Showing posts with label Randhir Kapoor. Show all posts
Showing posts with label Randhir Kapoor. Show all posts

Jan 27, 2016

देखिये तो क्या अजीब हाल है-कल आज और कल १९७१

मन्ना डे का गाया एक गीत सुनते हैं फिल्म कल आज और कल
से. इसमें उनका गाया केवल यही गीत है. राज कपूर के लिए
संगीतकार मुकेश की आवाज़ लिया करते थे. ये गीत संगीतकार
ने मन्ना से गवाया. शंकर जयकिशन ने मन्ना की आवाज़ के
गीत राज कपूर के लिए और भी बनाये-चोरी चोरी आपको याद
होगी जिसमें तीन युगल गीत हैं मन्ना-लता के. उसके अलावा
फिल्म मेरा नाम जोकर में मन्ना डे के दो एकल गीत हैं.

रणधीर कपूर ने इस फिल्म को बनाया था और इसमें उनके पिता
और दादा भी मौजूद हैं. नीरज ने गीत लिखा है और कुछ कुछ
दर्शंनवादी सा जान पड़ता है यह.




देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है

एक डाल इस कदर फूली फली
एक एक पात फूल बन गया
एक डाल इस कदर फूली फली
एक एक पात फूल बन गया
एक डाल मगर इस कदर लुटी
एक एक फूल झड गया
आज और कल की धूप छाँव में
इसलिए समय के सूने गाँव में
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है

एक हवा चली के खिल उठा चमन
एक हवा चली के सब उजड गया
एक कदम उठा के राह मिल गयी
एक कदम उठा के पथ बिछड गया
एक हवा चली के खिल उठा चमन
एक हवा चली के सब उजड गया
एक कदम उठा के राह मिल गयी
एक कदम उठा के पथ बिछड गया
इसलिए दिलों की जीत हार में इसलिए
इसलिए किसी के प्यार में
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
.....................................................................................................
Dekhiye to kya ajeeb haal hai-kal aaj aur kal 1971

Read more...

Apr 29, 2010

किसी से दोस्ती कर लो-दिल दीवाना १९७४

नरेन्द्र बेदी ने सन १९७२ में एक फिल्म बनाई जिसकी कहानी कोलेज के
इर्द गिर्द घूमती है जिसमे रणधीर कपूर और जया भादुड़ी की प्रमुख भूमिकाएं
हैं। फिल्म अपने संगीत और कथानक की वजह से सराही गयी ।

इसी जोड़ी को लेकर उन्होंने सन १९७४ में फिल्म बनाई जिसका नाम है
दिल दीवाना । इस फिल्म में रणधीर कपूर ने इक दिलफ़ेंक आशिक की भूमिका
निभाई है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गयी । कुछ कर्णप्रिय गीत होने
के बावजूद इसके गीत ज्यादा सुनाई नहीं दिए। जवानी दीवानी में राहुल देव
बर्मन का संगीत था और इस फिल्म में भी उन्होंने ही संगीत दिया । फिल्म की
असफलता से उन्हें भी नुक्सान हुआ और अच्छा संगीत आम जनता से दूर रहा।
अलबत्ता, इस फिल्म का एक गीत ज़रूर कभी कभार सुनने को मिला जिसके लिए
दूरदर्शन के कार्क्रम चित्रहार को धन्यवाद् देना उचित होगा। वो गीत है -
'खान चाचा खान चाचा '




गीत के बोल:

हे हे, हूँ हूँ
हे हे, हे हे
किसी से दोस्ती कर लो
करोगे प्यार तुम हमसे
किसी से दिल्लगी कर लो
करोगे प्यार तुम हमसे

हो, कौन महफ़िल में आवारा आ गया
अरे दोस्तों में दुश्मन हमारा आ गया
अब क्या करें हम अपनी तारीफ़
य्होड़े से बदमाश हैं हम थोड़े शरीफ
इसलिए, किसलिए
इसलिए, किसलिए
खफा खफा क्यूँ लगते हो सरकार तुम हमसे
हाँ, ना हमसे दुश्मनी कर लो
बचो सरकार तुम हमसे

किसी से दोस्ती कर लो
करोगे प्यार तुम हमसे

हो, आपका ही क्या दीवाना नाम है
अरे मुझको नहीं पसंद ये पुराना नाम है
भाई नाम ना देखो तुम देखो काम को
फुरसत हो तो कल अकेले मिलना शाम को
अरे क्या कहा, क्या हुआ
क्या कहा, क्या हुआ
उलझ गए हो क्यूँ आकर बेकार तुम हमसे

हूँ, किसी से दोस्ती कर लो
करोगे प्यार तुम हमसे

हाँ, ना हमसे दुश्मनी कर लो
बचो सरकार तुम हमसे

करोगे प्यार तुम हमसे
बचो सरकार तुम हमसे
करोगे प्यार तुम हमसे
बचो सरकार तुम हमसे
करोगे प्यार तुम हमसे

Read more...

Aug 24, 2009

सदियों से दुनिया में-बीबी ओ बीबी १९८१

सदियों से (सालों से) दुनिया में(हिन्दी फ़िल्म दुनिया में) एक
ही तो किस्सा है , एक ही तो लड़की(अभिनेत्री) है, एक ही तो लड़का
(अभिनेता) है... शायद यही इस गीत का मतलब है। रणधीर कपूर ने
भरपूर कोशिश की है कि उनका तंदुरुस्त बदन कपडों के बाहर न आ
पाए। एक वो ज़माना था औए एक आज का ज़माना है जिसको देखो
कपडों के बाहर आ जाना चाहता है। प्रस्तुत गाने में पूनम ढिल्लों
दिखाई पड़ेंगी रणधीर कपूर के साथ । यह गीत गुनगुनाने लायक है
जिसको विटठ्ल भाई पटेल ने लिखा है और स्वरबद्ध किया है
आर डी बर्मन ने। गायक स्वर है किशोर कुमार का।



गाने के बोल :

सदियों से दुनिया में एक ही तो किस्सा है
एक ही तो लड़की है, एक ही तो लड़का है
जब भी ये मिल गए प्यार हो गया

सदियों से दुनिया में एक ही तो किस्सा है
एक ही तो लड़की है, एक ही तो लड़का है
जब भी ये मिल गए प्यार हो गया

मोहन की राधा है, मजनू की है लैला
हर युग में लगता है दिल वालों का मेला
एक से दो हुए प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....

पत्थर की मस्जिद हो या चांदी की मूरत
दुनिया में प्यार बिना कोई नहीं सीरत
दिल से दिल जब मिले प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....

सागर की और चले नदिया घूंघट खोले
भंवरा भी कलियों के आगे पीछे डोले
फासले कम हुए प्यार हो गया

अरे , सदियों से ....
..................................
Sadiyon se duniya mein-Biwi o biwi 1981

Read more...

Jul 23, 2009

कोई शमा शीशे की लाया- जाने जां १९८३

कुछ गीत ऐसा मालूम पड़ता है की फिल्मों में व्यर्थ जाते हैं।
ऐसा ही गीत है, एक रुक रुक कर बनी और तुर्रंत ही गायब हो गई
फ़िल्म 'जाने जां' या 'निकम्मा' से जो १९८३ में आई। किशोर कुमार
के गाये इस गीत को लिखा है गुलशन बावरा ने और तर्ज़ बनाई है
आर डी बर्मन ने। शीशे की शमा और पीतल का परवाना शायद किसी
और गीत में आपको नहीं मिलेंगे।



गीत के बोल:

यह दिन तो है मुबारक
इस दिन को नाम क्या दूँ
मुश्किल में पड़ गया हूँ
तुझे कौन सी दुआ दूँ

कोई शमा शीशे की लाया
कोई पीतल का परवाना
दो नैनो का मारा ले के
आया दिल का नजराना

अनमोल जीवन का
हर पल हसीं होगा, आजा
चलेंगे मिलके

हो, उल्फत की राहों में
चाहत की बाँहों में अरमान
खिलेंगे दिल के

प्यार दुआ है
प्यार दवा है
प्यार को यूँ न ठुकराना
दो नैनो का मारा ले के
आया दिल का नजराना
कोई शमा शीशे की लाया

परवाने की ज़िन्दगी
तो रहेगी सदा ही
शमा के बस में

हो दीवाने को बिन जलाये
पिघल ही न जाना
निभाना रस्मे

देख शुरू होने से पहले
ख़त्म न हो जाए अफसाना
दो नैनो का मारा ले के
आया दिल का नजराना

कोई शमा शीशे की लाया

Read more...

May 27, 2009

आप यहाँ आये किसलिये-कल आज और कल १९७१

भूत भविष्य और वर्त्तमान अर्थात तीनो पीढियां इस फिल्म में
मौजूद हैं। फिल्म बनायीं थी रणधीर कपूर ने और इसमें राज कपूर
और पृथ्वीराज कपूर ने भी अभिनय किया है। रणधीर की भावी पत्नी
बबीता भी इस फिल्म में उनके साथ हैं। १९७१ का ये प्रश्नसूचक गीत
युवाओं द्वारा बहुत पसंद किया गया था। नीरज ने इस गीत को लिखा है
और किशोर-आशा के गाये इस गीत की धुन शंकर जयकिशन के तबेले
(Stable) से निकली है।



गीत के बोल:

आशा : आप यहाँ आये किसलिये?
किशोर : आपने बुलाया इसलिये
आशा: आये हैं तो काम भी बताइये
किशोर: हां हां हां पहले ज़रा आप मुस्कुराइये
आशा: मुस्कुराने की न कोई बात है
किशोर: अजी देखिये तो क्या हसीन रात है
आशा: ओह काम तो बताइये बताइये
किशोर: न न न पहले ज़रा आप मुस्कुराइये
आशा: आप यहाँ आये किसलिये??

किशोर: तेरे बिना हाय
आशा: क्या?
किशोर: नींद नहीं आती है
आशा: अच्छा?
किशोर: याद तेरी आकर
आशा: आ हा
किशोर: रोज़ तड़पाती है
आशा: सचमुच?
किशोर: अपना बनालो
आशा: अ?
किशोर: हाथ ज़रा थाम लो
आशा: वाह वाह वाह
किशोर: बार बार देखो ना
आशा: क्या?
किशोर: दिल से ही काम लो
आशा: अरे बाबा काम तो बताइये
किशोर: काम सीधा साधा है
आशा: अच्छा?
किशोर: अजी लेना एक वादा है
आशा: क्या?
किशोर: आ जा आ जा शादी का इरादा है, शादी का इरादा है
आशा: शादी? और तुमसे?
किशोर: हां हां! शादी का इरादा है
आशा: शादी? ना बाबा ना
किशोर: मगर क्यों??
आशा: शादी तो बरबादी है
किशोर: क्या कहती हो?
आशा: नहीं जाती है आज़ादी है
किशोर: नहीं नहीं मोना! सुनो तो ...
आशा: टा टा, बाई बाई ...
किशोर: ओह हो आप यहाँ आये किसलिये
आप ने बुलाया इसलिये
आये हैं तो काम भी बताइये
पहले ज़रा आप मुस्कुराइये

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP