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Feb 22, 2018

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल-कल आज और कल १९७१

कुछ गीत अपने शुरूआती शब्द से अनूठे और अलग सुनाई देते
हैं. ऐसा एक गीत है रणधीर कपूर और बबीता अभिनीत फिल्म
कल आज और कल से किशोर कुमार का गाया हुआ.

भँवरे को गीतकार समय समय पर याद कर लिया करते हैं. ये
भँवरे कविताओं और गीतों में कलियों पर ज्यादा मंडराया करते
हैं. शायद भंवरों को फूलों पर मंडराना उतना पसंद नहीं है जितना
तितलियों को.

गुंजन का अर्थ है हमिंग. धीरे धीरे गुनगुनाने को भी हम हमिंग
कहते सकते हैं और धीरे धीरे भुनभुनाने को भी. हसरत जयपुरी
के बोल हैं और शंकर जयकिशन का संगीत.



गीत के बोल:

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये

मुझे कब से थी प्यार की जुस्तजू
मेरी ज़िंदगानी में है तू ही तू
मुझे कब से थी प्यार की जुस्तजू
मेरी ज़िंदगानी में है तू ही तू
मैं आया हूँ दुनिया में तेरे लिये
मेरे दिल में झूमे तेरी आरज़ू

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
तेरे लिये आ हा हा हा तेरे लिये तेरे लिये

गगन से भी ऊँचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूँगा ये इक़रार है   
गगन से भी ऊँचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूँगा ये इक़रार है
तू इतना समझ ले मेरे हमसफ़र
तेरे प्यार से मेरा संसार है

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
भँवरे की गुंजन है मेरा दिल
कबसे संभाले रखा है दिल
तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये तेरे लिये
......................................................................
Bhawre ki gunjan-Kal aaj aur kal 1971

Artists: Randhir Kapoor, Babita

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Jul 4, 2017

हम जब होंगे साठ साल के-कल आज और कल १९७१

बचपन से पचपन के सफर में मानव सैकड़ों गुलाटियां खा लेता
है. साठ तक पहुँचते सठियाने लगता है. सन १९७१ की एक फिल्म
है-कल आज और कल जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढियां
मौजूद हैं बतौर कलाकार. नायक की असल जीवन की पत्नी भी
मूजूद है फिल्म में. गौरतलब है कई बरसों की अनबन के बाद
अब बुढापे में फिर से नायक-नायिका साथ हो गए हैं.

फिल्म से एक गीत सुनते हैं किशोर और आशा का गाया हुआ.
गीत में ये तो क्लीयर है शादी के लिए दूल्हा और दुल्हन की उम्र
में कितना अंतर होना चाहिए. वैसे न्यूनतम मान्य आंकड़ा तो
तीन साल का है.



गीत के बोल:

हम जब होंगे साठ साल के और तुम होगी पचपन की
बोलो प्रीत निभाओगी ना तब भी अपने बचपन की
तुम जब होगे साठ साल के और मैं हूंगी पचपन की
प्रीत की ज्योत जलाऊंगी मैं तब भी अपने बचपन की

हाँ  बाहों का सहारा हो जब लकड़ी क्यूं हम टेकेंगे
आँख भले धुंधली हो जाये दिल की नज़र से देखेंगे
आँखों में तुम यूँ ही देखना क्या है ज़रूरत दरपन की
बोलो प्रीत निभाओगी ना तब भी अपने बचपन की

रूप की ये मस्तानी धूप इक दिन तो ढल जायेगी
और क़िस्मत भी चेहरे पे समय का रंग मल जायेगी
तुम तब कहीं बदल ना जाना क़सम तुम्हें इस धड़कन की
बोलो प्रीत निभाओगी ना तब भी अपने बचपन की

हाँ ठंडी में तुम स्वेटर बुनना हम लकड़ी चुन लाएंगे
बच्चों के संग बच्चे बन कर हम दोनों तुतलाएंगे
मिलजुल कर हम साथ रहेंगे बात न होगी अनबन की
बोलो प्रीत निभाओगी ना तब भी अपने बचपन की
………………………………………………………
Ham jab honge saath saal ke-Kal aaj aur kal 1971

Artists: Randhir Kapoor, Babita

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Jan 27, 2016

देखिये तो क्या अजीब हाल है-कल आज और कल १९७१

मन्ना डे का गाया एक गीत सुनते हैं फिल्म कल आज और कल
से. इसमें उनका गाया केवल यही गीत है. राज कपूर के लिए
संगीतकार मुकेश की आवाज़ लिया करते थे. ये गीत संगीतकार
ने मन्ना से गवाया. शंकर जयकिशन ने मन्ना की आवाज़ के
गीत राज कपूर के लिए और भी बनाये-चोरी चोरी आपको याद
होगी जिसमें तीन युगल गीत हैं मन्ना-लता के. उसके अलावा
फिल्म मेरा नाम जोकर में मन्ना डे के दो एकल गीत हैं.

रणधीर कपूर ने इस फिल्म को बनाया था और इसमें उनके पिता
और दादा भी मौजूद हैं. नीरज ने गीत लिखा है और कुछ कुछ
दर्शंनवादी सा जान पड़ता है यह.




देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है

एक डाल इस कदर फूली फली
एक एक पात फूल बन गया
एक डाल इस कदर फूली फली
एक एक पात फूल बन गया
एक डाल मगर इस कदर लुटी
एक एक फूल झड गया
आज और कल की धूप छाँव में
इसलिए समय के सूने गाँव में
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है

एक हवा चली के खिल उठा चमन
एक हवा चली के सब उजड गया
एक कदम उठा के राह मिल गयी
एक कदम उठा के पथ बिछड गया
एक हवा चली के खिल उठा चमन
एक हवा चली के सब उजड गया
एक कदम उठा के राह मिल गयी
एक कदम उठा के पथ बिछड गया
इसलिए दिलों की जीत हार में इसलिए
इसलिए किसी के प्यार में
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
सोचिये तो क्या अजीब बात है
एक पाँव चल रहा अलग अलग
दूसरा किसी के साथ है
देखिये तो क्या अजीब हाल है
.....................................................................................................
Dekhiye to kya ajeeb haal hai-kal aaj aur kal 1971

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May 27, 2009

आप यहाँ आये किसलिये-कल आज और कल १९७१

भूत भविष्य और वर्त्तमान अर्थात तीनो पीढियां इस फिल्म में
मौजूद हैं। फिल्म बनायीं थी रणधीर कपूर ने और इसमें राज कपूर
और पृथ्वीराज कपूर ने भी अभिनय किया है। रणधीर की भावी पत्नी
बबीता भी इस फिल्म में उनके साथ हैं। १९७१ का ये प्रश्नसूचक गीत
युवाओं द्वारा बहुत पसंद किया गया था। नीरज ने इस गीत को लिखा है
और किशोर-आशा के गाये इस गीत की धुन शंकर जयकिशन के तबेले
(Stable) से निकली है।



गीत के बोल:

आशा : आप यहाँ आये किसलिये?
किशोर : आपने बुलाया इसलिये
आशा: आये हैं तो काम भी बताइये
किशोर: हां हां हां पहले ज़रा आप मुस्कुराइये
आशा: मुस्कुराने की न कोई बात है
किशोर: अजी देखिये तो क्या हसीन रात है
आशा: ओह काम तो बताइये बताइये
किशोर: न न न पहले ज़रा आप मुस्कुराइये
आशा: आप यहाँ आये किसलिये??

किशोर: तेरे बिना हाय
आशा: क्या?
किशोर: नींद नहीं आती है
आशा: अच्छा?
किशोर: याद तेरी आकर
आशा: आ हा
किशोर: रोज़ तड़पाती है
आशा: सचमुच?
किशोर: अपना बनालो
आशा: अ?
किशोर: हाथ ज़रा थाम लो
आशा: वाह वाह वाह
किशोर: बार बार देखो ना
आशा: क्या?
किशोर: दिल से ही काम लो
आशा: अरे बाबा काम तो बताइये
किशोर: काम सीधा साधा है
आशा: अच्छा?
किशोर: अजी लेना एक वादा है
आशा: क्या?
किशोर: आ जा आ जा शादी का इरादा है, शादी का इरादा है
आशा: शादी? और तुमसे?
किशोर: हां हां! शादी का इरादा है
आशा: शादी? ना बाबा ना
किशोर: मगर क्यों??
आशा: शादी तो बरबादी है
किशोर: क्या कहती हो?
आशा: नहीं जाती है आज़ादी है
किशोर: नहीं नहीं मोना! सुनो तो ...
आशा: टा टा, बाई बाई ...
किशोर: ओह हो आप यहाँ आये किसलिये
आप ने बुलाया इसलिये
आये हैं तो काम भी बताइये
पहले ज़रा आप मुस्कुराइये

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