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Mar 2, 2018

बनवारी ओ बनवारी-चिंगारी १९८९

साहिर लुधियानवी का लिखा हुआ भजन सुनते हैं फिल्म चिंगारी
से. नंदलाला, गोपाला को समर्पित भजन गाया है उषा मंगेशकर
संग आशा भोंसले ने. संगीतकार हैं रवि.

फिल्म चिंगारी का संगीत काफी पहले तैयार किया हुआ सुनाई देता
है. फिल्म शायद रिलीज़ में लेट हो गयी थी. फिल्म के प्रमुख
कलाकार हैं संजय खान, लीना चंदावरकर, शत्रुघ्न सिन्हा, प्राण
और दुर्गा खोटे.




गीत के बोल:

बनवारी ओ बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

घनका ज्योति जनम की पापन
परपुर्शन की प्यारी
परपुर्शन की प्यारी
धरम करम की लिप्टन आई पाप किये अति भारी
पाप किये अति भारी
इक तोते की राम रतन से तूने पार उतारी रे

मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

ध्रुपद्सुता पांडव की नारी जुआ खेल कर हारी
जुआ खेल कर हारी
भरी सभा में दुष्ट दु:शासन खेंचन लागा साड़ी
खेंचन लागा साड़ी
लुटती लाज बचायी जब वो दुखिया तुम्हें पुकारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

मीरा तेरे प्यार के कारण लोक लाज सब हारी
लोक लाज सब हारी
निर्लज्ज कहे राणा ने उसको भेजी नाग पिटारी
भेजी नाग पिटारी
नाग फूल विष अमृत बन गया तेरी लीला न्यारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
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Banwari o Banwari-Chingari 1989

Artists: Leena Chandavarkar, Durga Khote

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May 20, 2016

बड़ी मुश्किल है-चिंगारी १९५५

पसंद अपनी अपनी ख्याल अपना अपना. इस फलसफे के साथ
जीते जीते ही आपको कई हमखयाल मिल ही जाते हैं. संगीत
में भी कुछ ऐसा ही हुआ मेरे साथ. एक हमारे मित्र को और
मुझे फिल्म चिंगारी का लता का गाया गीत बेहद पसंद है. कोई
नामचीन संगीतकार नहीं जुडा हुआ है गीत के साथ मगर इसे
लिखने वाले ज़रूर बड़ी हस्ती हैं फ़िल्मी दुनिया की-शैलेन्द्र.
शैलेन्द्र सादगी पसंद व्यक्ति थे मगर लेखन उनका उच्च कोटि
का, वे स्वतंत्र कविता लेखन करते तो आज उनकी गिनती
हिंदी साहित्य के अच्छे कवियों में होती. खैर, होनी और बदी
भी कुछ मायने रखती हैं जीवन में, उनका प्रारब्ध उन्हें फ़िल्मी
दुनिया में ले आया.

गीत का संगीत तैयार किया है मनोहर ने जिन्होंने फिल्म रईस
१९४८ से बतौर स्वतंत्र संगीतकार संगीत देना शुरू किया. फिल्म
का निर्माण किसी को-ओपरेटिव पिक्चर्स नामक संस्था ने किया
जिसने इसके अलावा शायद केवल एक और फिल्म का निर्माण
किया सन १९६७ में-दो दुश्मन. उस फिल्म में भी मनोहर का
संगीत है. वैसा ही कुछ हाल इसके निर्देशक का है. श्रीवास्तव
जी ने दो फिल्मों का निर्देशन किया-चिंगारी और बाजे घुँघरू(६२)
बाजे घुँघरू किसी राम राज फिल्म्स नामक संस्था ने बनाई.

गीत में आपको रोशन और शंकर जयकिशन की संगीत शैली का
मिश्रण मिलेगा. टू-इन-वन गीत है इस तरह से ये. ये बात तुलना
के लिए नहीं लिखी गयी है. इरादा है कि संगीत भक्त इस गीत
के ओर्केस्ट्रा और धुन पर गौर फरमाएं जो किसी परिपक्व संगीत
निर्देशक के आउटपुट जैसा है.



गीत के बोल:

बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे

बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे

सखियों से छुपती फिरूं कहीं जी ना लगे
रातों को तारे गिनूं पालक भी ना लगे
मेरे संग संग मेरी निन्दिया भी सारी रात जगे
मेरे संग संग मेरी निन्दिया भी सारी रात जगे

बड़ी नुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे

सपने आये फिर ललचाए जा के फिर ना आये
जा के फिर ना आये
दिल नादान ये अरमान मचलें और रह जाएँ
मचलें और रह जाएँ

बड़ी लुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे

ए दिल ये तू ही बता उन्हें ढूंढूं कहाँ
सपनों में देखा जिन्हें मिलेंगे वो  कहाँ
ओ बिन कारण आँगन में क्या सोचूँ खड़ी खड़ी
ओ बिन कारण आँगन में क्या सोचूँ खड़ी खड़ी

बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे

बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है
ना जाने किसे ढूंढें ना जाने किसे चाहे
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Badi mushkil hai-Chingari 1955

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