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May 16, 2020

ऐसा ना हो अरमान-छुपा रुस्तम २००१

ओ के टाटा बाय बाय इत्यादि शब्द हम बरसों से ट्रांसपोर्ट की शान
ट्रकों के पीछे लिखे देखते आ रहे हैं. टेक्नोलोजी ज़रूर बदलती जा
रही है मगर ट्रकों की साज सज्जा और रंगाई पुताई वही ट्रेडिशनल
लुक वाली है. उसके पीछे हमें लचर, थकी हुई शायरी से लगा कर
उम्दा शेर भी देखने को मिल जाते हैं. मैं आई तू चल या बुरी नज़र
वाले तेरा ऊंह काला जैसे जुमले भी पढ़ने को मिल जाते हैं.

होर्न ओके प्लीज़ जैसे शब्द जबसे ज्यादा कॉमन हैं. यूज़ डिपर-डीपर
एट नाईट जैसे सन्देश भी दिख जाते हैं.

एक गीत है जिसे सुन के ट्रकों की पिछाडियों की सुनहरी याद आ
जाती है वो है फिल्म छुपा रुस्तम का गीत जिसमें हालांकि आई लव
यू जैसे शब्द भी हैं. गीत मनोरंजक है और ऐसे गीत फिल्मों को
सार्थक बनाते हैं मनोरंजन के मामले में.

फिल्म छुपा रुस्तम के इस गीत में आपको दो सॉफ्ट चेहरे दिखलाई
देंगे-मनीषा कोइराला और संजय कपूर के. इनमें से मेरे ख्याल से
संजय कपूर का चेहरा ज्यादा सॉफ्ट है. फिल्म सौदागर के समय भी
ऐसा ही कुछ था-मनीषा कोइराला से ज्यादा मासूम फिल्म का नायक
विवेक मुश्रान का चेहरा नज़र आता था.

मनीषा कोईराला हिंदी सिनेमा की सबसे सुन्दर अभिनेत्रियों में गिनी
जाती हैं और वे जिन्हें अभिनय भी आता है. कुछ एक फिल्मों में तो
उन्होंने अपनी समकालीन अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ दिया है. मासूम
और मोहक मुस्कान की स्वामिनी मनीषा के लाखों फैन्स हैं जिन्हें
आज भी उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतज़ार रहता है.

गीत पारस पत्थर छुआ के गीत लिखने वाले आनंद बक्षी का है और
संगीत आनंद मिलिंद का. इसे ९० के दशक की प्रसिद्ध गायक जोड़ी
-कुमार सानू और अलका याग्निक ने गाया है.




गीत के बोल:

राजा ये क्या करते हो ये कोई शराफ़त है
शराफ़त नहीं निशा ये मोहब्बत है मोहब्बत

ऐसा ना हो अरमान जाग जायें
सोये हुए तूफ़ान जाग जायें
ऐसा ना हो अरमान जाग जायें
सोये हुए तूफ़ान जाग जायें
चलो एक दूसरे से दूर भाग जायें

अच्छा मैं चलता हूँ जाऊं
हाँ जाओ ओ के सी यू बाय बाय

अच्छा हुआ वो चली गई वर्ना क़यामत हो जाती
अच्छा हुआ वो चला गया कोई शरारत हो जाती
मुझे उससे डर लगता था
मेरा दिल धक धक करता था

ओ माय गोड फिर तुम
यस आई लव यू
भूल गया था बात कोई मैं वो कहने आया हूँ
छोड़ के ये दुनिया तेरे दिल में रहने आया हूँ
देखो हम पास जो आयेंगे दूर न फिर जा पायेंगे
ठीक है बाबा जाता हूँ हाँ
ओ के सी यू टाटा बाय बाय

ओ माय गोड फिर तुम
यस आई लव यू निशा
कुदरत की मर्ज़ी है यही मेरा कोई कसूर नहीं
हम तुम दूर रहें ये इस मौसम को मंज़ूर नहीं
कच्चे धागे में बंधे हुए
चले आए हम खिंचे हुए

जागते हैं तो अरमान जाग जायें
जागते हैं तो अरमान जाग जायें
सोये हुए तूफ़ान जाग जायें
चलो इक दूसरे के संग भाग जायें
हाँ चलो इक दूसरे के संग भाग जायें
………………………………………………..
Aisa na ho armaan jag-Chhupa Rustam 2001

Artists: Sanjay Kapoor, Manisha Koirala

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Apr 24, 2017

धीरे से जाना खटियन में-छुपा रुस्तम १९७३

सचिन देव बर्मन के बरसों पहले गाये हुए एक गैर फ़िल्मी गीत-धीरे से
जाना बगियन में’ का हास्य संस्करण मौजूद है फिल्म छुपा रुस्तम में.

पहले पहल मुझे ये फिल्म का शीर्षक गीत सा लगता था-इसकी वजह-
इसमें छुपा शब्द का प्रयोग होना. मुझे इसमें रुस्तम शब्द नहीं मिला
इसलिए संदेह ही बना रहा जब तक फिल्म का असल शीर्षक गीत नहीं
सुनलिया. फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत भी यही है.

गोपालदास नीरज ने ये गीत लिखा है और किशोर कुमार ने गाया है.
एस डी बर्मन फिल्म के संगीतकार हैं.

नीरज  को आम तौर पर धीर गंभीर कवी माना जाता है मगर फिल्म
वालों ने उनसे लिखवा ही लिया हास्य गीत. गीत में खटमल शब्द के
अलावा साहित्य का उम्दा दर्जे का सामान भी मौजूद है अतः इसे ध्यान
से सुनिए.





गीत के बोल:

धीरे से जाना खटियन में ओ खटमल
धीरे से जाना खटियन में
धीरे से जाना खटियन में ओ खटमल
धीरे से जाना खटियन में
सोई है राजकुमारी  सोई है
सोई है राजकुमारी  देख रही मीठे सपने
जा जा छुप जा
जा जा छुप जा तकियन में
ओ खटमल  धीरे से जाना खटियन में

वीरान थी अपनी ज़िन्दगी और सूना था अपना मकान
हाय  हाय रे किस्मत

मिले मुश्किल से ये मेहमान
हो भी जाते शायद मेहरबान
मिले मुश्किल से ये मेहमान
हो भी जाते शायद मेहरबान
आग लगा दी है सुखन में
हो खटमल धीरे से जाना खटियन में
धीरे से जाना खटियन में ओ खटमल
धीरे से जाना खटियन में

कोमल है इनका बदन
काँटे सी तेरी चुभन
कोमल कोमल है इनका बदन
काँटे सी तेरी चुभन
बाधा डाले निंदियन में
ओ खटमल धीरे से जाना खटियन में
ए ए किधर जाता है
खबर खबरदार हाँ छुप छुप के

क्यों छुप छुप के प्यार करे तू
बड़ा छुपा हुआ रुस्तम है तू
क्यों छुप छुप के प्यार करे तू
बड़ा छुपा हुआ रुस्तम है तू
ले ले हमको भी शरण में
ले ले हमको भी शरण में ओ खटमल
धीरे से जाना खटियन में
धीरे से जाना खटियन में ओ खटमल
धीरे से जाना चटियन में
धीरे से जाना
धीरे से जाना बगियन में रे भँवरा
धीरे से जाना बगियन में
…………………………………………………
Dheere se jaana khatiyan mein-Chhupa rustam 1973

Artist: Dev Anand, Hema Malini

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Aug 23, 2016

जो मैं होता एक टूटा हुआ-छुपा रुस्तम १९७३

एक फिल्म है छुपा रुस्तम जो सन १९७३ में आई थी. कुछ
ज्यादा हलचल नहीं मचाई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर.
संगीत प्रेमियों को ज़रूर इसके गीत याद होंगे. इस फिल्म से
आपने एक गीत सुना था पहले जो देव आनंद और हेमा पर
फिल्माया गया था. अब देखते और सुनते हैं दूसरा गीत जो
विजय आनंद और बिंदु पर फिल्माया गया है.

कुछ गीत चटपटे होते हैं और कुछ गीत अटपटे. प्रस्तुत गीत
दोनों के बीच में झूलता सा प्रतीत होता है. विजय आनंद
अपने गीतों के फिल्मांकन के लिए जाने जाते थे. वे गीत जो
दूसरों पर फिल्माए जाते थे. खुद उन पर फिल्माए गए गीत
मुझे समझ कम आये. यू-ट्यूब पर जनता शायद लिहाज के
मारे इस गीत की जबरन तारीफ़ कर रही है, हम भी वाह
वाह कर देते हैं और कारण ढूंढते हैं इसके एक gem होने का.

गीत विजय आनंद ने लिखा है और ये शौक उनको कब लगा
इस बारे में कहीं उल्लेख नहीं मिला अभी तक. संगीतकार को
इस गीत को कम्पोज करने में पसीना ज़रूर आया होगा. इसे
देख कर अक्षय कुमार पर फिल्माए गए कुछ गीत याद आने
लगे हैं मुझे.

गीत में एक बात ज़रूर बढ़िया है वो है कार के बोनट पे डांस.
ऐसा प्रतीत होता है किसी विलायती फिल्म से कोई पात्र हिंदी
फिल्म के फ्रेम में आ कूदा हो. वो तो नायिका को देख कर
दर्शक इस भरोसे पर कायम रहता है कि वो हिंदी फिल्म का
गाना ही देख रहा है.



गीत के बोल:

जो मैं होता एक टूटा हुआ तारा तेरी रातों का
रातों का, तो क्या होता
जो मैं होती एक कोई भटकी किरण उस तारे की
उस तारे की, तो क्या होता

बनते संग संग, मिटते संग-संग
जीते संग संग, मरते संग-संग

जो मैं होती उड़ी-उड़ी नींदें तेरी आँखों की
आँखों की, तो क्या होता
जो मैं होता मीठा-मीठा सपना उन नींदों का
नींदों का, तो क्या होता

बनते संग संग, मिटते संग-संग
जीते संग संग, मरते संग-संग

जो मैं होता क़िस्मत का लिखा तेरे हाथों का
हाथों का, तो क्या होता
जो मैं होती छुपा छुपा मतलब तेरी बातों का रे
तेरी बातों का रे, तो क्या होता

बनते संग संग, मिटते संग-संग
जीते संग संग, मरते संग-संग
बनते संग संग, मिटते संग-संग
जीते संग संग, मरते संग-संग
.......................................................................
Jo main hota-Chhupa rustam 1973

Artists: Vijay Anand, Bindu

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Dec 6, 2011

बोलो क्या हमको दोगे -छुपा रुस्तम १९७३

निस्संदेह ये वर्ष कला और सिनेमा जगत के लिए त्रासदायी रहा है। इस
वर्ष अनेक नामचीन हस्तियों ने नश्वर संसार से विदा ली। उन कलाकारों
की बस यादें ही चित्र, चलचित्र और आवाज़ के रूप में हमें उनकी उपस्थिति
का एहसास कराती रहेंगी।

देव आनंद मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक हैं। उनके १-२ गीत रोज ही
याद आ जाते हैं। परसों के रोज मुझे एक गीत विशेष रूप से याद आया वो
है फिल्म छुपा रुस्तम का गीत-बोलो क्या हमको दोगे। इसमें शुरू में
केवल 'आंय' बोला गया है देव आनंद द्वारा। ये एक शब्द ही उनके अंदाज़ को
बयां करने के लिए काफी है। अब ये आप बूझिये कि ये शब्द किशोर कुमार
की आवाज़ में है या स्वयं देव आनंद की आवाज़ में। किशोर कुमार जिन्होंने
देव आनंद के लिए विशेष तौर पर गीत गाये , यूँ कहिये पार्श्व गायन के मामले
में वे या तो स्वयं के लिए या फिर केवल देव आनंद के लिए ही परदे पर गीत
गाते। ये सिलसिला कम से कम सन १९६९ में आई आराधना के पहले तक
तो चला। कभी कभी तो ये लगने लगता जैसे देव आनंद स्वयं परदे पर गीत
गा रहे हों। तय है कि किशोर के गाये देव आनंद अभिनीत गीतों में अतिरिक्त
ऊर्जा का संचार होता महसूस होता है।

बहुत कम ऐसे कलाकार हुए हैं हिंदी सिनेमा जगत में जिनके गीत देखते
समय गीत और धुन पर से ध्यान कुछ देर के लिए हट जाता है उनमें से एक
हैं देव आनंद। उन्हें सदाबहार यूँ ही नहीं कहा जाता है। वे हमेशा सक्रिय
दिखलाई दिए और फिल्म उद्योग के बाल, युवा, बुज़ुर्ग सभी वर्गों के लिए
रेरणास्रोत बने रहे।

गीत कम सुना हुआ है इसलिए कम देखा गया भी कह सकते हैं इसको।
इस गीत में जो कि सन ७० के दशक के पूर्वार्ध का गीत है, देव आनंद
अपनी पूरी ऊर्जा के साथ नायिका से कदम ताल मिलते हुए जीवन्तता
प्रदान कर रहे हैं। गायक-गायिका हैं किशोर कुमार और आशा भोंसले।
गीत सचिन देव बर्मन की संगीत फैक्ट्री की उपज है जिसकी रचना की है
विजय आनंद ने।




गीत के बोल:

पूछो पूछो, पूछो ना
बोलो क्या हमको दोगे
'आंय'
बोलो क्या हमको दोगे
दिल जो हमने तुमको बिना मांगे दे दिया हँसते हँसते
बोलो क्या हमको दोगे
बोलो क्या हमको दोगे
दिल जो हमने तुमको बिना मांगे दे दिया हँसते हँसते
पूछो क्या हमसे लोगे, पूछो
दिल जो हमने तुमसे बिना पूछे ले लिया हँसते हँसते
पूछो क्या हमसे लोगे

बहका करें जो तेरी बाँहों में
महका करें जो तेरी राहों में
बहका करें जो तेरी बाँहों में
महका करें जो तेरी राहों में
देखा करें जो तेरी चाहों में
घर बसा लें जो हम तेरी ही निगाहों में
तो क्या हमको दोगे
बोलो क्या हमको दोगे
दिल जो हमने तुमको बिना मांगे दे दिया हँसते हँसते
बोलो क्या हमको दोगे

हे हे हे हे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हो हो हो हो
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

दुश्मन जलेंगे जब मिलेंगे हम
प्यासे कभी न फिर रहेंगे हम
जल रहा है
बहुत
तो जलने दो
दुश्मन जलेंगे जब मिलेंगे हम
प्यासे कभी न फिर रहेंगे हम
जन्नत बना लेंगे ज़मीन पे हम
खुशियाँ रहेंगी और रहेंगे हम अब
पूछो के तुम क्या हमसे लोगे, पूछो
पूछो क्या हमसे लोगे
दिल जो हमने तुमसे बिना पूछे ले लिया हा हा हा हा
पूछो क्या हमसे लोगे

तेरी बाँहों का जब सहारा हो
रास्ता फिर कितना ही अँधियारा हो
हो हो हो हो, हो हो हो
तेरी बाँहों का जब सहारा हो
रास्ता फिर कितना ही अँधियारा हो
उठते ही तूफ़ान तुम किनारा हो
जो कुछ अपना है वो सब कुछ तुम्हारा
हाँ तो क्या हमको दोगे
बोलो क्या हमको दोगे
दिल जो हमने तुमको बिना मांगे दे दिया हँसते हँसते
बोलो क्या हमको दोगे

पूछो क्या हमसे लोगे
बोलो क्या हमको दोगे
पूछो क्या हमसे
बोलो क्या हमको
पूछो, बोलो
ओ पूछो, बोलो
.........................................................................
Bolo kya hamko doge-Chhupa Rustam 1973

Artists: Hema Malini, Dev Anand, Prem Chopda

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