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Sep 3, 2016

आ जा मेरे प्यार आ जा-हीरालाल पन्नालाल १९७८

हेमंत कुमार के गाने सत्तर के दशक में कम सुनने को मिले.
सन १९७५ के बाद नहीं के बराबर. राहुल देव बर्मन ने एक
फिल्म हीरालाल पन्नालाल के लिए उनसे एक गाना गवाया.
ये सन १९७८ में आई थी.

फिल्म में ये गीत दो संस्करण में उपलब्ध है. पंचम-आशा
वाला संस्करण भी है जो कहानी मुताबिक अगली पीढ़ी गाती
है. इस गीत में आप प्रेमनाथ को एक छोटी बच्ची के साथ
गीत गाते देखेंगे.

मजरूह सुल्तानपुरी इस गीत के रचयिता हैं. उपलब्ध वीडियो
में एक ही अंतरा है. ऑडियो में दो अंतरे हैं उसका लिंक भी
दे देते हैं.





गीत के बोल:

आ जा मेरे प्यार आ जा
देख ऐसे ना सता
अब तो रहा नहीं जाए
आ जा आ जा
आ मेरे गले से लग जा
पापा
आ जा मेरे प्यार आ जा
देख ऐसे ना सता
अब तो रहा नहीं जाए
आ जा आ जा
आ मेरे गले से लग जा
पापा

है सूनी तेरे बिन जीवन की डगर
थाम ले मेरी बाहें मेरे हमसफ़र
है सूनी तेरे बिन जीवन की डगर
थाम ले मेरी बाहें मेरे हमसफ़र

आ जा मेरे प्यार आ जा
देख ऐसे ना सता
अब तो रहा नहीं जाए
आ जा आ जा
आ मेरे गले से लग जा
पापा

आँखों की तमन्ना ये है जाने जां
देखूं पहले तुझको फिर सारा जहां
आँखों की तमन्ना ये है जाने जां
देखूं पहले तुझको फिर सारा जहां

आ जा मेरे प्यार आ जा
देख ऐसे ना सता
अब तो रहा नहीं जाए
आ जा आ जा
आ मेरे गले से लग जा
पापा
.....................................................................
Aa ja mere pyar aa ja-Heeralal Pannalal 1978

Artists: Premnath

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Aug 9, 2016

हमें उन राहों पर चलना है-मासूम १९६०

सुबीर सेन और आरती मुखर्जी का गाया एक गीत सुनते हैं
जिसमें कोरस का भी गायन है. राजा मेहँदी अली खान के
लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है रॉबिन बैनर्जी ने. सन १९६०
की फिल्म मासूम का निर्देशन सत्येन बोस ने किया था.
फिल्म में सरोष ईरानी, हनी ईरानी, मनमोहन कृष्ण, मोहन
चोटी, केष्टो मुखर्जी, चमन पुरी जैसे कलाकार हैं.

सत्येन बोस ने इससे पहले सन १९५४ में बच्चों वाली फिल्म
बनायीं थी जागृति जो काफी चर्चित रही और उस फिल्म के
गीत तो आज भी आप सुन सकते हैं.सन१९५४ की ही एक
फिल्म के लिए उन्होंने संगीतकार शैलेश को मौका दिया था
जिन्हें बाद में सवेरा फिल्म का संगीत तैयार करने का भी
अवसर मिला. बोस ने रोबिन बैनर्जी से केवल यही फिल्म
मासूम करवाई. ७० के दशक में बोस की अधिकांश फिल्मों
में लक्ष्मी-प्यारे का संगीत है.

इस गीत में सुबीर सेन का उच्चारण काफी हद तक साफ़ है.
उनसे काफी रिहर्सल कराई होगी संगीत निर्देशक ने इस गीत
के लिए अन्यथा वो ‘दुर मेरी मंज़िल’ और ‘दिल हुआ घायिल’
जैसा कुछ गाते. तब भी ‘इन’ और ‘उन’ शब्दों का मिश्रण
है गीत में.



गीत के बोल:

हमें उन राहों पर चलना है
हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
हम है दिये औरों के लिये
जिन्हें तूफ़ानों में जलना है

हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है

जब तक न लगन हो सीने में
बेकार है ऐसे जीने में
जब तक न लगन हो सीने में
बेकार है ऐसे जीने में
चढ़ना है हमें चंदा की तरह
सूरज की तरह नहीं ढ़लना है

हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
हम हैं दिये औरों के लिये
जिन्हें तूफ़ानों में जलना है
हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है

मैं पास रहूँ या दूर रहूँ
ये बात अभी तुम से कह दूँ
मैं पास रहूँ या दूर रहूँ
ये बात अभी तुम से कह दूँ
हँसना ही नहीं फूलों की तरह
दीपक की तरह हमें जलना है

हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
हम है दिये औरों के लिये
जिन्हें तूफ़ानों में जलना है
हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है

आकाश से आती है ये सदा
ग़म आए अगर तो जी न ढला
आकाश से आती है ये सदा
ग़म आए अगर तो जी न ढला
कभी ग़म हैं यहाँ कभी हैं ख़ुशियाँ
हर हाल में हम को पलना है

हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
हम है दिये औरों के लिये
जिन्हें तूफ़ानों में जलना है
हमें उन राहों पर चलना है
जहाँ गिरना और संभलना है
.......................................................................
Hamen un rahon par-Masoom 1960

Honey Irani, Sarosh Irani, Manmohan Krishna

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Dec 1, 2010

चलो चलें माँ- जागृति १९५४

फिल्म जागृति से तीन गीत आपको सुनवाए जा चुके हैं, देशभक्ति
और उज्जवल देश की कामनाओं से भरपूर गीत। अब सुनिए माँ से
गुज़ारिश करता एक बच्चा क्या कह रहा है। आशा भोंसले की
आवाज़ में ये गीत कुछ कुछ कहानी की तरह लगता है। बोल
कविवर प्रदीप के हैं और संगीत हेमंत कुमार का। कुछ महान
संगीतप्रेमियों के पास संगीतकार रवि की आवाज़ में गाया गया
यही गीत उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि रवि ने हेमंत कुमार के
साथ सहायक के रूप में कुछ समय काम किया था। भारतीय संस्कृति
की जड़ से जुडी हुई है फिल्म जागृति शायद इसी वजह से इसे स्कूल
के बच्चों को दिखाया जाता है। फिल्म और फिल्म के गीत काफी
प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक हैं।



गीत के बोल:

चलो चलें माँ
चलो चलें माँ
सपनों के गाँव में
काँटों से दूर कहीं
फूलों की छाओं में
चलो चले माँ

हो राहें इशारे रेशमी घटाओं में
चलो चलें माँ
सपनों के गाँव में
काँटों से दूर कहीं
फूलों की छाओं में
चलो चलें माँ

आओ चलें हम एक साथ वहाँ
दुःख ना जहाँ कोई ग़म ना जहाँ
आओ चलें हम एक साथ वहाँ
दुःख ना जहाँ कोई ग़म ना जहाँ
आज है निमंत्रण सन सन हवाओं में
चलो चलें माँ
सपनों के गाँव में
काँटों से दूर कहीं
फूलों की छाओं में
चलो चलें माँ

रहना मेरे संग माँ हरदम
ऐसा ना हो के बिछड़ जाएँ हम
रहना मेरे संग माँ हरदम
ऐसा ना हो के बिछड़ जाएँ हम
घूमना है हमको दूर की दिशाओं में
चलो चलें माँ
सपनों के गाँव में
काँटों से दूर कहीं
फूलों की छांव में
चलो चलें माँ

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