Showing posts with label Suhagan. Show all posts
Showing posts with label Suhagan. Show all posts

Feb 21, 2018

पानी का बुलबुला-सुहागन १९५४

सन १९६४ की गुरु दत्त और माला सिन्हा अभिनीत फिल्म सुहागन
से आपने कई गीत सुने. आज सुनते हैं इससे दस साल पहले एक
और इसी नाम से बनी फिल्म सुहागन से एक गीत.

ये दर्शनवादी गीत गाया है गीता दत्त ने. सरस्वती कुमार दीपक के
बोल हैं और वसंत रामचंद्र का संगीत. इस फिल्म की नायिका हैं
गीता बाली जो गीत में नज़र आ रही हैं. परदे पर इसे गाने वाली
नायिका को आप पहचानिये.

वसंत पवार और रामचंद्र वाधवकर की जोड़ी को वसंत-रामचंद्र के
नाम से जाना जाता है. सुनने पर ऐसा लगता है मानो वसंत देसाई
और सी रामचंद्र की जोड़ी हो.




गीत के बोल:

पानी का बुलबुला
पानी का बुलबुला ये जिंदगानी
कलियों की है दो दिन की जिंदगानी
हंस के बिताये जा गा के बिताए जा
मस्ती की अनमोल बस्ती बसाये जा
पानी का बुलबुला ये जिंदगानी
कलियों की है दो दिन की जिंदगानी
हंस के बिताये जा गा के बिताए जा
मस्ती की अनमोल बस्ती बसाये जा

दीप बुझ जायेगा पीछे पछतायेगा
दीप बुझ जायेगा पीछे पछतायेगा
रूप ढल कर दो आंसू बहायेगा बहायेगा
सपने सजाये जा मन बहलाएगा
खोने को भूल कर पाए जा पाए जा

पानी का बुलबुला
पानी का बुलबुला ये जिंदगानी
कलियों की है दो दिन की जिंदगानी
हंस के बिताये जा गा के बिताए जा
मस्ती की अनमोल बस्ती बसाये जा

सपनो की झोली खुशियों की झोली
घर में वो भोली
किस्मत की कश्ती डोली ना डोली
किस्मत की कश्ती डोली ना डोली
मुस्कुराये जा मुस्कुराये जा
मुस्कुराये जा
नए नए रास्ते हैं तेरे वास्ते
आगे आगे बढ़ इनेहं अपना बनाये जा

पानी का बुलबुला
पानी का बुलबुला ये जिंदगानी
कलियों की है दो दिन की जिंदगानी
हंस के बिताये जा गा के बिताए जा
मस्ती की अनमोल बस्ती बसाये जा
.....................................................................
Paani ka bulbula-Suhagan 1964

Artist: Geeta Bali

Read more...

Feb 5, 2018

मेरे प्यार में तुझे क्या मिला-सुहागन १९६४

सुनते हैं फिल्म सुहागन से एक गीत रफ़ी का गाया हुआ. इस फिल्म
से रफ़ी का ही गाया हुआ एक गीत आप सुन चुके हैं पहले. एक और
सुन लेते हैं आज.

हसरत जयपुरी गीतकार हैं और मदन मोहन ने धुन तैयार की है. इसे
हम प्रश्नवाचक गीत भी कह सकते हैं. प्रश्न का जवाब भी इसी गीत में
मौजूद है.

जैसी स्वीकारोक्ति इस गीत में है वैसा साहस बिरले जीवों में होता है.
मानव तो एक छोटी सी भूल या गलती को स्वीकारने में अपने अहम
की चट्टान खड़ी कर लेता है. एक छोटे से सॉरी से जीवन कितना
आसान बनता चलता है, केवल कह देने से नहीं बल्कि उसे दिल से
कहने पर. हसरत जयपुरी ने रोमांटिक गीतों के बिलकुल उलट इसे
लिखा है.





गीत के बोल:

मेरे प्यार में तुझे क्या मिला
तेरे दिल का फूल न खिल सका
मेरे प्यार में तुझे क्या मिला
तेरे दिल का फूल न खिल सका
मेरे प्यार में तुझे क्या मिला

तेरा रंग रूप उजड़ गया
ये हसीन चेहरा उतर गया
न बहार है न सिंगार है
न कोई ख़ुशी न क़रार है
मुझे अपने आप से है गिला
मेरे प्यार में तुझे क्या मिला

रही दिल की दिल में ही हसरतें
बनीं ज़हर प्यार की राहतें
तुझे खा गईं ये ख़ामोशियाँ
बनीं चूडियाँ तेरी बेड़ियाँ
के ग़मों पे कुछ भी न बस चला
मेरे प्यार में तुझे क्या मिला

मेरे दिल यहाँ से तू चल कहीं
मुझे कोई जीने का हक़ नहीं
मैं करूँगा तेरा ही ख़ात्मा
तेरे साथ अपना भी ख़ात्मा
मेरा आज है यही फ़ैसला
यही फ़ैसला यही फ़ैसला यही फ़ैसला
……………………………………………………………………..
Mere pyar mein tujhe kya mila-Suhagan 1964

Artist: Guru Dutt

Read more...

Aug 9, 2017

एक बात पूछती हूँ-सुहागन १९६४

हसरत जयपुरी शंकर जयकिशन खेमे के नियमित गीतकार थे.
कभी कभार उन्होंने दूसरे संगीतकारों के लिए भी गीत लिखे.
एस डी बर्मन, मदन मोहन, सरदार मालिक और कई अन्य
संगीतकारों को उन्होंने सीमित मगर अपनी सेवाएं दी थीं और
ये सिलसिला श्वेत श्याम युग में ही ज्यादा था. उनसे लाभान्वित
होने वालों में कल्याणजी आनंदजी भी हैं.

आज सुनते हैं सन १९६४ की फिल्म सुहागन से एक गीत. इसे
लता मंगेशकर ने गाया है. बहुत दिनों से हमने मदन मोहन के
संगीत वाला और लता का गाया कोई गीत नहीं सुना है. इस पर
परदे पर माला सिन्हा होंठ हिला रही हैं. गौरतलब है माला सिन्हा
स्वयं भी गायन कला में प्रवीण थीं मगर उन्हें फिल्मों में गाने के
अवसर मिले नहीं.





गीत के बोल:

एक बात पूछती हूँ ऐ दिल जवाब देना
एक बात पूछती हूँ ऐ दिल जवाब देना
क्यों उनकी हो गयी हूँ ऐ दिल जवाब देना
एक बात पूछती हूँ

नदिया की लहरें मचल के साहिल से क्यों टकराती हैं
सावन की बिजलियाँ तड़प कर बादल में क्यों लहराती हैं
आपस में प्यार है दिल बेक़रार है
मिल के गले खो जाती है जाती है जाती है

एक बात पूछती हूँ ऐ दिल जवाब देना
हाँ दिल जवाब देना
एक बात पूछती हूँ

किसकी लगन में ये शमा हर रात दिल को जलाती है
चंदा के प्यार में चकोरी क्यों अपनी जान गँवाती है
शोलों की बाँहों में राहत की राहों में
मर के भी ज़िंदगी पाती है पाती है पाती है

एक बात पूछती हूँ ऐ दिल जवाब देना
हाँ दिल जवाब देना
एक बात पूछती हूँ

सूरज को देख के किसी की आँखें ये क्यों झुक जाती हैं
पाते ही सामने किसी को साँसें ये क्यों रुक जाती हैं
जिस दिल में चोर हो मस्ती का दौर हो
आँखें वहीं झुक जाती हैं जाती हैं जाती हैं

एक बात पूछती हूँ ऐ दिल जवाब देना
क्यों उनकी हो गयी हूँ ऐ दिल जवाब देना
एक बात पोंछती हूँ
…………………………………………………………
Ek baat poochhti hoon-Suhagan 1964

Artist: Mala Sinha

Read more...

Jun 7, 2011

तुम्हीं तो मेरी पूजा हो-सुहागन १९६४

फिल्म सुहागन(१९६४) से आपको पूर्व में २ गीत सुनवा चुके हैं।
अब सुनिए फिल्म का तीसरा गीत जो कि लता और तलत
की आवाज़ में एक युगल गीत है। इस फिल्म का एक युगल गीत
जो आपने पहले सुना था वो मन्ना डे और लता की आवाज़ में है।
६० के दशक के आते तलत महमूद को फिल्मों में गीत मिलना
कम हो गये। बदलते ज़माने और पसंद के साथ दूसरे गायक दृश्य
में दिखाई देने लगे। दूसरे संगीतकार जहाँ उनसे किनारा करने लगे,
मदन मोहन ने उन्हें कुछ गीत अवश्य दिए गाने को. मदन मोहन
ने तलत महमूद को फिल्म जहाँआरा में भी अवसर दिए।






गीत के बोल:


तुम्हीं तो मेरी पूजा हो
हाँ हाँ हाँ आ आ आ आ
तुम्हीं तो मेरी पूजा हो
तुम्हें दिल में बसाया है

तुम्हीं तो मेरी दुनिया हो
हाँ हाँ हाँ हाँ आ आ आ आ
तुम्हीं तो मेरी दुनिया हो
तुम्हें दिल से लगाया है

तुम्हीं तो मेरी दुनिया हो

इबादत है निगाहों की तुझी को देखते रहना
तेरी हर बात को सहना
तुम्हीं तो मेरे साथी हो तुम्हें अपना बनाया है

तुम्हीं तो मेरी पूजा हो

तमन्ना है इन आँखों की तुम्हारे ही नज़ारे हों
जहाँ देखूँ तुम्हें देखूँ हसीं जलवे तुम्हारे हों
हसीं जलवे तुम्हारे हों
तुम्हीं ने मेरी मंज़िल को बहारों से सजाया है

तुम्हीं तो मेरी दुनिया हो

तुम्हारे हाथ में है अब हमारी लाज का आँचल
न बह जाए कहीं देखो हमारी आँख का काजल
न बह जाए कहीं देखो हमारी आँख का काजल
हमारी आंख का काजल

तुम्हीं तो मेरी दुनिया हो
तुम्हीं तो मेरी पूजा हो
......................................
Tumhin to meri pooja ho-Suhagan 1964

Read more...

Jun 5, 2011

तू मेरे सामने है-सुहागन १९६४

आइये आपको एक रोमांटिक गीत सुनवाते हैं। ये असली छाया गीत
है, श्वेत श्याम युग का और इसमें भाव भंगिमाएं भी कुछ श्याम
वर्ण सी हैं । गीत की सिचुएशन कुछ विरोधाभासी किस्म की सी है।
नायक रोमांटिक मूड में है और नायिका बेबस और लाचार सी दिखती
है। नायक हैं गुरुदत्त और नायिका माला सिन्हा।

नायक न्यूनतम और दृढ़ प्रतिज्ञ से भावों के साथ गीत गा रहा है
और नायिका अपनी पूरी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन कर रही है और
काफी ज़द्दो ज़हद के बाद आखिरकार समर्पण वाली मुद्रा में आ जाती
है। मदन मोहन के साथ हसरत जयपुरी ने बहुत कम फिल्मों में गीतों
पर काम किया है। इस गीत के लिए तो मानना पड़ेगा कि हसरत जयपुरी
का रोमांटिक गीतों को लिखने के मामले में कोई सानी नहीं। गीत में
संगीत कहीं कहीं लाऊड हो जाता है, इसको मदन मोहन भक्तों की भाषा
में बोलें तो-इतना तो चलता है गाने में.



गीत के बोल :

तू मेरे सामने है
तेरी जुल्फें हैं खुली
तेरा आँचल है ढला
मैं भला होश में कैसे रहूँ

तू मेरे सामने है
तेरी जुल्फें हैं खुली
तेरा आँचल है ढला
मैं भला होश में कैसे रहूँ

तू मेरे सामने है
तेरी जुल्फें हैं खुली
तेरा आँचल है ढला
मैं भला होश में कैसे रहूँ

तेरी आँखें तो छलकते हुए पैमाने हैं
तेरी आँखें तो छलकते हुए पैमाने हैं
और तेरे होंठ लरजते हुए मैखाने हैं
मेरे अरमान इसी बात पे दीवाने हैं
मैं भला होश में कैसे रहूँ, कैसे रहूँ

तू मेरे सामने है
तेरी जुल्फें हैं खुली
तेरा आँचल है ढला
मैं भला होश में कैसे रहूँ

तू जो हँसती है तो बिजली सी चमक जाती है
तू जो हँसती है तो बिजली सी चमक जाती है
तेरी साँसों से ग़ुलाबों की महक आती है
तू जो चलती है तो कुदरत भी बहक जाती है
मैं भला होश में कैसे रहूँ, कैसे रहूँ

तू मेरे सामने है
तेरी जुल्फें हैं खुली
तेरा आँचल है ढला
मैं भला होश में कैसे रहूँ

................................
Too mere samne hai-Suhagan 1964

Read more...

Apr 20, 2009

भीगी चाँदनी छाई बेखुदी-सुहागन १९६४

लता मंगेशकर ये युगल गीतों में मधुरता आपको कूट कूट के भरी
मिलेगी। एक मधुर गीत फ़िल्म सुहागन से। इसे गाया है मन्ना डे
और लता मंगेशकर ने। हसरत जयपुरी ने रोमांटिक गीत शम्मी कपूर
और राजेंद्र कुमार के अलावा और कलाकारों के लिए भी लिखे हैं।

इसमें एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि हसरत जयपुरी ने  संगीतकार
जोड़ी शंकर जयकिशन के अलावा दूसरे संगीतकारों के लिए भी गाने
लिखे.

इस फिल्म में संगीत मदन मोहन का है.



गीत के बोल:

भीगी चाँदनी छायी बेखुदी
आ जा डाल दे बाहों में अपनी बाहें

ज़ुल्फ़ों का ये अँधेरा मुखड़े का ये सवेरा
ज़ुल्फ़ों का ये अँधेरा मुखड़े का ये सवेरा
तेरे ही वास्ते है बाहों का नर्म घेरा
मेरा अरमान तू है
दिल का तूफ़ान तू है, मेरे सनम,

भीगी चाँदनी छायी बेखुदी
आ जा डाल दे बाहों में अपनी बाहें

दिल के करीब आ जा मेरे नसीब आ जा
दिल के करीब आ जा मेरे नसीब आ जा
आ मेरी जान है तू साँसों में तू समा जा
होंठों पे नाम तेरा उल्फ़त है काम मेरा तेरी कसम

भीगी चाँदनी छायी बेखुदी
आ जा डाल दे बाहों में अपनी बाहें
भीगी चाँदनी
...............................................................
Bheegi chandni chhayi bekhudi-Suhagan 1964

Artists: Guru Dutt, Mala Sinha

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP