Showing posts with label Anadi. Show all posts
Showing posts with label Anadi. Show all posts

Aug 30, 2019

तेरे बग़ैर जाने जाना-अनाड़ी १९७५

सन १९५८ में एक फिल्म आई थी-अनाड़ी जिसके राज कपूर
नायक हैं. उसके १७ साल बाद एक और इसी नाम से फिल्म
अवतरित हुई बॉलीवुड की सरज़मीं पर जिसमें राज कपूर के
छोटे भाई शशि कपूर नायक हैं.

गीत में आपको शशि कपूर संग मौसमी चटर्जी नज़र आएँगी.
बैकग्राउंड में उत्पल दत्त और कबीर बेदी नज़र आयेंगे. नायक
जिस लुटिया पर अर्थात जिस नाव पर बैठा है वो डूबने वाली
है. बाकी क्या हुआ फिल्म में देखिये

गीत मजरूह सुल्तानपुरी का है और संगीत लक्ष्मीकांत कुदालकर
एवं प्यारेलाल शर्मा की जोड़ी का. गाना गाया है किशोर कुमार ने.




गीत के बोल:

तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना हाय
तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना
के अकेला मैं जियूंगा कैसे
तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना
के अकेला मैं जियूंगा कैसे
तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना

ये पलकें जिनमें हैं मेरे सपने
ये पलकें जिनमें हैं मेरे सपने
ये लब जो लगते हैं मेरे अपने
इनको मैं गँवा दूँगा
हो तो रहूँगा कैसे कैसे कैसे

तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना

फिरूँगा हो हो के मैं परीशाँ
फिरूँगा हो हो के मैं परीशाँ
छुपाये आँखों में लाख तूफ़ाँ
ग़म के इन तूफ़ानों को
हो मैं पियूँगा कैसे कैसे कैसे

तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना

गज़ब है जीवन की तेज धारा
गज़ब है जीवन की तेज धारा
उड़ा दें जो लहरें तन हमारा
मैं तनहा किनारे तक
हो पहुचूंगा कैसे कैसे कैसे

तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना
के अकेला मैं जियूंगा कैसे
तेरे बग़ैर जाने जाना
सोचता हूँ यही मैं दीवाना
.......................................................................................
Tere baigari jaane jaana-Anadai 1975

Artists: Shashi Kapoor, Mousami Chatterji

Read more...

Jul 19, 2017

सब कुछ सीखा हमने-अनाड़ी १९५९

ये है फिल्म अनाड़ी का शीर्षक गीत जो पॉपुलर भी है.

फिल्म: अनाड़ी
वर्ष: १९५९
गीतकार:शैलेन्द्र
गायक:मुकेश
संगीत: शंकर जयकिशन




गीत के बोल:

सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी
सच है दुनिया वालों के हम हैं अनाड़ी

दुनिया ने कितना समझाया
कौन है अपना कौन पराया
फिर भी दिल की चोट छुपा कर
हमने आपका दिल बहलाया
खुद ही मर मिटने की ये ज़िद है हमारी
सच है दुनिया वालों के हम हैं अनाड़ी

दिल का चमन उजड़ते देखा
प्यार का रंग उतरते देखा
हमने हर जीने वाले को
धन दौलत पे मरते देखा
दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी
सच है दुनिया वालों के हम हैं अनाड़ी

असली नकली चेहरे देखे
दिल पे सौ सौ पहरे देखे
मेरे दुखते दिल से पूछो
क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे
टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी
सच है दुनिया वालों के हम हैं अनाड़ी

सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी
सच है दुनिया वालों के हम हैं अनाड़ी
................................................................
Sab kuchh seekah hamne-Anadi 1959

Artist: Raj Kapoor

Read more...

Jun 29, 2017

किसी की मुस्कुराहटों पे-अनाड़ी १९५९

फिल्म का नायक इस गीत में ज़रा भी अनाड़ी नहीं लगता
है. वो एक मंजा हुआ खिलाड़ी नज़र आता है. फिल्मों की
यही ब्यूटी होती है, मिनट मिनट में भाव और अर्थ बदल
जाता है. गीत में नायक जीवनोपयोगी सन्देश दे रहा है.

फिल्म अनाड़ी मधुर गीतों से भरी हुई फिल्म है. इसका एक
गीत सुनेंगे आज मुकेश का गाया हुआ. शैलेन्द्र के बोल और
शंकर जयकिशन के संगीत का संगम है ये गीत.





गीत के बोल:

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार
किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है
किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार
किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है

माना अपनी जेब से फ़कीर हैं
फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं
माना अपनी जेब से फ़कीर हैं
फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं
मिटे जो प्यार के लिये वो ज़िन्दगी
जले बहार के लिये वो ज़िन्दगी
किसी को हो न हो हमें तो ऐतबार
जीना इसी का नाम है

रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का
ज़िन्दा है हमीं से नाम प्यार का
रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का
ज़िन्दा है हमीं से नाम प्यार का
के मर के भी किसी को याद आयेंगे
किसी के आँसुओं में मुस्कुरायेंगे
कहेगा फूल हर कली से बार बार
जीना इसी का नाम है
................................................................
Kisi ki muskurahton pe ho nisar-Anadi 1959

Artist: Raj Kapoor

Read more...

May 16, 2017

वो चाँद खिला-अनाड़ी १९५९

फिल्म अनाड़ी से एक मधुर गीत सुनते हैं लता मंगेशकर
की आवाज़ में. फिल्म संगीत क्षेत्र में दत्ताराम ठेका नाम
की एक चीज़ है जो चर्चित रही अपने समय में. इस गीत
में ताल वाद्य की जो ताल है उसे दत्ताराम ठेका बोला जाता
है फ़िल्मी दुनिया में.

शैलेन्द्र का गीत है और शंकर जयकिशन की धुन.



गीत के बोल:

वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं ना समझे
ना समझे वो अनाड़ी हैं
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं ना समझे
ना समझे वो अनाड़ी हैं
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है

चाँदी की चमकती राहें वो देखो झूम झूम के बुलाये
चाँदी की चमकती राहें वो देखो झूम झूम के बुलाये
किरणों ने पसारी बाहें के अरमां नाच नाच लहराये
बाजे दिल के तार गाये ये बहार उभरे हैं प्यार जीवन में
बाजे दिल के तार गाये ये बहार उभरे हैं प्यार जीवन में
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं ना समझे
ना समझे वो अनाड़ी हैं
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है

किरणों ने चुनरिया तानी बहारें किस पे आज हैं दीवानी
किरणों ने चुनरिया तानी बहारें किस पे आज हैं दीवानी
चंदा की चाल मस्तानी है पागल जिस पे रात की रानी
तारों का जाल ले ले दिल निकाल पूछो ना हाल मेरे दिल का
तारों का जाल ले ले दिल निकाल पूछो ना हाल मेरे दिल का
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं ना समझे
ना समझे वो अनाड़ी हैं
वो चाँद खिला वो तारे हँसे ये रात अजब मतवारी है
……………………………………………….
Wo chand khila-Anandi 1959

Artists: Nutan, Raj Kapoor

Read more...

Jun 9, 2011

दिल की नज़र से-अनाड़ी १९५८

ब्लॉग पर नज़र दौडाई तो फिल्म अनाड़ी का एक भी गीत नहीं
दिखा। आज सड़क पर चलते चलते मुझे ये गीत कहीं सुनाई
दिया। सदाबहार युगल गीत जो फिल्माया गया है नूतन और
राज कपूर पर। राज कपूर की फिल्मों में नायिकाओं के रोल
दूसरे निर्देशकों की फिल्मों की तुलना में ज्यादा लम्बे होते। ये
फिल्म हृषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी थी, हो सकता है
की कहानी की मांग और राज कपूर के आग्रह पर नायिका और
चरित्र भूमिका में ललिता पवार की भूमिकाएं बढ़ा दी गई हों।

वैसे इस मामले में श्वेत श्याम का युग रंगीन युग से कहीं बेहतर
था। नारी की छबि और उसके चरित्र परदे पर ज्यादा सशक्त
हुआ करते थे। ये मैं अपनी देखी हुई फिल्मों और अपने अनुभवों
के आधार पर अनुमान लगा रहा हूँ, हो सकता है आपके विचार
मुझसे अलग हों। जो भी हो, नूतन इस फिल्म में भी अपनी
गरिमामयी उपस्थिति से सबको प्रभावित कर गयीं। ये कुछ
अजीब तथ्य है कि आम जनता को राज कपूर की फिल्मों में
नायक नज़र आता और मुझे उन फिल्मों की नायिकाएं।
राज कपूर की फिल्मों की नायिकाओं ने मुझे ज्यादा प्रभावित
किया, अभिनय के मामले में।

गीत शैलेन्द्र का लिखा हुआ है और शंकर जयकिशन की धुन पर
इसे गाया है मुकेश और लता मंगेशकर ने।





गीत के बोल:

दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

धीरे से उठकर, होठों पे आया
ये गीता कैसा, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से

क्यों बेखबर, यूँ खिंची सी चली जा रही मैं
ये कौनसे बन्धनों में बंधी जा रही मैं
क्यों बेखबर, यूँ खिंची सी चली जा रही मैं
ये कौनसे बन्धनों में बंधी जा रही मैं
कुछ खो रहा है, कुछ मिल रहा है
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से

हम खो चले, चाँद है या कोई जादूगर है
या, मदभरी, ये तुम्हारी नज़र का असर है
हम खो चले, चाँद है या कोई जादूगर है
या, मदभरी, ये तुम्हारी नज़र का असर है
सब कुछ हमारा, अब है तुम्हारा
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे,
दिल की नज़र से

आकाश में, हो रहें हैं ये कैसे इशारे
क्या, देखकर, आज हैं इतने खुश चाँद-तारे
आकाश में, हो रहें हैं ये कैसे इशारे
क्या, देखकर, आज हैं इतने खुश चाँद-तारे
क्यों तुम पराये, दिल में समाये
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

धीरे से उठकर, होठों पे आया
ये गीता कैसा, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से
.....................................
Dil ki nazar se-Anadi 1958

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP