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Nov 11, 2019

मैं तो सोलह बरस की-मोर्चा १९८०

एक गीत सुनते हैं फिल्म मोर्चा से जिसे सुन कर किसी
लोक गीत की याद आती है और आती है संग में फिल्म
बारादरी के गीत की.

गीत उषा मंगेशकर ने गाया है जिसे काजल किरण पर
फिल्माया गया है, स्पेशल एपीयरेन्स में. गीत गाया है
उषा मंगेशकर ने. ऐसे विशेष प्राकट्य वाले गीत आपने
नए ज़माने की फिल्मों में काफी देखे होंगे. रेखा ने एक
फिल्म-जांबाज़ में प्यार लो प्यार दो पर डांस किया था.
चाइना गेट का गीत हम आपको सुनवा ही चुके हैं जो
उर्मिला पर फिल्माया गया है.

सुनते हैं रमेश पंत का लिखा गीत जिसकी धुन तैयार
की है बप्पी लहरी ने. गीत में आपको शोले के सांभा
भी नज़र आयेंगे. जानकीदास, जगदीप भी दिखलाई दे
सकते हैं आपको गीत में अगर ध्यान से आप देखें इसे.




गीत के बोल:

अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

अपने पराये मोहे देखे रुक रुक के
रह जाये अँखियाँ मोरी झुक झुक के
अपने पराये मोहे देखे रुक रुक के
रह जाये अँखियाँ मोरी झुक झुक के
चढ़ती उमरिया के संग संग आये
कैसी मुसीबत नई

भई रे मैं तो सोलह बरस की
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
अबकी बरस बड़ा जुल्म हुआ
मोरी बाली उमरिया गई
कभी शरमाये जिया कभी घबराये
मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

हर कोई कहे ज़रा चलना संभल के
जाने कैसे घड़ी घड़ी अचरा ढलके
हर कोई कहे ज़रा चलना संभल के
जाने कैसे घड़ी घड़ी अचरा ढलके
संग सहेली अब मारे मोहे ताना
बाते करे कई कई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई

तारे गिन गिन के बिताऊँ सारी रतिया
कुछ भी न भाये बैरी लागे मोहे दुनिया
तारे गिन गिन के बिताऊँ सारी रतिया
कुछ भी न भाये बैरी लागे मोहे दुनिया
एक तो जिया मेरा बस में नहीं
दूजे पाँव जलत निर्दयी
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
भई रे मैं तो सोलह बरस की भई
………………………………………..
Main to solah baras ki-Morcha 1980

Artist: Kajal Kiran, McMohan, Jankidas

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Sep 24, 2019

देखो इधर भी जाने तमन्ना-इम्तिहान १९७४

जाने तमन्ना हिट्स के अंतर्गत आने वाला एक और गीत
सुनते हैं जो फिल्म इम्तिहान से है. विनोद खन्ना और
तनूजा अभिनीत ये फिल्म सन १९७४ में रिलीज़ हुई थी.

गीत किसी पिकनिक स्पॉट पर गाया जा रहा है. मजरूह
के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का संगीत. आशा भोंसले संग
इसे उषा मंगेशकर ने गाया है.





गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला

देखो इधर भी जाने तमन्ना
प्यासे पड़े हैं हम तुम्हारी एक नज़र के
पर जो संवरिया की है पुजारन
उनकी दीवानी कुछ मांगे जो उन को चाह कर के
देखो इधर भी जाने तमन्ना
प्यासे पड़े हैं हम तुम्हारी एक नज़र के
पर जो संवरिया की है पुजारन
उनकी दीवानी कुछ मांगे जो उन को चाह कर के
देखो इधर भी जाने तमन्ना
देखो इधर भी जाने तमन्ना

मन में बसे हो जो प्रीतम तो नैन मिले या न मिले
मन में बसे हो जो प्रीतम तो नैन मिले या न मिले
दिल जब दे कर लिया गम तो चैन मिले या न मिले
जब से लगी तुमसे लगन हाल यही है जाने जिगर
जब जब तरसे हम रह गए दिल को थाम कर के
देखो इधर भी जाने तमन्ना
प्यासे पड़े हैं हम तुम्हारी एक नज़र के
पर जो संवरिया की है पुजारन
उनकी दीवानी कुछ मांगे जो उन को चाह कर के
देखो इधर भी जाने तमन्ना
देखो इधर भी जाने तमन्ना

दर्द-ए-दिल से तेरी बेरुखी ले ना जाए कहीं मेरी जिंदगी
दर्द-ए-दिल से तेरी बेरुखी ले ना जाए कहीं मेरी जिंदगी
हो पिया का दर्द अनमोल इसको ना जिंदगी से तोल
हो पिया का दर्द अनमोल इसको ना जिंदगी से तोल
थक गए हम सुन सुन के ताने ज़माने भर के

देखो इधर भी जाने तमन्ना
प्यासे पड़े हैं हम तुम्हारी एक नज़र के
पर जो संवरिया की है पुजारन
उनकी दीवानी कुछ मांगे जो उन को चाह कर के
देखो इधर भी जाने तमन्ना
देखो इधर भी जाने तमन्ना
देखो इधर भी जाने तमन्ना
देखो इधर भी जाने तमन्ना
…………………………………………………………….
Dekhi idhar bhi jaane tamanna-Imtihaan 1974

Artists: Tanuja, Bindu, Vinod Khanna

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Nov 6, 2018

नन्दलाल गोपाल दया कर के-साधू और शैतान १९६८

हिंदी फिल्मों में ७५ के पहले की फिल्मों के अधिकांश कृष्ण
भजन राजेंद्र कृष्ण ने लिखे हैं. उनके नाम में भी कृष्ण जुड़ा
हुआ है.

इसे आशा भोंसले और उषा मंगेशकर ने गाया है. धुन तैयार
की है लक्ष्मी प्यारे ने.




गीत के बोल:

नंदलाल गोपाल दया करके
रख चाकर अपने द्वार मुझे
.
.
.
.
.
………………………………………………………
Nandlal Gopal daya kar ke-Sadhu aur shaitan 1968

Artists: Two kids

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Oct 12, 2018

लुट जा लुट जा-आँखें १९६८

बेसिकली दो प्रकार की जनता होती है-लूटने वाली
और लूटने वाली. दूसरे शब्दों में शोषक और शोषित.
लूटना ज़ल्द समझ आता है मगर शोषण और दोहन
आसानी से समझ आने वाली चीज़ें नहीं हैं.

स्वेच्छा से लुट जाने को कितने लोग तैयार होते हैं?
लूटना चॉईस नहीं है मगर भोले भाले लोग नेताओं,
बाबाओं और अन्य वाचाल चालाक लोगों द्वारा लूट लिए
जाते हैं.

साहिर की रचना को स्वर दिया है आशा भोंसले,
कमाल बारोट और उषा मंगेशकर ने रवि की धुन पर.
गीत में ‘छूट जा’ को ‘छुट जा’ गाया गया है हमने
वैसे ही बोल यहाँ पर दिये हैं. आगे एक शब्द हमने
विवादास्पद होने की वजह से छोड़ दिया है.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
जाती रात सुहानी नहीं आने वाली
आरज़ूओं पे जवानी नहीं आने वाली
आ भी जाये तो मेरी जान लहू में तेरे
फिर ये गर्मी ये रवानी नहीं आने वाली

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
लुट जा हो लुट जा यही दिन हैं किसी पे लुटा जा
तेरे सामने हैं प्यारे कई झूमते सहारे
छुट पाये तो ग़मों से छुट जा
लुट जा लुट जा यही दिन हैं किसी पे लुटा जा
तेरे सामने हैं प्यारे कई झूमते सहारे
छुट पाये तो ग़मों से छुट जा
लुट जा लुट जा

हो  ओ ओ ओ ओ हा आ आ आ आ
हो  ओ ओ ओ ओ हा आ आ आ आ

हो आस तेरी हो प्यास तेरी भड़केगी दबाने से
हो छेड़ गेसू थाम बाजू किसी दिलकश बहाने से
हो आस तेरी हो प्यास तेरी भड़केगी दबाने से
हो छेड़ गेसू थाम बाजू किसी दिलकश बहाने से
मेरे हबीब आ जा दिल के करीब आ जा
ए खुशनसीब आ जा मत शरमा

लुट जा लुट जा यही दिन हैं किसी पे लुटा जा
तेरे सामने हैं प्यारे कई झूमते सहारे
छुट पाये तो ग़मों से छुट जा
लुट जा लुट जा

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

हो रात बाकी और साकी बड़ी नाज़ुक हसीना हैं
ओ छोड़ तौबा ओ तोड़ तौबा आज पीना है जीना है
हो रात बाकी और साकी बड़ी नाज़ुक हसीना हैं
ओ छोड़ तौबा ओ तोड़ तौबा आज पीना है जीना है
लहरा के जाम ले ले नाम-ए-खयाम ले ले
ज़रूरत से काम ले ले मत घबरा

लुट जा हो लुट जा यही दिन हैं किसी पे लुटा जा
तेरे सामने हैं प्यारे कई झूमते सहारे
छुट पाये तो ग़मों से छुट जा
लुट जा लुट जा यही दिन हैं किसी पे लुटा जा
तेरे सामने हैं प्यारे कई झूमते सहारे
छुट पाये तो ग़मों से छुट जा
लुट जा हो लुट जा
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
लुट जा
……………………………………………….
Lut ja lut ja-Aankhen 1968

Artists:

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Mar 20, 2018

मदद करो संतोषी माता-जय संतोषी माँ १९७५

नवरात्रि के शुभ अवसर पर एक और फ़िल्मी भजन सुनिए.
फिल्म का नाम है जय संतोषी माँ.

कवी प्रदीप की रचना को धुन में बाँधा है संगीतकार सी अर्जुन
ने. उषा मंगेशकर इसे गा रही हैं. परदे पर इसे कानन कौशल
पर फिल्माया गया है.





गीत के बोल:

मदद करो संतोषी माता
.
.
.
.
................................................
Madad karo Santoshi Mata-Jai Santoshi Maa 1975

Artist: Kanan Kaushal

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Mar 19, 2018

करती हूँ तुम्हारा व्रत-जय संतोषी माँ १९७५

नवरात्रि की द्वितीया के अवसर पर सुनें एक फ़िल्मी भजन
जय संतोषी माँ फिल्म से.

इसे उषा मंगेशकर ने गाया है. गीत है कवि प्रदीप का और
इसकी धुन तैयार की है सी अर्जुन ने.




गीत के बोल:

करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं
स्वीकार करो माँ
मजधार में मैं अटकी बेडा पार करो माँ
.................................................................
Karti hoon tumhara vrat-Jai Santohi Maa 1975

Artist: Kanan Kaushal

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Mar 18, 2018

मैं तो आरती उतारूं रे-जय संतोषी माँ १९७५

सन १९७५ की फिल्म जय संतोषी माँ से एक भजन सुनते हैं.
कवि प्रदीप की रचना है और सी अर्जुन का संगीत. इसे गाया
है उषा मंगेशकर ने.





गीत के बोल:

मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की.

..........................................................
Main to aarti utaaroon-Jai Santoshi Maa 1975

Artist: Kanan Kaushal

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Mar 2, 2018

बनवारी ओ बनवारी-चिंगारी १९८९

साहिर लुधियानवी का लिखा हुआ भजन सुनते हैं फिल्म चिंगारी
से. नंदलाला, गोपाला को समर्पित भजन गाया है उषा मंगेशकर
संग आशा भोंसले ने. संगीतकार हैं रवि.

फिल्म चिंगारी का संगीत काफी पहले तैयार किया हुआ सुनाई देता
है. फिल्म शायद रिलीज़ में लेट हो गयी थी. फिल्म के प्रमुख
कलाकार हैं संजय खान, लीना चंदावरकर, शत्रुघ्न सिन्हा, प्राण
और दुर्गा खोटे.




गीत के बोल:

बनवारी ओ बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

घनका ज्योति जनम की पापन
परपुर्शन की प्यारी
परपुर्शन की प्यारी
धरम करम की लिप्टन आई पाप किये अति भारी
पाप किये अति भारी
इक तोते की राम रतन से तूने पार उतारी रे

मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

ध्रुपद्सुता पांडव की नारी जुआ खेल कर हारी
जुआ खेल कर हारी
भरी सभा में दुष्ट दु:शासन खेंचन लागा साड़ी
खेंचन लागा साड़ी
लुटती लाज बचायी जब वो दुखिया तुम्हें पुकारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी

मीरा तेरे प्यार के कारण लोक लाज सब हारी
लोक लाज सब हारी
निर्लज्ज कहे राणा ने उसको भेजी नाग पिटारी
भेजी नाग पिटारी
नाग फूल विष अमृत बन गया तेरी लीला न्यारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
जब जब पीड पड़ी दुखियन पर
तुम्हीं ने विपदा टाली रे
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
मेरी बारी रे काहे को भूले बनवारी
............................................................
Banwari o Banwari-Chingari 1989

Artists: Leena Chandavarkar, Durga Khote

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Feb 26, 2018

साँचा नाम तेरा-जूली १९७५

एक कृष्ण भजन सुनते हैं फिल्म जूली से. गीत लिखा है
आनंद बक्षी ने और इसके संगीतकार हैं राजेश रोशन. इसे
आशा भोंसले और उषा मंगेशकर ने गाया है. 




गीत के बोल:

साँचा नाम तेरा
हो साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
हर रंग में तू संग में है
चाहे साँझ हो चाहे सवेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा

मैं तुझ में खोई रे
दूजा न कोई रे
ओ जागी या सोई रे
तू एक अपना जीवन सपना
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
मैंने बिगाड़ा हर काम अपना
तूने सँवारा हर काम मेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा

दुःख सुख की धारा
तू है किनारा
हूँ मनमोहन प्यारा
सब का खेवैया कृष्ण कंहैया
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
तोड़ के ये मन मंदिर बना दूँ
हो मन के मंदिर में धाम तेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा
..............................................................
Sancha naam tera-Julie 1975

Artists: Achla Sachdev, Rita Bhaduri, Laxmi

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Jan 20, 2018

आज की रात आज की रात-कवि कालिदास १९५९

महाकवि कालिदास पर बने ऐतिहासिक कथाचित्र से एक
गीत सुनते हैं. इसे भारत व्यास ने लिखा है और इसका
संगीत तैयार किया है एस एन त्रिपाठी ने. इस जोड़ी ने
कई ऐतिहासिक व पौराणिक फिल्मों के लिए गीत बनाये.

गुणवत्ता की बात की जाए तो इनके बनाये अधिकांश गीत
दुसरे समकालीन गीतों से बेहतर हैं मगर प्रसिद्धि के
मामले में ये पीछे रह गए.

प्रस्तुत गीत गाया है उषा मंगेशकर और सविता बैनर्जी ने.
कॉम्बिनेशन के लिहाज से ये एक रेयर गीत है क्यूंकि इन
दोनों की आवाजें दो ही गीतों में साथ में है. एक शायद
फिल्म काबुलीवाला का गीत है.

गीत अनूठा है और इसमें गति परिवर्तन भी है. ये करिश्मा
आर डी बर्मन और मदन मोहन के अलावा औरों ने भी किया
है.




गीत के बोल:

जिसे बनाया खेवनहारा
वही आज कर गया किनारा
अपना बना के आज किसी ने
लूट लिया रे भाग्य हमारा

आज की रात
आज की रात आज की रात
चाँदनी अंग में आग लगाये
चकोरी झर झर नीर बहाये
आज मेरा चन्दा नहीं है साथ
आज की रात
आज की रात आज की रात

आ आ हा हा हा
आ आ हा हा हा
आज की रात आज की रात
आज की रात आज की रात
मगन मन मन्द मन्द मुस्काये
चकोरी मन में खिल खिल जाये
आज मेरा चन्दा है मेरे साथ
आज की रात आज की रात
आज की रात आज की रात

आज की रात
आज की रात आज की रात

बसन्ती ऱुत नयनो में आज
के पावस बन के छाई है
निराली ये पूनम की रात
अमावस बन के आई है
किसे नैनन का नीर दिखाऊँ
किसे मैं मन की पीर बताऊँ
आज मेरा चन्दा नहीं है साथ
आज की रात
आज की रात आज की रात

आ आ हा हा हा
आ आ हा हा हा
आज की रात आज की रात
आज की रात आज की रात
आज क्यों बजते सनन न छुन
मेरे पाँव की ये पायल
नयन में कौन समाया रे
बिखरने लगा मेरा काजल
आज मैं गीत प्रीत के गाऊँ
कभी सदमाऊँ कभी मुसकाऊँ
आज मेरा चन्दा है मेरे साथ
आज की रात आज की रात
आज की रात आज की रात

आज की रात
आज की रात आज की रात
..........................................................
Aaj ki raat-Kavi Kalidas 1959

Artists: Nirupa Roy, Anita Guha

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Dec 15, 2017

करा ले साफ़ करा ले-कैद १९७५

किसी भी संस्कृति में कुछ सेन्स वाली कृतियाँ होती हैं तो कई
सेन्सलेस कृतियाँ भी होती हैं. आदमी की अपने को पहचानने
वाली प्रवृत्ति के चलते वो अपने शरीर के सभी पुर्जों को पहचानने
की कोशिश करता है. इसी उपक्रम में उसने कब कान खुजाना
और उससे मैल निकालना शुरू किया ये शोध का विषय हो
सकता है. उसके लिए साधन भी जुटा लिए उसने. हाट बाजार
या मेले में लगने वाले बाजारों में आज भी आपको इसके लिए
बनाये गए औज़ार मिल जायेंगे. एक सेट आता है जिसमें जीभ,
दांत और कान साफ़ करने के औजार होते हैं और ये सेट
ताम्बे का बना होता है.

वैसे आधुनिक आयुष विज्ञानं या अंग्रेजी दवाई पद्धति अनुसार
कान साफ़ करने के ज़रूरत नहीं होती. वो जो मैल नाम का
कुछ कुछ होता है वो दरअसल वैक्स होता है जो कान के परदे
को सुरक्षा प्रदान करने का सामान होता है उसके अलावा परदे
के लिए डैम्पिंग का कार्य भी करता है. ये जब ज्यादा बन जाता
है तो अपने आप बाहर आ जाता है.




गीत के बोल:

करा ले साफ़ करा ले
मेरी जान साफ़ करा ले

..................................................................
Kara le saaf kara le-Qaid 1975

Artists: Mehmood, Jayshri T

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Oct 4, 2017

चन्दा मामा से प्यारा मेरा मामा-कर्तव्य १९७९

असल जीवन की और फिल्मों की कहानियों में कुछ ही मामा नाम के
चरित्र आपको साफ़ सुथरे मिलेंगे. एक फ़िल्मी गीत सुनते हैं जिसमें
मामा को चंदा मामा से बेहतर बताया गया है.

७९ की फिल्म कर्त्तव्य का ये गीत गाया है उषा मंगेशकर और रफ़ी ने.




गीत के बोल:

बोल बाद में........
.............................................................................
Chanda mama se pyara-Kartavya 1979

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Jul 20, 2017

जानू मेरी जान-शान १९८०

कोई गीत चार गायकों द्वारा गाया गया हो और लोकप्रिय हो
ऐसे वाकये कम हैं मगर हैं ज़रूर इस फ़िल्मी संगीत खजाने
में. ये उस ज़माने का गीत है जब अमिताभ पर फिल्माए
गए और किशोर कुमार के गाये गीत बेहद चलन में थे. ये
सिलसिला डॉन और मुकद्दर का सिकंदर जैसी फिल्मों से शुरू
हुआ और फिल्म शराबी तक चला.

फिल्म शान बॉक्स ऑफिस पर भले ही लडखडाती नज़र आई
हो इसके गानों ने लोकप्रियता के शिखर को छुआ. इस गीत
में फिल्म के ७५ प्रतिशत प्रमुख सितारे मौजूद हैं.




गीत के बोल:

जानू मेरी जान  मैं तेरे क़ुरबान
अरे  मैं तेरा  तू मेरी जाने सारा हिन्दुस्तान

गुस्से से है प्यार बड़ा  प्यार से ऐतबार
जब आ जाए आ जाना  मैं करूँगा इंतज़ार
गुस्से से है प्यार बड़ा  प्यार से ऐतबार
जब आ जाए आ जाना  मैं करूँगा इंतज़ार
जानू मेरी जान  मैं तेरे क़ुरबान
अरे  मैं तेरा  तू मेरी जाने सारा हिन्दुस्तान

नज़रों से ना तोल मुझे  दिल से काम ले
तू जिसकी वो तेरे बिन क्यो किसी का नाम ले
नज़रों से ना तोल मुझे  दिल से काम ले
तू जिसका वो तेरे बिन क्यो किसी का नाम ले

जानू मेरी जान  मैं तेरे क़ुरबान
अरे  मैं तेरा  तू मेरी जाने सारा हिन्दुस्तान

छोटी सी इक बात बनी  बात से दास्तान
भूल के सब बातें हंसते है  यही प्यार की शान
छोटी सी इक बात बनी  बात से दास्तान
भूल के सब बातें हंसते है  यही प्यार की शान

जानू मेरी जान  मैं तेरे क़ुरबान
अरे  मैं तेरा  तू मेरी जाने सारा हिन्दुस्तान
……………………………………………………………….
Janoo meri jaan-Shaan 1980

Artists: Amitabh, Shashi, Bindiya, Parveen

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Jun 15, 2017

सपना रे सपना-आगे की सोच १९८७

दादा कोंडके का नाम मराठी फिल्म जगत में बहुत बड़ा नाम
है. उन्होंने हिंदी में भी कई फ़िल्में बनाईं जिनमें से एक है
सन १९८७ की फिल्म आगे की सोच. इस फिल्म में उनके
साथ स्वप्ना नाम की अभिनेत्री हैं. फिल्म में नायिका का
नाम भी सपना है. अपने से एक फीट लंबी अभिनेत्री के
साथ उनकी जोड़ी खूब जंची.

दूसरे ठिगने कद के अभिनेताओं की तरह उन्हें कैमरे के ऐसे
शॉट्स की ज़रूरत नहीं पड़ी जिसमें कम कद वाला नायक भी
नायिका के बराबर दिखाई देता है. हिंदी फिल्मों में ऐसे करिश्मे
आपने खूब देखे होंगे जिसमें नायक को लंबा दिखाने की जबरन
कसरत की जाती है. दरअसल ये फंतासी की दुनिया है जिसमें
केवल पतलून के ऊपर चड्डी पहन लेने से आदमी अपने आप
को सुपरमैन समझने लगता है.

प्रस्तुत गीत बालकिशन पुरी ने लिखा है, संगीत तैयार किया
है राम लक्ष्मण ने. उषा मंगेशकर और किशोर ने इसे गाया है.



गीत के बोल:

सपना अरी ओ सपना
सपना ओ सपना ओ सपना मुझे बना ले अपना
सपना ओ सपना ओ सपना मुझे बना ले अपना
शहर में क्या रखा है गोरी गाँव में दो दिन रुकना
ओ मेरी प्यारी सपना
सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
तुझे कसम है रोज मुझे एक प्यार भरा खत लिखना
हो मुझे भूल न जाना

मेरा ना कोई बंगला अरे मोटर ना कोई गाडी
कैसे तुझे कराऊँ दुनिया की सैर सारी
बंगले की क्या ज़रूरत मोटर किसे है प्यारी
मेरी सैर के लिए है वो तेरी बैलगाडी
तेरे शहर से अच्छा है मेरे गाँव का अंगना
ओ मेरी प्यारी सपना

सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
तुझे कसम है रोज मुझे एक प्यार भरा खत लिखना
हो मुझे भूल न जाना

मम्मी तो मैं बनूंगी पापा तुझे है बनना
क्या चाहिए बता दे मुन्नी हो या मुन्ना
मुन्ना तुझे मुबारक मुन्नी मुझे दिलाना
पीर इसके बाद कोई नंबर नहीं बढ़ाना
मुन्ना मुन्नी दूर की बातें पहले शादी रचाना
हो मुझे भूल न जाना

सपना ओ सपना ओ सपना मुझे बना ले अपना
सपना ओ सपना ओ सपना मुझे बना ले अपना
शहर में क्या रखा है गोरी गाँव में दो दिन रुकना
ओ मेरी प्यारी सपना

सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
सजना रे सजना रे सजना मुझे भूल न जाना
तुझे कसम है रोज मुझे एक प्यार भरा खत लिखना
हो मुझे भूल न जाना

मेरी प्यारी सपना मुझे बना ले अपना
मेरी प्यारी सपना हो मुझे बना ले अपना
मेरी प्यारी सपना हो मुझे बना ले अपना
......................................................................
Sapna o sapna-Aage ki soch 1987

Artists: Dada Kondke, Swapna

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May 8, 2017

काहे तरसाए जियरा-चित्रलेखा १९६४

सन १९६४ की म्यूजिकल फिल्म चित्रलेखा से एक गीत सुनते
हैं जो दो बहनों ने गाया है-आशा भोंसले और उषा मंगेशकर.

साहिर लुधियानवी की रचना है और रोशन का संगीत. फिल्म
के प्रमुख पात्र अशोक कुमार और मीना कुमारी हैं.





गीत के बोल:

काहे तरसाए जियरा
काहे तरसाए जियरा जियरा
यौवन ऋतु सजन जा के ना आए
काहे तरसाए जियरा
काहे तरसाए जियरा

नित नित जागे ना
नित नित जागे जागे ना
नित नित जागे जागे ना
नित नित जागे ना जागे ना
सोया श्रृंगार सोया श्रृंगार
झनन झन झनन नित ना बुलाए
काहे जियरा तरसाए
काहे तरसाए जियरा
काहे तरसाए जियरा

नित नित बरसे ना
नित नित बरसे ना बरसे ना
नित नित बरसे ना बरसे ना
नित नित बरसे ना बरसे ना

रस की फुहार रस की फुहार
सपन बन गगन नित ना लुटाए
काहे जियरा तरसाए
काहे तरसाए जियरा
काहे तरसाए जियरा

नित नित आये न
नित नित आये न तन पे निखार
नित नित आये न तन पे निखार
सावन मन सुमन नित न खिलाये
काहे जियरा तरसाए
काहे तरसाए जियरा
काहे तरसाए जियरा
……………………………………………………..
Kaahe tarsaye jiyra-Chitralekha 1964

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Oct 17, 2016

चंदा को ढूँढने सभी तारे-जीने की राह १९६९

आपको ढेर सारे गायकों के गाये कुछ गीत सुनवा चुके हैं. ऐसे
गीत भी जिनमें ३  या ४ गायकों की आवाजें हैं आप सुन चुके
हैं इधर. काफी दिनों बाद फिर आपके लिए चार गायक कलाकारों
का गाया गीत सुनवा रहे हैं. ये है फिल्म जीने की राह से जो कि
सन १९६९ की फिल्म है.

फिल्म जीने की राह से आप ३ गीत सुन चुके हैं पहले जो लोकप्रिय
गीत हैं. ये कम सुना गया अनूठा गीत है. इस गीत के रचयिता भी
आनंद बक्षी हैं. बच्चों पर फिल्माया गया ये गीत मधुर है. गीत के
दोनों हिस्से वीडियो में मौजूद हैं.



गीत के बोल:

एक समय की बात सुनो
अंधियारी थी रात सुनो
दीपक चोरी हो गया
चाँद कहीं पर खो गया
फिर क्या हुआ

चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
गलियों में वो नसीब के मारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े

चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
गलियों में वो नसीब के मारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े

उनकी नज़र का जिसने नज़ारा चुरा लिया
उनके दिलों का जिसने सहारा चुरा लिया
उस चोर की तलाश में सारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े

ग़म की अंधेरी रात में जलना पड़ा उन्हें
फूलों के बदले काँटों पे चलना पड़ा उन्हें
धरती पे जब गगन के दुलारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े

उनकी पुकार सुन के ये दिल डगमगा गया
हमको भी कोई बिछड़ा हुआ याद आ गया
भर आई आँख आंसू हमारे निकल पड़े

चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
गलियों में वो नसीब के मारे निकल पड़े
चंदा को ढूँढने सभी तारे निकल पड़े
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Chanda ko dhoondhne sabhi-Jeene ki raah 1969

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Aug 29, 2016

हीरों से मोती से-आगे की सोच १९८७

दादा कोंडके समय से आगे की सोच वाले फिल्मकार थे.
उन्होंने काफी क्लासिक फिल्मों बनायीं. सामाजिक और
दूसरी व्यवस्थाओं पर उनकी फिल्मों में कटाक्ष है कुछ
अलग तरह से. उनकी फिल्मों के संवाद द्विअर्थी ज्यादा
होते थे, हालांकि ये सब सीमा के भीतर होता था. ये उनका
अपना तरीका था व्यवस्था के दोगलेपन पर चोट करने का.

आज के समय के हिसाब से उनकी फ़िल्में सोबर लगती
हैं. उन्होंने अपनी बात कहने के लिए दूसरे निर्देशकों की
तरह मुखौटा नहीं लगाया. सीधे सीधे बेबाक बात कह
दी फिल्मों में. व्यावसायिक दृष्टि से सोचें तो उनकी गिनती
सफल फिल्मकारों में होती थी.

आइये फिल्म आगे की सोच से तीसरा गीत सुनें जिसे
गाया है किशोर कुमार संग उषा मंगेशकर ने और जिसका
संगीत तैयार किया है राम लक्ष्मण ने. गीत लिखा है
बालकिशन पुरी ने. बॉलीवुड क्लासिक्स ने इसे यू-ट्यूब
पर अपलोड किया है.




गीत के बोल:

हीरों से मोती से फूलों से गहनों से तुझको सजा देता
हीरों से मोती से फूलों से गहनों से तुझको सजा देता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता
गांवों में शहरों में दिल्ली में गली में हंगामा हो जाता
क्या बात है
गांवों में शहरों में दिल्ली में गली में हंगामा हो जाता
अरे मैं होती रानी जो राजा तू होता
हाय मैं होती रानी जो राजा तू होता

तुझे काजल बना लेती ओए अंखियों में बसा लेती
ला ला ला ला ला ला ला
तुझे काजल बना लेती ओए ओए ओए अंखियों में बसा लेती
अपने होंठों की लाली से तुझे तिलक लगा देती
अपने होंठों की लाली से तुझे तिलक लगा देती
तेरी अदा पे मैं दौलत तो क्या जान कुर्बान कर देता
अरे तेरी अदा पे मैं दौलत तो क्या जान कुर्बान कर देता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता

तुझे दुनिया घुमा देता सारी रौनक दिखा देता
ला ला ला हो ला ला ला
तुझे दुनिया घुमा देता सारी रौनक दिखा देता
तुझे देवी बना लेता हो दिल के मंदिर में रख लेता
तुझे देवी बना लेता हो दिल के मंदिर में रख लेता
हो मैं तेरी देवी तू मेरा पुजारी ज़माना नहीं मानता
हो मैं तेरी देवी तू मेरा पुजारी ज़माना नहीं मानता
अरे मैं होती रानी जो राजा तू होता
मैं होती रानी जो राजा तू होता

किसी और की बाहों में तेरी बाहें अगर होतीं
कभी ना ना ना कभी ना ना ना
किसी और की बाहों में तेरी बाहें अगर होतीं
हाय रूठ के सैयां मैं मायके चली जाती
हाय रूठ के सैयां मैं मायके चली जाती
तू रूठ जाती तो तुझको मनाने को घंटा बजा देता
तू रूठ जाती तो तुझको मनाने को घंटा बजा देता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता
अरी तू होती रानी जो राजा मैं होता हाँ

गांवों में शहरों में दिल्ली में गली में हंगामा हो जाता
अरे रे रे रे रे
गांवों में शहरों में दिल्ली में गली में हंगामा हो जाता
अरे मैं होती रानी
अरे अरे अरे अरे मैं होता राजा
मैं होती रानी
तो राजा मैं होता
तो राजा मैं होता
तो राजा मैं होता
तो राजा मैं होता ता ता ता
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Heeron se moti se-Aage ki soch 1987


Artists: Dada Kondke, Swapna

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Jun 23, 2016

महफ़िल में उसने देखा-डाकू १९७५

बस इतनी इल्तिजा है अगर हो सके तो करना
मरने के बाद मेरे आना कब्र के चल के


नाउम्मीदी और मायूसी इतनी भी ना हो के मुंह से इस तरह के
अलफ़ाज़ निकलें. साजन देहलवी की रचना है फिल्म डाकू से.
इनके गीतों और रचनाओं ने चौंकाया है मुझे. मौके भले ही कम
मिले हों इन्हें लिखने के फिल्मों के लिए, छाप छोड़ी है इन्होने
अपने हर एक गीत में. कुछ न कुछ सामान ज़रूर दिया है खास
सा सुनने वाले के लिए. 

आपको गर ठोकर फिल्म के गीत याद हों. इस फिल्म का रफ़ी
का गाया एक गीत मशहूर हुआ था. वो गीत रफ़ी की अंदाज़-ए-बयां
और हीरोईन की अदायगी के लिए जाना जाता है.

डाकू का गीत सुनते सुनते मुग़ल-ए-आज़म और अनारकली के अंतिम
गीतों वाले मंज़र याद आ जाते हैं. फिल्म डाकू के गीतों के लिए
कई गीतकारों की सेवाएं ली गयीं. गीत फिल्माया गया है बिंदु पर
और इसे गा रही हैं उषा मंगेशकर.



गीत के बोल:

महफ़िल में उसने देखा
मुझे जब नज़र बदल के
आँखों में मेरी आये
आँखों में मेरी आये आंसू मचल मचल के
आँखों में मेरी आये आंसू मचल मचल के
महफ़िल में उसने देखा

जा के कहो सितारा उस बेवफा से कहना
जा के कहो सितारा उस बेवफा से कहना
काटी है रात हमने करवट बदल बदल के
काटी है रात हमने चरमट बदल बदल के
काटी है रात हमने

तुम प्यार का सहारा मुझको अगर ना दोगे
तुम प्यार का सहारा सुझको अगर ना दोगे
रह जाऊँगी मैं इक दिन शमा की तरह जल के
रह जाऊँगी मैं इक दिन शमा की तरह जल के
रह जाऊँगी मैं इक दिन

आ जाओ मुझपे नज़रें लोगों की उठ रही हैं
आ जाओ मुझपे नज़रें लोगों की चुठ रही हैं
दुनिया मेरी बदल दो मेरे साथ साथ चल के
दुनिया मेरी बदल दो मेरे साथ साथ चल के
दुनिया मेरी बदल दो

बस इतनी इल्तिजा है गर हो सके तो करना
बस इतनी इल्तिजा है गर हो सके तो करना
मरने के बाद मेरे आना कब्र के चल के
मरने के बाद मेरे आना कब्र के चल के
महफ़िल में उसने देखा
मुझे जब नज़र बदल के
महफ़िल में उसने देखा
…………………………………………………….
Mehfil mein usne dekha-Daaku 1975

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Apr 26, 2016

आया मौसम दोस्ती का-मैंने प्यार किया १९८९

गीत भव्य कैनवास पर बनी शादी के रिसेप्शन वाले अंदाज़
में बनी फिल्म मैंने प्यार किया से है. खुशनुमा अर्थात फील
गुड. इस फिल्म के बाद बॉलीवुड के निर्देशकों को फील गुड
फ़िल्में बनाने का बुखार चढ गया और काफी फील-गुड और
म्यूजिकल फ़िल्में बनी भी. बाद की फिल्मों में से कितनी
वाकई गुड-गुड थीं या कितनी म्यूजिकल ये तो आम दर्शक
ही बेहतर बता पाएंगे.

इस गीत में दो जोडियाँ हैं-नायक नायिका और अंग्रेजी में जो
कहते हैं हीरो का ‘साइड किक’ उसके साथ ‘साइड किक्नी’ भी
है. लक्ष्मीकांत बेर्डे नायक के सहायक हैं और हुमा खान ने घर
में काम करने वाली नौकरानी की भूमिका निभाई है.

गीत असद भोपाली का लिखा हुआ है. इसे लता, एस पी बालू,
शैलेन्द्र सिंह और उषा मंगेशकर ने गाया है.



गीत के बोल:

तुम लड़की हो, मैं लड़का हूँ
तुम आई तो, सच कहता हूँ
आया मौसम, दोस्ती का
मैं लड़की हूँ, तुम लड़के हो
यूँ लगता है, जब मिलते हो
आया मौसम दोस्ती का

जाने क्यों लगता है मेरी तुम्हारी
पहले से पहचान है
तुम मान इतना जो दे रहे हो
मुझपे ये एहसान है
एहसानों की बातें छोड़ो
आओ हमसे नाता जोड़ो
आया मौसम दोस्ती का

मैं का जानू का चीज़ होवे है प्यार
करजवा पे लागी नजर की कटार
अरी दीवानी, ना कर नादानी
तेरी बातें हैं बड़ी तूफ़ानी
नहीं ये मौसम दिल्लगी का
नहीं ये मौसम ख़ुद्कुशी का

रिश्ता नहीं है, दोनों को फिर भी
बाँधे कोई डोर है
इस दोस्ती को क्या नाम दे हम
ये बात कुछ और है
दीवानापन कह सकते हो,
दिल की धड़कन कह सकते हो
कि आया मौसम दोस्ती का
…………………………………………………………………………………
Aaya mausam dosti ka-Maine pyar kiya 198

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Nov 19, 2015

बेबी तू छोटी है-प्यार की कहानी १९७१

बॉलीवुड सभी प्रकार की कहानियां बना चुका है मसलन
बुखार की कहानी, बेकार की कहानी, अचार की कहानी,
और प्यार की कहानी.

सन १९७१ की फिल्म है प्यार की कहानी इसमें एक गीत
है जिसमें लड़कियां एक दूसरे से छेड़ छाड़ कर रही हैं.
नायिका का नाम है-बेबी. उस ये गा कर चिढाया जा रहा
है कि वो छोटी है. लंबी चोटी, शत्रण की गोटी जैसे शब्द
इस्तेमाल किये गए हैं गीत में जो इसे पारंपरिक सा बना
देते हैं. पर्वत पे बादल को जमाने वाले ये गीतकार हैं
आनंद बक्षी. संगीतकार हैं राहुल देव बर्मन.





गीत के बोल:

उमर है सतरा साल कितनी लंबी चोटी है
देखो मेरी आँख भी शतरंज की गोटी है
अरे, उमर है सतरा साल कितनी लंबी चोटी है
देखो मेरी आँख भी शतरंज की गोटी है
बेबी तू छोटी है, बेबी तू छोटी है
बेबी तू छोटी है, बेबी तू छोटी है

चोरी से तुम सब क्या बातें करते हो
मुझको बतलाओ क्यूँ मुझसे डरते हो, हाँ
खुद को तुम इतना खिलाडी न समझो
मुझको तुम इतना अनाड़ी न समझो
अच्छा ये बताओ प्यार क्या चीज़ होती है

बेबी तू छोटी है, बेबी तू छोटी है
बेबी तू छोटी है, बेबी तू छोटी है
उमर है सतरा साल कितनी लंबी चोटी है
देखो मेरी आँख भी शतरंज की गोटी है

कलियों को भंवरा क्यूँ चूमा करता है
पर्वत पे बादल क्यूँ झूमा करता है
बताओ, कैसे
मैं क्या जानूं ?
तुझपे भी जिस दिन जवानी आएगी
तेरी समझ में ये कहानी आएगी
हाँ, जागता है दर्द क्यूँ जब दुनिया सोती है

बेबी तू छोटी है, बेबी तू छोटी है
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Baby too chhoti hai-Pyar ki kahani 1971

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