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Apr 23, 2016

आँखों की गुस्ताखियाँ-हम दिल दे चुके सनम १९९९

प्यूरिटंस इसे उस समय लाऊड म्युज़िक वाला बतलाया करते
थे. आज के हिसाब से ये गीत शांत और सोबर है. सुनिए अपने
ज़माने का सुपरहिट युगल गीत फिल्म हम दिल दे चुके सनम
से.

महबूब सरवर के लिखे बोलों को सुरों में ढाला है ईस्माइल दरबार
ने. कविता कृष्णमूर्ति और कुमार सानू  इसे गा रहे हैं. फिल्माया
गया है सलमान खान और ऐश्वर्या राय पर.

संजय लीला भंसाली की फिल्मों के गीतों का चित्रांकन भी भव्य
होता है. वे पुराने समय के राज खोसला वाले स्कूल के लगते हैं
इस मामले में.



गीत के बोल:

आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो
इक टक तुम्हें देखती है
जो बात कहना चाहे ज़ुबां
तुमसे ये वो कहती है

आँखों की शर्मा-ओ-हया माफ हो
तुम्हें देख के छुपती है
उठी आँखे जो बात ना कह सकीं
झुकी आँखें वो कहती है

काजल का एक तिल तुम्हारे लबों पे लगा दूँ
चंदा और सूरज की नज़रों से तुमको बचा लूँ
पलकों की चिलमन में आओ मैं तुमको छुपा लूँ
ख़यालों की ये शोखियाँ माफ हो
हरदम तुम्हें सोचती है
जब होश में होता है जहां
मदहोश ये करती है
आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो

ये ज़िन्दगी आपकी ही अमानत रहेगी
दिल में सदा आपकी ही मोहब्बत रहेगी
इन साँसों को आपकी ही ज़रूरत रहेगी
इस दिल की नादानियाँ माफ हो
ये मेरी कहा सुनती हैं
ये पलपल जो होती है बेकल सनम
तो सपने नये बुनती हैं

आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो
इक टक तुम्हें देखती है
जो बात कहना चाहे ज़ुबां
तुमसे ये वो कहती है
आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो
..................................................................
Ankhon ki gustakhiyan-Ham dil de chuke sanam 1999

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Dec 21, 2015

चाँद छुपा बादल में- हम दिल दे चुके सनम १९९९

बल खा के आ, लहरा के आ ऐसे शब्द पहले सुनते थे तो
कुछ अलग से अटपटे लगते थे, अब सामान्य सी बात
है. इस गीत में बस मुखड़े में बल खा के लिपट जाने की
रिक्वेस्ट की गयी है. बाकी को तो ये एक बढ़िया गीत
है. चाँद थीम पर  बने कुछ दर्शनीय गीतों में से एक है ये.


प्रस्तुत है एक चर्चित फिल्म से एक चर्चित गीत. युगल
गीत है उदित और अलका का गाया हुआ, महबूब का
लिखा हुआ और इस्माईल दरबार का संगीतबद्ध किया
हुआ. फिल्म का नाम है-हम दिल दे चुके सनम.



गीत के बोल:

चाँद छुपा बादल में
शरमा के मेरी जाना
सीने से लग जा तू
बल खा के मेरी जाना
गुमसुम सा है, गुपचुप सा है
मदहोश है, खामोश है
ये समा हाँ ये समा,
कुछ और है
चाँद छुपा बादल में
शरमा के मेरी जाना
सीने से लग जा तू
बल खा के मेरी जाना
गुमसुम सा है, गुपचुप सा है
मदहोश है, खामोश है
ये समा हाँ ये समा,
कुछ और है

नज़दीकियाँ बढ़ जाने दे
अरे नहीं बाबा  नहीं
अभी नहीं नहीं नहीं
ये दूरियाँ मिट जाने दे
अरे नहीं बाबा नहीं
अभी नहीं नहीं नहीं
दूर से ही तुम, जी भर के देखो
तुम ही कहो कैसे दूर से देखूँ
चाँद को जैसे देखता चकोर है
गुमसुम सा है, गुपचुप सा है
मदहोश है, खामोश है
ये समा हाँ ये समा,
कुछ और है

आ जा रे आजा चन्दा
कि जब तक तू न आयेगा
सजना के चेहरे को देखने,
ये मन तरसा जायेगा
ना ना चन्दा तू नहीं आना,
तू जो आया तो
सनम शरमा के कहीं चला जाये ना

आँचल में तू छुप जाने दे
अरे नहीं बाबा नहीं
अभी नहीं नहीं नहीं
ज़ुल्फ़ों में तू खो जाने दे
अरे नहीं बाबा नहीं
अभी नहीं नहीं नहीं
प्यार तो नाम है सबर का हमदम
वो ही भला बोलो कैसे करें हम
सावन की राह जैसे देखे मोर है
रहने भी दो जाने भी दो,
अब छोड़ो न, यूँ मोड़ो न
ये समा, हाँ ये समा,
कुछ और है

चाँद छुपा बादल में
शरमा के मेरी जाना
सीने से लग जा तू
बल खा के मेरी जाना
गुमसुम सा है, गुपचुप सा है
मदहोश है, खामोश है
ये समा हाँ ये समा,
कुछ और है
………………………………………………………………….
Chand chhupa badal mein-Hum dil de chuke sanam 1999

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Jun 3, 2011

जिंदा हैं हम तो-जोश २०००

फिल्म जोश(२०००) के चार गीत आपको सुनवा दिए हैं। फिल्म के संगीत
पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन
चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत,
जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची
पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी
पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये
जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे
अंतरे के समय प्रकट होती हैं।

गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा
के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के
बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम
चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें
निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के
गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह
से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी
बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों
के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा
में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई
भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया
है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।

गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है।
उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।




गीत के बोल :

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

ओ रम्भा... ओ सम्भा...
इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें
तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया
आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये
यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं
दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं
ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा
तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
..............................
Zinda hain hum to-Josh 2000

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Nov 21, 2010

अपुन बोला-जोश २०००

बॉलीवुड के नायक नायिकाओं को गाने का शौक
अपने बुजुर्गों से लगा है। प्रथम पीढ़ी के अभिनेता
गायन भी किया करते थे। जब तक पार्श्व गायन
अस्तित्व में नहीं आया था नायक नायिकाओं को
गीत खुद ही गाने पढ़ते। पार्श्व गायन आने के बाद भी
कुछ नायक नायिकाओं ने गीत गाये उनमे नायक
राज कपूर, दिलीप कुमार, अभिनेत्री नूतन प्रमुख हैं।
नूतन ने तो स्नेहल भाटकर की एक फिल्म के लिए
४ गीत गाये हैं। नए दौर में आपने आमिर खान का
"क्या बोलती तू" सुना। परंपरा को जारी रखते हुए
शाहरुख़ ने भी फिल्म जोश के लिए एक गीत गा लिया।
पेश है वही गीत जिसमे उनका साथ दिया है गायिका
हेमा सरदेसाई ने। नितिन रैकवार के लिखे बोलों को
धुन पहनाई है अन्नू मालिक ने।



गीत के बोल:

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है
ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
आज नहीं तो कल बोलेगी
ऐ तू टेंशन काई को लेता रे

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है

एक काम कर उस को बुला,
होटल में खाना खिला
समुन्दर किनारे लेजा के रे, बोल
बोल दे खुल्लम खुल्ला
अरे मैंने उसे बुलाया,
कोकम करी खिलाया
फिर देख के मौका,मारा चौका
दिल की बात बताया रे

ऐ क्या बताया रे?

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है

ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
आज नहीं तो कल बोलेगी
ऐ तू टेंशन काई को लेता रे

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है

सौ लफड़े देखे मैंने,
तेरा लफड़ा हट के है
सब कुछ क्लेअर होके भी,
तू किस में अटके है

अपुन बोला तू मेरी लै...

घर से भगा के ले जा,
समझेगी तेरी बात तो
अरे, घर से भगा के ले गया था,
उस को आधी रात को

ऐ सैटिंग हुई क्या?

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है

ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
ये उसका स्टाइल होइंगा
होठों पे ना दिल में हाँ होइंगा
आज नहीं तो कल बोलेगी
ऐ तू टेंशन काई को लेता रे

अपुन बोला तू मेरी लैला
वो बोली फेंकता है साला
अपुन जब ही सच्ची बोलता
ऐ उसको झूठ काई को लगता है

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Apr 30, 2010

बैरी पिया बड़ा बेदर्दी-देवदास २००२

आइये आपको नयी शताब्दी की ओर ले चलें एक बार फिर से।
९० के दशक के अंत में कई नए गायक हमें सुनने को मिले।
कविता कृष्णमूर्ति के बाद जो उनके जैसी आवाज़ सुनने को मिली
वो है श्रेया घोषाल की। एक संगीत प्रतियोगिता से चर्चा में आई श्रेया
ने बहुत मेहनत की और आज आपना एक अलग मुकाम बना लिया है
पार्श्व गायन के क्षेत्र में। उनका एक बड़ा प्रशंसक वर्ग है। श्रेया को
नोट-परफेक्ट सिंगर कहा जाता है। ऐसे गायक संगीतकार के लिए
वरदान के समान होते हैं।

फिल्म जिस्म के गीत "जादू है नशा है" से चर्चा में आई श्रेया का ये
दूसरा बड़ा हिट गीत है जो फिल्म देवदास में उन्होंने गाया है। गीत
लिखा है समीर ने और धुन बनाई है इस्माइल दरबार ने । इस्माइल
दरबार की दूसरी बड़ी चर्चित फिल्म है ये । पिछली फिल्म भी उन्होंने
संजय लीला भंसाली के साथ की थी। उसके गीत बहुत बजे थे ।
नायिका वही थी बस इस बार नायक बदल गया है फिल्म का।



गीत के बोल:

इश
बैरी पिया बड़ा बेदर्दी, इश
हो, बैरी पिया बड़ा बेदर्दी
दिल का दर्द ना जाने सौदाई
हरजाई जुल्मी राम दुहाई
कैसे कहूं कैसे कहूं हाय राम
दिल का दर्द ना जाने
ना जाने, ना जाने, ना जाने जाने जाने हाय

बैरी पिया बड़ा रे बेदर्दी
हो हो, बैरी पिया बड़ा बे, इश
तू दूर जो था तो पास ही था
अब पास है तो दूर है क्यूं
ना जाने जाने जाने जाने जाने

तू दूर जो था तो पास ही था
अब पास है तो दूर है क्यूं
आ आ आ आ ,
पास तो आ पहना भी दे यह कंगना
ना सता, अब मान भी ले यह कहना

कैसे कहूं कासे कहूं हाय राम
राम राम राम राम
पगला इतना ना जाने
ना जाने, ना जाने, ना जाने जाने जाने हाय

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