन है दिल
गाड़ी को धक्का लगा दे

गोरी हो काली हो  या नखरेवाली हो
कैसी भी दुल्हन दिला दे
हाथों में तेरे  सबकी है डोरी
अपना भी चक्कर चला दे  

बम्बई का जादू  ऐसा है न्यारा
कोई रहे न कुँवारा
बम्बई का जादू  ऐसा है न्यारा
कोई रहे न कुँवारा
अरमान सारे हो जाये पूरे
अरमान सारे हो जाये पूरे
ज़ल्दी से दुल्हा बना दे
..............................................................
Gori ho kali ho-Biwi o biwi 1981

Artist:Randhir Kapoor

Read more...

Aug 24, 2009

सदियों से दुनिया में-बीबी ओ बीबी १९८१

सदियों से (सालों से) दुनिया में(हिन्दी फ़िल्म दुनिया में) एक
ही तो किस्सा है , एक ही तो लड़की(अभिनेत्री) है, एक ही तो लड़का
(अभिनेता) है... शायद यही इस गीत का मतलब है। रणधीर कपूर ने
भरपूर कोशिश की है कि उनका तंदुरुस्त बदन कपडों के बाहर न आ
पाए। एक वो ज़माना था औए एक आज का ज़माना है जिसको देखो
कपडों के बाहर आ जाना चाहता है। प्रस्तुत गाने में पूनम ढिल्लों
दिखाई पड़ेंगी रणधीर कपूर के साथ । यह गीत गुनगुनाने लायक है
जिसको विटठ्ल भाई पटेल ने लिखा है और स्वरबद्ध किया है
आर डी बर्मन ने। गायक स्वर है किशोर कुमार का।



गाने के बोल :

सदियों से दुनिया में एक ही तो किस्सा है
एक ही तो लड़की है, एक ही तो लड़का है
जब भी ये मिल गए प्यार हो गया

सदियों से दुनिया में एक ही तो किस्सा है
एक ही तो लड़की है, एक ही तो लड़का है
जब भी ये मिल गए प्यार हो गया

मोहन की राधा है, मजनू की है लैला
हर युग में लगता है दिल वालों का मेला
एक से दो हुए प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....

पत्थर की मस्जिद हो या चांदी की मूरत
दुनिया में प्यार बिना कोई नहीं सीरत
दिल से दिल जब मिले प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....

सागर की और चले नदिया घूंघट खोले
भंवरा भी कलियों के आगे पीछे डोले
फासले कम हुए प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....
..................................
Sadiyon se duniya mein-Biwi o biwi 1981

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP