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Jun 28, 2018

ओ हरजाई बालम-कहाँ गए १९४६

हिंदी फिल्म संगीत ने सैकड़ों संगीतकार देख लिए. लच्छीराम
भी उन्हीं में से एक हैं. गिनी चुनी फिल्मों में संगीत देने के
बावजूद उन्होंने कुछ ऐसी धुनें बनाई हैं जिन्हें हम आज भी
सुनते हैं.

सुनते हैं जीनत बेगम का गाया फिल्म कहाँ गए से एक गीत.
फिल्म के बारे में ज्यादा विवरण उपलब्ध नहीं है. गीतकार का
नाम अगर आपको पता चले तो हमें भी बतला दीजियेगा.




गीत के बोल:

ओ हरजाई बालम
ओ हरजाई बालम बिरहन के घर आ जा
बिरहन के घर आ जा हो आ जा
बीत चली बरसात रे ओ हरजाई बालमा
बीत चली बरसात रे ओ हरजाई बालमा

तुझ बिन है मोरी सूनी सजरिया
तुझ बिन है मोरी सूनी सजरिया
कैसे कटेगी मोरी रात रे ओ हरजाई बालमा
कैसे कटेगी मोरी रात रे ओ हरजाई बालमा
ओ हरजाई बालम

जब से तुम ने सुध बिसराई रे सुध बिसराई
जब से तुम ने सुध बिसराई रे सुध बिसराई
देती फिरूँ मैं राम दुहाई रे राम दुहाई
देती फिरूँ मैं राम दुहाई रे राम दुहाई
कोई ना सुने मोरी बात रे ओ हरजाई बालमा
कोई ना सुने मोरी बात रे ओ हरजाई बालमा
ओ हरजाई बालम

सूखी अटरिया पे जिया घबराए
जिया घबराए मोरा चैन न पाए
जिया चैन न पाए
जिया घबराए मोरा चैन न पाए
जिया चैन न पाए
मन की बाज़ी है मात रे ओ हरजाई बालमा
मन की बाज़ी है मात रे ओ हरजाई बालमा
ओ हरजाई बालम
ओ हरजाई बालम
...........................................................
O harjai baalam-Kahan gaye 1946

Artist:

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Feb 2, 2018

आग से न खेलो बाबूजी-गुरु घंटाल १९५६

सन १९५६ की एक फिल्म है गुरु घंटाल. इस फिल्म से एक
गीत सुनते हैं आज. गीता दत्त के साथ इसे आगा ने गाया
है.

सरशर सैलानी के बोल हैं और लच्छीराम का संगीत. गीत थोडा
रेयर किस्म का है.

फिल्म में प्रमुख भूमिकाएं मोतीलाल और उषा किरण की हैं.
साथ में अजीत, मीना कुमारी, शीला रमानी, वीणा, सुन्दर और
हेलन भी मौजूद हैं. फिल्म का निर्माण होमी वाडिया ने किया.




गीत के बोल:

आग से ना खेलो बाबूजी

लगे तो बुझे न बाबू ओ बाबू
प्यार की आग है जी प्यार की आग है
प्यार जिसे कहते हैं जवानी का तो हक है
जवानी का तो हक है
आ आ आ आ आ जिंदगी एक साज़ है
प्यार उसका राग है
राग जो अधूरा होगा
राग जो अधूरा होगा रोग बन जायेगा
रोग बन जायेगा
बनने दो जी रोग बड़ा मजा आयेगा
बड़ा मजा आयेगा

आग से ना खेलो बाबूजी

दिल बड़ी चीज़ है ओ बाबू रखना संभाल के
जी रखना संभाल के
दिल को लगाना तो लगाना देखभाल के
लगाना देखभाल के
उलटी चाल चलने वाला बाज़ी हार जायेगा
बाज़ी हार जायेगा
अरे हार जाने दो जी बाज़ी बड़ा मजा आयेगा
बड़ा मजा आयेगा

आग से ना खेलो बाबूजी

तीसमार खां हो चाहे गुरु घंटाल हो
जी गुरु घंटाल हो
पहली शर प्यार की है पाकिट में माल हो
जी पाकिट में माल हो
फ़ोकट का प्यार कहीं जूतियाँ खिलाएगा
जी जूतियाँ खिलाएगा
अरे खाने दो जी जूतियाँ बड़ा मज़ा आयेगा
बड़ा मज़ा आयेगा

आग से ना खेलो बाबूजी
………………………………………………..
Aag se na khelo babuji-Guru ghantaal 1956

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May 2, 2010

कोई तुमसा नहीं-मैं सुहागन हूँ १९६४

अगर आपने ये गीत पहले नहीं सुना है या एक आध बार सुना भी है
तो अंदाज़ा लगाइए कौन इसका संगीत निर्देशक है। शायद आपके
दिमाग में ३ नाम आयें-रोशन, मदन मोहन या शंकर जयकिशन ।

कैफ़ी आज़मी के बोलों को स्वर दिया है रफ़ी ने और ये रोमांटिक गीत
गाया जा रहा है नायिका माला सिन्हा के लिए। कुंदन कुमार नाम के
सज्जन ने फिल्म का निर्देशन किया है और जो शख्स परदे पर गा रहे हैं
उनके नाम की तलाश जारी है। माला सिन्हा को अपने कैरियर में कई
अजनबी से चेहरों के साथ काम करने का मौका मिला है। गाना शुरू
होते ही लगता है कोई तेज़ गीत गया जानेवाला है। एकदम से गियर
बदल जाता है । गीत के आखिर में ऊंचे सुर में तारीफ़ सुनकर नायिका
उठ कर चली जाती है

संगीतकार का नाम है लच्छीराम , इनका नाम आपने अवश्य एक आध
बार सुना होगा, इसी फिल्म का लता का गाया गीत खासा लोकप्रिय है-
ऐ दिल मचल मचल ............

अंत में,दुर्लभ गीत अपलोड करने वाले को धन्यवाद् । साथ साथ जो भी
इस पोस्ट को बिना धन्यवाद दिए कॉपी करेगा उसको भी धन्यवाद।




गीत के बोल:

सब जवान सब हसीं
सब जवान सब हसीं कोई तुमसा नहीं
हो गए
हो गए जिसके हम वो तुम्ही हो तुम्ही

सब जवान सब हसीं कोई तुमसा नहीं

हो हो हो हो हो ओ ओ

देखा जो तुम्हे तो महसूस हुआ
पहचान है अपनी मुद्दत से
ख्वाबों में बनायें थी जो सूरत
मिलती है तुम्हारी सूरत से
मिलती है तुम्हारी सूरत से
तुम वो ही हो वो ही, है ये दिल को यकीन

सब जवान सब हसीं कोई तुमसा नहीं

हो हो ओ

रास्ता भी मिले मंजिल भी मिले
जब साथ चले दीवाने दो
या हाथ पकड़ लो बढ़ के तुम्ही
या मुझको करीब आ जाने दो
या मुझको करीब आ जाने दो

ये सितम कब तलक तुम कहीं हम कहीं

सब जवान सब हसीं कोई तुमसा नहीं

हो हो हो हो हो ओ ओ

कुछ जान के भी धोखा खाया
कुछ देखे उनके इशारे भी
लो आस की बदली में चमके
उम्मीद के चाँद सितारे भी
उम्मीद के चाँद सितारे भी
वो गाई आज आसमान आज दिल की ज़मीन

सब जवान सब हसीं कोई तुमसा नहीं
कोई तुमसा नहीं
......................................................
Koi tumsa nahin-Main suhagan hoon 1964

Artist: Kewal Kumar

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Sep 11, 2009

ढलती जाए रात- रज़िया सुल्ताना १९६१

ये पुरानी रज़िया सुल्तान नाम की फिल्म है। ये गीत सुनते
सुनते मुझे बहुत साल हो गए हैं । इस गीत में आपको जयराज और
निरूपा रॉय नामे के कलाकार दिखाई देंगे। गीत गाया है आशा और
रफ़ी ने। आनंद बक्षी के शायद शुरुआती गीतों में से एक है ये।
धुन बनायीं है एक गुमनाम से संगीतकार लच्छीराम ने। ये युगल गीत
भी अन्य कलाकारों द्वारा गाया जा रहा है परदे पर फिल्म सुहागन के
गीत की तरह जिसमे माला सिन्हा और गुरु दत्त नज़र आते हैं।
एक आनंदित करने वाले सदाबहार गीत का आनंद उठाइए।



गीत के बोल:

ढलती जाए रात कह ले दिल की बात
शमा-परवाने का न होगा फिर साथ
ढलती जाए रात कह ले दिल की बात
शमा-परवाने का न होगा फिर साथ

ढलती जाए रात

मस्त नज़ारे चाँद सितारे रात के मेहमाँ हैं ये सारे
उठ जाएगी शब की महफ़िल नूर-ए-सहर के सुन के नक्कारे
हो न हो दुबारा मुलाक़ात

ढलती जाए रात

नींद के बस में खोई-खोई कुल दुनिया है सोई सोई
ऐसे में भी जाग रहा है हम तुम जैसा कोई कोई
क्या हसीं है तारों की बारात

ढलती जाए रात

जो भी निग़ाहें चार है करता उसपे ज़माना वार है करता
हूँ राह-ए-वफ़ा का बन के राही फिर भी तुम्हें दिल प्यार है करता
बैठा ना हो ले के कोई घात

ढलती जाए रात कह ले दिल की बात
शमा-परवाने का न होगा फिर साथ
ढलती जाए रात कह ले दिल की बात
शमा-परवाने का न होगा फिर साथ
ढलती जाए रात

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