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Apr 15, 2017

लौट गया गम का ज़माना-नया आदमी १९५६

सन १९५६ की फिल्म नया आदमी में कुछ कर्णप्रिय गीत
हैं. इसमें दो संगीतकारों मदन मोहन और दक्षिण के प्रसिद्ध
विश्वनाथन-राममूर्ति की जोड़ी ने संगीत दिया है. इस लिहाज़
से साउंड ट्रेक हैवीवेट कहा जा सकता है.

विश्वनाथन-राममूर्ति का संगीतबद्ध युगल गीत सुनते हैं इस
फिल्म से जिसे लता मंगेशकर और हेमंत कुमार ने गाया
है. बोल राजेंद्र कृष्ण के हैं. गीत में छोटा सा मन है. छोटा
सा मन और छोटा सा दिल वाले गीत दुर्लभ हैं.



गीत के बोल:

आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ

लौट गया ग़म का ज़माना
आई खुशी लहराती
लौट गया ग़म का ज़माना
लौट गया ग़म का ज़माना
आई खुशी लहराती
लौट गया ग़म का ज़माना

दूर गगन में देखो चमके
आशाओं के तारे आशाओं के तारे
झिलमिल प्यारे प्यारे
बदली में छुप कर तारों के संग
बदली में छुप कर तारों के संग
चंदा करे इशारे चंदा करे इशारे
किसकी लगन मे आज पवन हैं
बागों में इठलाती

लौट गया ग़म का ज़माना
आई खुशी लहराती
लौट गया ग़म का ज़माना

रात नई हर बात नई है
नया नया है ज़माना
रात नई हर बात नई है
नया नया है ज़माना
कैसा समा सुहाना
कैसा समा सुहाना
गाये चंदनिया धीरे धीरे
गाये चंदनिया धीरे धीरे
प्रीत भरा अफ़साना
प्रीत भरा अफ़साना
आज मेरे छोटे से मन में
आशा है मुस्काती

लौट गया ग़म का ज़माना
आई खुशी लहराती
लौट गया ग़म का ज़माना
लौट गया ग़म का ज़माना
आई खुशी लहराती
लौट गया ग़म का ज़माना
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Laut gaya gham ka zamana-Naya aadmi 1956

Artists: Anjali Devi, NT Ramarao

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Mar 1, 2017

अठन्नी जहाँ अम्मा-नया आदमी १९५६

अठन्नी कई जगह से चलन के बाहर हो गयी है. सरकार ने इसे
बंद नहीं किया मगर व्यापारी इसे लेने से इंकार करते हैं. हमारे
यहाँ कई ऐसी बातें हैं जिसका हल आम आदमी के पास नहीं है.

खैर छोडिये वो सब, गीत सुनते हैं एक जिसमें अठन्नी का जिक्र
है. सन १९५६ की फिल्म नया आदमी के लिए इस गीत को लिखा
राजेंद्र कृष्ण ने और इसका संगीत तैयार किया विश्वनाथन और
राममूर्ति की जोड़ी ने. आशा भोंसले का गाया ये गीत हेलन पर
फिल्माया गया है.

आपको एक गीत सुनवाया था इसी फिल्म से कुछ समय पहले
जो अंजली देवी पर फिल्माया गया है और जिसे लता मंगेशकर
ने गाया है.




गीत के बोल:

अठन्नी जहाँ अम्मा रुपया होवे बाप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप
अठन्नी जहाँ अम्मा रुपया होवे बाप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप

पानी या पवन या चाँद की चंदनिया
पैसे से खरीद के दिखाए ज़रा दुनिया
पानी या पवन या चाँद की चंदनिया
पैसे से खरीद के दिखाए ज़रा दुनिया
फिर दिन रात कैसा पैसे का ये जप
अरे पैसे का ये जप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप
अठन्नी जहाँ अम्मा रुपया होवे बाप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप

धन की फिराक में ना चैन पाए मन
बोलो किस काम फिर आएगा ये धन
धन की फिराक में ना चैन पाए मन
बोलो किस काम फिर आएगा ये धन
धन ही धन ऐसा भी तो है श्राप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप
अठन्नी जहाँ अम्मा रुपया होवे बाप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप

मिली है ये जिंदगी तो जीने के लिए
हंसी खुशी खाने और पीने के लिए
मिली है ये जिंदगी तो जीने के लिए
हंसी खुशी खाने और पीने के लिए
सब कुछ तो होते हुए
रोते क्यूँ हो आप
अजी रोते क्यूँ हो आप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप
अठन्नी जहाँ अम्मा रुपया होवे बाप
ऐसी दुनिया में भैया जीना भी है पाप
जीना है पाप
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Athanni jahan aama-Naya aadmi 1956

Artist: Helen

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Dec 28, 2016

अजब है ये दुनिया अजब जिंदगी है-नया आदमी १९५६

सन १९५६ की फिल्म नया आदमी में उत्तर और दक्षिण के संगीत
निर्देशकों का कोलेबोरेशन है. एक से बढ़ कर एक गीत हैं फिल्म
में. दक्षिण भारत की नामचीन अभिनेत्री अंजलि देवी पर फिल्माया
गया एक गीत सुनते हैं राजेंद्र कृष्ण का लिखा हुआ जिसका संगीत
मदन मोहन ने तैयार किया है. श्वेत श्याम युग पर प्यानो पर
बैठ कर नायकों ने ज्यादा गीत गाये थे, नायिकाओं ने कम, इस
हिसाब से ये रेयर गीतों में से एक हुआ.




गीत के बोल:

अजब है ये दुनिया अजब जिंदगी है
अजब है ये दुनिया अजब जिंदगी है
अजब रंग बिरंगी ये महफ़िल लगी है
अजब है ये दुनिया

कोई अपनी दौलत पे इतरा रहा है
कोई अपनी दौलत पे इतरा रहा है
कोई दिल बेहयाई पे इतरा रहा है
ना जाने कहाँ से
ना जाने कहाँ से हवा ये चली है
अजब रंग बिरंगी ये महफ़िल लगी है
अजब है ये दुनिया

बदल के यहाँ भेस कितने ही बैठे
बदल के यहाँ भेस कितने ही बैठे
हैं बहरूपिये सब ये जितने हैं बैठे
हैं बहरूपिये सब ये जितने हैं बैठे
यहाँ होश के नाम
यहाँ होश के नाम दीवानगी है
अजब रंग बिरंगी ये महफ़िल लगी है
अजब है ये दुनिया

यहाँ दे ना कोई सहारा किसी को
यहाँ दे ना कोई सहारा किसी को
मोहाब्त किसी से इशारा किसी को
मोहाब्त किसी से इशारा किसी को
मोहब्बत का मतलब
मोहब्बत का मतलब अब दिल्लगी है
अजब रंग बिरंगी ये महफ़िल लगी है
अजब है ये दुनिया
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Ajab hai ye duniya-Naya aadmi 1956

Artist: Anjali Devi

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Nov 14, 2016

गरीबों का पसीना बह रहा है-नया आदमी १९५६

आज सुनते हैं एक रिवोल्यूशनरी गीत फिल्म नया आदमी से.  इसे
लिखा है राजेंद्र कृष्ण ने. कहते हैं किसी गरीब की हाय नहीं लेना
चाहिए, ये बात जिन्हें जीवन के कड़वे अनुभव है उन्हें अच्छी तरह
से मालूम होगी.

किसी भी चीज़ को हल्का आंकना मानव की भूल है. एक कहावत
है घूरे के भी दिन फिरते हैं, एकदम सटीक बैठती है समय के साथ.
जो आज रजा है वो कल फ़कीर हो सकता है और जो गरीब है वो
अमीर बन सकता है. कुदरत के करिश्मों के बारे में कौन जानता है
भला. ये मनुष्य को अचंभित करते आये हैं और करते रहेंगे.

गीत के बोलों पर गौर करें तो आपको ये आज के समय में भी
प्रासंगिक लगेगा. इस गीत को बने ६० साल हो गयी हैं यानि कि
३ पीढ़ियों ने इस गीत को सुन लिया है.




गीत के बोल:

गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
ये पानी बहते बहते कह रहा है
कभी वो दिन भी आएगा
ये पानी रंग लाएगा ये पानी रंग लाएगा
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है

ये बूँदें देख लेना एक दिन तूफ़ान लायेंगी
ज़मीन तो है ज़मीन ये आसमान को भी हिलाएंगी
गरीबों के घरों तक चल के हुड भगवान आएगा
ये पानी रंग लाएगा ये पानी रंग लाएगा
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है

सितम का हद से बढ़ जाना तबाही की निशानी है
बदलते हैं सभी के दिन पुराणी ये कहानी है
ज़माना एक दिन गिरते हुओं को उठाएगा
ये पानी रंग लाएगा ये पानी रंग लाएगा
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है

अगर जल कर किसी मजबूर ने फ़रियाद कर डाली
तो कुदरत के खजाने देखना हो जायेंगे खाली
ज़मीन फट जायेगी
ज़मीन फट जायेगी सूरज का गोला टूट जायेगा
ये पानी रंग लाएगा ये पानी रंग लाएगा
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
ये पानी बहते बहते कह रहा है
कभी वो दिन भी आएगा
ये पानी रंग लाएगा ये पानी रंग लाएगा
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
गरीबों का पसीना बह रहा है
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Gareebon ka paseena beh raha hai-Naya Aadmi 1956

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Aug 25, 2016

जगत का रखवाला भगवान-नया आदमी १९५६

आज एक और फ़िल्मी भजन सुनते हैं. इसे हमने चुना है सन १९५६
की फिल्म नया आदमी से. राजेंद्र कृष्ण के मोलों को धुन से संवारा
है एम् एस विश्वनाथन और टी के रामामूर्ति की जोड़ी ने. इस जोड़ी
के काफी चर्चे होते थे दक्षिण भारत में. इस जोड़ी को दक्षिण भारत का
शंकर-जयकिशन कहा जाता था. दोनों ने कई साल तक साथ साथ
काम करने के बाद स्वतंत्र संगीतकारों की तरह काम करना शुरू किया.
रामामूर्ति का  काम तो कम हुआ बाद में मगर विश्वनाथन की फिल्मों
की संख्या में ज़बरदस्त इजाफा हुआ.

फिल्म में ३ गीत मदन मोहन के संगीत वाले हैं. ऐसी कुछ फ़िल्में हैं
हिंदी फिल्म संगीत इतिहास की जिनमें दो से अधिक संगीतकारों की
धुनें हैं. ऐसा अक्सर फिल्म के निर्देशक निर्माता बदलने की सूरत में
या किसी संगीतकार के किसी वजह से फिल्म छोड़ने की स्तिथि में
हुआ करता था.

फिल्म नया आदमी में एन टी रामाराव और अंजलि देवी की जोड़ी है.
दोनों अपने समय के प्रसिद्ध नायक-नायिका हैं.



जो भी चाहे मांग ले भगवान के भण्डार से
कोई भी जाए ना खली हाथ इस दरबार से
इस दरबार से

जगत का रखवाला भगवान
जगत का रखवाला भगवान
अरे इंसान उसे पहचान
अरे इंसान उसे पहचान
जगत का रखवाला भगवान

सबके सर पर हाथ उसी का उसके हाथ करोड़
हरी नाम से मूरख प्राणी मन की डोरी जोड़
ओ प्राणी मन की डोरी जोड़
भूल के उसको भटक रहा क्यूँ डगर-डगर नादान
जगत का रखवाला भगवान

छोड़ शरण दुनिया की बंदे प्रभु चरणों में आ
छोड़ शरण दुनिया की बंदे प्रभु चरणों में आ
करने वाला करेगा न्याय मन की विपत्ति सुना
हो जायेगी राम नाम से हो जायेगी राम नाम से
हर मुश्किल आसान

जगत का रखवाला भगवान
अरे इंसान उसे पहचान
जगत का रखवाला भगवान
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Jagat ka rakhwala bhagwan-Naya aadmi 1956

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