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Jul 26, 2015

कसम से तेरी निगाहें-अजनबी २००२

वर्ष २००२ का गीत है और फिल्म का नाम अजनबी. नयी
पीढ़ी के गायक गायिका दस्तक दे चुके हैं, अलका याग्निक
और उदित नारायण के साथ इस गीत में सोनू निगम और
सुनिधि चौहान की आवाजें हैं.

२००३-२००४ तक संगीत का ट्रेंड लगभग ९० के दशक वाला
रहा लेकिन उसमें परिवर्तन साफ़ नज़र आता है. २००५ के
बाद रीमिक्स और रैप का दौर शुरू हुआ धीरे धीरे मेलोडी
कहीं गायब होना शुरू हो गयी.

अजनबी बहुसितारा फिल्म है और इसमें अक्षय, बॉबी देवल,
करीना और बिपाशा हैं. इस गीत की विशेषता है कि ये एक
हाइब्रिड गीत जैसा है वर्त्तमान युग और आगे आने वाले युग
के चलन का. दोनों का आनंद देता है ये. धुन में कसावट
है और आपका ध्यान बिलकुल भी नहीं भटकने देगा.





गीत के बोल:

हे कसम से तेरी आँखें, आँखें आँखें
कसम से तेरी बातें, बातें बातें
हे कसम से तेरी आँखें
कसम से तेरी बातें
कसम से तेरा हँसना
चलना हाय रे कसम से
हे कसम से तेरी आँखें
अइया रे अइया
कसम से तेरी बातें
अइया रे अइया
कसम से तेरा नज़र मिलाना
अइया रे अइया
कसम से तेरा नज़र चुराना
अइया रे अइया, अइयो
कसम से तेरी आँखें अइया
हम ने देखा जिन्हें सच वो सपने बने
बेगाने अजनबी साथी अपने बने
पूछो ना तुम कैसे हुआ
ये इत्तेफ़ाक कैसे हुआ
अच्छा हुआ जो हुआ हो हो हो
कसम से यूँ टकराना
अइया रे अइया
कसम से यूँ मिल जाना
अइया रे अइया, अइयो
कसम से तेरी आँखें अइया
टूटे अब ना कभी अपनी ये दोस्ती
यूँ ही गाती रहे मस्ती में ज़िंदगी
जागे रहें सोए रहें
हम प्यार में खोए रहें
कल क्या हो क्या पता हो हो हो
कसम से यूँ शरमाना
अइया रे अइया
कसम से यूँ घबराना
अइया रे अइया, अइयो
कसम से तेरी आँखें अइया
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Kasam se teri aankhen-Ajnabi 2002

Artists: Bipasha Basu, Bobby Deol, Kareena Kapoor, Akshay Kumar

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Oct 29, 2009

हिंदी फिल्मों में बरसात वाले गाने ३ भीगी भीगी रातों में-अजनबी १९७२

अजनबी फ़िल्म का ये गीत मोहक एवं लुभावना कहा जा सकता है।
ये युवाओं की दृष्टि के बाद होने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर कह
रहा हूँ। राजेश खन्ना और जीनत अमान पर फिल्माया गया ये गीत
गुलशन नंदा की कहानी पर बनी फ़िल्म अजनबी में है। शादी के बाद
अलगाव होने के पहले नायक नायिका इस गीत को गा रहे हैं।
'पानी के रेले' और 'सावन के मेले ' की तुकबंदी इस गाने की विशेषता
है। जैसा कि हिन्दी फ़िल्म सिनेमा के दर्शक जानते ही होंगे , बिजली
की गर्जना सुनकर हिरोइन हीरो से लिपट जाया करती है, इस फार्मूले
का भी इमानदारी से इस्तेमाल हुआ है इस गाने में। बोल आनंद बक्षी
के हैं और धुन आर. डी. बर्मन की।



गाने के बोल:

किशोर: भीगी भीगी रातों में, मीठी मीठी बातों में
ऐसी बरसातो में, कैसा लगता है?

लता: ऐसा लगता है तुम बन के बादल,
मेरे बदन को भिगो के मुझे, छेड़ रहे हो ओ
छेड़ रहे हो
ऐसा लगता है तुम बन के बादल,
मेरे बदन को भिगो के मुझे, छेड़ रहे हो ओ
छेड़ रहे हो

लता: अम्बर खेले होली उई माँ
भीगी मेरी चोली, हमजोली, हमजोली
अम्बर खेले होली उई माँ
भीगी मोरी चोली, हमजोली, हमजोली
ओ, पानी के इस रेले में, सावन के इस मेले में
छत पे अकेले में
कैसा लगता है

किशोर: ऐसा लगता है
तू बन के घटा अपने सजन को भिगो के खेल खेल रही हो ओ
खेल रही हो

लता: ऐसा लगता है
तुम बनके बादल मेरे बदन को भिगो के मुझे छेड़ रहे हो हो.
छेड़ रहे हो

किशोर: बरखा से बचा लूँ तुझे
सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूं आ छूपा लूँ
बरखा से बचा लूँ तुझे
सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूं आ छूपा लूँ

दिल ने पुकारा देखो रुत का इशारा देखो
उफ़ ये नज़ारा देखो
कैसा लगता है, बोलो?

लता: ऐसा लगता है कुछ हो जायेगा
मस्त पवन के ये झोकें सैंया देख रहे हो ओ
देख रहे हो
ऐसा लगता है
तुम बनके बादल मेरे बदन को भिगो के मुझे छेड़ रहे हो हो
छेड़ रहे हो
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Bheegi bheegi raton mein-Ajnabi 1972

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Jul 5, 2009

एक अजनबी हसीना से यूँ मुलाक़ात-अजनबी १९७३

किशोर कुमार का एक रोमांटिक गीत सुनें। किशोर के गाये
रोमांटिक गीत सबसे ज्यादा ७० के दशक में सुनने को मिले।
इनमे से अधिकतर राजेश खन्ना के हिस्से में आए। उनमे से
भी अधिकतर का संगीत राहुल देव बर्मन द्वारा तैयार किया गया।
ये संयोग हो सकता है। जो भी हो, इस गीत का आनंद उठायें।
फ़िल्म का नाम अजनबी है और ये फ़िल्म का शीर्षक गीत है।

पार्टी  का माहौल है और इसमें चित-परिचित खेल खेला जा
रहा है रुमाल वाला. इस बहाने से नायक जनता को बतलाने
वाला है कि उसकी प्रेमिका कौन है.



गाने के बोल:

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई
फिर क्या हुआ, ये ना पूछो, कुछ ऐसी बात, हो गई

एक अजनबी ...

वो अचानक आ गई, यूँ नज़र के सामने
जैसे निकल आया घटा से चाँद
चेहरे पे ज़ुल्फ़ें, बिखरी हुई थीं
दिन में रात हो गई

एक अजनबी ...

जान-ए-मन जान-ए-जिगर, होता मैं शायर अगर
कहता ग़ज़ल तेरी अदाओं पर
मैंने ये कहा तो, मुझसे ख़फ़ा वो
जान-ए-हयात हो गई

एक अजनबी ...

खूबसूरत बात ये, चार पल का साथ ये
सारी उमर मुझको रहेगा याद
मैं अकेला था मगर, बन गई वो हमसफ़र
वो मेरे साथ हो गई

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई
फिर क्या हुआ, ये ना पूछो, कुछ ऐसी बात, हो गई

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई
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Ek ajnabi haseena se-Ajnabi 1973

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