Showing posts with label Dushman. Show all posts
Showing posts with label Dushman. Show all posts

Dec 28, 2019

बलमा सिपहिया-दुश्मन १९७१

फिल्म की नायिका सस्ते सुलभ ज्योतिषी के पास
अपने हाथ की रेखाएं दिखलाने जाती है और ज्योतिषी
चूंकि फ़िल्मी है अपने अंदाज़ में उसको कुछ बतलाता
है. ये हैं जॉनी वॉकर. २५ पैसे में तीन सवाल का ऑफर
है. उस ज़माने में पच्चीस पैसे में काफी कुछ आ जाता
था.

खयाली पुलाव की विशेषता ये हैं कि उसे बिना फ्राईंग
पैन और कुकर के बनाया जा सकता है. इसमें किसी
सामग्री की आवश्यकता नहीं होती.

सुनते हैं लता मंगेशकर का गाया अपने ज़माने का
लोक-प्रिय गीत. जी हैं ये आम जनता को बहुत भाता
था, खास वर्ग का पता नहीं.



गीत के बोल

हो ओ ओ ओ बलमा सिपहिया
हाय रे तेरी दम्बूक से डर लागे
हो लागे रे जियरा धक् धक् धक् धक्
धक् धक् जोर से भागे
ओ रे बलमा सिपहिया
हाय रे तेरी दम्बूक से डर लागे
हो लागे रे जियरा धक् धक् धक् धक्
धक् धक् जोर से भागे
हो जियरा धक् धक् धक् धक्
धक् धक् जोर से भागे

शर्मा के प्रीतम तेरी प्रेम भरी बातों से
ढांप दिया रे जलता दीपक मैंने हाथों से
कल पीपल की छाँव में बातें होंगी गांव में
दैया री दैया हाय रे मेरी बैरन पड़ोसन जागे
जागे रे कंगना खन खन खन खन
खन खन बाजन लागे

बलमा सिपहिया
हाय रे तेरी दम्बूक से डर लागे
हो लागे रे जियरा धक् धक् धक् धक्
धक् धक् जोर से भागे

शाम को पकड़ा हाथ सवेरे तक ना छोड़ा रे
कैसे बेदर्दी से बाबुल ने नाता जोड़ा रे
तौबा राम दुहाई रे मुड गयी मेरी कलाई रे
मर गयी मैं नैया हाय रे जाने इब का हो
इसके आगे
बाजे रे पायल छन छन छन छन
छन छन जोर से बाजे

बलमा सिपहिया
हाय रे तेरी दम्बूक से डर लागे
हो लागे रे जियरा धक् धक् धक् धक्
धक् धक् जोर से भागे
…………………………………………………..
Balma Sipahiya-Dushman 1971

Artists: Mumtaz, Rajesh Khanna

Read more...

मैने देखा तूने देखा-दुश्मन १९७१

समय किसको दोस्त और किसको दुश्मन का तमगा
पहना दे इंसान इस बात से अनजान रहता है. फिल्म
का कथानक ऐसा है जिसमें नायक को परिस्थितियां
दुश्मन की उपाधि दे देती हैं.

फिल्म के सभी गाने अपने समय के बड़े हिट रहे हैं.
फिल्म से सुनते हैं अगला गीत जो युगल गीत है
लता मंगेशकर और किशोर कुमार का गाया हुआ. इसे
आनंद बक्षी ने लिखा है और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने
इसका संगीत तैयार किया है.

राजेश खन्ना और मुमताज़ इसे परदे पर गा रहे हैं.





गीत के बोल:

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा

क्या देखा क्या देखा
इक दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है
इक दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
क्या देखा क्या देखा
एक गाँव जो शहरों से भी न्यारा है
एक गाँव जो शहरों से भी न्यारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

आज सज़ा देंगे तुझको हम
तेरी सब भूलों की
आज सज़ा देंगे तुझको हम
तेरी सब भूलों की
तेरे गलें में हम डालेंगे
ये माला फूलों की
इस गाँव की रीत यही है
जीवन संगीत यही है
आज के दिन का गीत यही है
यही है

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
क्या देखा क्या देखा
इक चाँद जो सबकी आँख का तारा है
इक चाँद जो सबकी आँख का तारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

जंजीरों से भी पक्के हैं
प्रेम के कच्चे धागे
जंजीरों से भी पक्के हैं
प्रेम के कच्चे धागे
इन कच्चे धागों को तोड़ के
कैदी कैसे तोड़ के भागे
आया ले के हरियाली से
इन बागों का माली तू
इन खेतों का हाली तू
हाली तू

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
एक कैदी जो पहरेदार हमारा है
एक कैदी जो पहरेदार हमारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

सबने माफ़ किया मुझको पर
मैं हूँ जिसका दोषी
सबने माफ़ किया मुझको पर
मैं हूँ जिसका दोषी
कब टूटेगी उसके घायल
होँठों की ख़ामोशी
वो भी माफ़ करे तो जानूँ
मन को साफ़ करे तो जानूँ
इन्साफ़ करे तो जानूँ
तो जानूँ

मेरा नहीं तेरा नहीं
मेरा नहीं तेरा नहीं
इसका नहीं उसका नहीं
किसी का नहीं
ये दोष तक़दीर का सारा है
ये दोष तक़दीर का सारा है
……………………………………………..
Maine dekha tone dekha-Dushman 1971

Artists: Rajesh Khanna, Mumtaz

Read more...

Dec 15, 2016

पैसा फेंको तमाशा देखो-दुश्मन १९७१

एक ज़माना था बाइस्कोप का भी. ये वो वाला बाइस्कोप है जो
मेले में दिखाई देता था. ८० के दशक तक के मेलों में ये खूब
दिखा उसके बाद धीरे धीरे गायब होता गया. मेले में नौटंकी
और गायन भी देखने सुनने को मिल जाते थे. एकतारे जैसे वाद्य
यंत्रों के सहारे गाने वाले दिखाई देते थे जिन्हें कभी कभार
आपने रेल या बस में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते सुना होगा.

प्रस्तुत गीत सर्वकालिक लोकप्रिय बाइस्कोप गीत है. दुश्मन फिल्म
का ये गीत लोकप्रियता की हदें पार कर चुका है. लता मंगेशकर
के गाये इस गीत को आनंद बक्षी ने लिखा है. फिल्म के संगीतकार
हैं लक्ष्मीकांत प्यारेलाल. गीत फिल्म में तीन हिस्सों में प्रकट होता
है.




गीत के बोल:

पब्लिक डिमांड पर

....................................................................
Paisa phenko tamasha dekho-Dushman 1971

Artists: Rajesh Khanna, Mumtaz

Read more...

Feb 4, 2016

प्यारी प्यारी सूरतों-दुश्मन १९३९

सहगल के गीतों के बिना हिंदी फिल्म संगीत की गाथा कुछ
अधूरी सी लगती है. अब सुनते हैं सहगल का एक गीत.

फिल्म दुश्मन(१९३९) से आप इधर दो गीत सुन चुके हैं. आज
सुनते हैं तीसरा गीत जो सहगल का गया हुआ है. बोल फिर
से एक बार आरजू लखनवी के हैं और संगीत पंकज मलिक का.
गीत ७६ साल पुराना है. गौरतलब है हिंदी फिल्मों ने बोलना
सन १९३१ में शुरु किया था.

फिल्म का निर्माण उस समय की नामचीन संस्था-न्यू थियेटर्स
ने किया था. फिल्म का निर्देशन नितिन बोस ने किया. सन १९३९
में न्यू थियेटर्स की केवल यही फिल्म रिलीज़ हुई थी. फिल्म में
पृथ्वीराज कपूर भी मौजूद हैं. फिल्म क्लासिक के दर्जे में आती है.




प्यारी-प्यारी सूरतों मोह भरी मूरतों
देश से परदेश में
तुम्हारा संदेसा आये है
तन से भी मन से भी
जैसा खींचा जाए है
मदद करो मदद करो
तुम तक आ जायेंगे

पहुंचेंगे आखिर कभी
छानेंगे एक एक गली
पहुंचेंगे आखिर कभी
छानेंगे एक एक गली
देखे वो मुखडा अभी
होगी यही बेकली

गाल हैं जिसके गुलाब
रस आँखों का शराब
गाल हैं जिसके गुलाब
रस आँखों का शराब
होश कहाँ रहेंगे फिर
खुद भी खो जायेंगे

हाँ वही गुल रस भरी जैसे बाजे बांसुरी
कानों में दे कर सन्देश
कानों में दे कर सन्देश
कानों में दे कर सन्देश
कानों में दे कर सन्देश
नींद से, नींद से चौंकाए है
देश से हम दूर हैं दूर हैं
आने से मजबूर हैं
देश से हम दूर हैं दूर हैं
आने से मजबूर हैं
मदद करो मदद बिना मदद बिना
मदद बिना कैसे पहुँच पाएंगे
मदद बिना कैसे पहुँच पाएंगे
मदद करो मदद करो मदद करो
…………………………………………………………….
Pyari pyari soorton-Dushman 1939

Read more...

Jan 25, 2010

मन दर्पण है - दुश्मन १९३९

फिल्म: दुश्मन
वर्ष: १९३९
संगीतकार: पंकज मलिक
गीतकार: आरजू लखनवी
गायक: कुंदनलाल सहगल, ????
कलाकार: कुंदनलाल सहगल, ????



गीत के बोल:

सितम थे, ज़ुल्म थे
आफत थे, इंतज़ार के दिन
हज़ार शुक्र के देखेंगे अब बहार के दिन
हज़ार शुक्र के देखेंगे अब बहार के दिन

हा हा , हा हा हा हा हा
मन दर्पण है जग सारा
ये जग सारा
मन दर्पण है जग सारा
मन अँधियारा
जग अँधियारा
मन दर्पण है जग सारा
हा हा , हा हा हा हा हा

उलटी है ये ज्ञानी दुनिया
दुःख को सुख कहता
उलटी है ये ज्ञानी दुनिया
दुःख को सुख कहता
ऐसा ?
आँखों में तिल जैसे काला
रूप अँधेरा
काम उजारा
मन दर्पण है जग सारा

Read more...

Sep 27, 2009

वादा तेरा वादा-दुश्मन १९७१

कुछ गाने ऐसे भी हैं जो रेडियो से ज्यादा और जगह पर बजते
मिले हैं उन लोकप्रिय गानों में से एक है -वादा तेरा वादा, किशोर
कुमार का गाया हुआ फ़िल्म दुश्मन के लिए जिसके नायक राजेश
खन्ना हैं। इसके बोल लिखे हैं आनंद बक्षी ने और धुन से संवारा है
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने । आनंद उठायें।



गाने के बोल:

हाँ ..., सच्चाई छुप नहीं सकती, बनावट के उसूलों से
कि खुशबू आ नहीं सकती, कभी कागज़ के फूलों से

मैं इन्तज़ार करूँ, ये दिल निसार करूँ
मैं तुझसे प्यार करूँ, ओ मगर कैसे ऐतबार करूँ
झूठा है तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

तुम्हारी ज़ुल्फ़ है या, सड़क का मोड़ है ये
तुम्हारी आँख है या, नशे का तोड़ है ये
कहा कब क्या किसी से, तुम्हें कुछ याद नहीं
हमारे सामने है, हमारे बाद नहीं
किताब-ए-हुस्न में तो, वफ़ा का नाम नहीं, अरे
मोहब्बत तुम करोगी ? तुम्हारा काम नहीं
मोहब्बत तुम करोगी ? तुम्हारा काम नहीं
अकड़ती खूब हो तुम, मेरी महबूब हो तुम
अकड़ती खूब हो तुम, मेरी महबूब हो तुम
निगाह-ए-गैर से भी, मगर मनसूब हो तुम
किसी शायर से पूछो, गज़ल हो या रुबाई
भरी है शायरी में, तुम्हारी बेवफ़ाई
हो ! दामन में तेरे फूल हैं कम, और काँटें हैं ज़्यादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

तराने जानती है, फ़साने जानती है
कई दिल तोड़ने के, बहाने जानती है
कहीं पे सोज़ है तू, कहीं पे साज़ है तू
जिसे समझा ना कोई, वही एक राज़ है तू
कभी तू रूठ बैठी, कभी तू मुस्कराई, अरे
किसी से की मोहब्बत, किसी से बेवफ़ाई
किसी से की मोहब्बत, किसी से बेवफ़ाई
उड़ाए होश तौबा, तेरी आँखें शराबी
उड़ाए होश तौबा, तेरी आँखें शराबी
ज़माने में हुई है, इन्हीं से हर खराबी
बुलाए छाँव कोई, पुकारे धूप कोई
तेरा हो रंग कोई, तेरा हो रूप कोई
हो, कुछ फर्क नहीं नाम तेरा, रज़िया हो या राधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा
वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा

Read more...

Jun 10, 2009

करुँ क्या आस निरास भई-दुश्मन १९३९

सहगल के गाने का विडियो हो या न हो कोई फर्क नहीं पड़ता।
सर्वदा से संगीत प्रेमियों और रसिकों के लिए उनके गाये गीत
अनमोल खजाना हैं। इधर यू-ट्यूब एक ऑडियो क्लिप है केवल ।
ज़बरदस्त हिट गाना है ये। आज भी मानो लगता है अभी अभी
गाया गया है। ऐसे ही गाने अमर गीतों के श्रेणी में आते हैं।

आरजू लखनवी के बोलों को सुरों में पिरोया है पंकज मलिक ने .
गाना निराशा के भाव से आशा की ओर बढ़ता है जो कि गानों
में बहुत कम देखने में आया है।




गाने के बोल:

करुँ क्या आस निरास भई
करुँ क्या आस निरास भई

दिया बुझे फिर से जल जाए
रात अँधेरी जाए दिन आए

मिटती आस है जो सखियन की
समझो गई तो गई

करुँ क्या ...............

जब न किसीने राह सुझाई
दिल से एक आवाज़ ये आई

हिम्मत बाँध संभल बढ़ आगे
रोक नहीं है कोई

कहो न आस निरास भई
कहो न आस निरास भई

करना होगा खून का पानी
देना होगी हर कुर्बानी

हिम्मत है इतनी तो समझ ले
आस बनेगी नई, आस बंधेगी नई

कहो न आस निरास भई ,
कहो न आस निरास भई,

कहो न आस ...................
......................................................................
Karoon kya aas niras bhayi-Dushman 1939

Artist: KL Saigal

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP