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Apr 3, 2020

दिल आखिर दिल है(लता)-शीर्षक गीत १९८२

८० के दशक में मुख्य धारा के सिनेमा के कलाकारों को
ले कर बनी ऑफबीट फ़िल्में बहुत आईं . इनमें से एक
उल्लेखनीय फिल्म है-दिल आखिर दिल है. परवीन बाबी,
राखी और नसीरुद्दीन शाह फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं.
फिल्म १९८२ में रिलीज़ हुई थी.

फिल्म दिल आखिर दिल है से आपने शीर्षक गीत सुना. वो
भूपेंद्र की आवाज़ में है. उसी का दूसरा संस्करण आज सुनेंगे
जो लता मंगेशकर ने गाया है.

ऐसे गीत जो दो संकरण में उपलब्ध हैं उनमें अक्सर
मेल वर्ज़न ज्यादा पॉपुलर हो जाता है, ऐसा क्यूँ इसका
स्पष्ट जवाब हमें नहीं मिल पाया अभी तक. ये फेनोमेना
नए गानों(२००० के बाद वाले) में कंट्रोल में है. कई बार
हमने फीमेल गाने ज्यादा सुने हैं.

यह गीत भी नक्श लायलपुरी का लिखा हुआ है और संगीत
एक बार फिर खय्याम का. दोनों वर्ज़न के बोल अलग अलग
हैं. इसमें भावनाओं क गुबार ज्यादा है. बोलों के लिहाज से ये
वर्ज़न मुझे ज्यादा पसंद है.


गीत के बोल:

दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है

शिकवा तो है हालात का
उनसे कोई शिकवा नहीं
टूटा है दिल उम्मीद का
रिश्ता अभी टूटा नहीं
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है

माना के है हंसता हुआ
चेहरा ज़माने के लिये
कैसे कहें है ज़ख़्म-ए-दिल
किसको दिखाने के लिए
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है

कश्ती अगर जज़्बात की
तूफ़ान से टकरायेगी
कोई लहर अहसास की
दिल को बहा ले जायेगी
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनायें हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
…………………………………
Dil aakhir dil hai(lata)-Titlesong 1982

Artist: Rakhi, Dina Pathak

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Mar 1, 2020

निगाहें यार ने कुछ ऐसा-दिल आखिर दिल है १९८२

फिल्म इंडस्ट्री के कुछ टेस्टिंग एन्विल हैं जिनके साथ
काम कर के कलाकार और गायक अपने आप को
सौभाग्यशाली समझते हैं. खय्याम और जयदेव ऐसे
दो नाम हैं जिन्होंने थोडा लीक से अलग हट के काम
भी किया है. इनमें से जयदेव के पास तो लीक से
हटी हुई और पटरी से उतरी ही कहानियां ही ज्यादा
आयीं.

सुरेश वाडकर से जयदेव ने एक गाना गवाया था फिल्म
गमन में. खय्याम के खेमे में नंबर लगा वाडकर का
१९८२ की फिल्म दिल आखिर दिल है में. इसमें उन्हें
एक गाना गाने का मौका मिला. सुरेश वाडकर एक
ट्रेंड सिंगर हैं जिन्हें रागदारी की जानकारी भी है.
इस समय तक चल चमेली बाग में मेवा खिलाऊँगा
गीत भी आ चुका था जिससे सुरेश वाडकर को काफी
लोकप्रियता हासिल हुई.

नक्श लायलपुरी की रचना है और मेरा ख्याल गलत
नहीं है तो इसे परदे पर नसीरूदीन शाह पर फिल्माया
गया है.



गीत के बोल:

निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया

हसीं रात है तू मेरे साथ है
मैं क्यूँ न चूम लूं घटायें ज़ुल्फ़ की
मैं तुझमें खो गया दीवाना हो गया
के मुझको ले उड़ी हवाएं ज़ुल्फ़ की
महकते गेसुओं
महकते गेसुओं ने सैन किस कदर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया

मिली जो उसना की ज़रा सी रौशनी
बुझे बुझे से ख्वाब जगमगा उठे
जो प्यार मिल गया ये दिल संभल गया
उदास होंठ फिर से गुनगुना उठे
लबों ने प्यार से
लबों ने प्यार से ये नगमा-ए-सहर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया

ये मेरा दिल कहे तू हमकदम रहे
जहाँ भी ले चले वफ़ा के रास्ते
किसी भी मोड़ पर अकेला छोड़ कर
चले ना जाना तू खुदा के वास्ते
मुझे नसीब ने
मुझे नसीब ने इक प्यारा हमसफ़र दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया

निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
गुलों का रंग मेरी जिंदगी में भर दिया
निगाहे यार ने
निगाहे यार ने कुछ ऐसा जादू कर दिया
……………………………………………….
Nigaahe yaar ne kuchh aisa-Dil aakhir dil hai 1982

Artists: Naseeruddin Shaf, Parveen Babi

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Feb 18, 2020

चन्दन को चूम चूम-दिल आखिर दिल है १९८२

फिल्मकारों और संगीतकारों को हमेश तो नहीं मगर
किसी किसी फिल्म के गानों के लिए २-३ गीतकारों
की ज़रूरत पड़ती रही. फिल्म बाजार के गानों के लिए
तो हर गाने के लिए अलग गीतकार है.

फिल्म दिल आखिर दिल है के लिए नक्श लायलपुरी,
निदा फाज़ली और इन्दीवर की सेवाएं ली गईं. आपने
दो गीतकारों के गीत तो सुन लिए अब सुनते हैं तीसरे
गीतकार इन्दीवर का लिखा गीत.

राखी और नसीरूदीन शाह पर फिल्माए गए इस गीत
को गाया है आशा भोंसले ने. नायिका का गोरा गोरा और
गुलाबी स्पॉट वाला चेहरा भी नायक को नहीं लुभा पा
रहा है. उसे अपनी फैंटेसी ही नज़र आ रही है. गीत
शायद एलिफेंटा की गुफाओं में फिल्माया गया है.

राखी सन १९४७ की पैदाइश हैं और नसीर १९५० की.
परवीन बाबी सन १९४९ में पैदा हुई थीं. फिल्म करते
समय दोनों की उम्र नसीर से ज्यादा थी. ये रेयर फिल्म
है अन्यथा हमने सुपर डुपर स्टारकास्ट देखी है जिसमें
६५ साल का नायक २३ साल की लड़की के साथ नज़र
आता है. नसीर इस गाने में क्या करना चाह रहे हैं
समझ नहीं आया.

बरसों पहले किसी बंदे ने एक फोरम में चर्चा के दौरान
चेहरे के भावों पर कुछ ये कहा था-कांसटिपेटेड लुक्स.
जब किसी के चेहरे पर ज़रूरत के मुताबिक़ भाव ना
आ पा रहे हों और कहीं कुछ अटका सा लगे तब ये
शब्द याद आते हैं. अब वो शख्स चाहे एन एस डी
का छात्र रहा हो या हिंद महासागर में डुबकी मार के
आया हो, जो दिख रहा है वो तो दिखेगा और जनता
समझेगी भी.





गीत के बोल:

चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
साहिल को चूम चूम मौज है मगन
समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
साहिल को चूम चूम मौज है मगन
समझो सजन प्यार की लगन

चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन

पत्थर की मूरत में प्यार पला है
रंगों में छंदों में प्यार ढला है
पत्थर की मूरत में प्यार पला है
रंगों में छंदों में प्यार ढला है
सिमटी है होंठों में मन की अगन
सिमटी है होंठों में मन की अगन
समझो सजन प्यार की लगन

चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन

सर से पाँव तक प्यार हो पिया
रोशन कर देगा मन देह का दिया
सर से पाँव तक प्यार हो पिया
रोशन कर देगा मन देह का दिया
देखो तो छू के कोरा बदन
देखो तो छू के कोरा बदन
समझो सजन प्यार की लगन

चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन

बांधे थे अग्नि के आगे बंधन
स्वीकार था मुझको अपनी दुल्हन
बांधे थे अग्नि के आगे बंधन
स्वीकार था मुझको अपनी दुल्हन
कर दो तो पूरे वो प्यार के वचन
कर दो तो पूरे वो बुखार के वचन
समझो सजन प्यार की लगन

चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
साहिल को चूम चूम मौज है मगन
समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
……………………………………………..
Chandan ko choom choom-Dil aakhir dil hai 1982

Artists: Rakhi, Parveen babi, Naseeruddin Shah

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Oct 13, 2019

दिल आखिर दिल है(भूपेंद्र)-शीर्षक गीत १९८२

सन १९८२ की ऑफबीट फिल्म दिल आखिर दिल है से
शीर्षक गीत सुनते हैं भूपेंद्र की आवाज़ में. ये गीत दो
संस्कारों में उपलब्ध है. लता मंगेशकर की आवाज़ वाला
गीत आपको बाद में सुनवायेंगे.

गीत नक्श लायलपुरी का है और संगीत खय्याम का. इस
फिल्म में दो अन्य गीतकारों ने भी अपनी सेवाएं दी हैं-
इन्दीवर और निदा फाजली.





गीत के बोल:

दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है

नाज़ुक तो था ये आइना
सोचा ना था लेकिन कभी
कुछ इस तरह तोड़ेगी दिल
बस एक नज़र की बेरुखी
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है

पत्थर कहो शीशा कहो
चआहे कोई भी नाम दो
ये प्यार के काबिल नहीं
दिल को ना ये इलज़ाम दो
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है

गुल भी खिले गुलशन खिला
हरसूं हुई रंगीन फिजा
ऐ काश ये पूछे कोई
वीरान क्यूँ है दिल मेरा
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
किसको सुनाएं हाल-ए-दिल
हाल-ए-दिल
दिल आखिर दिल है
दिल आखिर दिल है
………………………………………………….
Dil aakhir dil hai(Male)-Titlesong 1982

Artist: Naseerudiin Shah

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Sep 3, 2019

जबसे देखा है तुम्हें-दिल आखिर दिल है १९८२

१९८२ की थोड़ी ऑफबीट फिल्म दिल आखिर दिल है से
एक युगल गीत सुनते हैं लता मंगेशकर और सुरेश वाडकर
की आवाजों में.

इस गीत को नक्श लायलपुरी ने लिखा है. फिल्म में तीन
गीतकारों की सेवाएं ली गयी हैं-इन्दीवर, नक्श लायलपुरी
और निदा फाज़ली. गीत का संगीत तैयार किया है खय्याम
ने.

गीत नसीरूदीन शाह और परवीन बाबी पर फिल्माया गया
है. नसीरूदीन शाह को अपने कैरियर में मिले कुछ गिने चुने
युगल गीतों में से एक.





गीत के बोल:

जबसे देखा है तुम्हें
ऐसा लगता है मेरे ख्वाब की ताबीर हो तुम
मेरे दिल में जो छुपी थी वही तस्वीर हो तुम
जबसे देखा है तुम्हें
ऐसा लगता है मेरे हाथ की तहरीर हो तुम
मेरे दिल में जो छुपी थी वही तस्वीर हो तुम

हर उजाले में महकती थी तुम्हारी खुशबू
तुम वही हो चमकती थी सितारों की तरह
मैं तो जिस राह से गुजरी हूँ तुम्हें पाया है
तुम मुझे देखते रहते हो नजारों की तरह

जबसे देखा है तुम्हें
ऐसा लगता है मेरे ख्वाब की ताबीर हो तुम
मेरे दिल में जो छुपी थी वही तस्वीर हो तुम

प्यार कोशिश से नहीं मिलता ज़माने में कभी
आप ही आप कोई दिल में उतर जाता है
जब भी दो ख्वाब किसी मोड पे मिल जाते हैं
हर अँधेरे में उजाला सा भर जाता है

जबसे देखा है तुम्हें
ऐसा लगता है मेरे ख्वाब की ताबीर हो तुम
मेरे दिल में जो छुपी थी वही तस्वीर हो तुम
जबसे देखा है तुम्हें
ऐसा लगता है मेरे ख्वाब की ताबीर हो तुम
मेरे दिल में जो छुपी थी वही तस्वीर हो तुम
………………………………………………………..
Jabse dekha hai tumhen-Dil aakhir dil hai 1982

Artists: Naseruddin Shah, Parveen Babi, Rakhi

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